00:00ये ओ ये अरे वाव सैथ भाई
00:11आइडिया यहू ये ये अगर ये उड़न तख्ता मेरे पास आ जाए तो फिर मैं खूब इंजोई करूँगा
00:35ये मसा आगिया वाव सैथ भाई वाव आपका तो ये उड़न तख्ता बहुत अमेजिंग है और इसकी उड़ान तो बहुत
00:45कमाल की है जबर्दस
00:48जजाकल्ला फैजान भाई माशाईल्ला उसाइद भाई आपका ये फ्लाइंग होवर बोड तो बहुत काम की चीज़ है और इससे तो
00:55लंबा रस्ता जल्दी तैह हो सकता है जे गुलाम रसूल भाई इसके बनाने का एक परपस ये भी था कि
01:01ये मेरे काम भी आए
01:02मगर उसाइद भाई इसे उड़ाने के दोरान आप बिल्ली और कबूत्रों के पास से गुजरे थे और वो बिचारे डर
01:09कर भाग गए थे आपको ऐसा नहीं करना चाही था
01:13अल्लापाक के आकरी नभी हजरत मुहम्मद सल्लाप अलिह वालिह वसल्म का फर्मान है इन बे जुबान जानवरों के बारे में
01:20अल्लापाक से डरो
01:21जे गुलाम रसूल भाई मैं इन्दा देहान रखूंगा
01:31अरे फिजान भाई इस फिलाइंग होवर बोर्ट की चार्जिंग खतम हो गई है
01:35अरे उसेद भाई मैं इसे अपने घर में चार्ज कर लेता हूँ
01:39आप चार्ज करेंगे
01:40जी जी उसेद भाई कोई मसला थोड़ी है मैं अपने घर में चार्ज कर लेता हूँ
01:45चले ठीक है मगर इसका दिहान रखियेगा ये एक sensitive equipment है और ये आपके पास एक अमानत है
01:52जी जी उसेद भाई ये आपकी मेरे पास अमानत है आप बिलकुल बे फिकर रहें
02:01अब तु सब सोच चुके होंगे मैं अब उरन तखते को ट्राय करता हूँ
02:06अब वाव अरे वाव क्या जबरदस्टीज है ये मुझे तो ये बाहाट रह करना चाहिए यहू ये
02:30कितनी बार कहा है मुर्गियों को वक्त पेदाना दिया करो मगर मजाल है जो समझ में आ जाए
02:37वो वो बाबू अंकल
02:39क्या वो वो लगा रखा है बस मैं आखरी बार कह रहा हूँ
02:43आएंदा ऐसी कोई खलती नहीं होनी चाहिए समझे
02:46है है
02:47और ये क्या उपर देख रहे हो मैं तुम से बात कर रहा हूँ
02:52फर्मान फर्मान क्या कान नहीं है तुमारे
02:55बाबू अंकल बाबू अंकल मैंने भी एक उड़तावा इंसान देखा
03:00हैं तुमने क्या मुझे पागर समझ रखा है
03:04ये इंसान ही था या फिर
03:06चलो उंदर चलो तुमारी नींद का वक्त हो गया है
03:10हो सकता है फिर मेरा वहम हो
03:12हाहा हा मदा आ गया बहुत दिनों बाद वर्मान भाई की लाइफ बेज़ती देखने को मिली
03:19अब जरा बबलू भाई के भी ख़बर लेता हूँ
03:30ये अवास कैसी है
03:34तुम जो भी हो चले जाओ यहां से
03:37प्लीज प्लीज चले जाओ
03:38मुझे सोने दो
03:39मुझे सुबा स्कूल भी जाना है
03:43पता नहीं ये कौन सी बला है
03:45मैं आयतुल कुर्से पढ़ लेता हूँ
03:47इंशालला मुझे कुछ नहीं होगा
03:50राइका ये स्कूटी तो पडोसियों ने अपने सामान के साथ रखवाई है ना
03:55जी अकुलाम रसूल भाई ये वही स्कूटी है
03:58मैंने सोचा इसे थोड़ी दिर चला लेती हूँ
04:01राइका पडोसियों का ये समान घर में अमानत है
04:04और इसकी हिफाज़त करना जरूरी है
04:07अगर शरी अजासत के बगएर इसे इसे इस्तेमाल में लाएंगे
04:10तो ये अमानत में खायानत होगी
04:13और अल्ला पाक के आखरी नबी सल्ला लाहु आलिही वा आलिही वसल्म का फर्मान है
04:21यानि जो अमानत दार नहीं उसका कोई इमान नहीं
04:25ये तु मुझे पता ही नहीं था
04:27मैं अभी वापस अकर आती हूँ इसे
04:30जजाकिल्ला राइका
04:32ओ नो नहीं नहीं इस तरफ नहीं
04:36ये क्या चीज थी
04:40फेजान भाई इस वक्त
04:41फ्लाइंग हवर बोड उड़ा रहे हैं
04:44ये है ये ओ ये क्या है
04:50ऐसा मनजर तो मैं पहली बार देख रहा हूँ
04:58अरे बचा बचा बचा
05:01मैं ये कहां पर गया बचा
05:04रात के वक्त कवो का शोर जरूर कोई गड़बर हुई है
05:08अल्ला पाख खेर फरमाए
05:12ओफ अल्ला
05:14शुक्र है मेरी जान बची
05:16वरना आज तो मेरी खेर नहीं थी
05:19हैं अरे अरे अरे ये क्या हो रहा है
05:22मैं मैं नीचे क्यो जा रहा हूँ
05:25लगता है इसकी बैटरी लो हो रही है
05:28ओ नहीं
05:31कहीं ये पानी से खरात नहीं हुआ होगा
05:34ओ हो ये क्या हो गए इसे
05:37दोस्तों ये कल रात सुसाइटी में क्या चल रहा था
05:41क्या चल रहा था बबलू भाई
05:42उसेद भाई, कल रात सुसाइटी में एक भूत आया हुआ था
05:46मैं तो डर के मारे अपनी रजाई में चुप गया था
05:49और फोरण आयतुलकुर्जी पड़ी थी
05:52ओ, अच्छा, तबी कल रात को वे भी शोर मचा रहे थे
05:56वरना तो रात को बिलकुँ सन्नाटा होता है
05:58उसेद भाई, आपने कुछ महसूस किया था
06:01नहीं तो
06:02वेट आ मिनट, कल रात तो मैंने भी एक उड़ता इनसान देखा था
06:06उड़ता इनसान? कहीं फैजान भाई तो
06:09असलाम आलेकुम वरहमतुल्ही वर्बरकातू
06:15जी, बिलकुल, ये फैजान भाई ही थे
06:18जो रात में आपके फ्लाइंग हवर बोर्ड के मज़े ले रहे थे
06:21लो, नाम लिया और फैजान भाई भी आ गए
06:24असलाम आलेकुम वरहमतुल्ही वर्बरकातू
06:31ये ले उसेद भाई, आपका फ्लाइंग हवर बोर्ड
06:34अरे, ये ये आउन क्यों नहीं हो रहा फैजान भाई
06:38उसेद भाई, वो बात ये है के
06:46ओहो, आपने तो मेरा फ्लाइंग होवर बोर्ड खराब कर दिया
06:50ये मैंने बड़ी मेहनत से बनाया था
06:52मुझे माफ कर दें उसेद भाई
06:54फैजान भाई, मेरे माफ करने से ये ठीक थोड़ी हो जाएगा
06:58दोस्तो, जब कभी कोई हमारे पास अमानत रखवाए
07:02तो हमें उसकी हिफाज़त करनी होती है
07:04ना कि हम उसे इस्तेमाल करें और उसे खराब ही कर दें
07:08अमानत में खयानत करना बहुत बुरी बात है
07:11आखरी रसूल हजरत मुहम्मद मुस्तफ़ सलल्लाहु अलिही वा आलिही वसल्म ने
07:16मुनाफिकों की निशानिया बयान फरमाई है
07:18इन में से एक ये भी है
07:21कि जब उसके पास अमानत रखवाई जाये तो खयानत करे
07:24गुलाम रसूल भाई किसी को डराने के बारे में इसलाम क्या कहता है
07:28अल्ला के रसूल सलललाहु अलिही वा आलिही वसल्म का फरमान है
07:32मुसल्मान को ना डराओ क्यूंके मुसल्मान को डराना बहुत बड़ा जल्म है
07:38इसके इलावा किसी की घर में जांकना और किसी की नीन खराब करना भी अच्छी बात नहीं है
07:44अल्ला मेरी तुबा मैं आइंदा ऐसा काम नहीं करूंगा
07:48और अमानत में खयानत तो मैं बिल्कुल भी नहीं करूंगा
07:52आप सब मुझे माफ कर दें
07:54और प्लीज आप भी मुझे माफ कर दें हुसाद भाई
07:57इट्स ओ के फैजान भाई आप तो हमारे एक अच्छे दोस्त हैं
08:02अल्ला पाक की रिजा के लिए मैंने आपको माफ किये फैजान भाई
08:06जजा कर ला हुसाद भाई
08:08प्यारे बच्चो आज हमने एक एहम सबक सीखा
08:11कि अगर हमारे पास कोई अमानत रखवाए
08:14तो हमें उसे बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं करना
08:16बैके उसे बहुत संभाल कर रखना है
08:19याद रखिये
08:20मुसल्मान अमानतदार होता है
08:22और खयानत करने वाले से अल्ला पाक नराज होता है