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  • 6 months ago
Tota Kahani No 06 (Part 2) PTV Classic Drama Series

Written By : Ashfaq Ahmed
Starring : Naeem Tahir Durdana Butt Mehmood Aslam Samina Khalid CM Munir Huma Hameed Arifa Siddiqui
Directed By : Sahira Kazmi
Produced At : Pakistan Television Centre Lahore

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TV
Transcript
00:00ना ये चोले, ना ये धूमे, ना ये चर्चे बाहं होंगे
00:10ना ये चोले, ना ये धूमे, ना ये चर्चे बाहं होंगे
00:22और इत दिन हैजा आएगा, ना तुम होंगे, ना हम होंगे
00:32ना ये चोले, ना ये धूमे, ना ये चर्चे बाहं होंगे
00:47अगर तुमने हमारे जिल को दुख दे दे के तरसाया
00:58गलत बहमी तुम्हारी की नबस ने तुम को फुच लाया
01:09गया जब बस तुसा फिर हाथ से फिर हाथ सब आया
01:20गरद हमने तुरोगों पर उन्हें पहले भी चम्टाया
01:31ना ये चोले, ना ये दूमे, ना ये चर्चे बाहं होंगे
01:45मैंने पहसला किया है वंचीन साथ कि मैं अपने हग के दिए लड़ूँगी और दूर तक लड़ूँगी
01:52बैशक हर शक्स को अपने हग की खाति जरूर लड़ना चाहिए
01:56मैं अपने मरहूम शोहर की जाइदाद हासिल करने के लिए हाई कोड तक जाओंगी
02:01सुप्रीम को तक जाओंगी
02:03खैर इतनी दूर तक जाने की नौबत तो नहीं आएगी
02:06अलबत ही आपका हक है और आपको मिलकर रहेगा
02:09मेरे मरहूम शोहर मनने से पहले मुझे और मेरे बच्चों को
02:15अपने इस भाई की तह्जीर में दे रहे थे
02:18बस क्या बताएं बेगम साहिबा ये जाइदाद ये जमीन ये माल ये दौलत ये चीज़े ऐस ये कोई शक्स भी
02:25इसके चंगल से बाहर नहीं नहीं कल सुझे
02:28ये बताएए
02:31कि आपने किसी कावस पर कोई दस्तख़त करके तो इनको नहीं किये
02:37जी नहीं
02:38मैंने किसी कावस पर दस्तख़त नहीं किये
02:41मेरा मतलब था किसी मुख्तार नाम ये वगयरत
02:44जी नहीं
02:46मैंने किसी ऐसे कावस पर दस्तख़त नहीं किये
02:50ना कच्चे पर ना पक्के पर
02:53आपके सहथजादे में अपने ताय जान को कोई कहरीद दी हो
02:59वो बेचारा तो दो साल वे फौट हो गया
03:02ओ, I'm so sorry
03:06लेकिन वकील साहब मुझे यकीन है
03:08कि उसने भी अपनी जिन्दगी में किसी ऐसे कावस पर दस्कत करके नहीं दिया
03:13मैं एक बात आप पर वाज़ कर देना चाहता हूँ
03:16कि इस मुकद्मे में एक मुश्किल मकाम जरूर आए जाओते
03:22और वो होगा हमारी काम्याबी के बास
03:25जाए दात का खब्जा लेने का मुश्किल मकाम
03:28हम तो जानती हैं कि ये लोग आम तार पह
03:31नहीं वकील साहम Psalm
03:33ये मेरे लिए कोई मुश्किल बात नहींessä
03:39मैंने करमदाद की मुखालिफ पार्टी से ये तैकर रखा रहे
03:43कि मेरे बच्चों की जाइदात का कब्जा मुझे ले दो
03:47तो दो मुरब्बे उनके उनकी अपनी पसंद के
03:51तो गोया खासा मेहनद सोबत ये आपने
03:54ये तो सिर्फ दो मुरब्बे हैं लगी साथ
03:57हो तो मुझसे अगर आदे भी मांगे तुम्हे राजी हो जाते हैं
04:0163 बदमाश हैं उनके पास सनद्याफ़ता बिल्कुल ताबेदार
04:08और बाकी आते जाते रहते हैं
04:12जिस दिन दावा दाहर होने के बाद समन तामील होंगे
04:19करमदाद को मालूम हो जाएगा
04:21के यतीमों का हक चीनना कितनी खदरनाक बात है
04:26बेशक बजा फरमाद
04:57मैं आपकी शुकर गुजार हूँ भाईची के आपने मेरे लिए ये तक्रीफ का बारा फरमाईगी
05:05कुल्सूम तुम्हे ये मुकदमा वापस लेना होगा
05:09हमें किसी ने चुरत ने की मेरे घर समन बेजवाने की
05:15मन्जूर अगर जिन्दा होता तो मेरी ये तोहीन बर्दाश्ट करता है
05:19और क्या वो ये बर्दाश्ट कर लेते के आरेफ यहां के हस्पतालों में एरिया रगर रगर कर मर जाता
05:26उसके एदाज के लिए पूरे पैसे ना होते है
05:30मन्जूर इतना बेवकूफ नहीं था जितनी के तुम हो
05:35हमारे खांदान में सबने
05:37हमेशा सबसे जयादा इस्जत अपनी तोकी और अपने नाम से महपड़ दी है
05:44यहनी अपनी अनां अपने तकब्र से महपड़ की है भाईजी
05:48और अपनी अनां के सामने कभी किसी की परवा नहीं
05:56मैं तुम से बादा करता है
06:00भाई जी बादे का वक्त निकल चुका है
06:06आरेख के बाद मुझे किसी के वादे की जरूरत नहीं है
06:10मैं बादा करता हूँ
06:12फिर तुम ये मुकदमा वापस शेलो
06:14मैं जाहिदाद खुद तुम्हारे नाम मुन्तकिल कराते हूँ
06:18आप भाई जी
06:21आप जाहिदाद मेरे नाम मुन्तकिल करवाएं
06:26ये कौन सा नियाप भंदा है भाई जी
06:30कौन सी नहीं चाल है
06:33आपकी करम फरमाए की कौन सी नहीं मन्जिल है
06:39तुम्हें मेरी बात पर यकीन नहीं है कुल सो
06:42अगर आप मेरी जगा होते तो क्या आपको यकीन आजाता
06:48मैंने कभी तुम्हारा बुरा नहीं जगा
06:50लेकिन ये कैसी बात है कि कभी आपने हमारा भला भी नहीं दिया
06:54मैं तुम्हारा तुश्मन नहीं था कुल सो
06:57लेकिन कोई आपको हमारा सज्जन भी नहीं तहेगा भाई जी
07:04कुल सो
07:06एक बात मुकत्मा बापस ले
07:11फिर कितने साल का चक्कर देंगे भाई जी
07:15मेरी बेचियां कोई
07:18इतनी खुबसूरत नहीं है कि ठलती उमर में उने कोई बया के ले जाएगा
07:22मैं तो सुपह पैसे में उनकी उमरों को धाब कर ही रुपसद कर सकती हूँ
07:28कुल सुप चायदा तुम्हारी है
07:31मैं इसमें कोई ख्यामत नहीं थी
07:33भाई जी आपके और मेरे दर्मियान
07:37हग तल्पी का एक बहुत करवान नाला बैदा है
07:42उसमें आप अपने अमाल की तमाम तर शीरी में भी डालें
07:46तो नीठा नहीं हो सकता
07:59मेरी इसस्ट
08:02पनी रहने दो कुल सुप
08:03और नजमा और शकीला को बिन ब्याई घर में बिठाय रखू
08:09मैं तुम से बादा करता हूँ
08:11बस करवदाद
08:13हर फैसले का एक वक्त होता है
08:16और मैं जो फैसला कर चुकी हूँ
08:19उससे वापस लोटना मुश्किल है
08:25तो फिर
08:29मन्दूर की बीवी
08:32अपने अंचाप का इंतिजार कर
08:37कुछे स्यादर तेरे मितजाद नहीं करना मुड़ेगा
08:51उसस दोर्फ़े करते है
08:56प्रापकर उसादर था एंचापकर रभी
08:57तो प्राफ़े को बीवी
09:16ना ये चोने, ना ये दुमे, ना ये चर्चे बाहम होगे
09:28ना ये चोने, ना ये दुमे, ना ये चर्चे बाहम होगे
09:40और इक दिन लेगा आएगा, ना तुम होगे, ना हम होगे
09:51ना ये चोने, ना ये दुमे, ना ये चर्चे बाहम होगे
10:07मुझे इस पास का दुख नहीं है करमदाद, कि तुने मुझे मरवाद मा, ऐसे जिन्दगी से तुम मौत ही भरी
10:15थी
10:16मैं तेरे पास आया था, अपनी इज़त की फीक मागने के लिए आया था
10:30तुझे मौलत भी देजी
10:33तु मागने वालों मुझे नहीं से करमदाद, तु तु दोंस जमाकर हत्याने वालों में से था
10:44अगर मैं तुझे रह्म की भी मागने, अगर मैं मापी का खास गात मदब तुरे सामने आया, तु मुझे सो
11:03ना तु मुझे माफ करतेगी
11:11अगर तु ने सिर्फ मेरा कटी किया होता तो मैं तुझे माफ करतेगी
11:18अगर तेरे भीजे हुए वंडों ने सिर्फ मेरे जिसम को चलनी किया होता करमदाद, तो मैं तुझे जरूर माफ करतेगी
11:27लेकिन याद कर, तेरे भीजे हुए बदमाशों ने पिस्तॉल मेरी बेटी के संदूक में चुपा दिया
11:37याद कर, किस तरह मेरी मासून बच्चों पर मेरे पती का इल्जाम लगाया
11:45हुना तुन बच्चों को आवार की और बद्चलन कहलाया
11:55मैं ये सब कुछ माफ कर दूँ, जो तुने नज्मा और शकीला के साथ किया
12:08तुझे इफ्तियार है, अब सर्फ तुझे इफ्तियार है
12:20हर बात की, हर वाके की, हर मुश्किल की इंतिहा होती है करमदाद
12:28और जब वाके इंतिहा को पहुँचता है तो शिकारी की उल्टी कमान बन जाता है
12:37तु तकबर की पहारी पर इतनी देर तक बैठा रहा करमदाद
12:42कि तो भूल लिया कि पहारी की ठलवान भी होती है
12:51तेरी बैठिया मुझसे समझोता कर सकती थी
12:59मुझसे मापी मांग सकती थी
13:06मां के कटल के बाद तू समझोते की उमीद रखता था
13:38मां जा करमदाद, मां जा
13:42अपनी गुनती मान लेने सही आड़ा करम हो जाता है
13:46मां जाए
13:54आरे
13:56आरे
13:57आरे
13:58मत महरत आया हूँ
14:03तुहरे
14:03बाप का पही है
14:07तुम मजे माप देका तू
14:18नजमा
14:21नजमा
14:23नजमा
14:24मैं तुमारत आया हूँ
14:25आरे
14:27प्रिया
14:28शब्दिए
14:31शब्दिए
14:32जमारत अजमारत
14:33जमारत आया
14:37तुम मैं जमारत आया
14:42अजया उड़ा उड़ा
15:04मैं तोच्छे किस चलाक्य उप्मीद रखु
15:11वही उमीद करमदाद पर जो मैंने तुछ से रखनी थी
15:20वही उमीद जिसके सहारे मैंने सारे जिन्दगी गुजारती थी
15:28अब तू उसी उमीद के इंतजार करें अपने पैसले का इंतजार करें
15:50क्या तुझे नहीं मालूस है
16:08ना ये चर्जे बाहनों में और इस जिम्स है
16:34जया जग बग्त स्वा फिर्वात से फिर्वात सब आया
16:45वरद हमने तुरो रोकर तुहें पहले भी समझाया
16:56ना ये चर्जे बाहनों में
17:07ना ये चोले ना ये धूमे ना ये चर्जे बाहनों में
17:18ना ये चोले ना ये धूमें ना ये चर्जे बाहनों
17:33अब्बाद
17:41अब्बाद
17:45अब्बाद
17:50अब्बाद
17:52चचा मंदूर है अब्बाद
17:56कहों
18:00कहों आया है
18:02मैं भाई चुछ
18:07मुझूर हुसेन
18:08चुछ
18:15चुछ
18:16चुछ
18:18चुछ
18:19हुसेन
18:20जी भाई चुछ
18:24मेरा भाई
18:25मेरा भाई
18:27मेरा भाई बंदूर हुसे
18:28जी
18:31तु
18:33अब भी भाई
18:37अब भी भाई
18:38अब भी भाई जी
18:38अजल से
18:40अब तक
18:44बंदूर
18:45तुम मझे पच्चों चुछ
18:51अब भी भी बच्चों चुछ
18:51मेरे बच्चों चुछ
18:54अब तिर बीवी बच्चों से बागी दे दो गए
19:00अब भी वाई
19:03बंदूर
19:05तुम्हे
19:07सिराय मेशे का वाई
19:09तुम्हे उस
19:11मौपः का वाई
19:13तु
19:15तुम्हारी मां को
19:17तुम्से थी
19:19उस
19:21मौपः का वाई
19:23तु
19:25जो मेरी माह को मुच्छे जी उस मुष्टर का महापत का वास्ता मर्जूर जो अब दोनों की माह को हमें
19:36दे जी मुच्छे जी मुच्छे जान तिल से अपने कुम्बे से चिटा जान
19:51मंजूर बचल मुच्छे जो बड़ा वक्त गुजर गया है
20:00बड़ा वक्त गुजर गया मंजूर
20:05बड़े जगवी के नेरी पेश्ची नहीं होती
20:17लोग, हजारों लोग वो उस माखिया लेते उसको माखी मिल जाती
20:26मुच्छे कारे मार से पेकारे घंचे जाती है
20:32कि आवास की कुम्द लीलों जखाती है
20:40मेरी माखी का नमबरी नहीं जाता है
20:46वो दूसरी किसम के खतावार होते हैं बड़ाजी
20:52दूसरी किसम के जन्होंने इंसानों कोई जुन नहीं किया आपा
21:01जो दूसरी कई वरीब कोदाईयां करते हैं
21:07लेकिन इंसानों को तक्रीश पहुंचाने से दावन बचा गया
21:15मैंने जिन्दगी में कोई कुम्रा ही नहीं की
21:19मैंने और कोई कुजा नहीं किया
21:26हाँ
21:29हाँ
21:31मन्जूर के भी बच्चों को
21:34सिंदा रहने का बेलिया सिर्फ
21:59मेरे बच्चों को मेरा पहुंचा तो
22:04मेरे बच्चों को मेरा पहुंचा तो
22:10किसके जरीये जिन्से राप करको
22:14बच्चों को
22:17मुझे अपने बच्चों से बाभी दो
22:21तुम्हे अपने बात की उस तरी लालत का वास्ता तुषकों
22:30कलाईया पकड़के एक तूसरी की टटला डोल करके
22:34उस उसादे में जहराने की दी ले जाया करते थे
22:40उस वास्ता मुझे बच्चों
22:48मुझे
22:52प्यारे बच्चों
22:56तुम जहां भी हो
23:02खुश मंदर कुल सूं तुम जिदर किदर भी हो
23:05मेरे भाई को माफ कर दो माफ कर दो
23:12मेरे किसी एदे लमें की बच्च
23:43जिसका कर्श तुम पर बागी है
23:49मेरे भाई को माफ कर दो
23:52कि अजर्गार अजर्गारण के जदके फुश्खू
24:01से मुद्लिल आलमीन के सदके। मैं बूद रब मश्रकेल बलमगरिबेन के सदके।
24:14उस लवे के अदब में जब हिंदा और हदरत रशी को मापी मिली।
24:22जिए भगोगी मैं रखन रखन रिजा रखन से डाफ वह में जब हिंदा रखन से मापी。
24:36हुआता तहएं जन्जात सामम कल रखन से बाइक मापकेल में जब हिंदा。
24:47प्रवार इख अपार अपार
25:13प्रणन्थ बुखिए और कि अपती है अपन्दाई अपन्दा प्रणने निया है
25:38प्हाल प्हाल
26:05यहां की मौफी से बूच तो उतर जाएगा
26:09जन्जीरें तो तूच जाएगा
26:12लेकिन सीर्या चरने की अजादर नहीं मिलीगी
26:19मौफी माइने का वक्त
26:21यहां से पहले गायगा
26:23जितनी भी मौफी चाही जाएगा
26:27जिससे भी चाही जितनी भी चाही यहां आने से पहले हासे कर लो
26:35जिसको भी मौफ करना है
26:37यहां आने से पहले मौफ कर लो
26:40जो भी नाराज है उसे यहां आने से पहले मना लो
26:47फिर रख नहीं मिलेगा
26:52और तुमको मुबारक हो
26:56तुमारे और इंसीयों के जर्मान सिर्थ वाच सत्यों का वक्वब अपी रगिया है
27:03मुबार्क हो कुए, मुबार्क हो कुए
27:25मुबार्क हो कि अपी अपी राiter Kapi
27:30मुबार्क wht
27:31तुमार्क wht
27:59कर दो कर दो
28:25कर दो कर दो

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