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  • 4 months ago
Mumbai, Maharashtra: During a conversation with actor Rajpal Yadav at the felicitation ceremony and inauguration of the Founder Trustees Board, he paid tribute to legendary figures of Indian cinema expressed his gratitude and shared insights into how the trust was established. He also opened up about the persistent issue of delayed payments in the film industry. Lastly, Rajpal Yadav addressed the ongoing awards controversy involving the grandson of Dadasaheb Phalke

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Transcript
00:00ये सिने आर्टिस्ट ये असुर वेलफेर ट्रस्ट स्टीमेड़िट फाउंडर ट्रस्टीज ये वो चेहरे हैं भीया जी ये ये वो चेहरे
00:14हैं अगर आज सिनेमा वर्गद है तो उसके जनक तो शत्कों तक नमन किये जाने वाले दादा साहब फाल के
00:25जी उन्होंने एक ऐसा म
00:27मंच तयार किया जो आज सौ साल में धीरे धीरे धीरे धीरे फिर ऐसे लेजेंड पैदा हुए जिन्होंने इसको असिशेशन
00:39में बनाने के लिए एक सपना देखा और आज बिल्डिंग के रूप में ये ट्रस्ट तयार है और इस ट्रस्ट
00:47के माध्यम से पूरे देश के हमार
00:49जितने भी उत्तर दक्षिन पूरा पश्चिन कोई भी जो सिनेमा से जुड़े हुए हैं लोग मैं उसमें कलाकार, चित्रकार, पत्रकार,
00:59कहानीकार, गीतकार, संगीतकार, ढोलक का जो भी पानी पिलाने वाले से लेकि फ्यूजन क्रियेट करने देखा और मेरा ये सपना
01:10है
01:10जिसको एक बार ट्रस्ट का जो मेंबर है ये ट्रस्ट का सपना ये है कि बॉली बुड में या भारती
01:19सिनेमा में किसी भी लेंग्विज में एक बार कोई भी आदमी 60-65 साल के ऊपर होता है तो उसको
01:27अपने बच्चों की, उसको अपने परिवार की, उसको अपनी चिंता नह
01:37but this is the care of the welfare trust.
01:44This mission has started.
01:48We are now watching the cinema.
01:52We are now watching the cinema.
02:00We are now watching the cinema.
02:07trust कि इतना इतना positive हो कि इस trust के चाते के नीचे जो भी है जिसका भी card है
02:18उसका परिवार trust का है और वो हमेशा बुढ़ापे में कभी उसको तकलीफ ना हो
02:31इसा है यह जो issues हैं चाहे खेती बाड़ी करो चाहें आप व्यापार करो किराने का व्यापार करो यातायात का
02:44व्यापार करो एवियेशन का व्यापार करो खेल सिनेमा जिसमें हमेशा एक दूसरे को मतलब हमेशा जो है
02:53Give and take kisne kama kya woh
02:55To kabhi aagay kabhi pichay
02:57Yeh sab chizay joh hen
02:59Yeh si ke liye to hume shah
03:01Smooth chalyein
03:02Yeh si ke liye to yeh federation hote hai
03:04Taki federation
03:05Aapko bhi koi taklif na hone dhe
03:07Dúsre ko bhi koi taklif na hone dhe
03:09To woh system
03:10Digital world me kitnye achse se
03:13Proper plate
03:14Proper eq platform pe jara hain
03:16Jis mein artist
03:18Jubhi artist hai
03:19Kishi bhi background ka yi artist ki una hai
03:21उसकी pension की विवस्था की जाए इतना इसके लिए charity पूरे हमें तो यह करा हूँ कि एक ऐसी चीज़
03:29सोची है कि साल में एक annual function होता है एक annual day होना चाहिए कला दिवस का और उसमें
03:37जितने भी senior जो भी आटिया जूनियर वहाँ पे आएं और उस दिन जिसके पास 100 रुपए हो वो 100
03:47रुपए डाले जिसके पास 1 लाख रुपए लेकिन साल में एक दिन जरूर annual day होना चाहिए जो इस welfare
03:54के नाम और cinema के नाम होना चाहिए उसमें बड़े आर्टिस से लेके छोटे आर्टिस किसी भी तरीके उनका आने
04:03का सोभाग होना चाहिए क्योंकि वो एक अपने छोटे-छ
04:17आप भाशन में आपने कहा कि मतलब दादा साहब के वोर्ड के उपर एक दिन होना चाहिए तो फईबार लोग
04:22जो है इस चीज़ का दादा साहब के वोर्ड के वोर्ड के वी बहुत मतलब की अलग अलग अलग अपन्शन
04:28करते हैं बड़ अब लग अफूप करने देखी एक �
04:32सब के हैं पूरे देश के हैं जो उनके नाम पर हाँ तो ये हम सब की जिम्मेदारी है कि
04:39दादा साहब एक ऐसा नाम है जिसमें सिनेमा ने आज पूरे विश्व के सिनेमा को पहचान दिलाई है तो हम
04:47सब की जिम्मेदारी है कि उनके नाम पर जब भी हो तो आशिरबाद लेन
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