00:00ये सिने आर्टिस्ट ये असुर वेलफेर ट्रस्ट स्टीमेड़िट फाउंडर ट्रस्टीज ये वो चेहरे हैं भीया जी ये ये वो चेहरे
00:14हैं अगर आज सिनेमा वर्गद है तो उसके जनक तो शत्कों तक नमन किये जाने वाले दादा साहब फाल के
00:25जी उन्होंने एक ऐसा म
00:27मंच तयार किया जो आज सौ साल में धीरे धीरे धीरे धीरे फिर ऐसे लेजेंड पैदा हुए जिन्होंने इसको असिशेशन
00:39में बनाने के लिए एक सपना देखा और आज बिल्डिंग के रूप में ये ट्रस्ट तयार है और इस ट्रस्ट
00:47के माध्यम से पूरे देश के हमार
00:49जितने भी उत्तर दक्षिन पूरा पश्चिन कोई भी जो सिनेमा से जुड़े हुए हैं लोग मैं उसमें कलाकार, चित्रकार, पत्रकार,
00:59कहानीकार, गीतकार, संगीतकार, ढोलक का जो भी पानी पिलाने वाले से लेकि फ्यूजन क्रियेट करने देखा और मेरा ये सपना
01:10है
01:10जिसको एक बार ट्रस्ट का जो मेंबर है ये ट्रस्ट का सपना ये है कि बॉली बुड में या भारती
01:19सिनेमा में किसी भी लेंग्विज में एक बार कोई भी आदमी 60-65 साल के ऊपर होता है तो उसको
01:27अपने बच्चों की, उसको अपने परिवार की, उसको अपनी चिंता नह
01:37but this is the care of the welfare trust.
01:44This mission has started.
01:48We are now watching the cinema.
01:52We are now watching the cinema.
02:00We are now watching the cinema.
02:07trust कि इतना इतना positive हो कि इस trust के चाते के नीचे जो भी है जिसका भी card है
02:18उसका परिवार trust का है और वो हमेशा बुढ़ापे में कभी उसको तकलीफ ना हो
02:31इसा है यह जो issues हैं चाहे खेती बाड़ी करो चाहें आप व्यापार करो किराने का व्यापार करो यातायात का
02:44व्यापार करो एवियेशन का व्यापार करो खेल सिनेमा जिसमें हमेशा एक दूसरे को मतलब हमेशा जो है
02:53Give and take kisne kama kya woh
02:55To kabhi aagay kabhi pichay
02:57Yeh sab chizay joh hen
02:59Yeh si ke liye to hume shah
03:01Smooth chalyein
03:02Yeh si ke liye to yeh federation hote hai
03:04Taki federation
03:05Aapko bhi koi taklif na hone dhe
03:07Dúsre ko bhi koi taklif na hone dhe
03:09To woh system
03:10Digital world me kitnye achse se
03:13Proper plate
03:14Proper eq platform pe jara hain
03:16Jis mein artist
03:18Jubhi artist hai
03:19Kishi bhi background ka yi artist ki una hai
03:21उसकी pension की विवस्था की जाए इतना इसके लिए charity पूरे हमें तो यह करा हूँ कि एक ऐसी चीज़
03:29सोची है कि साल में एक annual function होता है एक annual day होना चाहिए कला दिवस का और उसमें
03:37जितने भी senior जो भी आटिया जूनियर वहाँ पे आएं और उस दिन जिसके पास 100 रुपए हो वो 100
03:47रुपए डाले जिसके पास 1 लाख रुपए लेकिन साल में एक दिन जरूर annual day होना चाहिए जो इस welfare
03:54के नाम और cinema के नाम होना चाहिए उसमें बड़े आर्टिस से लेके छोटे आर्टिस किसी भी तरीके उनका आने
04:03का सोभाग होना चाहिए क्योंकि वो एक अपने छोटे-छ
04:17आप भाशन में आपने कहा कि मतलब दादा साहब के वोर्ड के उपर एक दिन होना चाहिए तो फईबार लोग
04:22जो है इस चीज़ का दादा साहब के वोर्ड के वोर्ड के वी बहुत मतलब की अलग अलग अलग अपन्शन
04:28करते हैं बड़ अब लग अफूप करने देखी एक �
04:32सब के हैं पूरे देश के हैं जो उनके नाम पर हाँ तो ये हम सब की जिम्मेदारी है कि
04:39दादा साहब एक ऐसा नाम है जिसमें सिनेमा ने आज पूरे विश्व के सिनेमा को पहचान दिलाई है तो हम
04:47सब की जिम्मेदारी है कि उनके नाम पर जब भी हो तो आशिरबाद लेन
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