00:24पूरी बिजनस कम्यूनिटी के सामने पिचारे जावियार को जलील करके रखती है
00:31जावियार ने कितना बदला खुद को उस के लिए लेकिन उस लड़की ने क्या किया
00:38जानता हूं यह सब बहुत अपसेटिंग है
00:48अजार है इस वक जो तुम्हानी कंडिशन है इस वक तुम्हें स्ट्रेस से डिप्रेशन से बहुत दूरे आना चाहिए
01:00अब देखो ने रात को तुम्हारी कितनी तबियत खराब हो गए थी अब जाकर तुम कितनी मुश्किल से संबली हो
01:10फिर कोई टेंशन लोगी तबियत और बिगड़ जाएगी
01:14अना भी किया था जावियार को इस लड़की से शादी ना करें
01:21यह लड़की उसकी जिंदगे में आई ही तकलीफ देने के लिए
01:25ना यह खुद खुश रहेगी ना किसी को खुश रहने देगी
01:31जब से उसकी शादी हुई है मेरे भाई ने एक पल चाहिद काने कुसार
01:37यह वाकई बहुत पेइनफुल है
01:44और मैं यकीन नहीं कर पारा के वो यह सब कैसे कर सकती है
01:57साफ पता चलता है कि उसने जावियार को अब तक माफ नहीं किया
02:04सोहा बहुत गलत कर रही है
02:07उसे पश्टाना पड़े
02:13उसे तो गुस्सा आ रहा है कि जावियार उसे बरदाशती क्यों कर रहा है
02:16चोड़ दे उसे
02:19सारा जारा बाप को समझने की कोशिश करो
02:26मुहपत एक ऐसी कैद है जिसे इनसान कभी आजाद नहीं होना चाहता
02:31सावियार अपने दिल के हाथों बेबस है
02:33तब ही वो सौहा की हर बत्तमीजी बरदाश्ट कर जाता है
02:40अस्पन
02:42सावियार आपकी हर बात मानता है
02:46आप सावियार से बात करो ना
02:49क्यूं ठेगल दे रहा है इतनी सौहा को
02:50आजाद करते है उसे छोड़ते है
02:52दुनिया की आखरी लड़की तो नहीं है न सौहा
02:55सारा ये हस्पन वाइफ के आपस का मामला है
02:59मैं जावियार को उसकी बीवी के खिराफ कैसे कर दूँ या
03:02ये कैसे पॉसिAl है
03:05जावियार क्या सोचेगा
03:07और
03:08ये बात की बात है
03:11क्या मेरा जमीर इस गुनाह के लिए
03:14मुझे माफ करेगा
03:16कमीरे
03:18और समझाने के जरुए जावियार को नहीं सौहा को है
03:22तुम सुहा को समझाओ, उसे बात करो
03:30जो लड़की महबत की सुपान नहीं समझ सकी
03:33तो लफसों की क्या समझेगे
03:55बॉस की वीडियो इंटरनेट पर तेजी से हवायल हो रही है
03:57सेकड़ों में व्यूस बढ़ आए
04:02मॉलेकुम अससलाम, गुड मॉनें
04:04बॉस ने जो कारनाम अजाब दिया
04:07उसके नताइज यही आने थे
04:09बॉस की एपसंस में तुम लोग यह क्या बाते लेकर बैठे हो
04:12अगर अपनी नौकरी प्यारी है ना तो जा कर अपने अपने काम से लग जाओ
04:16बॉस की एपसंस में ही बाते हो सबती है निगत
04:26गुड मॉर्निंग सर
04:28गुड मॉर्निंग
04:31क्या हो रहा है
04:33I'm really sorry sir
04:35यह सब इन्हों ने शुरू किया था sir
04:36यह सब इनकी गलती है
04:38नो sir यह अपनी नौकरी बचाने के लिए सारे लजाम मेरे सब डाला है
04:41आप इसकी इस्टेग्राम पोस्ट चेक कर ले
04:43किसी से कुछ पूछने की जरुद है ही नहीं
04:46यह देख भी चुका हूँ उसन भी चुका हूँ सब लेखो
04:53जिन्दगी इन्जॉय करने में कोई बुरा ही नहीं है
04:56सब को गरनी शाहिए
04:58हाँ बस यह ख्याल रहे कि किसी के दिलाजारी ना हूँ
05:06तुम लोग जानते हो
05:0895% लोग कामयाब क्यों नहीं हो पाते
05:14क्योंकि उनको यही नहीं पता हूँ
05:17क्योंकि उनको यही नहीं पता होता है
05:19कि फोकस किस चीज़ पर करता है
05:22ध्यान कहां लगाता है
05:24हम करते क्या है
05:25हम दूसरों की खामिया दूसरों की कमीया ढूनने में लगे रहते हैं
05:30तो कोई कमी कहा है?
05:32यहाँ
05:33हमारे अपने अंदर
05:36हमें अपनी खामिया निकारती है
05:37अपनी कमीया ढूननी है
05:39हम जो कहते हैं, जो करते हैं
05:42उसकी वज़ा से सामने वाले की जिन्दगी पर क्या आसर पड़ता है?
05:44अगर हमें वो फर्क पता चल जाए तो जिन्दगी बहुत आसान हो जाएगी.
05:50हमें सही और गलत का फर्क करने में आसानी हो जाएगी.
05:57I'm sorry sir, I know आप हमें इस गलती के लिए नौकरी से fire कर देंगे.
06:00It's my mistake.
06:01नए नए नए ऐसा कुछ नहीं हो रहा है.
06:05कोई भी office से fire नहीं हो रहा है.
06:07हमें एक family हैं, और एक family के तरा रहेंगे.
06:12कुछ खामिया, कुछ कमिया, मुझ में भी तो थी, थी ना?
06:16अरे थी भाई, हाँ, बस वो किसी के आने की बज़ा से दूर होगी.
06:26Sir, आप बहुत बदल गए हैं.
06:28Thank you.
06:30चलिए मैं तो बदल गया, मेरे ख्याल में अब हम सब कुछ-कुछ बदलते हैं अपने अंदर.
06:35दाकि आंदा शिकायत का मुझा नहीं.
06:37Sir, sir, sir.
07:03साना, इदर आने सरा.
07:09यह हर कोई मुझे अजीब हो, गरीब नजरों से क्यों देख रहा है?
07:12ऐसा क्या होगा है?
07:14तुम्हें नहीं पता?
07:15हम तो समझ रहे थे, तुम्हारा भाई ही हीरो है.
07:18मगर वो तो विलन साबित हुआ.
07:20वाट नॉंसेंस?
07:21तुम्हें क्या वक्वास कर दिया है?
07:22तुम्हें पता भी तुम्हें में किसो दुके मारे में किसो दुखे?
07:28जिवे, जिवे, जिवे, जाने दो इसे.
07:37जो!
07:39सॉरी यार, सॉरी.
07:40तुम्हें क्यों इसे सॉरी कह रहे हुँ?
07:41सब जानती है वो.
07:43इंफेक्ट, हर कोई जानता है.
07:45फोन चेक करो अपना, चेक और फोन.
07:48चेक करो अपना फोन.
07:52सब के सामने मेरा हाथ थामा थाना तुम्हें?
07:54इसे सब को यह नहीं बताया था कि तुम्हें आसा क्यों किया था?
07:57अपने किस गुना का कफारा अदा कारूँ, बताओ इंसब को!
08:21तुम बिल्कुल भी वो सोहा नहीं हो.
08:24जिसे मैं जानती थी.
08:26मुझे लगता था कि तुम समझदार होगी, अकलमंद होगी.
08:31लेकिन तुम तो बेहस विकली.
08:40पूरे सोशल मीडिया की वज़ा से सब को पता चल गए कि मेरे घर पे क्या चल रहा है.
08:53सावियार भाई का तुमने तमाश्चा बना के रख दिया है, सोहा?
09:01जो भाई, किसी की एक गलत बात नहीं सुनते थे.
09:07उन्हें सारी दुन्या क्रिटिसाइज कर रही है.
09:16और तुम चुप क्यों खड़ी हो?
09:18कुछ बोलती क्यों नहीं हो?
09:25मुच्रम बने क्यों खड़ी हो, कुछ बोलो, सोहा?
09:29मेरी खामोशी मेरा जवाब है.
09:38मुझे उस लम है, उस वक्त पर इक्तियार ही नहीं था.
09:46सिम्र मैं नहीं जानती मुझसे ये सब कुछ कैसे हो गए?
09:54वाज़े की वाज़े की वो जलक चपी मेरे सामने आती है तो मुझे,
09:59जो खुद पर इक्तियार ही नहीं रहता.
10:03मैं मानती हूँ कि मैंने जो कुछ भी किया वो नाकाबले कबूल है.
10:06मैंने तुम्हे जावियर साब सब को हर्ट किया.
10:14लेकिन इस सब के बावजूद भी हकीकत नहीं बदल जाती है.
10:19कौछ सी हकीकत?
10:22तुम उस हकीकत की बात कर रही हूँ ना, उस एक्सिरंट की बात कर रही हूँ ना?
10:26तो वहां और भी लोग थे ना, सोहा?
10:29तुम सब को ढूंडो, एक-एक को सजा दो.
10:39कोई भी अपनी गलती नहीं मानेगा.
10:43भाई, अकेले इंसान थे जिन्होंने अपनी गलती कनफेस किये.
10:50क्या अपनी गलती मानने की इतनी बड़ी सजा होती है, सोहा?
10:54क्या अपने गुना को तसलीम करने की इतनी बड़ी सजा होती है?
10:59ऐसे तो फिर कोई भी अपना जुर्म नहीं मानेगा
11:08और तुम ये भूल गई हो
11:10कि एक मरे उए इंसान को इंसाफ दिलाने की कोशिश में
11:14तुम जीते जागते इंसान को मार रही हो
11:28भाई से तो ये सब कुछ नजाने में हुआ है
11:31लेकिन तुम जान पूछ के मेरे भाई को तक्लीफ पहुचा रही हो
11:41लेकिन एक बात तुम सुन रहे
11:44अगर तुम्हे यकीन दिलाते दिलाते
11:47मेरे भाई को अगर कुछ हो गया नव
11:53मैं तुम्हे माफ नी करूगी
12:22भाई अकेले इंसान थे जिन्हों ने अपनी गलती कनफेस किये
12:28क्या अपनी गलती मानने की इतनी बड़ी सजा होती है सोहा
12:33अपने गुना को तसलीम करने की इतनी बड़ी सजा होती है
12:37ऐसी तो पिर कोई भी अपना जुर्ण नहीं मानेगा
12:42दुम्हे माने की इतनी बड़ी सजा होती है
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16:02सदाओ में दुमाओ में रब से पुझ को वानु पूरे
16:10चाहे कोई बदल में दे
16:15मुझ के सारी दुनिया दे दे
16:20चुबल में तुझ को बादी सब तुरा दूरे
16:35मेडम खाना लगादू
16:39नहीं आप चली जाएं
16:42सावियर आएंगे तो मैं खुद खाना लगादू
16:44सावियर जल्दी ही गर आगए थे
16:48सावियर घर पर जी
16:50काफी देर से पूल साइट पर है
16:55चीक है आप जाएंगे मैं देख लेती हूं
17:00काफी देख लेती है
17:16काफी दूल में हाँ
17:26काफी देख लेती है
17:46स्क्रीज़ करें
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