00:00जब बजट की कैची चली तो सबसे बड़ा जटका मदर्सों को ही क्यों लगा
00:04पस्चमंगाल में बीजीबी सरकार के पहले बजट ने एक नया सियासी बदलाफ खड़ा कर दिया है
00:10मदर्सा शिक्षा का बजट आधे से भी कम कर दिया गया है
00:14मुसलिम संगठुनों में बेचैनी है
00:16विपक्ष इसे मुसलिम शिक्षा पर हमला बता रहा है
00:20जबकि सरकार कह रही है कि ये विकास की नई प्राथमिक्ता है
00:24लेकिन सवाल वही है जब कटौती की बारी आई तो निशाने पर मदर्से ही क्यों आई
00:31क्या ये सिर्फ बजट का गनित है या फिर इसके पीछे छिपी है एक बड़ी राजनेतिक रणनी थी
00:37आईए समझते हैं पूरी कहानी
00:39नमस्कार मैं हूँ विशाख शर्मा और आप देख रहे हैं One India Hindi
00:44पश्चमंगाल की बीजेपी सरकार ने वित वर्ष दोहजार शब्बिस सताइस का अपना पहला बजट पेश किया है
00:52लेकिन इस बजट की सबसे ज्यादा चड़चा किसी सड़क, पुल, अस्पिताल या नई योजना की नहीं
00:58बल्गी मदर्सा शिक्षा के बजट में की गई बड़ी कटोती की हो रही है
01:03बजट दस्तावेजों के अनुसार मदर्सा शिक्षा और अर्प संख्या कल्यांट से जुड़े आवंटन में बड़ी कमी की गई है
01:10जैसे ही ये जानकारी साब ने आई राशनितिक गल्यारों में बहश शुरू हो गई
01:15विपक्षी दलो और कई मुस्लिम संगठोनों का आरोप है कि इस फैसले का सीधा असर मुस्लिम छात्रों पर पढ़ेगा
01:23उनका कहना है कि पस्चिम मंगाल में बड़ी संख्या में ऐसे परिवार हैं जिनके बच्चे मदर्सों में पढ़ते हैं
01:30इन संस्थानों में सिर्फ धार्मिक शिक्षा ही नहीं बलकि गनित, विज्ञान, अंग्रेजी और कम्प्यूटर जैसे विशे भी पढ़ाये जाते हैं
01:38यही वज़ा है कि इस कटोती को लेकर चिंता जिताई जा रही है
01:41अलोचकों का कहना है कि अगर फंट कम होगा तो इसका असर शिक्षकों की नियुक्तियों, संस्थानों की सुविधाओं और चात्रों
01:50के लिए उपलप्त संसाधनों पर पढ़ सकता है
01:52उनके मताबिक इसका सबसे ज्यादा असर आर्थिक रूप से कमजोर मुस्लिम परिवारों पर दिखाई दे सकता है
01:59लेकिन बीजेपी सरकार की दलील पूरी तरह अलग है
02:03सरकार का कहना है कि ये फैसला किसी धर्म या समुदाय को ध्यान में रखकर नहीं लिया गया
02:09सरकार के अनुसार बजट की प्रात्मिक्ताएं बदली गई है और अब ज्यादा फोकस रोजगार, स्वास्त, इंफ्रस्ट्रक्चर और मुख्य धारा की
02:18शिक्षा पर किया जा रहा है
02:19सरकार का तर्क है कि विकास का लाप सभी समुदायों तक पहुचेगा और बजट का उड़ेश संसाधनों का बहतर उप्योग
02:27करना है
02:28यहीं से शुरू होती है असली राजनितिक बहस
02:31विपक्ष पूछ रहा है कि अगर उद्देश सिर्फ संसाधनों का पुन वित्रन था तो फिर सबसे बड़ी कतोती मदर्सा शिक्षा
02:40में ही क्यों दिखाई थी
02:41क्या सरकार कोई राजनितिक संदेश देना चाहती है
02:44दूसरी तरफ बीजेफी समर्थकों का कहना है कि वर्षों से अलसंख्यक संस्थानों को विशेश मजटी ये सहायता दी जाती रही
02:52है
02:53और अब सरकार समान अफसरों की नीती को आगे बढ़ा रही है
02:57उनका तर्ख है कि शिक्षा को धार्मिक महचान की बजाए गुणवत्ता और परिणामों के अधार पर देखा जाना चाहिए
03:04यानि इस मुद्दे पर दो अलग-अलग नेरेटिफ सामने आते है
03:08पहला नरेटिफ कहता है कि ये मुस्लिम समुदाय की शिक्षा से जुड़ी संस्थाओं को कमजोर करने वाला कदम है
03:15दूसरा नरेटिफ कहता है कि ये तुष्टे करन की राजनीतिक खत्म कर विकास आधारिट बजट की और बढ़ाने का प्रयास
03:22है
03:22राजनीतिक विश्लेशिकों का मानना है कि पस्चमंगाल जैसे राज्ये में जहां मुस्लिम अबादी बड़ी संख्या में है
03:30और चनावी राजनीति में महत्वपूर्ण भूमी का निभाती है
03:33वहां बदर्सा शिक्षा पर लिया गया कोई भी फैसला सिर्फ शिक्षा का मुद्दा नहीं रहे जाता
03:39यही वज़ा है कि मामला अब बजट से निकल कर सीथे राजनीतिके केंदर में पहुच चुका है
03:44सोशल मीडिया पर भी इस फैसले को लेकर तीखी बहस देखने को मिल रही है
03:49एक तरफ लोग इसे साहसिक सुधार बता रहे हैं तो दूसरी तरफ इसे मुस्लिम समुदाये की शैक्षनिक हेतों के खिलाफ
03:56कदम बताया जा रहा है
03:57हाला कि अस्वी तस्वीर आने वाले समय में साफ होगी
04:01क्या इस कटोती का असर वास्तव में छात्रों की पढ़ाई पर पड़ेगा
04:05कि सरकार किसी दूसरी योजना के जर्ये इसकी भरपाई करेगी
04:09या फिर ये मुद्दा आने वाले चुनावों में बड़ा राशनितिक हत्यार बन जाएगा
04:14इन सवालों के जवाब अभी बागी है
04:16लेकिन इतना तैह है कि पस्चि मंगाल में बीजेपी सरकार के पहले बजट का सबसे चर्चित फैसला
04:23मदर्शा शिक्षा के बजट में की गई ये कटोती बन चुका है
04:26और अब ये बहस आने वाले दिनों में और तेज होने वाली है
04:30मदर्शा शिक्षा में कटोती
04:33विकास की नई नीती या मुसलिम समुदाय को दिया गया राशनितिक संदेश
04:37आप इस फैसले को कैसे देखते हैं
04:40अपनी राए हमें कमेंट सेक्षन में जरूर बताईए
04:43और देखते रहिए One India Hindi