- 3 months ago
GhareebZaadi Ep 35 - A Plus Entertainment
The story revolves around the societal struggles, family politics, and hardships faced by the titular character, exploring themes of resilience, class divide, and difficult domestic dynamics.
Directed by:
Naveed Jaffery
Written by:
Ibn-e-Aaas
Produced by:
Gold Bridge Media
Cast:
Suzzaine Fatima
Shakeel Ahmed
Ghazala Kaife
Saleem Mairaj
Ajab Gul
Resham Naqvi
Tipu Shareef
Parveen Akbar
Atif Rathore
Shahid
Saima Naz
Zara Gul
Tabbasum Arif
Rana Majid
Arooj Ali
Saira
Afnan
Faisal Naqvi
The story revolves around the societal struggles, family politics, and hardships faced by the titular character, exploring themes of resilience, class divide, and difficult domestic dynamics.
Directed by:
Naveed Jaffery
Written by:
Ibn-e-Aaas
Produced by:
Gold Bridge Media
Cast:
Suzzaine Fatima
Shakeel Ahmed
Ghazala Kaife
Saleem Mairaj
Ajab Gul
Resham Naqvi
Tipu Shareef
Parveen Akbar
Atif Rathore
Shahid
Saima Naz
Zara Gul
Tabbasum Arif
Rana Majid
Arooj Ali
Saira
Afnan
Faisal Naqvi
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TVTranscript
00:09मैंने अपने घर जाने का फैसला कर ली है
00:17तुम्हरा दिमाग तु ठीक है?
00:20क्या हो गिया है तुन्हे?
00:23भूल गई?
00:24किस तरह धक्के देके तुम्हे उस घर से उन्होंने निकाला भागा?
00:29और वो नादर की बहन जिसने मेरी इस मौसूम सी चड़िया को अखवा करवा लिया था
00:35और करवाया उसकी बहन ने अखवा और एफ आई आर तुम्हारे पर कटवाई थी या नादर ने?
00:41क्या हो गया है तुम्हे?
00:44जेल की सलाहों के पीछे तुम्हें बंद करवा दिया था
00:48तुम उसके घर जाओगी?
00:49अब के मूरे निहना को साधन ना ने चाओ
01:01तुम इतना परिशान क्यों हो रहे हो शमूर?
01:05किसी बच्चों जैसी बात ही करें
01:06तुम्हारा बाप मुझे मुझे सलसल सब के सामने जलील करता रहता है
01:10पूरा ओसस जानता है कि मैं उनका दामाद हूँ
01:15देडी काम के मामले में कोई कंप्रोमाइस नहीं करते हैं
01:18यह तो तुम हमेशा से जानते हो
01:19अरे यार मैंने ऐसी कौन सी गल्ती कर दी जिसके लिए इस तरहां उन्होंने मुझे सब के सामने जलील करके
01:25रख दी
01:29अच्छा ठीक है मैं डेडी से खुद बात करूँगे
01:33क्या बात करें क्या काओगी तुम मुझे से यही के तुम मेरे शोहर हो और तुम्हारे कोई इंसर्ट करें मुझे
01:42बिल्कुल बरदाश्ट नहीं है
01:43चाहे वो कोई भी हो
01:45रन्य दो इसकी कोई ज़रुद लो
01:48इस तरह बात मजीब बढ़ेगी और सारे मामलात उलट पलट होते रहे चाहें
01:54तो फिर मैं क्या करूँ
01:58तुम मुझे यह सारी बाते बता के मेरा खून क्यो जला रहे हो
02:01अरे यार तुम मेरी बीवी हो
02:05कब से कब तुम्हें तो पता होना चाहिए नहीं कि तुम्हारी शौर के साथ क्या नाइंसाफिया हो रही है
02:09मैं तुम्हारे साथ हूँ शमून
02:11तुम्हारे साथ कोई जादती नहीं होगी
02:16मैं चाहता हूँ कि
02:18ओफिस का सारा कंट्रूल बेरे हाथ नहीं
02:24और मेरे रोंग के बाहर C.E.O की प्लेट लगिए।
02:31शहोन, तुम चानते हो के ये सब कुछ इतना जल्दी पॉसिबल नहीं है।
02:37जानता हूँ, जानता हूँ के ये सब कुछ इतना असान नहीं है, इतना के हम समझ रहें।
02:44मुझे बस उस अच्छे वाक का इंतसार है।
02:59अमीड, आज आप काम पढ़ने ही गई, आपकी तब्या तो ठीक है।
03:11ठीक है मेजी तब्या, बस ऐसी दिल नहीं चाहरा था जाने को।
03:15चलें अच्छा है, इसी बहाने आप आराम कर लेंगे।
03:19हरे हमारे नसीब में आराम का।
03:22आराम तो तभी मिलेगा मुझे जब तुम दोनों की शादी हो जाएगी।
03:29अमीब, शादी में भी बहुत ताइग है।
03:32अभी इन बातों का कोई फायदा नहीं।
03:36अभी जब जादी में दोनों की शादी हो जाएगी।
03:52अमीब, फिर शादी, आप इस ख्याल को अपने दिल से निकाल मैं।
03:56मैं चाहते है बेबी ना, इस ख्याल को।
04:29हरस से दीजा है ओस में अभी जादी मैं जाएगी।
04:32अभी जो से अराधी बेबी भी जादी सवर्चेür
04:40अभी जाब – ऑन भी कमी णादीं
05:21अम्मी अमाहा क्यों जारें?
05:25जर्याम अपने घर जा रहें?
05:26नहीं, वो हमारा घर नहीं है, हमारा घर ये है, वहाँ हमसे कोई प्यार नहीं करता है, यहाँ सब करते
05:33हैं
05:35बहुत बुरी बात है, वो आपसे बड़े हैं
05:38तो फिर वो हमें मारते क्यों है?
05:42यहां में कोई नहीं मारता ना अमी, सब प्यार करते हैं
05:46नाना अबू भी करते हैं, नानी भी करती हैं, मामों भी करते हैं, मारा अंटी भी करती हैं
05:52तो हम क्यों जाएं वहाँ?
05:56चेडिया, वो सब भी आपसे बहुत प्यार करते हैं
06:00देखे ना अम्मी किते दिन हो गए, यहां कोई पूछने नहीं आए, अबू भी नहीं आए
06:06चिडिया, जब आपकी अम्मी जा रही हैं तो आपको भी जाना होगा
06:10अम्मी, आप भी मत जाए ना
06:14चिडिया, जित मत करो, अम्मी का कहना मानो, ठीक है?
06:20अच्छा जो, खालो को बोलो के वो यो तुमारे कप्रे सूपने के लिए टांगे थे ना, वो लेकर आजो, मैं
06:25बैग में रखती हूँ, ठीक है?
06:34खाला क्या अभी तक सो रही हैं?
06:37नहीं, नहीं
06:40तो फिर कहा है मामा, दिखाई है नहीं देरी
06:43अरे वो सुबह होते ही चली गई, कहा मामा?
06:49तुम्हारे नाना अब बुकेगा, लेकिन मामा वहाँ तो कोई भी नहीं रहता, वो वहाँ कैसे रह सकती है?
06:55और आपने उन्हें जाने क्यों दिया?
06:56अरे, मैंने और तुम्हारे डैडी ने बहुत रोखने की कोशिश की
07:00लेकिन वो हमारे साथ रहना ही नहीं चाहती
07:05क्या कुजर रही होगे खाला पर
07:08कितनी महबत करती थी उनसे
07:11कितनी केर क्या करती थी उनकी
07:14और इस उम्र में जब सबसे ज़्यादा साथ देना चाहिए
07:17उन्होंने उन्हें अकेला छोड़ दिया
07:20साजदा के लिए तो मैं भी बहुत फिकर मन दूँ
07:24कहां मैं जावेद के लिए लड़की तलाश करने को कह रही थी?
07:28कहां उस बिचारी का अपना घरी खराब हो गया
07:33वैसे मामा जावेद से याद आया कि मैंने जावेद के लिए लड़की देखी है
07:43और उसके हालात भी कुछ ऐसे है कि वो जावेद से आराम से शादी करने पर राजी हो जाएगी
07:50तुम किस लड़की की बात कर रही हो?
07:58चंदा? तुम ये साजदा की मुल्दा आजमा की बात कर रही हो? जिसमें चोरी कल्साम लगा था?
08:04जी मामा और वैसे भी जावेद से कोई मजबूर और जरूरतमन लड़की ही शादी कर सकती है
08:11वो तो एक बच्ची की मा है पहले से शादी शुदा है
08:15तो इससे क्या फर्क पड़ता है? हमारा जावेद भी कोई पहली शादी तो नहीं करेगा ना?
08:21और वैसे भी हम जावेद की शादी इसलिए करवा रहे हैं कि वो नॉर्मल लाइफ की तरफ वापस आ सके
08:29और अगर कल को जावेद उस लड़की को कोई नुकसान भी पहुचा दे ना ममा
08:36तो उसके घर वाले हमारे खलाब जाने की हैसित नहीं रखते
08:42बात तो सही है पर वो तो एक शोहर की होते वेद चावेद से शादी क्यों करेगी?
08:51ममा आपको याद नहीं मैंने आपसे कहा था कि उसके मिया ने उसे और उसकी बच्ची को तो उनों को
08:57घर से बाहर निका दिया और अब हूँ अपने मैके में रह रही है
09:05और बाकी रही रिष्टे की बात तो मुझे लगता है कि अगर हम उसे कुछ पैसो की लालज दें तो
09:12वो अपने शोहर से तलाब भी ले ले लिए
09:15माँ इसे आइडिया बुरा नहीं है और देखने में भी वो मासी नहीं लगती है
09:24हमी आपे माँ नहीं रही तो आप रहने दे ना
09:27क्यों रहने दूँ इतना अच्छा रिष्टा किसमत वालों को ही मिलता है
09:31हमी मकर जबर्दस्ती करना पर तो अच्छी बात नहीं है ना
09:36कोई भी माबाप अपनी ऑलाग के लिए गलत नहीं सोचता कोई जबर्दस्ती नहीं कर रही मैं
09:41और ये कहां है जैनब पुलाओ इसे वो अमी वो तो रुकैया के घर गई है
09:47ये तो इस लड़की के भी पैर में चक्कर है जब भी कदम उठेंगे रुकैया के घर के लिए
09:53मुझे पता है ये सारी बात बताने गई है वो रुकैया के पास
09:56और रुकैया जैनब का कभी भला नहीं चाहेगी उसे हमेशा गलत मश्वरा देगी
10:02कि तो मुझे एफ आग नहीं बाती आप ये अपनी तरफ से लुपिझ तो कुछ भी सोचती है को canal
10:09जो
10:09मैं सोच रही ना भलत नहीं सोच रही बिलकुल सही सोच रही हो
10:14ये हो सकते है आप भी किसी काम से गई हो
10:18मुझे बहुत अच्छी तरह पता है, तो क्या काम करने गई है वहाँ, लेकि तुम देख लेना, मैं ये रिष्टा
10:25किसी भी कीमत में गवाऊंगी नहीं
10:27अम्नी, मगर आपी तो इस रिष्टे के लिए नहीं मान रही तो आप क्या करेंगी
10:32सहलब नहीं मार रही तो क्या हुआ, तुम तो हो, सहलब नहीं सही, तुम ही सही, मैं
10:43देखो बेटा, बहुत अच्छा रिष्टा है, लड़का भी बहुत अच्छा है, लोग बहुत अच्छे हैं, तुम तुम वहाँ बहुत खुश
10:51रहोगी, एश करोगी बेटा, एश
10:53अम्मी नहीं, मैं भी बहुत छोटी हूँ
10:56इतनी छोटी हो, पालने में जूले जूल रही हूँ क्या
10:59बस, जो मैंने कह दिया, सो कह दिया
11:02समझ में आगए ना तुमारे
11:04अम्मी बात तो सुने
11:13मेरी समझ में नहीं आरा के तुमें क्या चाहिए
11:18मुझे तुम्हारे साथ चाहिए जवाद
11:20अरे मैं हूँ ना तुम्हारे साथ
11:24साथ तु हूँ लेकिन
11:27लेकिन अब भी हमारे दर्मियान बहुत फासले है
11:30कमाल है या
11:31मेरी तुम समझ में नहीं आ रहा कि
11:33जो खुशियां तुम चाह रहें से जिन्दगी तो
11:34सब के सब मैंने तुमें दीगी और अब यह हमारे दर्मियान फासला कहां से आ गया
11:40तुम्हें बात समझ ही नहीं रहे हो जवाद
11:41मेरी समझ में नहीं आ रहा कि
11:43तुम कहना क्या चाह रही है
11:45कह तो रही हूं तुम्हारा साथ
11:48मैं हमेशा से तुम्हारे साथ था
11:50और हूँ हमेशा कहां ते साथ पहले तो तुम उस साज़दा के साथ थे एक तो जब भी हम अपने
12:00दर्मयान कोई बाते कर रहे होते हैं तुम साज़दा का जिकर लाके सारा मज़ा किरकेरा कर देती हुए
12:05मैं हकीकत बता रही हूँ
12:09देखो, अब वक्त और हालात काफी तबदील हो चुके हैं, कुछ भी तबदील नहीं हुआ, मेरी समझ में नहीं आ
12:17रहा किन भूल भूलाईयों में डाला है तुमने मुझे, मुझे तो तुमने भूल भूलाईयों में डाल दिया है, मेरी समझ
12:25में नहीं आ रहा कुछ भी कि त�
12:31मैं समझधना निक्वाटता हूँ
12:34गार
12:41यह लlor jsad
12:44जानावर समग अभवा है
12:46तोब जाना नुक कैसी जानावर चारा डाल रही हो
12:49किसी का गुछस्ता मुझे क्यु कूषियो
12:51कि नुम्हारी बेटी ने मुझे जहनी अज्यत दी हुए
12:55आप जिसमें परिशान किया हुआ है उसके जाके मूह लगो ना अपना घुबार अपना घुटसा इस पर निकालू तो हुआ
13:04क्या है आकर ये तो बताओ जैनब उस रिश्टे से बना कर रही है जिसकी बात मैंने आप से की
13:11थी अई मुझे तो मालूम था ऐसा ही होगा मैंने फा
13:25तुम भी वही काम करती हो जैसे दीवारों से सर टकराना है करने लगे ना बेवकूफी की बाते बात सुनो
13:32मैं बिल्कुल ठीक बात करता हूँ जब से इन लड़कियों के पास मोबाइल आया है इनका बात करने का तरीका
13:41सारा अंदाज बदल गया है और ये सिर्फ हमारे घर क
13:47वहां पर यही हाल तो सक्ति करो ना बहुत डील दे रखिये तुमने बच्चियों को अरे भाई मुझे अपनी इज़त
13:54प्यारी है और थर्बियत तुमारी है आब अखा की जिक जिक से कोई फाज़ा ने होगा नतीजा सिफर होगा सिफर
14:04आप ना घूम पिर के सारा नजला म�
14:08अब बुरी लगती है आपको बुरी पता हूं रहती हूं मैं इस घर में तुमेरी बाद का जवाब क्यों नहीं
14:15दे रहा है क्या बोल रही है अवाज नहीं आरी
14:25अब तो नादिर भाई भी दूसरी शादी कर रहे है कब करेगा तुम उच्छादी
14:39कम अब तो खिलने कुदने के ये जिनने खेल called enjoy कर जब शादी कर लेंATHER तो तुम ऐसे कहते
14:46रहने देख लेना एक दिन हमा मेरा
14:48मेरा हाथ किսिए और की हाथ में थहमाखर रवाना के देंगी मुझे
14:59एसे कैसे रवाना करती,
15:04मेरी है तु,
15:06मेरी मेरी कहने से मैं तेरी हो नी जाओँगी,
15:08अगर मुझे अपना बनाना है,
15:11तो अम्मा अर भाई से मेरा हाथ मांगना होगा,
15:14चाह यार मांग लूँगा तेरा हाथ भी,
15:17मून तो खराब मत करना देख,
15:19इतना अच्छा मोकात यह हमारी मुलाकात का मज़ा करके राता है
15:24मांग लूगा हाथ
15:25सच्छी
15:27सच्छी
15:32इधर बैठ
15:36यह देख
15:40अवे आधर बैठ
15:47बैठ बैठ
15:48अभी तो शादी में काफी दिन पड़े नहीं
15:51तु अपने तोर पे रुपसत होगया गए
15:55क्या करूँ
15:56घर में दिली नहीं लग रहा था
15:59तुमारी याद जो इतनी आ रही थी मझे
16:02था कसम
16:04सच्छी
16:06हाँ
16:07बिलकुल सच
16:09हमारी शादी होने वाली है
16:12कोई मजाग तो नहीं है न
16:14वैसे एक बात कहूं
16:18मौबबद तो मैं भी करता हूं उस
16:21अच्छा बात सुन वो
16:23तेरे घरवाल दूने तुझी आते पे दिखा तो नहीं
16:26नहीं
16:28मैं ज़र फाइजा को बता के आएंग
16:29बाकी वो सब संभाद ले
16:31कितनी समझदार है तुमें
16:33इतना प्यार करती है उसे
16:36और क्या
16:38अब मैं
16:40तुम्हारी उस चंदा की ताना थोड़ी हूं
16:43अब यह किस तरह की बाते करने पैड़ी तुम
16:45सारा मज़ा किरकिरा करती हूं
16:47क्यों
16:49क्या हुआ
16:50अब इतनी रुमेंटिक बाते हो रहे हैं
16:52बीच में उसका नाम देना जरूरी था क्या
16:54अच्छा
16:55सब छोड़ो यह बताओ
16:57घर में अकेले हो
16:59अहां वह अम्मा चाची अगर गई है
17:01वह आरुकईया पादर गई
17:03पार्लर?
17:03हाँ भवे चोटी बड़ी योगी ठीक राने गई है
17:08अगे तू?
17:11तू अंदर कैसे आ गई?
17:14तरवाजा खुला था
17:16इसलिए
17:18वह
17:20बड़ी हिम्मत है चन्दा तुम्हारी
17:21नादिर
17:24यह यह यहां क्या कर रही है?
17:26तुझे के तकलीफ है
17:28तेरा इस घर सब कोई वास्ता नहीं
17:32यह हमारा आपस का मामला है तू बीच में टांक बोड़ा रही
17:35इसी की खातर तुमने मुझे घर से बेघर किया था ना
17:38और मैं जलील भी हुई थी
17:40अबै इसी काबिल थी तू
17:43तेरे लच्छन ही ऐसे थे
17:45जो तेरे साथ हुआ बिल्कु ठीक हुआ
17:47हाँ
17:48और तुम्हारी आशिकी माशिकी के चर्चे तो
17:51पूरे महले में मश्रूर थे
17:53हाँ और जो मैंने तुझे रंगे हातों पकड़ा था वो जूट था गया
17:56सच था ना फुद पकड़ा था ही नातों से
17:59नादर मेरा दामन साफ है
18:03और और चो तुमने देखा वो सब जूट था
18:06अच्छा वो सब जूट था
18:09तो नादर आँको देखी मकी कैसे निगल गया
18:13मैंने खुद तुझे और सच्चु को कमरे में देखा है
18:15हैं आप असने प्यार की बाते करे थे ना
18:17क्या बोलदा रहा तुझे वो
18:21सब सुना मैंने
18:23मैं सच कह रहे हैं मेरी बात का यकीन करो
18:28कि
18:28यह चिडिया
18:30यह तुमारी अपनी ओलाद है
18:32इसका तो ख्याल करो
18:33अब आपको तो हमारी याद भी नहीं आती
18:36नादर
18:37यह अपनी बच्ची को साथ लाकर तुम्हे जजबाती कर रही है
18:40तुम पीछ में मत बोले
18:41क्यों ना बोले
18:43तुझे पता लगा मेरी यूरिस की शादी हो रही है तू आ गई आप
18:46अबू अमी को बुछ नहीं
18:47हमें डर लगता है
18:49नादर मैं सज कह रही हू
18:51मेरी बात का यकीन करो
18:52उस दिन सज्जू मेरे कमरे में कैसे आया
18:54मुझे नहीं पता
18:55यह तुम्हारा अपना खून है
18:58इसका तो लहाज कर लो
19:00देखो तुम मुझे मारो
19:02कुटो गाली दो कुछ भी करो
19:04मैं सब सहूंगी तेके मुझे
19:06घर से बेघर मत करो
19:07आपे लगतै तू ऐसे ही जाएगी
19:09आपे लगता है
19:11आपे लगता है
19:12आपे लगता है
19:14आप आप आप
19:15आप
19:16आप
19:21कि
19:30अच्छा चलो तुम
19:31मैं तुम्हाई लिए शर्वद बनाके जाती
19:33वह भी थंड़ थंड़
19:36अब यहाद करें अभी अभी शादी सर्पे तु थो थो फंडी चीजे किजा रही एगी ठीक है बना दो अब
19:42भी आते है
19:49हुआ है
19:50कि अचिए
19:53को
19:59कि
20:00तुम घर जाके नादिर को सच-चच पता दू कि तुम्हारे मेरे बीच में ऐसा कोई रिष्टा नहीं है
20:09करने की कोई बात नहीं है अगर नादिर तुझे तलाग दे देगा तुक तुझे और तेरी पेटी को
20:17मैं अपने घर में अपनी इस्दत पनाता रख दूगा वादाय में
20:22कौन था सजू
20:25तेरी भावी
20:27चंदा
20:28चंदा
20:30वह यहां क्यों आई था
20:32गडगड़ा रही थी अपनी अपनी बच्ची के और अपने घर की सलामती की भीक मांग रही थी मज से
20:37अपके मूरे नहना को
20:41सागन माले जो
20:45छुछ, कह बखा है
20:46क्या लेस रग्पा
20:46यह झाय स्वाइव
20:47कुछ
20:47कुछ
20:47क॑