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  • 4 months ago
Welcome to my Channel Romantic Kahani House

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Transcript
00:01बारिश में हूटों का बोसा, सुनसान सड़क का पुरसरार इश्क बारिश की ठंदी बूंदे सुनसान सड़क पर खामोशी से बरस
00:10रही थी
00:11रात अपनी सिया चादर पहलाए हर आवाज को निगल रही थी
00:16दोर दोर तक ना किसी गाड़ी की रोश्मी थी ना किसी इनसान का वजोग सिर्फ बारिश, हवा और एक ऐसी
00:26खामोशी जो दिल में अंजाना खौफ पैदा कर रही थी
00:29आईशा अपनी गाड़ी के साथ खड़ी परेशानी से मुबाइल में सिगनल तलाश कर रही थी
00:35गाड़ी अचानक खराब हो गई थी और उस सुनसान रास्ते पर मदद की कोई उम्मीद नजर नहीं आती थी
00:44उसी लंभी धुंद के दर्मियान एक सियाह गाड़ी आकर आहिस्ता से रिखी
00:49गाड़ी से एक नौजवान बाहर निकला बारिश इसके कंदों पर बरस रही थी
00:56मगर उसके चहरे पर अजीब सा सुकून
01:00आप ठीक हैं इसने नरम लहजे में पूछा आईशा ने चंदिलम्हे इसे होर से देखा
01:07अजनपी पर एतिबार करना आसान नहीं था
01:11मगर हालात ने इसे मजबूर कर दिया था
01:14मेरी गाड़ी खराब हो गई है
01:17बौजवान ने मुस्कुराते
01:19कोई गाड़ी का बौनट थोला और चंद मिनट बाद अंजन दोबारा चलने लगा
01:24आपका बहुत शुक्रिया
01:27आईशा ने इद्मिनान का सांस लेते हुई कहा
01:30मेरा नाम जैद है और मैं आईशा
01:33बारिश मजीद तेज हो गई
01:35जैद ने कहा उस मौसम
01:38मैं सफर करना खतरनाख है
01:41अगर बुरा ना माने तो चंद मिनट बारिश हलकी होने तक गाड़ी में बैठ जाते हैं
01:46आईशा ने हिचके चाते हुए सर हिला दिया
01:50दोनों खामोशी से गाड़ी में बैठ गए
01:53शीशे पर बरस्ती बून दे एक अजीब मौसिकी
01:57पैदा कर रही थी
01:59कभी दोनों एक दोसरे को देखते गिर नसरे चरा लेते
02:03खामोशी में भी जैसे कई बाते छपी हुई थी
02:06अचानक दोर जंगल की तरफ से किसी औरत की हलकी सी चीख सुनाई दी
02:12आईशा घबरा गई
02:14आपने सुना
02:16जेड ने बाहर देखा
02:18मगर बारिश के परदे में कुछ दिखाई ना दिया
02:21शायद वहम हो
02:23मगर चंद लम्हे बाद फिर वही आवास आई
02:27इस बार पहले से ज़्यादा खरीब
02:29दोनों गाणी से बाहर निकले
02:31चार्चा की रोशनी बारिश में बमुश किल चन
02:35पदम आगे तक जा रही थी
02:38सड़क के किनारे की चड़ में किसी के खदमों के ताज़ा निशानात थे
02:43जैसे कोई अभी अभी वहां से गुसरा हो
02:46वो आहिस्ता आहिस्ता इन निशानात के पीछे चलने लगे
02:51चंद पदम बाद निशानात पचानक खतम हो गए
02:54आईशा ने खौफजदा होकर जैद का बासू पकड़ लिया
02:59उसी लम्हे पीछे से किसी के चलने की आवाज आई
03:03दोनों ने फॉरण मुर कर देखा
03:06मगर वहां कोई नहीं था
03:08हुआ का एक तेज जोनका आया
03:11दरख जोर से हलने लगे
03:13और बिजली आस्मान पर
03:15चमकी रोश्मी की एक जलक में
03:19सडक के किनारे एक सफेद लिबास में
03:22खड़ी बुंदली सी परचाई दिखाई दी
03:24आईशा के जिस्म में संसनी दोर गई
03:28वो वो कौन है
03:30जैद ने दोबारा देखा
03:32मगर अब वहां कुछ भी नहीं था
03:34हमें वापस चलना चाहिए
03:37वो तेजी से गारी की तरफ लोटे
03:40बारिश मुसलसल शिद्दत इख्तियार करती जा रही थी
03:44बारी तक पहुँचते पहुँचते
03:46आईशा का पाउं खिसल गया
03:49जैद ने फोरण उसे अपनी बाहों में थाम लिया
03:53दोनों की नजरे एक दोसरे से मिलें
03:56बारिश उनके चेहरों पर बरस रही थी
03:59मगर इस लम्हे जैसे वक्त रोक गया था
04:02आईशा की धरकिन बेकाबू थी
04:05जैद में दीरे से इसके चेहरे से
04:08दीबी हुए बाल हटाए
04:10तुम डड़ रही हो
04:11आईशा ने आहिस्ता से सर हलाया
04:14जब तक मैं साथ हूँ तुमें कुछ नहीं होगा
04:18ये अलफाज उसके दिल में अजीब सा सुकून बर गए
04:22बारिश की बुंदे उनके दर्मियान गिरती रही
04:26और जजबात खामोशी से अपनी जबान बोलने लगे
04:31जब ने धीरे से इसकी अजासत तलब करती हुई निगाहों में दे था
04:36आईशा ने नसरें चुका लें मगर इंकार ना किया
04:40इसी खामोश लमहे में जब नहायत एहतराम और नर्मी से उसके
04:46फुटू पर एक मुखतर वोसा दिया
04:49वो लमहा बारिश की धंदी खुश्बू धलकते देलों और खामोश हसासात में हमेशा के लिए ठहर सा गया
04:57मगर अगले ही लमहे गारी का उलार्म खुद बखुद बजुखा
05:02दोनों चौंप कर अलग हो गए
05:04गारी की हैड लाइप्स बार बार जलने बुजने लगे
05:19हाथ बेख्तियार जैद के हाथ में सिमट गया
05:22जैद ने फोरन गाड़ी का दर्वासा खोला और दूनों अंदर बेर गए
05:28जैसे ही उसने अंजन स्टार्ट किया घग लाइट डोबारा रोशन हुए
05:34लेकिन सड़क बिलकुल खाली थी
05:37ना कोई साया ना कोई पदमों के निशान
05:40सिर्फ मुसला धार बारिश सुनसान राथ और वो राज
05:46जो शायद कभी हल ना हो सका
05:48कई महीनों बाद भी जब कभी बारिश होती
05:52आईशा को इस सुनसान सड़क वो पुरसरार साया
05:56और बारिश में लिया गया वो पहला बोसा याद आ जाता
05:59इसे आज तक मालूम ना हो सका कि इस रात हकीकत ज्यादा गहरी
06:05थी या महबबद शायद कुछ कहानिया जवाब देने के लिए नहीं
06:10बलके दिल में हमेशा एक खुशबवार मौमा बनकर रह जाने के लिए लिए लिखी जाती है

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