00:00क्या आपने कभी देखा है कुछ लोग बिना किसी गौट फादर के सिर्फ अपनी मेहनत और जित के दम पर
00:07शून्य से शिखर तक का सफर तय करते हैं
00:09लेकिन उन्हीं की जिन्दगी में भाई बहनों से टकराव, करियर में अचानक उतार चड़ाव या गुरूओं और पिता से वैचारिक
00:17मदभेद क्यूं बने रहते हैं
00:20इसका एक बड़ा कारण हो सकता है तृतिय भाव का मंगल
00:25वैदिक जोतिश में तृतिय भाव का मंगल सिर्फ आपके साहस और इच्छाशक्ती को ही नहीं दिखाता
00:33यहाँ अपनी विशेश दृष्टी छठे, नौवे और दस्वे भाव पर भी डालता है
00:40अगर मंगल मजबूत और संतुलित हो तो यह गजब का आत्म विश्वास जोखिम लेने की ख्षमता
00:48शत्रों पर आसानी से विजय और अपने दम पर एक बड़ा सामराज जिखड़ा करने का साहस देता है
00:58लेकिन अगर यही उर्जा संतुलित न रहे तो छठे भाव पर कोट का चहरी या कर्ज के विवाद
01:06नौवे भाव पर भाग्य में रुकावटें या धार्मिक मान्यताओं पर जिद
01:12और दशम भाव पर कार्यक्षेत्र में बॉस या कॉलीग्स के साथ एहनकार का टक्राव भी दे सकती है
01:21याद रखे तृतिय भाव का मंगल आपको एक जन्मजात योध्धा बनाता है
01:28यह उर्जा समस्या नहीं आपका पुरुशार्थ है
01:33अगर इस उर्जा को सही दिशा मिले तो यही पराक्रम आपकी मेहनत को भाग्य और आपके कर्म को एक बड़ी
01:40सफलता में बदल सकता है
01:44यही है तृतिय भाव के मंगल और उसकी दृष्टी का वास्तविक विज्ञान
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