- 2 months ago
Category
🐳
AnimalsTranscript
00:07ना सुना उसने तवजो से पसाना दिल का
00:56तुमें रिम्ला को यू फ्लाट पर अकेले छोड़के नहीं आना चाहिए था
01:00मुझे कोई फर्क नहीं पढ़ता तो फिर सो क्यों नहीं रही हो
01:10तिन का नसीब सो जाए उनके आंकों में नीदायन आए इस बात से कोई फर्क नहीं पढ़ता
01:20आईला मुझे रखीन नहीं आरा था और भाई कोई ऐसी डील कैसे कर सकते है रिम्ला के साप़
01:35अपनी आँखों से देख है, ने कानों से उसकी मुभबत का इजहार सुने.
01:42आएला पनी दवा तो नहीं हो रहा ना ये, वो कहीं सौ मर्तबा कर चुकी है ये तुम्हारे सामने, तो
01:48पहले बुरा नहीं लगता था, पहले की बात और थी, अब बुरा लगता है.
01:59पोजाना.
02:46उचे अपचे से इंसान पर भरुजा करना ही नीच भी अभी और इसी वक्त तलाग दें, बस.
02:55वो भी अपने ना हुए, दिल भी गया तो से है.
03:07वो भी अपने ना हुए, दिल भी गया तो से है से आने, से तुब है तर ठाना हुए.
03:27सुपह होने से पहले तो एक कदम भी पार भी रखूँगी.
03:31तुमने मुझे बादा किया था, कि तुम मेरा खयाल रखोगे.
03:39ना सुना उसने तवर्जों से फसाना दिल का.
03:50ना सुना उसने तवर्जों से फसाना दिल का.
04:17कोई पोईट ने आप फरा.
04:21मैंने तो सब खरके देख लिया.
04:23फोग लड़का उस आयला को किसी सूरत छोड़ने पर नहीं राजी हो रहा.
04:36तुमकुप मुझे रखते होना आगे.
04:48शामी?
04:50तुम यहां क्या कर रहे हो?
04:53रंग में भंग डालने आया हूँ.
04:58किदर है यह?
05:01किदर है वो बुस दिल?
05:03शामी? क्या कर रहे हो तुम?
05:06कहा रहे हो तुम?
05:07वह बाग की जागी नहीं है जहाँ दिल किया मू उठा कर चले आए.
05:11दिक्रो यहां से.
05:14बड़ा सबरतस्त केम खिला है रिम्ला.
05:17फैक्टरी अपने नाम कराने का आइडिया भी तुमारे आशिक का था ना?
05:25शामी, अब तुम क्या चाहते हैं?
05:27हम? क्यों आयो यहां?
05:30रगता है हवालात के चक्कर लगाने कटिल कर रहे तुमारा दुपारा से हां?
05:34मेरे बाप की हक हलाल की कमाई तनी असानी से तुम दोनों को हजम करने नहीं दूँगा मैं.
05:41अच्छा.
05:43इतनी ओकात हो कि अब तुम्हारी हां? क्या कर लोगे तुम? क्या कर लोगे बिताओ तुम? क्या कर लोगे?
05:53यह पट्टी अभी सिर्फ हाथ पे बंदी हुई है.
05:56ऐसा ना हो कि मुह पे लगाने के लिए कुछ बचे ही नहीं.
06:00किदर रही हैं?
06:02ओन!
06:16तुम तुम तुम तुम तुम तुम मेरी सोच से ज्यादा गटिया इनसान हो यार.
06:23अला कि तलाग करवाने में तुम मुझे सीड़ी की तरह इस्तमाल कर रही थी.
06:30तो क्या शामीत तुम्हे क्या लगा था?
06:33तुम जैसे बेवकूफ मर्च से मैं शादी करूँगी?
06:36जो एक लड़की को बीच रास्ते में छोड़ गया था क्योंकि उसे अपनी मुझे खौफ आता है?
06:41अन्लाइड लव जोड़नी निकालने मुझे मुझे बढ़ना!
06:45क्या कर लोगे तुम?
06:48यह खेरत है ना तुम्हे?
06:51तु तलाग थो मजे!
06:53क्योंके मैं कल भी और से महबबत करती थी?
06:57आज भी और से महबबत करती और हमेशा उसी से महबबत करती रहूंगी!
07:04जुम्ला!
07:07यह कल फाज अब मुझे मत निकालना!
07:11क्यो?
07:11क्यों?
07:13ताले लगा दोगे तुम मेरे मुपे?
07:15मैं तो बोनूंगी
07:17और तुम मेरी बात सुनोगे!
07:21तुम जैसे मर्दों पे ना
07:23हम लड़कियां ठूकना भी नहीं पसंद करती हैं!
07:28आयला ने तुम्हे तुम्हे तुबारा मोड़कर एक थपा भी नहीं देगा
07:32पहाड में गई तुम पहाड में गया ये रिष्टा
07:37मैं तुम्हे यहां खड़े खड़े तलाक देता हूं
07:40तलाक देता हूं तलाक देता हूं
07:44कल सुबा तक सारे पिपर्स मिल जाएंगे
07:46पुम्हे तलाक
08:29झाल झाल
08:56आपन बानी लेंगी साल ये को
08:57अरे तुम का बाइंग किसी ने बताया नहीं मुझे
09:02रात को आई थी विजान
09:04रात को किस वक्त एक बजे तक तो मैं राहत के साथ फोन पर बात कर रहे थी लाउंज में
09:09बैक तक
09:12रात के दो धाई बजे आई थी
09:16रात के दो धाई बजे
09:22ऐसी कौनसी आफ़त आगई थी?
09:30आईला मैं पूछ रही हूं कुछ ऐसी कौनसी आफ़त आगई थी?
09:34वही आफ़त आई थी अम्मी
09:40जिसन ताया बग को पलिस टेशन पहुंचा दिया था
09:47वही आई थी मेरे घर मेरा सकून बरबाद करने
09:55तुम रिम्ला की बात कर रही हो ना?
10:03और ने बताया था में
10:05तो उसने ये नहीं बताया?
10:09कि रिम्ला ने ताया बाग की फैक्टरी उसके नाम कर दिया
10:18क्योंकि वो उन से शादी करना चाहती है?
10:25क्या फुजूल बातें कर रही हो?
10:32देखो बिटा ऐसी खामखासे मेरे बच्चे पर इल्जाम मत लगाओ
10:37सच सच बताना
10:39उन से किस बात पर लड़कर आई हो?
10:41अबू मैंने
10:42इसकी शकल देखें
10:44शकल पर साफ लिखा है
10:47यही कोई नया कार्णामा सर अंजाम करके आई है
10:51हाँ मी कहदें आप
10:52मेरा ही कुसूर होगा
10:54मैंने ही कुछ गलत किया होगा
10:59क्यूंकि इस घर में तो एक मैं ही खताका पतला हूँ
11:01बाकी सब तो दूद के दुलें
11:03हमेशा मैं ही कुछ गलत करती हूँ
11:05कोई और तो कुछ गलत कर ही नहीं सकता
11:08तमाग खराब हो गया इस लड़की का
11:11जाकर समझाती हूँ मैंसे
11:13अच्छा देखो जरा आराम से
11:15हाँ हाँ आराम से
11:17यह तो खुद यह आग का गोला है
11:20यह क्या बात करेगी
11:21मैं जाती हूँ
11:22देखती हूँ मैं
11:27देखती हूँ मैं
11:39दिल लगी दिल की लगी
11:45बनके में टा देती है
11:52रोग दुश्मन को भिया रबना
11:58लगाना दिल का
12:03उनके अंदासे करम
12:08उन पे वो आना दिल का
12:15उनके अंदासे करम
12:20उन पे वो आना दिल का
12:45तो बात करें न आप भी जान से फेर
12:49किस मूँ से जाँगा उनके पास
12:55वक्त आने पे तो इनसान गदे को भी बाब बना लेता है
13:01रसी जल गई मगर बल नहीं गए
13:04अरे तुमने सबसे तो अपने तालुकात खराब कर रखें
13:07अगर सही होते तो आज ये दिन न देखना पड़ता
13:09अच्छा ऐसा क्यों न करें फारूक के जली कर्टी आप मुझे बाद में सुना लें
13:16अभी जाके बीजान से बात करें उनसे कहें और हमारी फैक्टरी वापस दे दे हमें
13:21और वो पैसे जो तुम्हारी बहु अपने जेब में डाल चुकी उनका क्या होगा
13:26आरे शफीक भाई कोई न कोई हल निकाल लेंगे वो
13:30मैं
13:34मैं के लानी जाओंगो तुम्ही चलो मेरे साथ
13:36अच्छा भई चले
13:39क्या होगा है
13:40वो शामी बापा दर्वाजा नहीं खोल रहा
13:44अच्छा
13:47बेहोश सो रहा होगा सुबद चार बजे जो आया है
13:51अच्छा चलो उसे सोने तो मैं भी आती हूँ तो ठाती हूँ से चले
14:02रैसे अब पड़ा ना आर्फा भावी की मूँ पे असल थपड़
14:08कि फैक्ट्री वाली बात सुनकर तो मज़ा ही आ गया
14:14अब भी बस करने प्लीज
14:19इस पैक्ट्री का सौदा आपकी मेटी की खुशियों पर हुआ है
14:26आपको जड़ा एसास है इस बात का कि मेरा घर खराब हो गया है
14:32हैला कोई तुम्हारा घर खराब नहीं हुआ है
14:36तुम तुखामखारो रो के अपने आपको भी परिशान करी हो और हमें भी भी ओन ऐसा लड़का नहीं है
14:44ठीक कह रही है अभी जान
14:45अब भी बस करने
14:49यह वही आने जिसको आप घास भी नहीं डाल दी थी अब एकदम वो महान बन गया
14:58अरे नहीं ऐसी बात नहीं है देखो वो दिन रात महनत कर रहा है तो मैं इस बात को मानती
15:03हूँ ना
15:04मुझे मुझे और रिम्ला को दोका दिया मुहबत के नाम पर
15:14क्यों दोंगा दोका
15:22और तुम्हे क्या लगता है
15:28रिम्ला
15:29फ्री में देगी मुझे यह फैक्ट्री
15:36तुम्हें अंदाजा भी है इस फैक्ट्री को हासिल करने के लिए इस खांदानी बिजनस को बचाने के लिए क्या कुछ
15:42किया है मैंने
15:53छोड़ो बेटा यह तो खामखा बगुमान हो रही है
16:01पीजान इसके लिए मैं कुछ भी करूंगा ना
16:03कुछ भी
16:07इसने कसम खा रख किया सारी दिनकी मुझसे बदगुमान रहने की
16:15यह पेपर्स हैं आप इसमें सब कुछ चक कर दें
16:18फैक्ट्री की आदी पेमेंट कर चुका हूं मैं
16:24आदी पेमेंट के लिए पंदा दिन का वक्त मांगा उससे
16:31मुझे तो यकीन है कि मेरा ओन कभी कोई गलत काम कर नहीं सकता
16:40शुकर है किसी ने तो यकीन किया
16:46वरना इस घर का दस्तूर है
16:52सफाई सुनने से पहले ही अगले को फांसी के फंदे तक पुछा दिया जाता है
17:04नहीं बेटा तुम छोड़ो इस बात को
17:10मुझे बताओ तुमने वाकई फैक्टरी खरीद लिये
17:15मुझे तो यकीन ही नहीं आरा
17:19क्यों ना खरीदता मैं ये फैक्टरी
17:24खरीदनी ही थी मुझे ये फैक्टरी
17:29बिल्कुल
17:32आपको ये फैक्टरी खरीदनी ही थी
17:34लेकिन क्या इस फैक्टरी के साथ रिम्ला के अच्छे बुरे वक्त में उसका साथने भाने का वादा नहीं किया आपने
17:39क्या ये डील का हिस्सा नहीं था
17:43अब कहने में गलित कह रही हूँ, ये भी गलित सुना होगा मैंने
17:49आईला
17:50प्लीस चुपो ने, मैं जब की कोई बात नहीं सुनी
17:53अरे
18:06अन भाई, बाबा भुला रहे हैं आपको ट्राइंग रो
18:21कैप्टन अस्वन्यार बुखारी ने
18:23पाकिसान मिलित्य अकैड़्मी से एजाजी शम्शीर हासल की
18:27अभी लंबा सफर बागी था
18:29मज़र बड़ी, रास्ता बड़ा
18:31और मुसाफर उससे भी बड़ा
18:39पाकिस्तान के लिए लड़ना ही मेरा खौब था
18:45निगे बुलंद, सुखन दिलनवाज, जां पुरसोस
18:49यही है रखत सफर मीरे कारवां के लिए
18:54मैं दुश्मन को अपनी पाक सर्दमीन पर पाउने रखने दूँगा, सर
19:01पाकिस्तानी अवाम का ताकत उनका फाउज है
19:08सर, इस डिवाइस का नाम टार्गेट एकॉजिशन इस्ट्रूमेंट होगा
19:13सर, इस डिवाइस की मदद से हम दुश्मन को इंट का जवाब पत्थर से दे सकते हैं
19:17लोड, मौटर, पार
19:21पार
19:23वेर वेल्डेन, आसफंद
19:34वराल कैसे है?
19:35हाइसार, परकिस्तान, जिन्दाबाद
19:56कहानी अभी खत नहीं हुई
19:57अभी ना जाने कितने असफंद्यार, वतन से महबत का वादा
20:02वफा करने के लिए परवान चरवें
20:05ये वतन से इश्क की कहानी है और इश्क का भी खत नहीं होता
20:20फारूक, आखिर तुमें किस बात का इतराज है?
20:24पी जान, इतना बड़ा सौदा करने से पहले
20:27आउन को कमस्किन एक बार मुझसे पूछना तो चाहिए था
20:34हाँ, हमारी चीज़ थी वो आखिर
20:38नमानी जान, आप अपना रिकॉर्ड दिरूस कर ले
20:46ये फैक्टरी फारूक एमद साथ ने अपने होश और आवास में
20:57इस पूरे खानदान के सामने नाम की थी रिमला शफीक के
21:15तो हमने बेचने के लिए तो नहीं दी थी
21:23तो फिर आपको चाहिए कि आप अपनी बहू से पूछें ना
21:37वो चाहे काले चोर को बेचे वो ही थी ना मालक इसकी
21:49आखिर ओन ही को क्यों दी
21:59दी नहीं है ये फैक्टरी ली है मैंने उससे
22:09रिमला इस फैक्टरी की डील केके ग्रूप्स के इद्रीस साब से करने वाली थी
22:27और आप जानते ही अद्रीस साब कौन है उनके तारफ की जुरूद नहीं है
22:35आपके एक कमपैटिटिव रहा चुके है ना हूँ
22:41इसलिहाज से तो फारुक तुम्हें ओन का इसान मंद होना चाहिए
22:45एके घर की चीज घर पे ही रही
22:49बीजान मुझे नहीं पता आप आप इससे के हमारी फैक्टरी वापस करे अभी और इसी वक्त
22:53यह फैक्टरी मैंने अपने नाम से नहीं खरी दी
23:08तो इसको बेचने का एक्तियार मेरे पास नहीं है
23:15तो फिर किसके नाम पे लिए
23:24आईला के नाम पर
23:42अगर आप एक कर सकते हैं
23:47तो पूछ ले आईला से अगर वो बेचना चाहती है
24:09मैं इतने करोड कहां से लाँगा फैक्टरी खरीदने के लिए
24:15अब देखे फारूग भाई
24:22आपकी ही बहुने बेची है न ये फैक्टरी तो उसको तो चेक मिला होगा
24:28और हमारे दामाद ने भी तो कोई मुफ्त में तो नहीं ली पैसे दिये ना
24:38वैसे बात तो ठीक है शमसा की
24:45करोड कोई चीज को ऐसे तो नहीं दे देगा ना
24:50तुम लोगों ने भी तो साकिप को ऐसी बेदखल किया था भूल गे क्या वो वक्त
25:10ताक्षी हिए
25:25मुझे नहीं चाहिए
25:26तुम एक काम करो आग लगाओ और जला दो इस फाइल को
25:31मैं जला भी दूंगी
25:32इससे भी बुरा कर सकती हो तुम
25:35किसी के किरदार की धजियां उड़ा सकती हो तुम
25:39किसी के किरदार पर ऐसे उड़ा सकती को एकला अपनी नदरों में गिरके मर जाए
25:45मैंने किसी किरदार पर उड़ी नहीं उठाए
25:47उड़ी नहीं उठाए दूना
25:50पांचों उड़ीयां चाप दी हैं मेरे मूँ पर
25:55बेतबारी का ऐसा तमाचा मारा है मेरे मूँ पे
25:57सारी जिन्दगी याद रखूँगा
26:00तो क्या करूँ?
26:03आंखों देखी हकीकत जुटा दूँ
26:06मेरे सामने अपनी मुहपत का इजहार किया उसने आपसे
26:10उसकी मुहपत के पेमाने पर पर्खोगी मुझे
26:14इस तरह की जाती है किसी से मुहपत
26:16कि उसको हासिल करने के लिए इतने घटियात कंडों का इस्तमाल किया जाए
26:20जो रिमला ने किया है
26:21तो आपकी दीरी शहर जो हो ये सब करती फिर रहे है
26:25एक लफ़ बरदाश नहीं करो
26:26तुमने मेरे साह नहीं रहना मत रहो
26:30मगर इस तरह मेरी मुहपत की तजलील मत करो
26:33क्यों नजरे चुड़ा रही हूं मेरे से
26:35इल्जाम लगाया ना तुमने मुझे
26:38सबूत दो
26:39कैसे तुमने चुट्कियों मेरी मुहपत को उठा कर पहंक है
26:44सब ने कहा
26:46कि ये बदकिरदार है
26:47बद्तमीज है
26:49नकम्मा है
26:50मुझे फरक नहीं पड़ा
26:53मामू ने कहा कि सारी जिंदगी तुम कुछ नहीं कर सकते
26:56मुझे तकलीफ नहीं हुई
26:58लगर तुमने
26:59सोचे समचे पगया
27:01मेरे उपर जो इल्जाम लगाया
27:03अंदर से खतम कर दिया तुमने मुझे
27:06क्या मांगा था मैंने तुम से
27:08महबबत के जवाब मैं
27:10एतिबार ही तुम आगा था
27:13तो भी नहीं दिया तुमने मुझे
27:17सारी जिंदगी यह याद रहेगा मुझे
27:21मगर तुम फिकर मत करो
27:24तुम नहीं रहना चाहती ना मेरे साब
27:28ऐसा ही होगा
27:30जा रहा हूँ वकील साब के आफिस
27:33जैसा तुम चाहती हो वैसा ही होगा
27:37सारी जिंदगी के लिए
27:39तुम्हें मेरे जैसे बतकिरदार
27:42दोके बाज और जूटे इंसान के साथ नहीं रहना पड़े है
27:59तुम्हें ना हुए दिल भी गया तो से से आने से तुबहे तरथाना आना दिल का
28:25ये क्या कर रही हो तुम?
28:29देवकूफ रड़की वो डाइवोर्डस पेपर्स बनवाने गए हैं
28:31हाँ तो
28:33तो?
28:35तो क्या करूँ?
28:38उसक्या के हाथ चोड़ो, गिर गिराओ, माफी माँओ
28:40प्लीज बुजे मात छोड़ो ओन, प्लीज
28:42ये काउँ
28:45तुम कुछ भी मत करो, मैं ही कुछ करती हूँ
28:59राफे मेरी बात सुने, आप अभी और इसे वक्त आउन भाई के पास जाएं
29:03वक्कील के आफिस जा रहे हैं वो
29:05ओफ खुदा के कसम, आज तो आउन ने न, दिल में ठंड़क डाल दी
29:11पहली दफ़ा, जिंदगी में खुदा से गिला करने का दिल नहीं चाहरा
29:15कि उसने मुझे बेटा नहीं दिया, अब देखो न, भावी को उनके गरूर का कैसा सिला मिला, सारी जिंदगी, साकिब
29:24को ताने देती थी थी न, कि हमारे बच्चे वो पाल रहें, अब पता चला न, बस कर दें मी,
29:31मुझे तो ताया बुगा चेहरा तेकर तकलीफ हो रही थी
29:35जितने खुलूस से हम सब दुश्मनिया पालते है, अगर इस से आदि ही कोशिश कर के भी हम ये बोग्स
29:40कीना और नफरते कम कर दें, तो जिनगीया बहुत बहुत बहुत बहुतर गुज़ सेगती है
29:47तो ठामी कब समझाई ही आप सबको
29:52असानियां दोगे तो असानियां मिलेंगी
30:00भड़ी ना शुक्री लड़की है
30:06बड़ी ज्यात्ती किये आपकी बेटी ने हमारे साथ
30:11ज्यात्ती?
30:12ज्यात्ती है कि मतलब मैं बताता हूँ तुम्हें आर्फा
30:18तुम्ने जो मेरी बेटी आश्र किये ना, इसको कहते है ज्यात्ती
30:27तुम्हे तुलगा मेला वारे सो
30:35जब दिल किया हाथ, पाओ, बाजू कुछ भी तोड़ देते हैं
30:41असल कमर तो तुम्हें तोड़ी है बारी
30:47अब बंद करो ये मजलुमित का ड्रामा अपने बाप के सामने है
30:54मजलुम है मेरी बेटी
31:01रिश्टा आपने खुद मांगा था
31:08और जब रिश्टा जोड़ गया तो उसका ये हशर कर दिया है
31:15करोडों की फैक्टरीज के नाम की घर बसाना ही चाहते थे नाम
31:27अज तक आपसे अपना घर तो बसाने
31:33मेरा कैसे बसाना था अपने
31:38देख ले
31:43ना चोटे से बात करने की तमीज है ना बड़े से
31:46क्या सिखाया आपने ऐसे
31:50हाँ तमीज तो तुमारे घर में है ना
31:56तुमने सिखाई अपने बेटे को
32:06उसे चोड़ें जो सारे घर की दिवारें छोड़के हमें चुना लगाया आपकी बेटी ने उसका क्या कहेंगे आप
32:16मैं ना ऐसा करती तो आप लोग अब तक मुझे किसी दिवार में चुनवा चुक्के होते
32:26और ऐसे भी ये वक्त गुजर चुका है अब हिसाब किताब करने का
32:30मुझे वो चेक चाहिए जो औन ने दियाया तुम्हे
32:40अपनी फैक्टरी हर कीमत पे मुझे वापस चाहिए चाहे वो तुम्हारे नाम भी क्यों नहों
32:49अरे शरम नहीं आती तुम लोग
32:53मेरी बेटी को तलाग देकर उसके नाम से फैक्टरी चिलाओगे बिजनस खरोगे
33:07तलाग किस ने दिया तलाग क्या कहना चाहरी हैं आपका बेटा जो आपकी मर्जी के बगएर सांस भी नहीं लेता
33:21आप नहीं जानती हैं उसने कल ओन के अपार्टमेंट में आके क्या किये
33:29अब हुए हमें इसी तरह पाखल बनाते रहेंगे
33:31बेगम साइबा साहब मैंने शामी मिया का कमरा कुलवाया वो लॉक था दूसी चाबी से कुलवाया व अंदर कभसे बेहोश
33:40पड़े वे
33:40क्या हाटो रास्ते से क्या
33:54ना सुना उसने दवाजों से पसाना दिल का
34:07बिस्मिल्लाहिर्रह्मान रराहीम
34:08चंद रोज कबल हमारे ड्रामा जब्त का एक मुखतसर मनजर सोचल मीडिया पर वाइरल हुआ
34:15जिसमें एक अदाकारा शदीद घुस्से और जजबाती कैफियत में मुखतलिफ अश्या इदर उदर भैंकती नजर आती है
34:22बाद अज़ा मालूम हुआ कि अन्हीं अश्या के दरम्यान मौजूद एक इसलामियात की निसाब की किताब भी नीचे गिराई गई
34:28ये एक गहर एरादी और नहाय तफसोसनाक इंतजामी और इदारती कोता ही थी
34:34हम अपने तमाम नाजरीन से दिली माजरत खा हैं
34:38और अल्लह ताला से अपने इस खुसूर पर इखलास के साथ तौबा, मगफिरत और माफी के तलबगार हैं
34:45चालिस मिनट के ड्रामे में ये मनजर एक सेकंड से भी कम वक्त के लिए इंतहाई तेज रफदारी से स्क्रीन
34:51पर आया
34:51इसलिए मामूल की रफदार से ड्रामा देखने वाले आम नाजर के लिए इस किताब की शनाखत बहुत मुश्किल थी
34:58और यही वज़ा है कि ये हमारे मतलिका डिपार्टमेंट के जाइज़े और निगरानी के मराहिल में भी नजर से उजल
35:04रहा
35:05बादजा सोशल मीडिया पर इस पूरे मनजर में अदाकारा की जानिब से गिराई जाने वाली मतादित अशिया में से सिर्फ
35:11उसी एक लम्हे को अलग करके
35:13स्लो मोशन, फ्रेम बा फ्रेम जाइज़े और जूम की मदद से उस किताब की स्टिल तस्वीर वाज़ करके वसी पैमाने
35:21पर वाइरल किया गया
35:22उसके बाद ये मामला हमारे इल्म में आया
35:25हमने भी फौरी तोर पर उसका तफसीली और तक्नीकी जाइजा लिया
35:29जिससे इस हकीकत की तस्दीक होई
35:31ताहम इस वजाहत से हमारे जिमदारी किसी भी दर्जे में कम नहीं होती
35:36जैसे ही ये मामला हमारे इल्म में आया
35:39हमने फौरी तोर पर मतलिखा मन्जर तमाम प्लैटफॉर्म से हटा दिया
35:43और जमदारान के खिलाफ गानून और इदारे की पॉलीसी के मताबिक सखतरीन इंजबाती कारवाई शुरू कर दी जो बदस्तूर जारी
35:51है
35:52ड्रामा साजी में मामूल के मताबिक मुतादिद आउट्सोर्स पेशावर अफराद भी मुख्तलिफ मराहिल में खिद्मात अंजाम देते हैं
36:00प्राहम नश्र होने वाले हर मवाद की मुकमल जमदारी हमारे मुतालिखा डिपार्टमेंट की है
36:06हम एक बार फिर अपने तमाम नाजरीन से दिली माजरत करते हैं
36:11अल्लह ताला से अपने इस खुसूर पर इखलास के साथ तौबा, मगफिरत और माफी के तलबगार है
36:17और यकीन दिलाते हैं किस वाखे से मुकमल सबक सीखते हुए
36:21आएंदा ऐसी किसी भी कोताही की रोख्थाम के लिए मजीद मजबूत और मुस्र इख्दमाद किये जा रहे हैं
36:28इनसान होने के नाते गहर इरादी गलती किसी से भी हो सकती है
36:33खाह निजाम और निगरानी कितनी ही मजबूत क्यों ना हो
36:36लेकिन असल बड़ाई और जिम्मदारी इस बात में है कि गलती को छुपाया ना जाए
36:41बलकि उसे दियानतदारी से तसलीम किया जाए
36:44उस पर माज़रत की जाए
36:45उसके जिम्मदारी कबूल की जाए
36:47और उसे दरुस्त करने के लिए फौरी और मौसर इकदामात किया जाए
36:52बतौरे इदारा यही हमारी हमेशा से रिवायत रही है
36:55और हम समझते हैं कि गलतियों का हकीकी अजाला भी इसी रास्ते से मुमकिन है
37:02जियो इंटर्टेंमेंट