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  • 3 months ago
ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की विश्वप्रसिद्ध रथयात्रा आज से शुरू हो गई. देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु इस ऐतिहासिक और भव्य धार्मिक उत्सव में शामिल होने के लिए पुरी पहुंचे हैं. पारंपरिक पहंडी अनुष्ठान के बाद तीनों देवता अपने-अपने रथ—नंदीघोष, तलध्वज और दर्पदलन—पर सवार होकर गुंडिचा मंदिर की ओर प्रस्थान करेंगे. लगातार बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है और पूरा बड़दंडा ‘जय जगन्नाथ’ के जयघोष से गूंज रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी रथयात्रा के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए इसे भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का अनूठा प्रतीक बताया तथा सभी के सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना की.

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00:29ुडिशा का पूरी
00:30अंत में स्वयम महाप्रभु जगन्नाथ अपने भव्य रथो पर विराजमान होते हैं।
01:00रथियात्रा सिर्फ एक धार्मिक परंपरा नहीं बलकि भगवान और भक्त के मिलन का सबसे पावन अफसर मानी जाती है।
01:09मानेता है कि इसी दिन महाप्रभु स्वयम अपने भक्तों के बीच आते हैं और उन्हें दर्शन देकर आशिरवात देते हैं।
01:17यही वच्छा है कि हर साल लाखोश रधालू पूरी पहुचते हैं।
01:21रथियात्रा में भक्तों का उत्सहा भी देखते ही बनता है।
01:25कोई भगवान क्रिश्न, कोई भगवान हनुमान तो कोई महादेव का स्वरूप धारण की ये नजर आता है।
01:32भक्ती, संगीत और नृत्य के बीच पूरी नगरी आध्यात्मिक उर्जा से सारा बोर दिखाई देती है।
01:40प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी रथियात्रा के अफसर पर देशवासियों को शुपकामनाई दी है।
01:46उन्होंने कहा कि रथियात्रा भारत की आत्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का जीवन्त प्रतीक है, जो विनम्रता, सेवा और एकता का
01:56संदेश देती है।
01:58भ्योरो रिपोर्ट, ETV भारत

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