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यह वीडियो 20 दिसंबर 2025 को पुणे लिटरेचर फेस्टिवल में आयोजित सत्र से लिया गया है।
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वीडियो जानकारी: 20.12.2025, सत्र, पुणे लिटरेचर फेस्टिवल

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Transcript
00:00तो यह रिटन कि if your partner accepts you just as you are कि जैसे तुम हो वैसे ही I
00:06accept you and आप कहते हैं उससे भाग जाओ, this is not love
00:10जब भी किसी रिष्टे में कोई एक आदमी या औरत, स्तरी पुरुष कोई भी जागरत होने लगता है
00:18तो वो जो उसका partner होता है वो बोलता है no no no stay as you were
00:23और आप उसको लाख बोलिए कि देख मैं कहीं भाग नहीं रहा, पहले से बहतर हो रहा हूँ, तुझे तो
00:29खुशी होना चाहिए कि तेरा जो partner है वो पहले से बहतर हो जाएगा
00:32ने, stay as you were, क्यों? क्योंकि रिष्टा ही अंधेरे से अंधेरे का बना होता है
00:38लेकिन हमारे रिष्टे ऐसे होते हैं कि जैसे दो अंधेरे जिस्म, अंधेरे में ही लिप्टे पड़े हैं और वो जानना
00:46भी नहीं चाहते कि अंधेरे के पार क्या है
00:48ऐसने में अगर जरा सी भी आहट भी आती है रोशनी की तो वो खतरे जैसी प्रतीत होती है
00:55जो वास्तविक प्रेमी होगा वो कहेगा जितना भेतर हो सकते हो हो जाओ जितना उंचया उड़ सकते हो उड़ो भले
01:04ही फिर मेरी पकड़ से भी भार के हो जाओ कोई बात नहीं मैं जमीन से तुमको दिखूंगा उपर उड़ते
01:08हुए और वही मेरा आनन्द होगा
01:10मुझे तुम्हारे लिए जमीन पर पिंजडा थोड़े ही बनाना है
01:15हम तुम साथ थे
01:17वो रिष्टे की शुर्पात थी
01:19और रिष्टा इसलिए है कि तुम्हारा रिष्टा वहां आकाश थे बन जाए
01:23चाहूँगा मैं कि मैं भी तुम्हारे साथ उड़ू
01:25इसलिए नहीं कि मुझे तुम्हारा साथ चाहिए
01:28इसलिए कि मुझे भी आकाश का साथ चाहिए
01:30हम दोनों साथ साथ उड़ेंगे
01:32लेकिन किसी वज़ा से अगर मैं नहीं उड़ सकता
01:35तो कम से कम तुम तो उड़ो
01:37मैं तुम्हें यहां जमीनी पिजडों में बांद करने ही रखोंगा इसे प्यारने कहते हैं
01:41वो फिर रिष्टा बना रहेगा और मैं कहता हूँ
01:43सारे रिष्टे ऐसे ही होने चाहिए
01:45जैसे रोशनी गले मिल रही हो रोशनी से

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