Skip to playerSkip to main content
🧔🏻‍♂️ आचार्य प्रशांत से समझे गीता और वेदांत का गहरा अर्थ, लाइव ऑनलाइन सत्रों से जुड़ें:
https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita-course?cmId=m00021

📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं?
फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021
➖➖➖➖➖➖
पूरा वीडियो यूट्यूब पर :भारत में रहना अब मुश्किल क्यों लगने लगा है? || आचार्य प्रशांत (2024)
➖➖➖➖➖➖

वीडियो जानकारी: 08.03.2024, महाशिवरात्रि विशेष सत्र, ग्रेटर नॉएडा

#AcharyaPrashant
#BrainDrain
#ServeSociety
#IndiaVsAbroad
#YouthDilemma
#SocialChange

Category

📚
Learning
Transcript
00:00मैंसेर्फ दॉक्टर कुमार मनोज, I am European trained doctor of modern medicine
00:05मैं जब भारत वापस आया, तो अपने आसपास देखें हम किस तरह का जीवन जी रहे हैं
00:09ना हवा बयार शुद्ध, ना खाना पीना में शुद्ध था, मकारी जाल साजी, मैं क्या करूँगा
00:15आपकी तरह समाज में धेरे धेरे घुर्ते पिष्टे एक बदलाव लाऊं, ये यौरोप चराजो
00:21आपको जो भाव उठ रहा है, वो यदा कदा मुझे भी उठता है
00:24सब कुछ जो आप बोल रहे हैं वो अनुभाव करता हूँ
00:26कई बार लगता है दिवारों पे सर मार रहा हूँ, जिन्दगी खराब कर रहा हूँ
00:30मैं शायद बहतर काम कर सकता हूँ अगर मैं भारत के जगे कहीं और हूँ
00:33लेकिन पाउं जमा के रखना है, कहीं भागना नहीं है, संभावना नहीं है, विकल्प ही नहीं है
00:39जरूरत मेरी यहाँ है, मैं वहाँ जाके क्या करूँ?
00:41जब जान गए कि कहां आपकी जरूरत है तो आप किसी दूसरी जह कैसे जा सकते हो।
00:49और मेरा खुद से भी यह वादा है कि भागोंगाने।
00:51बलहिय भाव यह उठता है कि कहे के लिए जान दिये दे रहे हो।
00:59आप चूंकि संवेदन शील नो तो सोचता हूँ कि कार्बन एमिशन कम करूँ तो मेटरों से आया था तो मैं
01:04देखता हूँ कि लोग एक मेटरों की ट्रेन की सीट के लिए ऐसे दूर से बैक फेकेंगे और जब उस
01:09सीट पहुंचेंगे बैठेंगे तो आप उनकी चेहरे को दे
01:24सकता हूँ कि किस्म का नर्क आम भारतिये को जहलना पड़ता है और उससे दूना नर्क उसे जहलना पड़ता है
01:32जो आम आदमी को उसके नर्क से बाहर निकालने की चेश्टा करें तो यह यह मैं जानता हूँ बहुत अच्छे
01:41तरीके से और इस अब जानने के बाद मेरा फैस

Recommended