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  • 3 months ago
Mirza Ki Heer ep 31 Pakistani drama

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00:00कहीं पे कोई हसता है, कहीं पे कोई रोता है
00:08आजा आजा यार, इतने दिनों बात आया है तू, शुकर है
00:12अच्छा ये बता तुन्हें कुछ खायवाया है, खायगा कुछ?
00:30तुझे मैं ले आया था, जेबुबाजी और हीर को भाया जी लेके आया, पानी पेगा, लेके आता हूँ
01:04समझ गया न, अच्छी तरह क्या कह रहा हूँ मैं?
01:08जी, जैसा आप कहेंगे वैसा हो जाएगा हूँ
01:12उस इस काम में देर नहीं होनी शाहिए
01:14आपने इतना कुछ इतनी जल्दी सोच लिया, हम देर क्यों करेंगे?
01:19पका पकाया कैसा ही हो?
01:21हम, सोचता तो आजकल मैं एक ही बात हूँ
01:28बागी सारी बातें भी, उसी एक पाक के लिए है
01:33उस वकील का क्या करना है?
01:42हम, इस लड़की का बयान लो
01:46मैं तो यही कहेगी के, वकील उसके अगवा में मुलाविस नहीं था
01:53यह, काफी होना चाहिए उसकी सफाई के लिए
01:59लेकिन हाँ
02:03इस वकील को छोड़ना ऐसे
02:07के फिर वो वकील रहे ना
02:13हम, बहुत खलत जगा उसने अपनी वकालत असमाई है
02:19आइंदा इसी करने की जुरत ना उसके
02:23अगर उस लड़की ने ऐसा ना कहा
02:25आपका नाम ले लिया तो
02:32इतना असान है दिलनावाज का नाम लेना
02:45दिलनावाज का नाम तो आज तक हीर नहीं ले सकी
02:50ये क्या लेगी
02:55और इसे भी अब इसके पास वक्त नहीं है
03:01और इनके घर्बालों के पास भी वक्त नहीं है
03:07सारा वक्त जाया हो गया
03:13क्योंकि मालूम है क्या
03:17खौफ चो है ना एस पी
03:20खौफ की सबसे बड़ी ताकत मालूम क्या है
03:25लोगों का वक्त जाया करा देता है
03:30लोग इसकदर खौफ जदा रहते हैं
03:33कि उनको समझ नहीं आता
03:36कि क्या किया जाए
03:37और क्या ना किया जाए
03:44जो कुछ मैंने कहा है
03:45समझ गया हो न अच्छी तरह हो
03:48जी जी
03:50आपने नमजद कर दिया हमने पर्चा कर दिया
03:52और कहा ना
03:53आपने पका पकाया केस दे दिये
03:56हमने तो सिर्फ कार भी करने है
04:10क्या क्या करते फिर रहे हो तुम ये
04:12हाँ
04:13कब ताकतवर इंसार हो तुम
04:15हाँ
04:16गार्ड फिरते हैं तुमारे आगे पीछे लोग चलते
04:18क्यों अपनी उकात से बढ़कर ये इडवेंचर कर रहे हो
04:20क्या होगा तुमें जोहल
04:22क्या करती है मैंने
04:25तुम ही त्योग मुझे कह रही थी ना
04:26क्या
04:27कि तुम्हारा भाई और उसके बारे में कोई बात ही करता
04:31तो मैं थाने गया था
04:32और थाने जाके मैं लिख' के दे आया है हुं, कि काईनात के अख़वा में उसका कोई लेना देना निय��नीm
04:38पतह céu निक कोई नामालूम लोग थे
04:42हमेह प्ड, मैंने साथ में ये भी गा रह है कि हमें किसी प्रेबी कोई शक नहीं ए
04:47पपू को भी तो भार निकलवाना है के नहीं?
04:49आतुम
04:51अपने बारे में सोचा है?
04:53यह तुम हीरो तेमूर को टाकर घर ने आयो
04:55क्यों उसी बत अपने सर पर ले लिया तुमने?
04:57क्यो?
04:58सामा मेरी बात तो सुनगो
04:59तुम तर सब तर ठीक होने जा रहा होता है
05:01क्यों तुमना खून तब ही जोश मारता है?
05:04हाँ?
05:05क्यों करते हो तुम?
05:06अच्छा बला अच्छा बला ये जिफ्ट डीट से जान चुटी थी
05:08सब कुछ सब कुछ
05:09तुम बेचो यहां से निकलो
05:11क्यों आग में कूदरे हो?
05:13क्यों सोहेल?
05:14सानाब, हीर और तैमूर को अकेले तो नहीं छोड़ा जा सकता ना?
05:18और बस मैंने अम्मा और भाईजी से बात कर लिया है कि यहां से बेच बाच के हमें निकल आए
05:23है
05:23हाँ
05:23यहां नहीं रहा जा सकता?
05:25हाँ
05:25हम दिलनवास से लड़ नहीं सकते
05:28लेकिन हम उससे बच तो सकते हैं ना, मैं सिर्फ सब को बचा रहा हूँ यार, और क्या कर रहा
05:32हूँ?
05:32यहाँ, नहीं बूर, क्यो?
05:34हमने सब का ठेका नहीं रखाए, क्या?
05:36सब अपना अपना बचाओ खुद कर देंगे, तुम्हें क्यों क्यों नहीं समझ में हा रही है बाद?
05:41अरे मुझे सिर्फ यह समझ में आया कि हम अलग-अलग रहकर नहीं अपना बचाओ कर सकते
05:46हमें अकठा होना पड़ेगा यार
05:49बना किसी का कुछ ही नहीं बचेगा साइमा
05:51इस सारे मामले में मैं क्यों भसूँ
05:54पहले पराई जंग में मेरा भाई रोलिया और अम मेरा मेरा शोफरी फिर से अपने आपको खुद अजाब में कूद
06:00में जा रहा है
06:00अरे सामा ऐसा कुछ नहीं होगा यार तुम समझो ना मेरी बात
06:04नहीं नहीं समझनी बहुत सुन लिया
06:06सो हिर्थ तुम संझो मेरी बात
06:08या तो तुम हीर और तैमूर का साथ दोगे या मेरे साथ रहोगे बस
06:12बहुत हो गया पहले
06:13सामा
06:36तैमूर?
06:44कुछ है जो तुमसे कहना अचाती हूँ
06:48लेकिन तुमने तुम माँ को पराया कर दिया
07:00जो भी किया वह तुम्हारे लिए किया है
07:26मैं कैसी बता हूँ आको
07:30मुझ आपकी कितनी जरूरत है भी
07:36जब भी परिशार होता हूँ
07:38अकेला होता हूँ
07:39मैं आपके पास बैठना जाता हूँ
07:46आपको बताना चाहता हूँ
07:47कि मैं क्या महसूस करूँ
07:49आपका बेटा मिर्जा क्या महसूस करता है
07:56लिकिर आप आवाँ होती नहीं अम्मी
08:16तुम कहते है तो
08:20मैं माफी मांग लेता हूँ
08:21नहीं मैं
08:23आप बड़ी है
08:27मैं बस इतना चाहता हूँ कि आप
08:30फीर को दिल से अपना ले
08:34एक बार दिल से अपना लें
08:36उसे मैं
08:37मैं और कुछ नहीं मांग रहा मैं आपसे
08:43और कुछ नहीं चाहिए मुझे
09:00तेरी ये उकात
09:03मुझे दवका देगा तू
09:13तेरी नवाग मुझे नमाद
09:16इंग तो क्या बजाओ
09:26सौहील
09:29सौहील कह चले के आए
09:40सौहील
09:42सौहील
09:47यहां पड़े बीट करें होएं
09:51क्या होगे
09:52क्या होगे कोई खाब देखा है सब ठीक तो है
09:55क्या बाते का रहे हो तू
09:56सौहील
10:00साइमा वो दिलनवास पहुने तीर तो साइमा
10:07साइमा आपा ठीक कहते थे
10:12हम कुछ करने के काबिल नहीं है
10:17हमने अपने घर के बच्चों को अकेला छोड़ दी है
10:20पहला बजा की बाते मत करो
10:22एक तो वो तूनों बच्चे नहीं है
10:24इतने बड़े-बड़े कारणामे अंजाम दी है न कोई मामूली हरकत नहीं किये उन्होंने
10:29और तुम्हें जजबाती होने की कोई ज़रूरत नहीं है
10:32इन सब पातों से दूर रहना तो
10:35समझें? देख लो मेरे भाई को
10:38इनी की मदद करने की कोशिश की थी न उसने
10:40क्या हाल हुआ उसका? देख लिया?
10:44उसके साथ तो किसी ने दिया ही नहीं
10:47कोई पूछने वाला नहीं है
10:48किसे भागा भागा पिरता था इस घर के कामों के लिए
10:52और अब लोगों ने क्या किया? कुछ किया उसके लिए
10:57ये सब दिलनमास की वज़ा सही तो हो रहा है
11:03काइनात को भी अगवा उसी ने किया
11:08और ताबर ये तो हुसी की वज़ा से जेल में है
11:10तो जाए ना काइना जाके बताए पुलीस को
11:13कि मेरे भाई ने उस अगवान नहीं किया था
11:15उस पर इजाम लगाया जा रहा है
11:18कोई तो कुछ करो मेरे भाई के लिए
11:19उसका क्या फुसूर है
11:22यहां पर दिल नमाज दिल नमाज लगाई हुई है
11:25खाब आ रहे हैं और सो आके कमरे में
11:35हुफ
11:36कर दो
12:16मैं बस इतना चाहता हूँ कि आप हीर को डिल से अपना ले
12:24एक बार डिल से अपना ले हो से मैं और कुछ नहीं मांग रहा मैं आप सब
12:43बाजी आपको दादी बिलाए क्या हूँ क्या हूँ क्या हूँ क्या हूँ
13:12तेकवीर मैं जानता हूँ कि तुम्हें याँ वापस आने में बहुत मुश्किल भी होगी
13:17जो से लोग तुम्हारे साथ हुआ जिसना तुम्हें इस गर से निकाल दिया गया उसके बाद
13:26अम्हीं बहुत शर्मिंदा है इर उनको एसास है कि उन्होंने बहुत बुरा किया है वो तुम से बात करेंगी
13:35किन बातों में बढ़ गयो मुझे तो कुछ याद भी नहीं लेकिन मुझे तो सब याद है इर अगर याद
13:43है तो भूल जाओ क्या ही र क्या भूल जाओं मैं परस मुझे मत भूलना
13:54जी कैसे हो सकता है
13:57जिस लड़की से तुमने शादी की है
14:01इसके बाद कुछ भी हो सकते है
14:07बच्पन से
14:08ये परिशानिया मेरे साथ ही हैं मिर्जा
14:11और अब देखो
14:13इन परिशानिया ने तुमें भी उलजा दिया
14:23ये वक्त ने जूल जा दिया
14:24मैं सूल जा लूँगा
14:27लेकिन तो मैं ऐसी बाते क्यों कर रही है
14:30क्योंकि ये बातें बच्पन से मेरे साथ लगी हुई है
14:36बाबा
14:38बाबा ने भी शायद फासी का फंदा इसी लिए पहना था
14:42चूंकि वो जानते थे कि अब जो कुछ भी होगा वो देखनी सकेंगे
14:51और फिर वो सूध में भस्ते चले गए
14:56और मैं किसी के लिए सूध बन गई
14:58ही रूँ
15:02मिर्जा जब मैं यहां आई ना
15:06और तुम्हें काइनात की खुशियों के लिए लड़ते हुए देखा
15:11तो मुझे ऐसास हुआ
15:13कि मैंने इतनी जिन्दगी की कितनी बड़ी खलती कर दी
15:20मुझे एसास हुआ कि बाबा की मौत के बाद मुझे सीधा नाना के घर आना चाहिए था ना
15:27अगर मैं नाना के घर आ जाती ना दिल नवाज मुझे देखता और ना वो सब कुछ होता जो हुआ
15:35नेदा जोजी कोच सिंदा होते यहां हमारे साथ
15:45मिर्जा
15:48मुझे
15:49मुझे बहुत भारी खलतियां हो गई है
15:56बहुत भारी
16:00जिब से भारी
16:07अपने दिल बोज़न मत करो खिर
16:14मैंने खुद को सिर्फ तुम्हारे लिए यह संबाला हुआ है
16:20अगर तुम्ही इस तरह ढूप जाओगी तो
16:23तो कसल से मेरा वो सबर ढूप जाएगा जो मैं आज तक करता है
16:32मिरसाथ तुम्हें तुम्हें मत सोचना कि मैं जो तुम्हें रोपती हूं कुछ भी करने से
16:37वो इस दी कि मैं तुम्हें कमजोर समझती
16:39ऐसा नहीं है मैं तुम्हें कमजोर नहीं समझती
16:43पस मैं नहीं चाहती कि तुम्हारी ताकत बगएर किसी अक्तियार के स्तमाल हो
16:57मुहबबत जादा दिन मश्बूर नहीं रहती
17:01मुहबबत कभी मश्बूर नहीं है अब जहीर
17:05पर ना अपना बेहैसियत सा लगता
17:14जिसे कूछ कहा करते थे ने मुझे
17:17कि मिर्जे तेरी उकात नहीं
17:21पहले उकात बना ले
17:23पर याटा
17:29लुप याटा
17:32लुप पर नहीं नहीं
17:32लुप यहाटा
17:33युप यहाटा
17:49जिसके अचल
17:50लुप लुप
17:59मेरे सब एक कभी भी तुम्हारी आखों में आँसों नहीं देखना चाहती
18:06तुम्हारी आखे कभी भरी नहीं होनी शाहिए
18:23तेरा सूबन के बहती हूँ तु जो सूचे में वो कहती हूँ
18:32मैं तेरे सांस में बसती हूँ बस तेरे धन रहती हूँ
18:40नहीं बेट
19:11क्या हुआ भाई अब ठीक तो हो ना
19:19भाई बोलो ना क्या हुआ
19:21मैं इस्तार चुक्की हूँ
19:29थड़का लगा रहता हैं
19:35हर वक्त हर वक्त डर लगता रहता हैं नहीं
19:41इसा लगता कि जैसे अप कहीं कुछ खोन हो जाया
19:49ये डर ये खौफ
19:55साथ-साथ रहने लगाने सब के
20:02इसा तो होगा न भाई
20:05जहां अपने मुश्कल में हो तो धड़का तो लगा रहता है
20:12दिलनवास ने तुमें अ AKWA किया
20:16हीर दिलनवास के सामने जाके मिन्नत करके आई तो तुम वापस आई काइनाथ
20:21इस तो वहाँ चुपकर के बैटी भी है और तुम भी यहाँ चुपकर के बैटी
20:26कम से कम तुम तो मेरे पास आ सकती थी ना काइनाथ
20:29तुम आती मुझे कहती के भाई चले
20:32मैं देती हूँ दिलनवास के खिलाफ गवाई चले ताने चलते हैं
20:35आके पुलिस में रिपोर्ट लिखवाते हैं, तुम नहीं आई काइनात मेरे पास
20:39देखो भाई, मुझे पता है
20:41आपके लिए ये सब कुछ परदाश्ट करना बहुत मुश्किल है
20:45लेकिन परदाश्ट करना पड़ेगा
20:49अब इस सिच्वेशन हमारे फेवर में नहीं है
20:51परदाश्ट करना होगा?
20:54काइनत परदाश्ट करना होगा और कितना परदाश्ट करना है
20:57जो जी, निदा और कोच को दिलनवाज ने मारा है
21:00इसका कोई सबूत नहीं है हमारे पास
21:02लेकिन तुम्हें तो दिलनवाज नहीं रुवा किया था ना
21:04इसका सबूत भी है हमारे पास
21:05तुम कम से कम गवाई तु जाके दे सकती हो
21:07लेकिन तुम तुम चुप करके बैटी हो काइनाथ
21:12भाई मैं दिलनवाज से डड़ती नहीं
21:16लेकिन बाबर को कुछ भी हो सकता है
21:18और मैं नहीं चाहती हूँ कि उस शक्स को हमारी वज़ा से अब कोई भी नुकसान पहुंचे
21:25वो अल्रेटी इतना कुछ सहट सुका है हमारी वज़ा से
21:28बाबर बाहर आ जाएगा काइनाथ
21:30मैं और चाचु गए थे ना पुलिस टेशन हम जाके ये बात उन्हें कैया आया है
21:34कि हमें बाबर पर कोई शक नहीं है काइनाथ वापस आ गई है
21:39हमने अपनी कंप्लेन वापस ले ली
21:42काइनाथ देखो
21:46देखो यहां में इस दर को तोड़ना होगा
21:51ये इस दिलनवास के डर को तोड़ना होगा हमें
21:54तुम्हें उसके खिलाफ जाके कवाही देनी होगी काइनाथ
21:56ये जो उसने एक डर क्रिएट करके रखा है ना
22:00पूरे घर वालों में सब में
22:02इसको तोड़ना होगा हमें
22:06वरना हमारे घर वाले और हम सब लोग बस ऐसे ही डरते रहेंगे
22:10और दिलनवास का चू जी में आया वो करता रहेगा काइनाथ
22:21प्लीज काइनाथ
22:33हीर
22:33हीर
22:38क्या हुआ मामी
22:39जरूरी बात करने तुब से
22:41क्या हुआ मामी
22:44मुझे बात करने तो
22:47तुम्हें याद है ना एक बार पहले मैंने तुम्हारे आगे हाथ चोड़े थे
22:50कि मेरे बेटे को अपना लो
22:54उसे कोई मुहपत नहीं थी
22:56लालच था
22:58मुझे लगा था कि तुम्हारी तैमूर से शादी हो जाएगी तो तुम तैमूर और कायनात हमारे जेरे असर होंगे
23:04सब कुछ हमारा होगा
23:06आज पिलकुल आलच नहीं है
23:08आज
23:09सिर्फ फिकर है
23:13मेरे बेटे की जान की
23:16देखो
23:18तुम्हारे साथ रहकर
23:20तैमूर ने अपनी जिंदगी बरबाद तो कर ली लेकिन
23:27जो टट लग रहे
23:29कहीं
23:31वो अपनी जिंदगी खोना बैठे
23:36ने बेटे के लिए भीक मांग रहे हैं तुम्हारे
23:39मामी
23:44खुद से मेरे बेटे को छोड़ दो
23:46और उस इतनी अदूर चली जाओ
23:49कि वह अगर तुम्हार ढूंदे भी न
23:52यह तुम तक ना पहुंच सके
23:55एको इर यह दिर्नमाज जैसे लोग होते न
23:59किसी के पीछे पढ़ जाए तो
24:02छोड़ते नहीं है
24:04तुम छोड़ दो ना मेरे बेटे को
24:08दिर्नमाज तुम्हारे लिए
24:10मेरे बेटे को कभी नहीं छोड़ेगा
24:13तुम छोड़ सकती हो
24:16मैं जानती हूँ तुम बहुत मौपत करती हो तैमूर से
24:21तुम्हारे मौपत खुदखर्स तो नहीं हो सकती
24:27तुम तो जानती हो
24:30मेरा बेटा पहले मुझसे बहुत दूर हो गया
24:34अगर तुम चाहो तो
24:37मेरी बात उससे बता सकती हो
24:40अब वो हमेशा हमेशा के लिए मुझसे जुदा हो जाएगा
24:45या फिर उसके साथ रहकर
24:49उसकी
24:51मौत की वज़ा बन सकती हो
24:56या फिर
24:58उससे छोड़ कर कहीं चली जाओ और
25:02मेरा बेटा मुझे लुटा दूओ
25:04दिल दिल है जान भी तुझको सौप देता हो
25:09तेरी आखों से नशागोर दुख मैं पीता हो
25:17संजेगी न ये दुनिया प्यार में दुख सुक होता है
25:25कहीं पे कोई हसता है कहीं पे कोई रता है
25:34दुआ दुआ है सब यहां दुड़ो तुझका मैं कहा
25:44मिटा हूँ तेरे प्यार में मैं हो चुका हूँ अब फना
25:52धुआ धुआ है सब यहां दुड़ो तुझका मैं कहा
26:01मिठा हूँ तेरे प्यार में मैं हो चुका हूँ अब फना
26:18थेसा?
26:20के?
26:21वहाँ
26:21ओ, अच्छा
26:24आप पूसोगे?
26:26आप
26:27आप
26:27अब बाकी सब?
26:28सुनकु में
26:30तुम तो कहती है सब सोगे हैं सुचागरी
26:33हाँ
26:36मैं गवाही दूँगी भाई
26:39दिल नमास के खिलाफ गवाही दूँगी
26:43तुम ऐसा कुछ नहीं करोगी?
26:46अभीर, अब उससे मत रोखड़ा
26:54काइनात ऐसा कुछ भी नहीं करेगी
27:01हीर तो हम क्या करें?
27:02यूँ हाथ पे हाथ धरे बैटे रहें
27:04इंतजार करते रहें
27:05कि अब दिल नमास कुछ और करेगा
27:10काइना तुम इस सारे मामने से दूर रहो?
27:13मैं कैसे दूर हूँ हीर?
27:14मैं नहीं दूर रह सकती
27:16तुम लोग उनको समझ क्यूं नहीं आ रहे?!
27:17तुम लोग मुझ पर दबाव क्यूं डाले जा रहे हो?!
27:33उपर दबाव डाला जा रहे
27:37मैंने कहा कि तुम इस मामले से दूर रहो, तुम दोनो
27:41मैं दूर रहो, मैं दूर रहो
27:42हाँ, तुम दूर रहो मिर्जा
27:46जब मैं अपनी जिन्दगी की गलतिया गिंती हूँ
27:48तो मैं अपनी जिन्दगी की सबसे बड़ी गलती गिंती हूँ
27:52मैं गलती हूँ तुमारी ही
27:54हाँ मिर्जा हो
27:55और इस एक गलती की वज़े से कितनी जाने चली गई
27:57कितनी जाने अजाब में है
27:58तुम मेरी जिन्दगी की सबसे भारी गलती
28:00हो तुँ सुधार लो ना अपनी गलती छोड़ दो मुझे
28:11क्यों हो मेरे साथ तुम छोड़ दो मेरे साथ नहीं
28:17काःनात यहार पागल हो गया
28:20काःनात कल मेरे साथ जाएगी
28:21और कवाही देगी दिलनावास के खिलाफ
28:24तो तुम भी मेरी एक बात सुनो
28:25अगर काःनात इस मामलेक में बीच में आई
28:29तो मैं कहां खायब हूँगी तुम्हें खबर भी नहीं होगी
28:30फिर ये देख लो फिर वही कर रही हो तुम हीर फिर वही कर रही हो तुम जो तुमने पहले
28:35किया था
28:36मिर्जा को मिर्जा के लिए
28:38छोड़ने का फैसला कर लिया
28:39सारी कुर evolving यह देने का अकेले
28:42लेकिन हीर अब ऐसा नहीं होगा
28:43हरकिस नहीं
28:45वो फैसला मुझे बहुत मस्भूटी
28:46के साथ लेना चाहे था
28:47जो कि मैं नहीं ले सकी
28:48वरना तुम्हारे फरिश्टों को भी खबर ना होती कि वो शादी मैं अपनी मर्जी से कर रही हूँ या जोर
28:52जबदस्ती के साथ कर रही हूँ
28:53लेकिन मैंने तो खुद अपनी निशानिया छोड़ दी ना थाकि तुम जान सको
28:58लेकिन एक बात याद रखना मिर्जा अगर काइनात इस मामने में बीच में आई या इसने गवाही दी
29:05तो मेरी कोई निशाने तुम्हारे हाथ नहीं लगेगी
29:08हीर?
29:10काइनात इसे समझा दो मुझे मजबूर ना करे इसने मेरी महबबत देखी मेरी जिद नहीं देखी
29:16क्या करोगी तुम? क्या करोगी तुम्हीर?
29:20वो ही जो मेरे बापने किया था
29:33तुमने कहा तुम्हे छोड़ दूँ वो मेरे लिल्य मुश्किल है
29:37लेकिन दुन्या छोड़ तो ही आसान हे मेरे लिए
29:39सुना तुन
29:40सुना तुन्ने काइनाथ पाकल हो चोगी थी
29:43मैं इस पूरी दुनिया से लड़ता यह लड़की के लिए
29:47यह आज दुन्या छोड़ने की बाते कर रही है
29:51कमाला यार और मुझे तो समझ नहीं आती,
29:53घजी
29:54आचे में उसको तेखिए
30:23कर सकता है
30:24कर दो कर दो
30:56तुम्हें अम्मी ने का है ना भाई को जोड़ने का
31:01है ना हीर
31:06अगर उन्होंने ऐसा कहा है तो कुछ घलत नहीं किया
31:11वैसे भी अभी जरूरी है यह नहीं किस ने क्या कहा क्या नहीं
31:19काईनाद मैं बस यह चाहती हूँ कि
31:20मेरी वज़े से तुम दोनों मज़ीद अब किसी मुश्किल में ना पड़ो
31:27यह सिर्फ तुम्हारी मुश्किले नहीं है
31:30यह हमारी मुश्किले है हीर
31:32नहीं काईनाद
31:36यह मुश्किले ना तुम्हारी है ना मिर्जा की हैं
31:39इस सारी मुश्किले मैं लाई थी अपने साथ अपनी विरास्त में
31:45उन्हों को इतनी सी बात समझ क्यों नहीं आती है
31:48यह सारी मुश्किले मेरी है
31:54पूरा बच्पन गुजर गया यह मुश्किले चेलते चेलते
32:00सोचा था
32:02मिर्जा के साथ दूर कहीं छोटी सी दुनिया बसाओंगी
32:07ऐसा भी तुना हो सका
32:12और क्या करोगी तुम काईनात
32:15गवाही दोगी
32:17तुमें क्या लगता है तुम्हारी गवाही से
32:19दिल नमास का कुछ बिगड जाएगा
32:22कोई फर्क पड़ेगा उसे
32:26कोई फर्क नहीं पड़ेगा
32:28और
32:30मैं कोई कुर्बानी देने नहीं जा रही
32:34पस ठक गई हूँ मैं अपका इनात
32:40नहीर तुम ठकी नहीं हो
32:44तुम हार गई हूँ
32:49तो बस ऐसे ही समझ लूँ
32:55हीर ने हार कबूल कर ले
33:02जपके ले तुम और गोड़र
33:42अम्माँ, हमें यहां से अब निकलना होगा ना?
33:47मार पास कोई और हल नहीं है
33:48पेटा, अब तो सब कुछ तुम्हारा है
33:53जो चाहो जैसे चाहो करो
33:57मैंने बच्चों से दुकान और ये घर भी तुम्हारे नाम करवा दिया है
34:02अब तो सब कुछ तुम्हारा है
34:06जी अम्माँ, लेकिन अम्माँ आप मेरे यकीन कीची है
34:11मैं लालिच में आ की ये बात नहीं कह रहा
34:14सुहे लेकिन मसला इससे बड़ा है ना यार
34:18देखो वगर हम यहां से की चले भी जाते है
34:21तो क्या गैरंटी है कि वो आने ही आ जाएगा
34:26हमारे बच्चे महफूज होंगे
34:31पसादिया यार
34:35नहीं बच्चों के बुरा अपसादिया
34:43अमना हम बड़े नहीं बन पाएं
34:47और शेद अपप जानते थे के
34:51हम बड़े नहीं बन पाएंगे
34:56करम बड़े होते ना अमना
34:59काइनात कों पर फरुसा होता
35:04हीर को हम पे मान होता
35:08पर हमने बता भी सकते थे क्या ठीक है
35:10क्या गलत है
35:17लकिना उन्हें ऐसा नहीं किया अमना
35:21तैमूर को लगा के
35:25उसे अपनी बेहन के साथ खड़ा होना चाहिए
35:30उसकी बेहन के शादी उसकी रजामन्दी से होनी चाहिए
35:38रुसी की जो समझ में आया उसने किया
35:42हीर को लगा के
35:47तैमूर को समझाते हैं
35:57तैमूर को समझाते हैं
36:00कि बेटा अगर तुमती बेहन के साथ खड़ा होना चाहते हो
36:04हम तुम्हारे साथ हैं
36:06हम बता करते हैं उस तरके के बारे में
36:10अगरू ठीक होता तो हमें क्या अतरास था
36:14हीर को लहौर से डाट कर वापस लाते हैं
36:19सकते बेटा के लिए कैसे करोगी यह
36:25हम तुम्हारे साथ हैं
36:29लेकर हम साथ नहीं थे अनमा
36:34अच्छों को जो जैसा लगता गया वो करते गएं
36:46सुपहर भाई बिलकुल ठीक कह रहे हैं
36:51काश हम रिष्टे में ही बड़े ना होते हैं
36:54करतार में भी बड़े होते हैं
37:09भाई जी अब आगे क्या करना चाहिए जो
37:19कोई हल है आपके पास
37:23कोई हल नहीं है सुपहर
37:30सिर्फ ये कर सकते हैं कि बच्चों में अहसास पैदा करें
37:36क्यों अकेली नहीं है हम उनके साथ हैं
37:42जैसे अबबा होती थे ना
37:47कुछ भी हो हमें दखता था कि अबबा साथ कड़ें
37:54पारे बच्चों को पीदा
37:58पास बारे बारे में ये तना लूना चाहिए
38:00अबड़र
38:17बच्चों में अबश्यर
38:24तक दो अबड़र
38:26गारे, जहीं कर दिमाच्छूर दिमाच्छूरू
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PAKISTANI DRAMA AJ04
Creator
Mirza Ki Heer ep 31 Pakistani drama

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