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Muhafiz ep 37 Pakistani drama
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00:07जान जब तक फेदा नहीं होती
00:31लो, चाहे पिलो, सुबह से तुम्हारा चेहरा देख रही हूँ, जैसे किसी ने दुनिया ही लूख लिए हो
00:44एक बात पूछूँ
00:51आखर तुम्हें डर किस बाग का है
00:58तुम नहीं समझूगी
01:03समझाओगी तो समझूगी ना
01:11देखो, लड़का भी आ गया है
01:13पारस ते उसके मुलाकात भी हो गया
01:17सबके सामने बाते हुई है
01:22मंगनी की तयारियां हो रही है
01:24चले भी आ गया अंगूठियां भी एक्सचेंज होने वाली है
01:28आखर तुम्हारे दिन से ये डर क्यों नहीं निकल रहा
01:38तुम्हें अब भी ऐसे लगता है
01:40कि पारस दवार भाय के बारे में सोच रही होगी
01:49मुझे पारस पे शक नहीं है
01:53फिर
01:58मुझे जवार पे यकीन नहीं है
02:03क्या जवार भाई ने ऐसा कुछ ही है
02:05कि तिमें उस पर यकीन न रहा हो
02:10यकीन टूटने के लिए
02:13दोका देना जरूरी नहीं होता
02:20कभी-कभी इंसान की खामोशी
02:23बहुत कुछ पता देती है
02:29विश्रम तुम यह सब अपने दिल से बना रही हो
02:37काश
02:40ऐसे ही होता
02:43तेश्रम हकेकत को समझो
02:46पारिस का रिष्टा तैह हो चका है
02:52तोनों खानदान रावी हैं
02:55कुछ दिनों बाद मंग भी हो जाएगी
03:01इसके बाद भी अगर तुम यही सोचतिए रहोगी
03:03कि पारिस दवारभाय के पीछे आए
03:06या जवारभाय पारिस को भूल नहीं पाए
03:09तो यह खोफ कभी खटम ने होगा
03:13मसला पारिस का नहीं है
03:17जब भी पारस जवार के सामने आती है उसकी आँखे बदल जाती है
03:23तुम यह देखा है क्या?
03:29हाँ, देखा है
03:36और वो ही नजर मुझे सोने नहीं देती
03:40कभी कभी हम वो भी देख लेते हैं
03:44जो हकीकत नहीं होती
03:47और कभी कभी सब कुछ हमारी आँखों के सामने होता है
03:52लेकिन लोगों को नजर नहीं आता
04:02फेशों, एक आफ़े बार मेरी बात मालो
04:06पारस को उसकी जिनके जीने दो
04:11और जवार भाई को उसकी किस्मत
04:20अगर इन दोनों के दर्मियान कुछ नहीं है
04:23तो वक्त खुद थाबिद कर देगा
04:32और अगर तुम हर लमा यहीं सोची बही
04:34तो तुम अपनी दिन्गी खुद बर्बाद कर लोगी
04:39दुआ करती हूँ कि तुम ठीक कह रही हूँ
04:46क्योंकि अगर मेरा खौफ सच निकलाना
04:51तो मैं किसी को भी सकून से नहीं जीने दूँगी
05:12नहीं जीने दूँगी
05:40चौषिवार्गार्गार्गार्गार्गार्गार्ग्ण किसा थित वर्भार्गार्ग called a
05:51उसे बहुत बड़ी गलती हो गई है
06:00बहुत बड़ी गलती हो गई है
06:02माप कर दे आखरी बार माप कर दे
06:16शाहिन ये सौलेय ट्रस्स के
06:18पॉंट्स में हेरा फेरी का मामदा नहीं है
06:25जो गलती होगी तो माफ करता हूँ
06:28ये मेरी बेटी का मामदा है जिसको दो बार किट नैप और फिर कतल किया गया
06:32जिसमें तुम्हारा बेटा और चोहर दोनों शामिल है
06:36आपको यकिन क्यूं नहीं आ रहा है कि मैं पारस के कतल में इन्वाल्व नहीं हूँ
06:42नहीं हूँ नहीं हूँ नहीं पारस के कतल में इन्वाल्व
06:46मामू प्लीज मेरी बात के एकिंग करें
06:48मुझे कोई फरक नहीं पड़ता है कि इसमें तुम्हारा हाथ था या नहीं था
06:51सुना तुमने
06:55नहीं भाइचा ये बिलकु ठीक करा
07:01इसका कोई तालुक नहीं है बस माफ करते
07:08आखरी बार माफ करते एक बार चांस देते सिर्फ एक बार
07:13चांस तो है इन्ही शाहिं
07:23मेरी इज़त पर उन लोगों ने हाथ डालाए जो मेरे अपने थे
07:37मेरे दिल में बची कुछी इज़त भी चीन लिये तुम लोगों ने
07:47अरे बेहने ऐसी होती है
07:53दौलत की लालच में अपने भाई की इज़त को दूसरों के हाथ में डालते
08:01अरे मेरा दुप तो उसक्त ज्यादा दौरा हो गया
08:03जब मुझे पता चला कि इस मत्रूबे में तुम भी शामिल हो
08:09नहीं मैं उलाबिस नहीं हूँ ना मेरा बेटा पार इसके कतल में उलाबिस है
08:22माईजार मुझे माप कर दे मेरे मेरी इस ते जहाए तुम माप भी मागो मामुझे
08:28सिकंदर भी माप कर दे मेरे मेरे नाम कर रहूँ
08:43जिस पर तुम्हारे बेटे की नियत शुरू से खराब थी
08:49इस से ज्यादा अपनी बेटी की कात्रों को देने के लिए मेरे पास कुछ नहीं है
08:55आज के बाद मेरा तुम लोगों से कोई ताद्बक नहीं है
09:07तुम लोगों से ताद ड्री बेटी की नहीं है
10:02झाल झाल
10:07पांच्यू
11:00तुम्हें क्या लगता है कि शादी के बाद मैं यह जोग छोड़ दूँगा?
11:04वो सिर्फ पारस नहीं है, मेरी चॉब है, मेरी ट्यूटी है
11:11और वो मैं सारी जिन्दगी भी कर सकता हूँ, मरागी भी करता रहूँगा अगर वो चाहे तो
11:19शेहर जाके रहूँगा, शेहर से सिर्फ छे मीने के बाद एक दफा मिलना है करूँगा घर
11:28अंतुगा विसला जाय करूँगा
11:31यह करूँगा
11:32अंतुगा
11:34कर दो
11:34अंतुगा
11:36तब मात्पी
11:38अंतुब एक यह करूँगा
11:42प्तार यह कर अंतूँगा
11:47अंतुगा
11:48पो
11:48बप्तार
12:01प्रोग
12:27जब भी विच्चों की बात पक्की होती है
12:30तो लड़के को हम चांदी का च्छला देते हैं
12:36और लड़की को एक चांदी का कड़ा
12:40यह जो
12:52बहजाद ने मुझे इजाज़त दी थी
12:54कि मैं तुम्हें रिजेक्ट कर दूँ
12:58लेकि तुम मुझे उसी तरह पसंद आए
13:01जैसे मुझे मेरी मर्यम के लिए आदिल
13:28तुम जैसा बुजल इंसान मैंने आज तक नहीं देखा
13:32सारी ताकत तुम्हारे इनी बाजू में न
13:36दुश्मनों से लड लेते हो सामने वले को मार गिराते हो
13:41मीड पेजाद शाह की बेटी को बचा कर वावा कमा लेते हो तुम
13:50कही सब कर सकते हो यही है तुम्हारी दाकत
13:53दिल क्या खाली है तुम्हारा इसमें कोई मुहबत कोई अहसास कोई तड़प नहीं है
14:00अरे तुम से अच्छी तो वो रेशम है
14:03मुहबत करती है डंके की चोट पशोर मचाती है
14:06और तुम मर्द होकर मजबूर हो
14:14मैं पारस पेजाद शाह अपनी मुहबत को पाने की हिम्मत रखती हूँ
14:23लेकिन सवाशा मुहबत और जग के रेने लड़ी जाती
14:30तुम सिर्फ मेरी जान बचाने के लिए लड़ सकते हो
14:33मुझे पाने के लिए कुछ नहीं कर सकते
14:44तुम में हमद नहीं है क्या मेरा हाथ थामने की
14:46बस यहीं तक है तुम्हारी सारी ताकत
14:56तुम तुम उसके लिए रिंग ले आए इतनी हिम्मद कैसे हुई तुम्हें कैसे आहे इतनी हिम्मद
15:14क्या मैं हरुन से शादी नहीं करना चाहती है
15:19क्योंकि मैं तुम से महापद करती हूँ
15:33मुझे पता है कि तुम भी मुझे महापद करते हो बस कहने से डरते हो ऐसा ही है ना
15:39कोई बात ही तुम सब सोट कर लेंगे बुलो
15:49जबार
16:00तुम शायद
16:03मुझे लगा था कि
16:06मुझे लगा कि तुम में मुझसे मुझसे मुझसे मुझसे मुझसे करते हूं
16:10वो सब क्या मैं गलत सोच रही थी, गलत वहमी थी मेरी
16:15कवो मुझसे जवार
16:18तुम मुझसे प्यार नहीं करते
16:21पहली और आख की बार तुमसे पूछ रही हूँ
16:24वो सब जूट था
16:26मेरी गलत वहमी थी
16:28बोलो
16:36सब
16:37पिस आग को पानी से
16:41तुझाया नहीं जाता
16:46अप मौत ही ले जाए
16:50तुले जाए यहों से
16:56तुझे से तरे हम से
17:02तुझाया नहीं जाता
17:06पाना ना मुहाबात करो यह करते नहीं
17:15यह तो होती है यह यह यह थोती
17:21तुझे से तुझे से तुझे से यह यह यह थोती
17:41वफार से वफार देने वोगी
17:47जाने जब तक फिदा नहीं
17:52मैं Silla का नाना हूँ
17:54खुन जगर देकर मैंने पाला है Silla को
17:57नाना जी मेरे लिए सबसे ज़ादा एहम है
18:00Silla
18:00मैं से सच में सबसे ज़ादा पैय करती है
18:03जान से मार दूगा मतजी
18:08तुम मुझे खुद को भूलने का तो नहीं कोगे ना
18:14और हमेशा मेरे रहो गया
18:17तुम्हारी को पत्म जान देने के लिए तयार है
18:19पागल है
18:21मजनू को दिवाना को और रांजा को
18:26सिला
18:28मिसस अली बनने की तयारी करो
18:30मैं से ज़ली को पसंद करती हूँ
18:32अवरडार इसकी जिदेगी के फैसले मैं करो गा
18:36दादाजार हम डोनों एडूसरी के बगए नहीं रहे से
18:38मेरा फैसला होता है
18:40अजिए तुम्हारे आटल होता है
18:44सब ऐसे ही होगा जैसा के एंगे
18:50पूरी तरह आपके कंट्रोल नहीं हो
18:54तेस्टा तुम्हारे आटल है
18:56मैं दुबारा नहीं होगा
19:00ये मोहबबत सिर्थ एक धुका है
19:03वरीबा
19:04है अनपा दस्वे की करा
19:07कि में बिन यार दे रहा
19:10खुदा इनकार किस तरह मैं से लवा
19:37तरह में आपके की तरह में आपके की तरह में
19:55कब से फोन कर रहे हूँ? उठा क्यों नहीं लएग?
19:58क्या हुआ है?
20:04जीशम क्या हुआ है? सब खेरियत?
20:09खेरियत?
20:12मेरी किस्मत में अगर खेरियत लिखी होती ना
20:15तो ये दिन नहीं देखना पड़ता
20:21फिर वही जवार भाई
20:23मैंने कभी नहीं सोचा था
20:25कि जवार किसी को इस नजर से भी देखेगा
20:31हर रास्ता, हर फिकर, हर बात उसकी पारस पर जाकर खत्म होती है
20:39पसंद करने और जिन्दगी बर साथ निवाने में फर्क होता है
20:44अभी कुछ भी तैन नहीं हुआ
20:47मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता
20:50ये रिष्टा हो या ना हो
20:59मुझे सिर्फ एक बात मालूम है
21:02कि जवार को पारस से हमेशा के लिए दूर करना होगा
21:07ये तुम क्या कह रही हो रेशम
21:10वो जहां जाती है, जवार की नजरे उसका पीछा गरती है
21:15वो बोलती है तो जवार उसको सुनता है
21:18वो खामोश होती है तो जवार को उसके फिकर होती है
21:24और मैं
21:25मैं बर्सों से उसके सामने हूँ
21:35और शायद कभी उसे दिखाई ही नहीं दी
21:45महबत जबर्दस्ती नहीं मिलती रेशम
21:49तो फिर छीननी पड़ती है
21:54तुम खुद को सुन भी रही हो तुम ये क्या कह रही हो
22:01पहले मैंने इंतजार किया
22:04दुआ की
22:06अब नहीं
22:10तुम आखिर करना क्या चाहती हो
22:13कुछ भी
22:18कुछ भी
22:20हाँ कुछ भी
22:25अगर पारस जवार से दूर हो जाएगी
22:28तो ही जवार मेरे बारे में सूचेगा
22:34और अगर ऐसा ना हुआ तो
22:37तो कम असकम वो दोनों साथ नहीं होंगे
22:43यह रास्ता बहुत खतरनाक है रेशम
22:46नफरत में लिया हुआ हर फैसला
22:48इनसान से सब कुछ छीन लेता है
22:53मेरे पास बचा ही क्या है
22:59तुम अभी भी संबल सकती हो
23:02नहीं
23:05आप बहुत देर हो चुकी है
23:09एक बादा करो
23:11तुम ऐसा कोई कदम नहीं उठाओगी
23:13जिसके लिए तुम्हें पश्टाना बढ़े
23:16मैं कोई वादा नहीं कर सकती
23:20रेशम
23:21एक बात याद रखना
23:28पारस और जावार की कहानी
23:30मैं कभी मुकमल नहीं होने दूँगी
23:38चाहे इसके लिए
23:39मुझे कुछ भी करना पड़े
24:18बहुत महबबद करता हूं तुमसे
24:23इतनी महबब
24:27जिसकी गहराही का अंदाजा तुम भी नहीं लिखा सकती
24:33एक बार नहीं
24:37एक सो एक बार जान दे सकता हूं तुम्हारे लिए
24:41ये रब
24:43सवार बाग कते लेना
24:48इसके तुम हजारों टुकुड़े क्यों ना करता हूं
24:52ये तब भी सिर्फ और सिर्फ
24:54तुम्हारे लिए थड़केगा
24:57सिर्फ तुम्हारे लिए
25:01पावजूद इसके कि मैं तुम्हारे बगार नहीं रह सकता हूं
25:05मर चाओंगा
25:10लिकिन मैं मजबूर मुझा
25:18तुम्हारा हाथ नहीं धाम सकता हूं
25:23तो ऐसे सो अबाद मरने पर लानत भेचती हूं मैं
25:26ये होती है मुहबद
25:29जब तुम्हेरा थ़ाम ही नहीं सकते तो तो ये सब कुछ क्यों है
25:34कितनी बेवकूफ हूं
25:35कितनी बेवकूफ हूं मुझे
25:37मुझे तो मुझे तो भी समझ जाना चाहिए था जब तुमने मुझे से अपनी बश्बन की मखनी की बात चुपाई
25:44मुझे समझ जाना चाहिए था फिर तुमसे महबद पे इनकार करते रहे लेकिन शादी से इनकार नहीं किया
25:50मुझे तब भी समझ जाना चाहिए था
25:55जब तुम उसके लिए रिंग लेकर हैं मुझे तब भी समझ जाना चाहिए था
25:58लेकिन मैं में बेवगूफ हूँ
26:01मैं समझती नहीं कि तुम मुझे मुझे मुझे बहुबत करते हो
26:03मुझे तुमसे अपनी महापत का इजार ही नहीं करना चाहिए था
26:11मैं नहीं पारस बेजाद हूँ
26:13अपनी महापत चीन सकती हूँ
26:16लेकिन आज तुमने मुझे मेरी नजरों में गिरा दिया
26:19बेड़े कैसे तुमसे कहते है कि मैं तुम जैसे इंसान से महपत करती हूँ
26:28बुच देलो तुम
26:33अब इनस्रों में किर गाहिए
26:44Okay, you know what?
26:47I hate you
27:17बुच देलो तुम जैसे कभी जोड़ा नहीं करते
27:27मुहामद होगे ओ फिर उंसे जोड़ा नहीं करते
27:48मुच देलो तुम
27:51मुच देलो तुम
28:03मुच देलो तुम
28:08इपी पूरी दुआ नहीं होती
28:13इपी पूरी दुआ नहीं होती
28:19बेवसा से ना रखवसा किया
28:37इनके साथ बहुत नर्मी से पेश आना होता है
28:44जबर से नहीं
28:48मैंने तो कोई सा बदस्ती नहीं की
28:51मैं ऐसा लगता है वेटा
28:56मगर तुम कर रही हो
28:58जबर के साथ
29:05क्या ऐसा नहीं है
29:09एक फर्माबरदार बेटे को
29:12बापके मुकाबिल खड़ा करने की कोशिश कर रही है
29:18मुझे पता है बेटा
29:19तुम यह जान बूच के नहीं कर रही है
29:23लेकिन इंसान कोई छीनने की चीज नहीं है
29:34अरून एक बहुत अच्छा लड़ता है
29:37तो इसे प्यार भी करता है
29:44तुमारी एक पॉल पे इतनी दूर से आ गया है
29:52तुम उसको क्यों एहमियत नहीं देरी
30:01मेरे जवार ने
30:03सिर्व एक दफ़ा मेरी हुकुम अदूली की थी
30:09तेरी मर्जी के खिलाफ पुलीस लाइन्स जॉइन करके
30:13वो नौकरी भी उसने छोड़ गी
30:17देखो
30:19किस चीज की कमी है इसमें
30:30पहत्मिनान से सोचने
30:32कि इसको ठुकरा के कोई बहुत बड़ी गलती न कर रही हो
30:42आगे तुम्हारी मर्जी
30:45अल्ला तुम्हें हमेशा खुशाबाद है
30:53वही मैं तो रेड़ी हूँ
30:54मेरा वो हैंडसम होस का है
31:00बस अभी वो जीप में छोटा सा काम आ गया था
31:03वो करा के आते ही होगा
31:13असलाम बेटे
31:16वालेकम सलाम बेटे
31:20तो वालेकम सलाम
31:22भागम भाग आई हूँ
31:23कि कहीं देर ना हो जाए
31:24और कहीं आप लोग मुझे छोड़ करना चले जाए
31:31अरे नहीं भई आप नहीं आती तो
31:32हम आपको आपकी घर से भिक कर लेते
31:42अरे
31:45तुम नहीं चारी क्या
31:46तुम तो त्यारी नहीं हो
32:02हो जाए