Skip to playerSkip to main content
🧔🏻‍♂️ आचार्य प्रशांत से समझे गीता और वेदांत का गहरा अर्थ, लाइव ऑनलाइन सत्रों से जुड़ें:
https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita-course?cmId=m00021

📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं?
फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021
➖➖➖➖➖➖
यह वीडियो 26.07.2026 को आयोजित "भगवद्गीता" सत्र से लिया गया है।

#acharyaprashant

Category

📚
Learning
Transcript
00:00कितने लोगों ने किसी प्रवेश परीक्षा की तैयरी करी है?
00:04क्या करते थे? बढ़िया तकिया उकिया लगा करके और भुजिया और बिर्यानी सामने रखके ऐसे होती है तैयरी?
00:12कैसे होती थी? है न एक लकड़ी की? मेरे पास एक ही थी और वो पापा ने खास कर बनवाई
00:23थी और उसको आज भी घर पे रखा हुआ है
00:27दस्वी के बोर्ड से लेकर के यू पिएस सी तक सारी पढ़ाई मैंने उसी पर करी घर में
00:33क्योंकि बात महत्तो की है घर में और भी कुरसिया थी, सोफे थे
00:40ये रीत ही नहीं थी कि पढ़ाई कर रहे हो जाके पलंग पे बैटके
00:45कमरे यह दे दिया गया था एक अलग ये तुम्हारा कमरा है
00:47और यहां पर जा करके तुम पढ़ाई करोगे और ये ख्याल ही नहीं आता था कि कहीं और पढ़ाई कर
00:53सकता हूँ
00:55क्या आपने अपने घर में जगह बनाई है, बताईए तो
01:00बनाई है कोई ऐसी जगह, नहीं बनाई न, अरे नहीं बनाई है तो बोल दो नहीं बनाई है
01:05किस-किस ने नहीं बनाई है, चलो हाथ खड़े कर दो, हाँ, बना ले न
01:09अभी ये दोनों ये लाइट्स हैं, ये बुझ जाएं, ये फ्लिकर करने लगें
01:16तो आपके सुनने पर असर पड़ेगा कि नहीं पड़ेगा
01:21जब ही हमें पता है कि महौल से प्रभावित होते हैं, तो महौल ठीक करके रखो न भाई
Comments

Recommended