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Fun
Transcript
00:15अब मैं क्या करूंगी अब तो वो पप्पु भी मेरे सपने में आ गया
00:23लगता है हमें मास्टर जी के पास जाना पड़ेगा
00:27अगर ऐसे ही चलता रहा तो तो मुझे बहुत लोगों को खीर खिलाना पड़ जाएगा
00:55अरे लता हाँ मेरे तोलिया कहा है यार
01:01अच्छा क्या हो जड़ा नीचे देखना न कि मेरे नहीं अपने
01:09और यार मैं हमीशा बुस्टा था हूं सॉरी सॉरी �66 सॉरी अब जलने से तैयार हो जाओ पिताजी कुछ
01:27है तो ठीक हो और पढ़ाई कैसे चल रही है पढ़ाई तो बहुत अच्छी चल रही है कुछ दिनों की
01:33हमने छुट्टी ली है तुमसे मिलने के लिए
01:39पुराना बाजार चलोगे अरे मैडम जी पुराना बाजार में किधर जाएगा वो मिश्रा जी जिनकी कपड़ों की फैक्टरी है अच्छा
01:51अच्छा वो मिश्रा जी कपड़े वाले हां हां वही वाले मिश्रा जी वही जो घंटा घर के सामने रहते हैं
01:57जी जी वही वाले मिश
02:08झाल झाल
02:38गाओं में पहले टांगे चला करते थे और घुडों के आखो में चम्रा लगा होता था जानते हो क्यों नहीं
02:45जानते मैडम जी क्यों ताकि वो इधर उदर देखके ना भटके सीधे अपने रास्ते पर चले समझ गया मैडम जी
02:53समझ गये हो तो ये शीशा घुमा लो नहीं तो ह
02:57को देखने के चक्कर में तुम किसी को ठोक दोगी अगया अगया अगया अगया ये लो पैसी अरे मैडम जी
03:24का दे रही है इतना बड़ा नोट चुट्टा नहीं हमारे पार
03:27तो हमारे पास भी चुट्टा नहीं है अरे तो तुडवा लो खुलवा लो क्योंकि इतना तो हम दिन भर में
03:32नहीं कमाते जितना बड़ा 500 का नोट आप हमें दिखा रही है
03:38रुको हम चचा जी के यांसे चुट्टा करा के देते हैं दीजी चचा जी के यांसे
03:45चचा छुट्टा मिलेगा?
03:46छुट्टा उट्टा नहीं है हमारे पास, कुछ खरीदना पड़ेगा आपको, सबेले सबेले बहनी से पहले छुट्टा दिया तो हमारा सारा
03:51दिन खराब चला जाएगा
03:55तो यह दे दीजी
04:01यह तो सो रुपे की है
04:03चलेगा
04:20यह लूपे छुट्टे हैं या वो भी नहीं है
04:26अरे देखते हैं ना
04:30हाँ यह लो छे रुपे
04:53का चाना चान बाभू?
04:56यहाँ
04:57यह यह यह
04:58को
05:00यह
05:01का यह
05:03यह
05:11यह
05:13दी-दी आरे रानी तुम आ गई
05:19अब ही मैं बोलू बबलू कीसे देखकर इतना खुश हो रहा है आज मुझे देखकर खुश हो रहा है यह
05:25हमात में इस अवे इतना तो धुछ सुब कर सो क्yardon
05:29सोले, तब तक मैं बाब को खाना कहला जाती हूँ, ठीक है, फिर हम दोने एक साथ नाश्ता करेंगे, हाँ
05:35दीदी, फटा-फट नाश्ता बना दीजे, क्योंकि मुझे बहुत तेज भोग लग रही हूँ, ठीक है,
06:13रानी, रानी, कहां गुम हो तुम, क्या हुआ, क्या हुआ, क्या हो गया है तुम्हे, कुछ नहीं, क्यों परिशान हो
06:23तुम, नहीं,
06:30क्या सोच रही तुरानी, कुछ भी नहीं, दीदी, अरे मैं बताता हूँ, यह सोच रही है, कि कितनी जल्दी बड़ी
06:39हो गई है, याद है हमारी शादी पे कितनी छोटी सी थी, गोद में बिठाके इसे खाना खिलाया था हमने,
06:44और अब देखो, कितनी बड़ी हो गई है, यह
07:08दीदी, हम खा चुके हैं, और हम बहुत ठके हैं, हम जाके कमरे में आराम करते हैं, ठीक है
07:25अच्छा यह बताओ, कि यह चश्मा काई पेने हो, जानती हैं, आज ना, हमारे आटो में एक सवार ही आई
07:36थी, बहुत खूबसूरत लड़की थी, उसको देखते ही हम डिसाइड कर लिए,
07:43अब हम यह चश्मा तभी उतारेंगे, जब उस लड़की को दुबारा देखेंगे
07:51अच्छो, हमसे भी जादा खूबसूरत है क्या?
07:56अरे, ओ लड़की का, आपसे खूबसूरत लड़की तो है यह नहीं, पूरी दुनिया में नहीं है, आप तो पूरी दुनिया
08:03की सबसे खूबसूरत लड़की हैं
08:07क्या बात है? तब्यत तो ठीक है न तुम्हारी?
08:10हाँ, तब्यत तो मेरी ठीक है
08:13फिर क्या हुआ? जब से आई हो, खोई-खोई से रहती हो, ठीक से तुमने खाना भी नहीं खाया है
08:20होस्टल में कुछ हुआ है क्या?
08:22नहीं
08:23तो फिर क्या बात है?
08:25देखो, अपने दीदी से क्या चिपाना?
08:30कहीँ प्यारवार को तो चगगर नहीं है?
08:33इसी में लोग ऐसे करते हैं, खोई-खोई से रहते हैं.
08:37नहीं, दीदी, हमको प्यारवयार में कोई इंटरस्ट नहीं है.
08:41हमको न, मन में बुरे-बुरे अजीब और गरीब वीचार आ रहे है
08:47कैसा वीचार?
08:49वो हम तुमको नहीं बता सकते
08:52बस तुम हमको इतना बताओ
08:54कि अगर मन में बुरे-बुरे वीचार आए
08:56तो उसका पश्याता अब कैसे किया जाता है?
08:58अब यो तक कोई ज्ञानी ही तुमको बता सकता है
09:01तो इस गाउ में कोई ज्ञानी है?
09:03हाँ है ना? अपने मास्टर जी
09:05अरे ये तलया के पास ही तो रहते हैं
09:10तलया के पास?
09:22अरे मैडम जी
09:23कहा जा रहे है?
09:27आईए, छोड़ देते हैं
09:29तुम? तुम यहा क्या कर रहे हो?
09:31अरे मैडम जी सवारी का इंतिजार कर रहे थे
09:34ससुरा एक भी सवारी नहीं मिला सभेरे से
09:36आईए बैठी है ना
09:37वो तलया वाले मास्टर जी का घर जानते हो?
09:40लो मैडम जी
09:41अरे इस गाउ में ऐसा कौनो घर नहीं है
09:43जो पप्पू जी नहीं जानते हैं
09:45आईए बैठी है
09:48ठीक
09:50एक बात बताईए मैडम जी
09:52हाँ पूछो
09:53वो किताब पढ़े का?
09:56कौन सी किताब?
09:57अरे वही वाली
09:59मन चली रात रानी के साथ है?
10:03हम क्यों पढ़ने लगे आसी किताब?
10:05अच्छा अच्छा ठीक है
10:07पढ़ लीजी अगा
10:27यहां क्यों रुग गए?
10:28मैडम जी मास्टर जी का घर आ गया ना
10:31अच्छा तुम यही रुको
10:32हम बाबा से मिलके आ रहे हैं
10:33ठीक है
10:50तो बताओ
10:51आज के कहानी में आप लोगों को
10:53क्या घ्यान मिला?
11:00बहुत अच्छा
11:03नमस्कार मास्टर जी
11:05नमस्कार
11:06आईए
11:09जी कहिए
11:11मास्टर जी हमें आपसे कुछ जरूरी बात करनी है
11:14हाँ बोलिए
11:17वो क्या है मास्टर जी हम इन बच्चो के सामने आपसे वो बात नहीं कह सकते हैं
11:22बच्चो आज आप लोगों के छुट्टी
11:28कल सब लोग टाइम पर आना आया
11:31नमस्ते नमस्ते
11:38बैठे
11:41जी कहिए
11:44मास्टर जी बात ऐसी है
12:00अब आप बताईए मास्टर जी कि मैं अपने पाप का कैसे प्राश्चित करूँ
12:05तुम्हारे मन में उत्पन ये वासनावरे विचार का एक प्राश्चित तो है
12:11जल्दी बताईए मास्टर जी
12:12क्योंकि जब से हमारे मन में ऐसे विचार आने लगे है
12:16हमें अपने आप से घ्रिना होने लगी है
12:18एक काम करो
12:20घर जाकर असनान करो
12:22और एक गोरी मिट्टी की हांडी में खीर बनाओ
12:25और उसमें वर्षा का जल मिला दो
12:29वर्षा का जल?
12:31अतलब बरसात का पानी?
12:33हाँ, वही
12:35पर वो क्यों?
12:36वर्षा का जल शुद्ध होता है
12:39वो जिसमें भी मिलता है
12:41वो शुद्ध हो जाता है
12:44और उस खीर की हांडी को अपने सर के उपर से तीन बार घुमाना
12:48आधी खीर तुम खा लेना और आधी उसे खिला देना जिसे लेकर तुमारे मन में गंदे विचार आये थे
12:55एक बात पताईए मास्टर जी ये खीर ही क्यों और आधी ही क्यों खिलानी है
13:03तुम परिशान बहुत करती हो हाँ
13:09अब मास्टर जी कोई बात समझ में ना आए तो परिशान तो करेंगे ही
13:14आखिर पता तो चले कि जो मैं करने जा रहे हूं उसका लाब मुझे मिलेगा या नहीं मिलेगा
13:20खीर शेतल होती है खीर खाने से मन को शांती मिलती है
13:25और जब मन शांत होता है तो मन में बुरे विचार नहीं आते
13:30जब तुम खीर की हांडी को अपने सर के उपर से तीन बार घुमाओगी
13:36तो तुम्हारे अंदर जो भी गंदे विचार चल रहे हैं वो खीर के शितलता के साथ शांत हो जाएंगे
13:44और आधे खीर तुम खुद खा ले न और आधे खीर उसे खिला दे न जिसे लेकर तुम्हारे मन में
13:52गंदे विचार आए थे
13:54क्योंकि सपने में ही सही तुमने उसे अपवित्र तो किया है न और खीर में पड़ा वर्षा का जल उसे
14:04पवित्र करतेगा
14:10क्या परिशानी है?
14:12मस्तिजी खीर बनाने का सामान तो मिल जाएगा
14:14जैसे दूद, शक्कर, चावल, पर, वर्षा का पानी और मिट्टी का हांडी कहां से लाए हम?
14:21वर्षा का जल मेरे पास है
14:23और मिट्टी की हांडी, पास के गाउं में कुमार टोला के पास तुम्हें मिट्टी की हांडी मिल जाएगी
14:30अपने गाउं में कहीं नहीं मिलेगा?
14:32नहीं है, अपने गाउं में कोई भी दुकान नहीं है
14:37कुमार खुदी यहां आता है और घर घर बेच कर जाता है
14:41अगर आपके पास मिट्टी की हांडी है तो दे दीजे न
14:45है मेरे पास
14:47क्योंकि हम मिट्टी के बर्तनों में ही खाना पकाते हैं
14:50मिट्टी की प्लेट में खाते हैं
14:53और मिट्टी से ही बने कुलर में पानी पीते हैं
14:56तुम रुको, मैं लेकर आता हूँ
15:10इसमें वर्षा का जल है और ये मिट्टी की हांडी है धन्यवाद मास्टर जी आपने हमें गंभीर पाप से बचा
15:20लिया
15:24नमस्कार मास्टर जी
15:36आज कल के युवाओ के मन में ऐसे विचार कहां से आते हैं
15:39हम बताने
16:10अरे रानी तू कब आई मिली मास्टर जी से हां मिली ये क्या बना रहे है मिट्टी के बरतन में
16:20वो खीर मास्टर जी
16:27खीर बना रही हो दीदी अच्छा ये मिट्टी के बरतन तो कहां से लेकी आई है वो कुंभार बेच रहा
16:33था तो हमने खरीद ली इसमें खीर स्वादिष्ट बनता है न इसलिए
16:38अच्छा अच्छा सुन मैं और तरह जीजा जी है न जड़ा मार्किट जा रहे है थोड़ा कुछ काम है समान
16:43लाना है घर का अरी दीदी अब चिंता मत कीजी हम बना लेंगे अच्छा थीक है मैं आदू हाँ
17:12आज मेरे सारे पाप दूल जाएंगे आज देखते हूं बबलु कैसे मेरे ख्वाब में आता है ख्वाब छोड़ो वो तो
17:18मेरे रूम में भी नहीं आ पाएगा
17:34अच्छा
17:40बबलु बबलु बबलु बबलु बबलु बबलु बबलु
17:53हुआ हुआ हुआ हुआ है
18:43देखो मैं तुम्हारे लिए खीर लाई हुँ बबलू
18:50खीर कैसी है बबलू
19:02एक और यह लीचे
19:11खीर चीर लता खीर कहाँ पे आरे हाँ रानी जा खीर ले क्या जब से तेरे जीजा को पता चला
19:22है कि आज तुमने खीर बनाया है तो तेरे हांतों की खीर खाने के लिए तब से बेताब हैं
19:33रानी क्या सोच रही है जा खीर ले गया वो दीदी बिल्ली खीर खा गई है
19:39क्या इस गर में कौन से बिल्डी आती है आरे वो आ गही होगी खीर के खुश्बू से हाँ दीदी
19:47ऐसा ही हुआ खीर की सुगन से बिल्डी आई और सारी खीर चट करके चली गई
19:53चलो कोई बात नहीं कभी और तुम अपने हाथ की खीर मुझे किला देना
19:57झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल
20:19झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल
20:20झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झा
20:30अधे
20:37अरे राणी तु का तु यहां है और मैं तुझे पुरे घर में ढूणवर ही हूँ
20:42क्या हो आदी-दी तुझे शाहीपनी बहुत पसंद है ना मैंने तुरी लिए शाहीपनीर बनाया है
20:50जी दी दी आपके हाथ की शाहिपनी मुझे बहुत पसंद है तुझे पता है रानी तेरे जीजा जी कल रात
20:56क्या कह रहे थे
20:58क्या कह रहे थे वो कह रहे थे कि जब से रानी घर आई है तब से उन्हें ऐसा लगता
21:03है जैसे उनकी बहन मुन्नी लोटाई हो
21:09बहुत प्यार करते थे वो अपनी बहन से क्या हुआ था मुन्नी को मुन्नी तलाप से कमल का फूल तोड़ने
21:16गई थे और वहीं दूब के मर गई खेर वो छोड़ तेरे जीजा जी कह रहे थे कि अब रानी
21:23को जब तक लक्षा बंदा नहीं आ जाता अब तक यहीं रोक लेते है
21:54अब वो तेरे से राखे बनवाने के मारती तुझे होस्टिल जाने देंगे
21:58लगता है इसे भी कोई मिल गया है चलो अच्छा है इसकी बिशाधी करवानेंगे ठीक है समझ में आ गया
22:05ना कल टाइम पर आना नमस्ते नमस्ते नमस्ते बेटा एस वोद तुम इदर आओ
22:15ये इतना असान है चार बार तो तुमको समझा चुका हो तुमको समझ में नहीं आ रहा है देखो ये
22:21देखो ये किया ये किया ये किया और ये रहा इसका आंसर एजी है तुमको समझ में नहीं आ रहा
22:29है जाओ
22:35नमस्ते मास्टर जी
22:37नमस्ते
22:38अब किसको अबवित्र कर दिया
22:40क्या बताए मास्टर जी
22:43कल रात हमसे बहुत बड़ा पाप हो गया
22:45जो इनसान हमें अपनी बहन मानता है
22:48हम उसी के साथ
22:53हांडिया और जल लेने आई हो
22:54जी
22:57रुको, मैं लाता हूँ
22:59जी
23:08खीर बनाना तो याद है ना
23:10जी मास्टर जी
23:12शुक्रिया मास्टर जी
23:14नमस्ते
23:16नमस्ते
23:37बन गई खीर हाँ दीदी बन गई
23:44सुगन तो बहुत ही बड़िया आ रही है
23:46वो मिट्टी के हंडी में बनाई है न तो खुश्बू तो आएगी
23:52अरे ये खीर लेकर तुम कहां चली जीजा जी के दुकान पर
23:57आरे तो तुम जीजा जी के लिए रुक सकती हो वो रात में आएंगे तब खिला देना
24:03पाप जितने जल्दी दोल जाए उतना अच्छा है
24:08क्या मतलब बिल्ली इस सुगन से फिर से आ गई तो इस बार तो हम उसकी जानी ले लेंगे
24:15तो बिल्ली को मारने का पाप तो लगेगा न दीदी ये बात तो है
24:20तो मैं ये खिर खिला के आती हूँ जीजा जी को
24:23सुन संभाल कर जाना ठीक है जी जी जी जी जा ठीए लड़की भीना सच में
24:39आज तो चमका देंगे हमारे आटो रानी को
24:45अरे आईए मैडम जी आईए एक बात हमको समझ में नहीं आती हम जब भी कही बहार जाने के लिए
24:52निकलते हैं
24:53तुम अपनी आटो लेकर यहां आ जाते हो
24:56हूँ का है ना मैडम सुन्दर सवारी इधरी मिलता है
25:01इसलिए हम और हमारा आटो सवारी के इंतिजार में खड़ा रहता है
25:05क्या समझे
25:06संजे मिश्ण का दुकान पता है
25:07अरे मैडम जी इस गाओं में ऐसा कोई दुकान मकान नहीं है जो पप्पू जी नहीं जानते हैं
25:13हाँ तो चलो
25:14अच्छा एक बात बताईए
25:16बहुत बढ़िया खुसबू आ रहा है
25:18क्या है इसमें
25:19खीर
25:21अरे तो खेर हमें भी खिलाईए
25:23तुम्हारे लिए नहीं है हमारे जीजा जी के लिए
25:25जीजा जी के लिए
25:27ठीक है खुसबू बहुत बढ़िया है वैसे
25:30हमें भी खिलाईएगा कभी
25:31चलिए चलते है
25:35रुको रुको रुको रुको रुको रुको
25:37रुको रुको
25:39रानी
25:40ये क्या कर रही है
25:45क्या है इसमें?
25:46आपके लिए खीर बनाई है
25:47चलो ना अंदर चल के गाते अराम से
25:49चल कर खाएंगे लेकिन एक बद चक तो लीजे
25:51बहुत प्यार से बनाया है मैंने आपके लिए
25:53चलो चलो खिलाओ
25:59बड़ी स्वाद कीर है
26:00चलो अंदर चल के और गाते
26:02चलो
26:26अरे बापरी अब मैं क्या करूंगी?
26:29अब तो वो पपो भी मेरे सपने में आ गया
26:35लगता है हमें मास्टर जी के पास जाना पड़ेगा
26:38अगर ऐसा ही चलता रहा
26:41तो
26:41तो मुझे बहुत लोगों को खीर खिलाना पड़ जाएगा
27:15लो
27:22जी भर के खा लो खीर
27:24अगर बड़ेगा
27:26अगर बड़ेगा
27:32अगर लोगों को खीर
27:44अगर जाएगा
27:47अगर जाएगा
27:57सबजी मंडी चलोगे
27:59नहीं जाएगे सबजी मंडी
28:01अरे का है
28:02अभे देखने रो खीर खाराश खीर में डुबा के मारंगे तुमको हम
28:06समझे जाओ
28:08सबजी मंडी जाओगे
28:16मास्टर जी वो जल जरा अधिक दे दीजेगा
28:20और वो हांडी भी मत दीजेगा
28:21हम कुमार से खरीद लेंगे
28:23बार-बार आपसे मांगना हमें अच्छा नहीं लगता
28:26इस जल की एक बूंद भी ना
28:28खीर में डालोगी तो वो शुद्ध हो जाएगी
28:33अच्छा
28:35तो ठीक है
28:36ये लो हांडी भी ले जाओ
28:40ले लो
28:42धन्यवाद मास्टर जी
28:46अच्छा ये बताओ
28:48तुम्हें ऐसे
28:50वास्टना भरे विचार
28:52आते कहां से हैं
28:53अब क्या बताएं मास्टर जी
28:55हमने एक किताब खरीदी है
28:57मन चली रात रानी के साथ
28:59हम जब भी उसे पढ़ते हैं
29:01हमें ऐसे ऐसे सपने आते हैं
29:04तो फिर एक काम क्यों नहीं करते हैं
29:06उस किताब को
29:08नश्ट क्यों नहीं कर देती
29:10ना रहेगा बास
29:12ना बज़ेगी बासुरी
29:14हाँ
29:15ठीक है मास्टर जी
29:17मैं आज ही उसे नश्ट कर दूँगी
29:20धन्यवाद मास्टर जी
29:21धन्यवाद
29:25ऐसा गंदा साही ते लिखता कौन है
29:27और लिखकर उसे प्रकाशित कौन करता है
29:53अबा चान भुपट है
30:50प्षित!
31:05अरे बताओ
31:07अरे बताओ
31:24कि अरे बताओ
31:25कि अरे लेलेो सुषिग मेडान
31:28कि अरेशने अरेशल आदाओ
31:34कि अरेशने तकताओ
31:35कि अरेशने थार्त
32:01झाल झाल
32:10कर दोगर पर के पै literalibl diagnostic कि श Such कर दोगर नहीं कि रिधгр Bien

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