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‘इस्लामिक नाटो’ जैसे बताए जा रहे संभावित रक्षा गठबंधन को लेकर मुस्लिम देशों के बीच नई चर्चा शुरू हो गई है। पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग के बीच सवाल उठ रहा है कि क्या बांग्लादेश और इंडोनेशिया जैसे देश भी इस तरह के किसी नए सुरक्षा ढांचे का हिस्सा बन सकते हैं? इस वीडियो में जानिए पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच रक्षा संबंधों की दिशा, संभावित सहयोग और दूसरे मुस्लिम देशों की भूमिका। क्या यह गठबंधन पश्चिम एशिया और एशिया की रणनीतिक तस्वीर बदल सकता है? किन देशों की दिलचस्पी हो सकती है और इसके पीछे क्या रणनीतिक कारण हैं? पूरी जानकारी और विश्लेषण के लिए वीडियो देखें।

Discussions around a possible “Islamic NATO” are gaining attention as defence cooperation among Pakistan, Saudi Arabia and Turkey continues to develop. Could countries such as Bangladesh and Indonesia also become part of a future security framework? In this video, we examine the growing defence ties between Pakistan, Saudi Arabia and Turkey, the possible role of other Muslim-majority countries, and the strategic factors shaping this emerging regional cooperation. Could deeper military coordination change the geopolitical balance across the Middle East and Asia? Which countries could potentially be interested, and what could this mean for regional security? Watch the full video for the latest geopolitical developments and detailed analysis.

#IslamicNATO #Pakistan #SaudiArabia #Turkey #Bangladesh #Indonesia #MeccaDefencePact #MuslimCountries #Geopolitics #WorldNews

~PR.540~HT.408~ED.104~GR.510~VG.HM~

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00:00सहाय सर, बहुत सारे नाम है, OIC पहले से ही इसलामी दुनिया का सबसे बड़ा संगठन है, 17 मुलक उसके
00:06हिस्सा है, अरब लीग है, GCC है, D8 है, तमाम इसे संगठन पहले से बने हुए हैं, लेकिन उन नाम
00:12मातर के संगठन है, बैठक होती है, सालाना बैठक होती है, उसमें 2-3
00:16बड़े बयान दे दिया आते हैं, बाकी कुछ खास इससे हासिल हो रहा है किसी देश को, वो तो नहीं
00:21है, क्या ये जो नया संगठन बना है, गटजोड बना है, ये भी इसी तरह रह जाएगा, या आगे चलकर
00:27इसका विस्तार भी हो सकता है, बहुत सारी पाकिस्तानी पत्रक
00:43बार देगा, ऐसा दावा कर रहे हैं वो लोग, इस तरह के किसी भी दावे को एक परस्पेक्टिफ में देखना
00:56पड़ता है, हमें मालूम है कि पिछले कई दश्यकों से, पाकिस्तान, जिसको मैं परसनली एक फेल्ड एकानोमी और उसकी वज़ए
01:07से फेल्ड नेशन मानता ह�
01:08जिस तरह का उनका डेट ट्रैप है कि IMF से, World Bank से, अमेरिका से, साओधिया से, UAE से लोन
01:15लेकर और previous existing लोन को उसमेरी इंटरेस्ट को पे करते हैं, इसको डेट ट्रैप होते हैं, उसमें है ये
01:20नेशन, अभी भी दस-दस बिलियन के दो इन्होंने मांग रखे हैं साओधिया स
01:32एक उन्होंने फोबिया क्रेट किया था, Islamic bomb का, कि हम परमाणू bomb बनाएंगे और पूरे Islamic world को उसके
01:42cover देंगे, काफी दिनों तक चला, और उसके एक-दो साइंटिस्स को eliminate किया गया, फिर उसमें international pressure बहा,
01:49Islamic bomb did not go anywhere, पाकिस्तान ने कुछ छोटे-मोटे low-potency bombs बनाएंगे,
01:56इसी तरह जब यह phobia खतम हो गया तो इन्होंने यह शुरू किया, Islamic NATO, ऐसी पहले एक गजबाय हिंद
02:05करके था, कुछ न कुछ फैंटेसी जिनकी रहती हैं, इसमें कितना depth है, उनके पत्रकार कितना इसमें deep research करते
02:12हैं, कुछ ऐसी agencies जो इस तरह की topics पे fellowship देती हैं, पाकिस्तान
02:18scientists को, पाकिस्तानी international affairs के experts को, पाकिस्तानी media को, इन मुद्दों को जिलाए रखने के लिए, इस वज़े
02:25से यह चलता रहता है, अदर्वाइस, यह कयास लगाना कि यह Islamic NATOs, यह Sunni NATO, Mecca pact के तीन
02:33countries में, और countries आ जाएंगे, तो इनको यह अच्छे थे पता है, हमें पता है, open source information है,
02:38कि चार का plan था, एक ने withdraw कर लिया, तीन के हैं, और उसके साथ ही साथ, overlap कर
02:45दिया NATO के साथ, कि NATO में भी वही articles हैं, इन में भी वही articles हैं, इसलिए मैंने अपने
02:50opening में बताया कि इसमें से कौन सा active करेगा तुर्किये, यह तुर्किये को पता है, NATO से support मांगेगा,
02:56कि हम आपके हिस्
02:57है, आजाओ, या साथी अरबेया और पाकिस्तान से बोलेगा कि हम पर हमला हुआ है, इसराइल ने अटाक किया है,
03:02आप आजाओ, यह कैसे हो decide करेंगे, या दोनों को बोलेंगे, सारे ही आजाओ, मतलब it's a very funny kind
03:08of a, very shallow kind of understanding, क्योंकि आपको clarification देना पड़ता है, इस तरह के major steps अ
03:27अपनी एक औकात बढ़ानी है, अपना status stretcher बढ़ाना है, इंटरनेशनल रिना में, तो उसके लिए वो maneuver करके यह
03:34दिखाना चाहरें कि जब हम Islamic countries के लिए हम एक alliance बना रहे हैं, अंदर ही अंदर उनको यह
03:40पता है कि यह alliance सिर्फ इसराइल focused है primarily, और हो सकता है कि पाकिस्तान उस
03:56triangle जो बना है मक्का का, लेकिन test कहां पे हो रहा है, test हो रहा है, साओधिया और इरान
04:01के बीच की लड़ाई में, और उसमें fail करता हो दिख रहा है, और इसलिए यह दोड़के इरान गया है
04:05कि कूतीज को रोकिए साओधिया पे नहीं मारें क्योंकि हमारा यह pact है, और इसे और �
04:11यह मतलब दो नावों पे चड़ने वाली बात है, तो foreign policy analyst इसको एक minute में बता देंगे कि
04:17इसमें कोई ऐसी depth नहीं है, mutual एक दूसरे का patting the back कर रहे हैं, अपना structure बढ़ाना चाह
04:25रहे हैं, और basically इसरेल को यह बताना चाह रहे हैं कि जी हम आपके खिलाव इकठा होते जा रहे
04:30है
04:30क्योंकि इरान और GCC के बीच के conflict के बाद इसरेल का domination इस एरिया में बढ़ने का अच्छा खासा
04:37खत्रा है, इरान और इरान के proxies की read टूटी हुई है, military hardware में, military supply lines में, उनके
04:44economic support systems में, इसलिए इनको यह डर लगा कि इसके बाद unilaterally इसरेल इसरेल को dominate ना कर दे,
04:51तो इन्हों
04:59पाकिस्तान वाले मसले पर ही अगर सवाल करें, तो सहाय सर, 2025 में जो हमारी छोटी सी जंग हुई थी
05:06पाकिस्तान के साथ, उसमें ख़बरे आई थी कि तुर्किये की तरफ से कुछ ड्रोन्स भेजे गए थे, या कुछ और
05:13तकनीकी सहायता भी दी गई थी पाकिस्तान को, अ�
05:31वेब आफ हमको किसी मुगालते में नहीं रहना चाहिए, कि अगर हमने अपनी एनरजी सप्लाइड नीड्स को, चाहे पीस टाइम
05:39में या वार टाइम में, गल्फ कंट्री से ज़्यादा एक्सपैंड करके, वेनेजुला और रश्या की तरफ नहीं ले गए, या
05:47सेल्फ डि�
05:59हम जानते हैं इसकी क्रिटिकालिटी को, लेकिन पाकिस्तान के साथ अगर फुल फ्लेजट वार आज की तारीक में होगा, तो
06:06सारे नाते रिष्टे चाहे वो साओधिया के हो या इरान के हो, उस वक्त इंडिया के प्रती उनका रुख क्या
06:13होगा, ये मैं किसी भी कॉमन सेंस
06:17वाले इंसान के विवेक पर छोड़ना चाहूँगा, लेकिन अगर तो ये कभी ऐसा डिसाइड होता है कि ये एक इसलाम
06:25वर्सेस भी रिस्ट का वार है, तो इसलामिक नेशन से आपको एनरजी की सप्लाई तो कम से कम डिले करी
06:31दी जाएगी, मिलिटरी हाडवेर में जादा �
06:33ये तुरकिया की बात करें, जोकि एक नोन इसलामिक कंट्री है, काफी दर्शकों को पता नहीं है, मालू है कि
06:40तुरक्या इसलामिक कंट्री और फिर भी पी-ओ-के पर, पाकिस्टान अडिमिनिस्टर्ट कशमीर पर, और इंडिया के कशमीर पर, उनका
06:50जो स्टैंड रहा है,
06:51वो जग जाहिर है बात बात पर इंटरनेशनल फोरम्स पर वो इस मुद्वे पर पाकिस्तान का साथ देते हैं क्योंकि
06:58वो कहीं न कहीं है मानते हैं कि कार्गेल या उसके पोड़े पहले से 1992 से इसराइल इंडिया की तरफ
07:04जुकता है जब भी कोई अटाक होता है पाकिस्तान प
07:28पाकिस्तान की तरफ होगा साओधी अरेबिया कुछ वक्त के लिए चुप रह सकता है लेकिन अगर यह सकलेट होगा तो
07:37अब दो पैक्ट्स जो इरान साओधी ने पाकिस्तान से किये हैं एक बाइलेटरल और एक ट्राइलेटरल तुर्किया के साथ उसे
07:45वो
07:46बाद दे होंगे पाकिस्तान की साथ खड़े होने के लिए क्योंकि अब उन्होंने लिखित में ये साइन करके दिया है
07:52कि पाकिस्तान पे हमला साओधीया पे हमला माना जाएगा तो यह एक बहुत मेजर नया डवलप्मेंट है जहां तक किताबों
07:58का सवाल है लेकिन इससे क्
08:00वार पे कुछ ज़्यादा फर्क पड़ेगा नॉट रियली क्योंकि आज की तारीक में भी हम पाकिस्तान को उतना मीजर मिलिटरी
08:06थ्रेट नहीं मानते हैं जब आमने सामने की लगाई हो लेकिन पाकिस्तान का ठीक इरान की तरह है ठीक लेबनान
08:12की तरह है जो यह प्रोक्सी
08:14का वार होता है जब यह सामने लगाई नहीं करते हैं पीट में चाकू मारना प्रोक्सी को भीजना आतंकवादियों को
08:18ट्रेन करना पाकिस्तान में और फिर जारे के समय में इंडिया में उनको ले आना यहां पर स्लीपर सेल्स डेवलप
08:24करना आई एस आई का बंगला देश औ
08:39कि इसको अच्छे से मैनेज कर लेती है लेकिन पागिस्तान is not a major military threat for us इसलिए इस
08:45pact का बहुत direct impact इंडिया के उपर नहीं होना चाहिए
08:48though we need to be cautious about it
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