00:00सहाय सर, बहुत सारे नाम है, OIC पहले से ही इसलामी दुनिया का सबसे बड़ा संगठन है, 17 मुलक उसके
00:06हिस्सा है, अरब लीग है, GCC है, D8 है, तमाम इसे संगठन पहले से बने हुए हैं, लेकिन उन नाम
00:12मातर के संगठन है, बैठक होती है, सालाना बैठक होती है, उसमें 2-3
00:16बड़े बयान दे दिया आते हैं, बाकी कुछ खास इससे हासिल हो रहा है किसी देश को, वो तो नहीं
00:21है, क्या ये जो नया संगठन बना है, गटजोड बना है, ये भी इसी तरह रह जाएगा, या आगे चलकर
00:27इसका विस्तार भी हो सकता है, बहुत सारी पाकिस्तानी पत्रक
00:43बार देगा, ऐसा दावा कर रहे हैं वो लोग, इस तरह के किसी भी दावे को एक परस्पेक्टिफ में देखना
00:56पड़ता है, हमें मालूम है कि पिछले कई दश्यकों से, पाकिस्तान, जिसको मैं परसनली एक फेल्ड एकानोमी और उसकी वज़ए
01:07से फेल्ड नेशन मानता ह�
01:08जिस तरह का उनका डेट ट्रैप है कि IMF से, World Bank से, अमेरिका से, साओधिया से, UAE से लोन
01:15लेकर और previous existing लोन को उसमेरी इंटरेस्ट को पे करते हैं, इसको डेट ट्रैप होते हैं, उसमें है ये
01:20नेशन, अभी भी दस-दस बिलियन के दो इन्होंने मांग रखे हैं साओधिया स
01:32एक उन्होंने फोबिया क्रेट किया था, Islamic bomb का, कि हम परमाणू bomb बनाएंगे और पूरे Islamic world को उसके
01:42cover देंगे, काफी दिनों तक चला, और उसके एक-दो साइंटिस्स को eliminate किया गया, फिर उसमें international pressure बहा,
01:49Islamic bomb did not go anywhere, पाकिस्तान ने कुछ छोटे-मोटे low-potency bombs बनाएंगे,
01:56इसी तरह जब यह phobia खतम हो गया तो इन्होंने यह शुरू किया, Islamic NATO, ऐसी पहले एक गजबाय हिंद
02:05करके था, कुछ न कुछ फैंटेसी जिनकी रहती हैं, इसमें कितना depth है, उनके पत्रकार कितना इसमें deep research करते
02:12हैं, कुछ ऐसी agencies जो इस तरह की topics पे fellowship देती हैं, पाकिस्तान
02:18scientists को, पाकिस्तानी international affairs के experts को, पाकिस्तानी media को, इन मुद्दों को जिलाए रखने के लिए, इस वज़े
02:25से यह चलता रहता है, अदर्वाइस, यह कयास लगाना कि यह Islamic NATOs, यह Sunni NATO, Mecca pact के तीन
02:33countries में, और countries आ जाएंगे, तो इनको यह अच्छे थे पता है, हमें पता है, open source information है,
02:38कि चार का plan था, एक ने withdraw कर लिया, तीन के हैं, और उसके साथ ही साथ, overlap कर
02:45दिया NATO के साथ, कि NATO में भी वही articles हैं, इन में भी वही articles हैं, इसलिए मैंने अपने
02:50opening में बताया कि इसमें से कौन सा active करेगा तुर्किये, यह तुर्किये को पता है, NATO से support मांगेगा,
02:56कि हम आपके हिस्
02:57है, आजाओ, या साथी अरबेया और पाकिस्तान से बोलेगा कि हम पर हमला हुआ है, इसराइल ने अटाक किया है,
03:02आप आजाओ, यह कैसे हो decide करेंगे, या दोनों को बोलेंगे, सारे ही आजाओ, मतलब it's a very funny kind
03:08of a, very shallow kind of understanding, क्योंकि आपको clarification देना पड़ता है, इस तरह के major steps अ
03:27अपनी एक औकात बढ़ानी है, अपना status stretcher बढ़ाना है, इंटरनेशनल रिना में, तो उसके लिए वो maneuver करके यह
03:34दिखाना चाहरें कि जब हम Islamic countries के लिए हम एक alliance बना रहे हैं, अंदर ही अंदर उनको यह
03:40पता है कि यह alliance सिर्फ इसराइल focused है primarily, और हो सकता है कि पाकिस्तान उस
03:56triangle जो बना है मक्का का, लेकिन test कहां पे हो रहा है, test हो रहा है, साओधिया और इरान
04:01के बीच की लड़ाई में, और उसमें fail करता हो दिख रहा है, और इसलिए यह दोड़के इरान गया है
04:05कि कूतीज को रोकिए साओधिया पे नहीं मारें क्योंकि हमारा यह pact है, और इसे और �
04:11यह मतलब दो नावों पे चड़ने वाली बात है, तो foreign policy analyst इसको एक minute में बता देंगे कि
04:17इसमें कोई ऐसी depth नहीं है, mutual एक दूसरे का patting the back कर रहे हैं, अपना structure बढ़ाना चाह
04:25रहे हैं, और basically इसरेल को यह बताना चाह रहे हैं कि जी हम आपके खिलाव इकठा होते जा रहे
04:30है
04:30क्योंकि इरान और GCC के बीच के conflict के बाद इसरेल का domination इस एरिया में बढ़ने का अच्छा खासा
04:37खत्रा है, इरान और इरान के proxies की read टूटी हुई है, military hardware में, military supply lines में, उनके
04:44economic support systems में, इसलिए इनको यह डर लगा कि इसके बाद unilaterally इसरेल इसरेल को dominate ना कर दे,
04:51तो इन्हों
04:59पाकिस्तान वाले मसले पर ही अगर सवाल करें, तो सहाय सर, 2025 में जो हमारी छोटी सी जंग हुई थी
05:06पाकिस्तान के साथ, उसमें ख़बरे आई थी कि तुर्किये की तरफ से कुछ ड्रोन्स भेजे गए थे, या कुछ और
05:13तकनीकी सहायता भी दी गई थी पाकिस्तान को, अ�
05:31वेब आफ हमको किसी मुगालते में नहीं रहना चाहिए, कि अगर हमने अपनी एनरजी सप्लाइड नीड्स को, चाहे पीस टाइम
05:39में या वार टाइम में, गल्फ कंट्री से ज़्यादा एक्सपैंड करके, वेनेजुला और रश्या की तरफ नहीं ले गए, या
05:47सेल्फ डि�
05:59हम जानते हैं इसकी क्रिटिकालिटी को, लेकिन पाकिस्तान के साथ अगर फुल फ्लेजट वार आज की तारीक में होगा, तो
06:06सारे नाते रिष्टे चाहे वो साओधिया के हो या इरान के हो, उस वक्त इंडिया के प्रती उनका रुख क्या
06:13होगा, ये मैं किसी भी कॉमन सेंस
06:17वाले इंसान के विवेक पर छोड़ना चाहूँगा, लेकिन अगर तो ये कभी ऐसा डिसाइड होता है कि ये एक इसलाम
06:25वर्सेस भी रिस्ट का वार है, तो इसलामिक नेशन से आपको एनरजी की सप्लाई तो कम से कम डिले करी
06:31दी जाएगी, मिलिटरी हाडवेर में जादा �
06:33ये तुरकिया की बात करें, जोकि एक नोन इसलामिक कंट्री है, काफी दर्शकों को पता नहीं है, मालू है कि
06:40तुरक्या इसलामिक कंट्री और फिर भी पी-ओ-के पर, पाकिस्टान अडिमिनिस्टर्ट कशमीर पर, और इंडिया के कशमीर पर, उनका
06:50जो स्टैंड रहा है,
06:51वो जग जाहिर है बात बात पर इंटरनेशनल फोरम्स पर वो इस मुद्वे पर पाकिस्तान का साथ देते हैं क्योंकि
06:58वो कहीं न कहीं है मानते हैं कि कार्गेल या उसके पोड़े पहले से 1992 से इसराइल इंडिया की तरफ
07:04जुकता है जब भी कोई अटाक होता है पाकिस्तान प
07:28पाकिस्तान की तरफ होगा साओधी अरेबिया कुछ वक्त के लिए चुप रह सकता है लेकिन अगर यह सकलेट होगा तो
07:37अब दो पैक्ट्स जो इरान साओधी ने पाकिस्तान से किये हैं एक बाइलेटरल और एक ट्राइलेटरल तुर्किया के साथ उसे
07:45वो
07:46बाद दे होंगे पाकिस्तान की साथ खड़े होने के लिए क्योंकि अब उन्होंने लिखित में ये साइन करके दिया है
07:52कि पाकिस्तान पे हमला साओधीया पे हमला माना जाएगा तो यह एक बहुत मेजर नया डवलप्मेंट है जहां तक किताबों
07:58का सवाल है लेकिन इससे क्
08:00वार पे कुछ ज़्यादा फर्क पड़ेगा नॉट रियली क्योंकि आज की तारीक में भी हम पाकिस्तान को उतना मीजर मिलिटरी
08:06थ्रेट नहीं मानते हैं जब आमने सामने की लगाई हो लेकिन पाकिस्तान का ठीक इरान की तरह है ठीक लेबनान
08:12की तरह है जो यह प्रोक्सी
08:14का वार होता है जब यह सामने लगाई नहीं करते हैं पीट में चाकू मारना प्रोक्सी को भीजना आतंकवादियों को
08:18ट्रेन करना पाकिस्तान में और फिर जारे के समय में इंडिया में उनको ले आना यहां पर स्लीपर सेल्स डेवलप
08:24करना आई एस आई का बंगला देश औ
08:39कि इसको अच्छे से मैनेज कर लेती है लेकिन पागिस्तान is not a major military threat for us इसलिए इस
08:45pact का बहुत direct impact इंडिया के उपर नहीं होना चाहिए
08:48though we need to be cautious about it
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