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  • 5 weeks ago
छिंदवाड़ा के तामिया में सराकारी योजना के चक्कर में लिया लाखों का कर्ज, सराकार से नहीं मिली कोई मदद, अब चक्कर काट रहे साहूकार,

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00:02तामिया इलाके के चिंदी गाउं की रहने वाली आबिदा बी को सरकारी कर्मचारियों ने बड़े बड़े सपने दिखाए।
00:10सपने ऐसे कि तीन साल बाद उनकी एक एकड़ खेती से लाखों रुपे की कमाई होगी।
00:18आबिदा को लगा कि अब वो आत्म निर्भर बन जाएंगी और सरकार उने सहायता राशी दे देगी।
00:25ऐसे में पहले खुद से पैसे लगाने के लिए आबिदा ने दुकानदारों से कर्ज ले लिया।
00:33एक बगिया मा के नाम की योजना के तहट आबिदा ने कर्ज लेकर फेंसिंग लगवाई, कुवा खुदवाया और पौधों के
00:41लिए खाद भी खरीदा लेकिन यह योजना आबिदा के लिए सिर्फ कर्ज का पहाड़ बन कर रह गई।
00:49आबिदा जैसी कई महिलाओं के लिए एक बगिया मा के नाम गले की फास साबित हो रही है।
00:55सरकार से तो इन्हें पैसा मिला नहीं लेकिन जिन दुकानदारों से इन्होंने उधार या उधार में खेती का सामान लिया
01:04था वै अब वसूली के लिए इनके घरों के चक्कर काट रहे हैं।
01:09हमी जिन सोसाता चील सहू सो जोड़े ही। इसमें हमको मा की बगिया का लाब मिला है।
01:15इसमें हमारा मा का को कि उदू आइ तक चेखि सानく बॉद आधी जो हैं वारबार कर रहे हैं पैसा
01:30जाला है मा की बगिया का।
01:31What do you think about the goal of this goal?
01:37You will get a goal for 3 years.
01:40You will get a goal for a long time.
01:46What is the goal of this goal?
01:48We will get a goal for 6 years.
01:54We will get a goal for a long time.
01:56How do you think about the goal of this goal?
02:02How do you have to identify?
02:05What are you paying for?
02:08That's a good wage.
02:10The goal of this goal is a goal of getting a goal of the goal of this goal.
02:17foreign
02:25foreign
02:44Thank you, sir.
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