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  • 2 months ago
दाहोद के सरकारी स्‍कूलों के क्‍या हैं असल हालात, देखें गुजरात आजतक

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00:11नमस्कार मैं हूँ श्रशी शर्मा आज तक के गुजराथ स्पेशल बुलिटिन में UK, US और कैनेडा समेज अभी अंतराश्य दर्शुगोगत
00:17स्वागत है
00:18आज हम आपको बताएंगे तमाम बड़ी और एहम खबरें गुजराथ से जोड़ी हुई लेकिन सबसे पहले नज़र हेड्लाइन्स पर
00:30कॉंग्रिस वर्किंग कमेडी में वंदे बात्रम पर बड़ा निर्ने सिर्फ शुरू के दो पैरा को अपनाने का प्रस्ताव
00:36लोग सबा की मौझूदा पांसो तैतालीस सीटों पर एक तिहाई महला आरक्षन की माग
00:45श्रेनगर दोरे पर अमेरिकी राज़ूद गोर का बड़ा बयान बोले भारत का महत्पूर नंग जम्मू कश्मीर हम इस रिष्टे को
00:52आगे बढ़ाने के उच्छुक
01:13सत्याइंद्र जैन के गिरफतारी को दिल्ली की अदालत ने माना सही टेंडर गोटाला केस में चौधा दिन की नियाई खिरासत
01:20पचीस अगस्त को बेल ज्याचिका पर सुनवाई
01:25और उत्तर के बहाड़ी राज्यों में खुद्रत का कोहराम हिमाचल के सुलन में दर्का पहाड उत्तरा खड़ में दीव प्रया
01:31के पास सब अधरिनाथ हाईवे पर गिरे मल्बे को उड़ाने का काम जारी
01:51जो नल है उसमें पानी नहीं आ रहा है और ये वाटर कूलर की स्तिती आप देख पा रहे हैं
01:55सिर्फ धूल और मिटी इस वाटर कूलर और उसके आज़ पास सिर्फ जाले दिखाई पड़ रहे हैं
02:05ठेसो बच्चे यहाँ पर पढ़ाई करते हैं कितने शिक्षकों की कमी है और कब तक ये कमी पूरी होगी
02:22इस जरजर बिल्डिंग को गिरा के या इसकी जगे पे नया जो बिल्डिंग जो की सरकार की तरफ से बनाना
02:28चाहिए था वो आप तक बन नहीं पाया
02:34जिस बिल्डिंग में फिलाल में मौझूद हूँ ये प्राइवेट बिल्डिंग है सरकारी जो स्कूल जिस सरकारी बिल्डिंग में चलनी चाहिए
02:41वो बिल्डिंग नहीं होने की वज़े से प्राइवेट बिल्डिंग दिया हुआ है
02:54देश भर में जैनल्फा लकातार स्कूलों की बदहाल व्यवस्था को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रही है
02:59गुजरात के सरकारी स्कूलों में कैसे हालात हैं
03:01इसकी पर्ताल करने के लिए आज तक की टीम आज दाहोद जिले के अलगलग सरकारी स्कूलों में पहुँची थी
03:07और हालात का जायजा लिया गया
03:08सबसे पहले दाहोद जिले के खंगेला प्राइमरी स्कूल का हाल देख लीजे
03:15दाहोद के कोटड़ा गाउं में स्थित सरकारी प्रात्मिक स्कूल में फिलहाल हमारी मौजूदगी है
03:19इस स्कूल में 309 जितने चात्र पढ़ाई करते हैं
03:23लेकिन स्कूल का बिल्डिंग जो की तस्वीरों में देकर आप समझ पाएंगे किस हालात में है
03:27जरजर स्थिती में स्कूल का बिल्डिंग है और बच्चों की शुरक्सा को देखते हुए
03:32साल 2021 में इस बिल्डिंग को जरजर घोशित करने के लिए स्कूल की तरफ से जो कारिवाही है वो की
03:39गई थी
03:40लेकिन इसके बावजूद 2026 आ चुका है लेकिन इस जरजर बिल्डिंग को गिरा के या इसकी जगे पे नया जो
03:47बिल्डिंग जो की सरकार की तरफ से बनाना चाहिए था वो अब तक बन नहीं पाया और बच्चों को फिलाल
03:52अब इस स्कूल में पढ़ाने की स्थिती नहीं �
03:55बची है बच्चों की अगर हम बात कर लें तो 309 जितने बच्चे ग्राम पंचायत और यहां से पीछे दो
04:00कमरे हैं उस कमरों के अंदर पढ़ने के लिए मजबूर है इसी के साथ आप तस्वीरों में देखिए सिमेंट के
04:06शेड जो की छट की जगा यहां पे दिखाई भी प
04:25और आप जो यहां पे फैन लटकता हुआ दिखाई भी पढ़ रहा है उसमें किस प्रकार से जाले लगे हुए
04:30हैं आप तस्वीरों में देख पा रहे हैं शिक्षकों की भी मजबूरी है कि लगातार उनके द्वारा सरकार को इस
04:37जरजर स्कूल में बताया जा रहा है लेकिन �
04:40इस जरजर स्कूल की जगे नई जो बिल्डिंग बननी चाहिए वो नहीं बन पा रही है जिसका सीधा खामियाजा 309
04:46जितने कोटड़ा गाउं की इस सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले चातरों को उठाना पड़ रहा है आप सामने की तरफ
04:52की तस्वीरों में भी देख पा र
05:09रावना भी कई बार साबित होता है हमारे साथ इसी कोटड़ा के सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल भी मौजूद है उनसे
05:14बात करेंगे सर क्या नाम है आप मरज परमार मनोज जी स्कूल की हम हालात देख रहे हैं सलिये दिखाई
05:20पड़ रहे हैं साल 2021 से आपने इसको जरजर करन
05:38जल्द ही आपकी स्कूल चालू कर देंगे नवी बनवानी जो अगर ये इस पर इंफ्रास्ट्र बन जाए तो बच्चों को
05:46यहां पढ़ाई करने में मन लगेगा और दिक्कत नहीं होगी और अच्छी तरह से अपना भविश्य साकार कर सकेंगे
05:58अब हमारी स्कूल में 309 बच्चे पढ़ते हैं और एक से पांच चक के बच्चे दो क्लास में बेटते हैं
06:07जो नीचे दिये गए यहां से 500 मिटर दूर और 6-8 क्लास के बच्चे गराम पंचायत के तिन रूम
06:14है उसमें बेटते हैं
06:17शिक्षकों की परिस्तितिया क्या है क्योंकि हम जहां भी देख रहे हैं शिक्षकों की कमी हमें देखने को मिल रही
06:21है आपके यहां कितने सिक्षक होने चाहिए कितने हैं
06:24हमारी यहां कुल छे सिक्षक है और एक लिव पे है और होने चाहिए दस एक मुक्षे सिक्षक प्रिंसिपल होना
06:36चाहिए पर वो नहीं है और दो की कमी है
06:40लेकिन इसके अलामा भी अब मैं आपको जो पुराना वाला जो बिल्डिंग है जहां पर आज से दो साल पहले
06:45कुछ छातर को पढ़ाया जाता था उस बिल्डिंग की अंदर की भी स्तिति दिखा दूँ तो छट जो है उसमें
06:50से पानी टपकता है और उसके अंदर जो सारा सामा
06:54है वो फिलहाल रखा गया है जब हमारे साथ प्रिंसिपल ने भी बात की उन्होंने यही कहा कि छातरों को
06:59कंप्यूटर की तो पढ़ाई करा ही नहीं जा सकती क्योंकि 15 जितने कंप्यूटर चातरों को पढ़ाने के लिए जरूर से
07:05दिये गये हैं लेकिन कंप्यूटर को पान
07:24चात्रों को बैठा के पढ़ाया जा रहा है आप ही सोचिए ये कैसे संभव है साथ जितने सिक्षक हैं साथ
07:30सिक्षक अगर इस दो कमरे में आते भी हैं तो कैसे पढ़ा सकते हैं ये भी सबसे बड़ा सवाल पैदा
07:36हो रहा है कैमरा पसंद साइद अलम के साथ तुलती बारी आ�
07:53ये स्कूल अब तक 2012 से ऐसे ही चल रहा है घर के भीतर
07:59दाहोत के सिंगवड में स्थित सरकारी प्रात्मिक स्कूल में हमारी फिलाल मौजूदगी है लेकिन आप तस्वीरे देखकर इसे पहचान भी
08:07नहीं पाएंगे कि ये एक स्कूल है और जहां पे कुछ बच्चे अभी फिलाल उनके हाथों में पैन और पैंसिल
08:15है और किताबो
08:16में वो कुछ लिखते हुए दिखाई भी पढ़ रहे हैं और वो शिक्षकों की मौजूदगी में पढ़ाई भी कर रहे
08:21हैं सिंगवड की इस स्कूल की बात करें तो साल 2012 से ये स्कूल यहां पे चल रही है लेकिन
08:27इस जगे पे जहां पे ये बच्चों को पढ़ाया जा रहा
08:32से दो शिक्षकों के साथ बच्चों को पढ़ाया जा रहा है एक से पांच के बच्चों को यहां पे शिक्षा
08:37प्रदान की जा रही है लेकिन सबसे अचंबित करने वाली बात यह है कि सरकारी स्कूल के पास अपना कोई
08:43बिल्डिंग नहीं है ये जो जगे पे शिक्षक यहा
08:49इने वाले एक स्थानिय व्यक्ति की जगे है उसी का खुद का मकान है जिसने बच्चों को पढ़ाने के लिए
08:55ये जगे दे रखी है जो शिक्षी क्या यहां पे मौजूद है उनसे बात करेंगे मैं कितने समय से आप
08:59इस स्कूल में पढ़ा रहे है इस स्तापना तरिक्षे 20
09:06वीशाट पेजर बार से सरु है अचा मतलब 2012 सी ये स्कूल चल रही है 26 में हम आज बात
09:12कर रहे है 14 साल सी ये सरकारी स्कूल है
09:16कितने बच्चे यहां पर पढ़ते हैं कौन से कौन से स्टांडर यहां एक से पांच काक्षा के बालक बनते हैं
09:24कितने बच्चे हैं कुल संखे अभी 38 बलक है आप पढ़ा रहे हैं क्या यह सरकारी जगा है कि किसी
09:31स्थानी यह नहीं यह गाम के वाली के मकान है
09:37क्या आप लोगों ने आगे सरकार से या डिपार्टमेंट में बोला है जगे के लिए हाँ बोला था
09:45कि थोड़े वरस में जगह की प्रश्न था अभी प्रश्न नहीं है जगह मिल गई है
09:54जगे तो किसी ग्रामे जन की हाँ किसी वाली की है
09:59अगर यह बच्चे क्या रेग्यूलर आते हैं यहां पेरेंट्स भी सो टका बालक आते हैं
10:08यह जगे है अगर यह जगे मालिक वापस ले ले तो इन बच्चों का क्या होगा आप कैसे पढ़ाएंगे
10:14वह तो दिक्रत होगी ने
10:19जगल मिल पाए तो हमारा मकान हो जाए तो हम उसी से बालक को पढ़ाएं
10:28इतने शिक्षक हैं यहां दो शिक्षक है
10:32आप देख पा रहे हैं कि दो शिक्षकाए जो की यहां पे मौजूद हैं बच्चों को पढ़ा रहे हैं
10:37और एक से पाँचवी क्लास के जो बच्चे हैं वो यहां पे एक साथ एक ही जगे बैठके शिक्षा लेते
10:43हुए दिखाई भी पढ़ रहे हैं
10:44लेकिन इसी के बिल्कुल पीछे की तरफ आप देख पा रहे हैं एक कमरा है हाला कि उस कमरे में
10:48अंधेरे की वज़े से शिक्षक भी बच्चों को बाहर की तरफ लेकर यहां पे पढ़ाने के लिए बैठते हैं तो
10:55मैं वही तस्वीरे भी आपको दिखाने की कोशिश करूँ
10:57जहांगा कि जहां पे बच्चे फिलाल पढ़ रहे हैं वो तो जो इंफ्रस्ट्रक्ट्चरा आप देख रहे हैं वो तो पक्का
11:02है क्योंकि यहां रहने वाले एक सामान्य ग्राम्जन ने शिक्ष्या विभाग की तरफ से जो स्कूल बनाई चाहनी चाहिए थी
11:09जो इन्फ्रस
11:27एक कैमरे पर दिखाई जो की हर सवालों का जवाब देने के लिए काफी थी क्योंकि सरकार की तरफ से
11:32जो इंफरस्ट्रक्चर यहां बच्चों की पढ़ाई के लिए प्रोवाइड किया जाना चीए था वो नहीं है
11:3638 जितने बच्चे सिंगवड की इस सरकारी परात्मी की स्कूल के अंदर पहली से पांचवी कक्षा तक पढ़ाई करते हैं
11:43लेकिन सरकार की तरफ से एक वर्ग भी नहीं दिया गया है
11:47कैमरा परसें साहिद आलम के साथ अतुलती वारी आज तक
11:50इसके बाद आज तक की टीम खंगेला के प्रैमरी स्कूल पहुंची वहाँ जो कुछ दिखा बहुर जादा इहरान करने वाला
11:56था
11:56स्कूल में बच्चों के लिए पीने के पानी तक की व्यवस्ताएं नहीं हैं खुद देखे आग
12:02दाहोद जिले के खांगेला गाओं में मेरी मौजूदगी है और इसी खांगेला गाओं में सरकारी जो स्कूल चल रही है
12:09फिलाल मेरी उसी स्कूल में मौजूदगी है
12:11जिस building में फिलाल मैं मौझूद हूँ ये private building है सरकारी जो school जिस सरकारी building में चलनी चाहिए
12:18वो building नहीं होने की वज़े से गाउं के स्थानिय शक्स द्वारा सरकार को या कहें कि school को एक
12:25private building दिया हुआ है जिसमें फिलाल कक्षा 11 के बच्चों को पढ़ाया जा रहा है
12:31खास करके नौवी और दस्वी की भी अगर बात कर लें तो school के पास अपना खुद का building नहीं
12:37है जिसकी वज़े से primary की building का इस्तमाल नौवी और दस्वी के चात्रों के लिए किया जा रहा है
12:43फिलाल मैं आपको तस्वीरे दिखाऊंगा जिस private building के अंदर ग्यारवी के जो चात्र है वो पढ़ाई कर रहे है
12:49आप तस्वीरों में भी देख लीजिए
12:50करीब 40 जितने बच्चे ग्यारवी के class में हैं जिने शिक्षक के द्वारा पढ़ाया जा रहा है जब हम इस
12:56school पे पहुँचे तब पता चला कि सरकारी building तो नहीं है लेकिन private building में जो शिक्षक है उनकी
13:02महजूदकी के बीच में जो ग्यारवी के चात्र है उन्हें पढ़ाया �
13:06जा रहा है कोशिश करेंगे सिक्षक से भी बात करने की सर क्या नाम क्या है आपका मेरा नाम नरिश
13:12भाई बारिया है प्राइवेट building में बच्चों को पढ़ाना पढ़ रहा है क्या ऐसी जरूरत आई है कितने बच्चे हैं
13:19जो कि आप 11 में पढ़ा रहे हैं हमारी 11 कक्सा में
13:22कुल लड़िक्यां और लड़कें मिला कर पचास बच्चे पढ़ रहे हैं ऐसा है कि हमारी जो सरकारी building है वह
13:29अभी काम में काम चलुए बराबर बनी नहीं हुए इसलिए हमें यहां पर किसी दूसरे का गर लेकर पढ़ाना पढ़
13:36रहा है
13:37रेग्यूलर क्या चात रहाते हैं क्योंकि नौवी से ग्यारवी तक के क्लास यहां पर चलाए जा रहे हैं जो कि
13:44दूसरे building में चलाए जा रहे हैं सरकारी खुद का building नहीं है लेकिन ऐसे में क्या बच्चे रेग्यूलर आते
13:49हैं सारे
13:50जी बिल्कुल हमारे पाट साला में ऐसे देखा जाए तो नौवी से लेकर ग्यारवी तक 393 बच्चे हैं इसमें से
13:58ज्यादा तर 85 परतिसाथ बच्चे रोज आते हैं 10 से 15 परतिसाथ ही कम आते हैं
14:04नहीं आने की वज़ा एक शिक्षक के तोर पे आप क्या बता पाएंगे जो बच्चे नहीं आते हैं और क्या
14:08प्रयास किये जाते हैं
14:34पानी की टंकी जरूर से रखी गई है लेकिन पानी की टंकी पूरी तरह से खाली है
14:38बच्चों को पीने के लिए जो सुविधा सरकार की तरफ से यहां उपलब्द कराई गई है
14:42वो बिल्कुल सपस्ट देखने को मिल रहा है कि उसे बिल्कुल मेंटेन नहीं किया जा रहा है
14:47यहां पे कई सारे चातरों की मौझूदगी है लेकिन बच्चे जब स्कूल में आते हैं तो पीने के पानी के
14:53लिए उन्हें कही न कहीं वंचित रहना पड़ रहा है
14:55आप नल को देख पा रहे हैं किसी भी तरफ नल को आप चालू करने की कोशिश कर लीजिए लेकिन
15:01पानी यहां पे नहीं आ रहा है क्योंकि जो टंकी इस नल के साथ जोड़ी गई है उसी में ही
15:06पानी नहीं है
15:06इस प्रात्मिक स्कूल में लगबख साड़े तीन सो जितने चातर पड़ते हैं लेकिन पीने के पानी से इस स्कूल के
15:12चातर वंचित है और यह तस्वीरे इस बात की गवाई दे रही है कि पीने की पानी की जो सुविधाय
15:17यहां पे होनी चाहिए थी उसका क्या हाल यहां पे
15:33सिर्फ धूल और मिटी इस वाटर कूलर और उसके आसपास सिर्फ जाले दिखाई पड़ रहे हैं जहां पे पानी और
15:40जहां पे ग्लास रखकर नल से पानी भरना था वहां चपल पड़ी हुई है और किस प्रकार कि स्थिती यहां
15:46पे वाटर कूलर के आसपास में देखने को म
15:49प्रफिल रही है आप साफ तौर से तस्वीरों में भी देख पा रहे हैं जो चात्र यहां पर पढ़ने वाले
15:53हैं उनसे भी कोशिश करते हैं बात करने की बिटा पानी के लिए जो वाटर कूलर यहां पर रखा गया
15:58है कभी चालू किया गया था कि इसी तरह से कितने दिन से बं
16:17बंद है तो आप वाटर कूलर की अगर बात करें तो छात्रों से भी जब हम बात करें तो उनका
16:22यही कहना है लंबे समय से यह वाटर कूलर यहां पर बंद है और यह प्रमान है कि यह वाटर
16:27कूलर यहां पर पूरी तरह से वेस्ट हो रहा है साथी में जो इसके साथ पानी की
16:32जो मशीने भी यहाँ पे फिट की गई हैं उसके साथ भी water cooler का किसी भी प्रकार से जो
16:37जुडाव होना चीए था वो नहीं है यानि कि बच्चे जो हैं वो यहाँ पे जो पास में लगा hand
16:42pump है उसी से पानी पीने के लिए मजबूर हैं लेकिन जो सुविधाय यहाँ पे water cooler के नाम
17:00सरकार की तरफ से समय समय पे जिस प्रकार से बच्चो को पढ़ाया जा सके practical knowledge computer का दिया
17:06जा सके इसके लिए computer जो दिये जाते हैं उनकी तस्वीरे आप देख लीजिए यह खंगेला प्रात्मिक स्कूल के computers
17:13हैं लेकिन computer की स्थिति देखिए कि इस प्रकार से यहाँ पे computer रखे
17:17जिस प्रकार से CPU लगातार एक ही साथ एक ही लाइट में चार CPU रखे हैं आप समझ सकते हैं
17:22किस प्रकार से इन computer का इस्तमाल होता होगा चाहे monitors की बात कर ले monitor भी जिस प्रकार से
17:27यहाँ पे एक ही साथ दो तीन चार जो monitors हैं रख दिये गए हैं अगर monitor पर अगर हम
17:33उंगली भी
17:43monitors जो पड़े हैं उसकी उपर धूल जमी हुई है साथी में जो CPU यहाँ पर रखे गए हैं इस
17:48CPU की भी स्तिती को आप देख लीजिए किस प्रकार से यहाँ पर धूल और मिट्टी जमी हुई है आप
17:53इसी स्कूल में अगर बात करें तो नौवी से ग्यारवी कि ये क्लास के ब�
18:11नहीं आते हैं हमने शिक्षकों को पिछले एक गंटे से पूछा लेकिन अभी तक प्रिंसिपल की गैर मौजूद्गी देखने को
18:18लगातार मिल रही है प्रिंसिपल स्कूल में मौजूद नहीं है कैमरापरसें साहिद आलम के साथ तुनती भारी आज तक दाहोड
18:25जिले के इ
18:40इतावा गाओं में स्थित प्रात्मिक स्कूल में मेरी मौजूदगी है और इस प्रात्मिक स्कूल की बात करें तो करीब साड़े
18:46साथ सो जीतने चात्र इस स्कूल में पढ़ते हैं अगर एक वर्गखंड की अंदर अगर 40 बच्चे पढ़ते हों ऐसा
18:52अगर हम मान लेते हैं
19:06अलग-अलग जो classrooms हैं, उसमें जो बच्चे हैं, वो पढ़ रहे हैं, computer labs भी यहाँ पे उपलब्द करवाई
19:12गई हैं, लेकिन शिक्षक की अगर हम बात कर लें, तो शिक्षकों की मौजूदगी हर वर्गखंड में हमें देखने को
19:17मिल रही है, हमारे साथ school के principal भी मौजूद है
19:43सर, अगर इस school की हम बात करते हैं, तो कितने वर्खंड हैं और कितने बच्चे यहाँ पर पढ़ते हैं?
19:57सर, अगर हम यह बात करें कि आपके school में लगवग साथ सो जितनी संख्या है, उसके मुदाबिक कौन से
20:03कौन से section में शिक्षकों की कमी हैं फिलाल?
20:07एक से पांच में पांच टीचर की कमी हैं और से आंट्स में तीन टीचर की कमी हैं, तो आंट
20:13टीचर की में कमी हैं।
20:16सर, एक शिक्षक के प्रती कितने बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी अभी बन रही है फिलाल?
20:22पहतिस दे चालिस संख्या हम पीछे देख पा रहे हैं कि कम्पूटर क्लास हैं लेकिन बच्चों को यहां पे पढ़ाना
20:27पढ़ रहा है, क्यों ऐसा हो रहा है?
20:29क्लास की कमी अभी जगा नहीं है, इसलिए जो रूम है उसमें पढ़ाना पढ़ा है, नहीं जगा है हाई स्कूल
20:35की, वो जगा मंजूर हो गए लेकिन टेंडर नहीं होगा, तो टेंडर नहीं नहीं जगा बन जाएगी।
20:41इसी जगवे पे क्या नौवी, दस्वी और ग्यार्वी के छात्रों को भी पढ़ाया जाता है? उनका ओफिशल बिल्डिंग नहीं है,
20:48वो लेटर हुआ है, कि अभी बच्चों को ये प्राइमरी में चलाना है, तो प्राइमरी चल रहा है। उनका बिल्डिंग
20:54कहीं और बन �
21:06स्कूल में पढ़ते हैं, लेकिन ये कंप्यूटर लैब जहां वर्खंड की कमी की वज़े से बच्चों को कंप्यूटर लैब में
21:12पढ़ाने की नौबत आ रही है, लेकिन फिलाल अगर बात करें तो साड़े साथ सो बच्चों के लिए इस बिल्डिंग
21:18में आठ वर्खंड �
21:19और पासी में दूसरे आठ वर्खंड तयार हुआ हैं, लेकिन सबसे बड़ी जो एक कड़वी हकीकत सामने आ रही है
21:25कि ये स्कूल में भी जो नौवी, दस्वी और ग्यारवी के छात्र हैं उनका अपना बिल्डिंग नहीं है और इसी
21:31प्रात्मिक स्कूल में उन बच्चों क
21:33पढ़ाने के लिए जगे दी गई है, यानि कि जब आठ वी, नौवी, दस्वी, ग्यारवी के छात्र जब पढ़ाई करते
21:39हैं तब उनका खामियाजा एक से आठ के छात्रों को भुगदना पढ़ता है
22:03बैठा के यहाँ पर पढ़ाया जा रहा है, इस प्रकार की मजबूरी इसलिए भी आई है क्योंकि नौवी से बारवी
22:08के जो क्लास जो बिल्डिंग होनी चाहिए वो फिलहाल है नहीं और इस बिल्डिंग के लिए यहाँ से पास में
22:14जगे दी गई है, हाला कि वहाँ पर अब
22:39बैठा के लिए इसलिए बारवी के बच्चे है, इनके लिए भी जो बिल्डिंग होनी चाहिए जो अलग से ख्लासरूम होने
22:48चाहिए वो उपलब्द नहीं है, इन बच्चों को प्राइमरी के जो वर्ग हैं उसमें पढ़ाना पढ़ रहा है, जिसका खामियाजा
22:54प्राइमर
22:54बच्चों को उठाना पढ़ रहा है, साथी में सिक्षकों की कमी जो की साफतोर से देखने को मिल रही है,
23:00विद्या साहिक के नाम से सरकार शिक्षक की पूर्ती की कोशिश तो कर रही है, लेकिन अगर इस स्कूल की
23:06भी प्राइमिक स्कूल की भी बात कर लें तो 50% शिक्षको
23:09की कमी है, साथी में प्राथमिक स्कूल के अंदर 9-12 के बच्चों को पढ़ाया जा रहा है, इनका अपना
23:15कोई बिल्डिंग ही नहीं है, कैमरा परसेंट साहिद आलम के साथ दूलती बारी, आज तक दाहोद
23:21दाहोद के स्कूलों के बाद, अब आपको भावनगर के एक सरकारी अस्पताल की हरान कर देने वाली खबर दिखाते हैं,
23:27यहां 2,55,000 लीटक शमता वाली एक पानी की टैंकी बननी थी, पानी की टैंकी का कोई काम नहीं
23:32हुआ, फिर भी इसके लिए 50,000,000 रुपे से जादा क
23:46अक्त कारवाई के निर्देश दिये, उसके बाद दो एंजिनियर्स को सस्पेंड कर दिया गया है, मध्यप्रदेश के बैतूर का रहने
23:55वाला युवक 25,000 किलोमीटर की यात्रा पर निकला था और वो भी अपनी साइकल से, यह युवक 3,000
24:00किलोमीटर की यात्रा पूरी करके
24:14अपने पड़ों सी देश नेपाल का दौरा करने का भी प्लान किया है, निकल फिलाल गुजरात के दौरे पर हैं
24:20और अगले एक साल में वो 22,000 किलोमीटर का पूरा सफर करेंगे, निकल की यात्रा का मकसद है भारत
24:26को विश्वगुरू बनाने का संदेश देना
24:45सहरियाना, राजिस्थान, राजिस्थान में उसकर और अपने खर्टशयम जी के दर्शन करते हुए, गुजरात में अंबर जी के दर्शन करते
24:51हुए, हमें यहाँ पर आगे दौरी का दिस लिजारों मेंडी टोटल जर्नी 25,000 किलोमेटर की है
24:59मुख्यमंत्री भुपेंद पठेल ने अमेरिका दौरे के दूसे दिन अमेरिकी कंपणियों को गुजरात में निवेश के लिए आमंधित किया
25:05CM के नितितु में गुजरात सरकार के प्रतिनीधी मंदल ने सैन फ्रांसिस्को में सेमी कंड़क्टर, डीप टेक, आर्टिफिशल इंटेलिजेंस, स्टार्टप,
25:14स्किल्स डेवलपमेंट और साइबर सेक्योर्टी सेक्टर की ग्लोबल कंपणियों के प्रतिनीधियों के सा�
25:30मंदिर के आसपास पर स्तावित कारीडोर को लेकर प्रशासन का एक्षन लगातार जारी है, घुयावाड़ा इलाके में देर रात करीब
25:37तीन बजे बड़े पैमाने पर डिमोलीशन किया गया, इस दोरान एक इलार्मी के स्थल्पीन दुकान और एक मकान उत्वस्त किया
25:44गय
25:45कई अन्य प्रापर्टी पर कारवाई की गई, नौसारी जिले के ओंजल मचवाड़ा इलाके में आसाराम बापु के आश्रम पर प्रशासन
25:56ने एक बार फिर बड़ी कारवाई की है, सरकारी जमीन पर आश्रम द्वारा किये गया अतिक्रमर को प्रशासन ने बुल्डोजर
26:02�
26:02चला कर हटा दिया, आपको बता दे कि साल 2013 में भी गुजराद भूई राजस व अधनियम के तहट इस
26:08जमीन से अतिक्रमर हटाने की कारवाई की गई थी, इसके बाद यहां फिर से अतिक्रमर कर लिया गया था
26:17भावनकर जिले के उक्राला गाउं में जुआ खेल लहे लोगों में अचानक भगदर बच गई, इस दोरान तीर लोग मुए
26:23में गिर गए जिसे तीनों की मौके पर ही मौत हो गई, बताया जा रहा है कि किसी में पुलिस
26:27को जप्रमारी को लेकर शोर मचा दिया था जिसी सु
26:43झाल झाल

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