00:00जैसे हिटलर ने अप लिखा था कि अगर एक जूट को सौ बार बोलो तो वो सच हो जाता है
00:04और उन्हों का जूट था लोगों ने माना भी तो ये तो ये हो रहा है ना कि जूट तो
00:09और प्लॉरिफरेट हुआ है
00:13हिटलर ने इतना जूट बोला, इतना जूट बोला कि जूट गिर गया ना
00:17पर कीमत देखो ना, मैं नहीं चाहता आप वो कीमत चुकाएं
00:22हिटलर का जूट कहां बहुत चला, एक दशक चला है बस
00:271933 के आसपास से शुरू होके 1945 तक
00:31इतना ही चला हिटलर का जूट गिर गया ना, एक दशक कुछ नहीं होता है ते हास में
00:39लेकिन कितनी करोडों मौतें और जर्मनी का पूरा विध्वन्स
00:46पूरा विध्वन्स, तो गिर तो जाएगा यह, जितना उसका फुगगा फुलाओगे उतनी जल्दी गिरेगा
00:53यही हिटलर ने, जो भी उसकी मानने ताही थी, उनको थोड़ा सा सीमा में रखता
01:03डाइल्यूट करके रखता, मिश्रित करके रखता, सुईकारे बना के रखता
01:09तो हो सकता है, पचास साल नाजियों का राज चल जाता
01:15अब दूसरों को अपने से हीन या पराया या तुछ, तो दुनिया के लगभग सभी समुदाय और संप्रदाय मानते हैं
01:25हिटलर ने अती ही कर दी, ऐसा नहीं कि हिटलर अकेला था, उस समय में जो यहूदियों से नफरत करता
01:33था
01:34एंटी सेमिटिज्म तो उस समय यूरोप में लगभग हर देश में प्रचलित्था, हर देश में
01:45पर हिटलर ने अती कर दी, उसने कहा अगर यह बुरे लोग हैं तो इन्हें मरना होगा
01:51उसने कहा अगर यह बुरे हैं यह जूट को अपने असीमित कर रहा है वो