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'धरने के नाम पर कांग्रेस स्वांग रच रही...', राहुल गांधी पर स्मृति ईरानी का वार
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00:00भारतिय जनता पार्टी की महा मंत्री और पूर्फ केंजर मंत्री स्मिती इरानी इस वक्त हमारे साथ लाइव आज तक पर
00:05जुड़ रही है
00:06स्मिती जी राहूल गांधी कह रहे हैं कि F.I.R. दर्ज नहीं होगी वो साहिल को लेकर बैठे हैं
00:25का अफमान करते करते कॉंग्रेस पार्टी एक चक्रवियू में फच चुकी है
00:30आज वही कॉंग्रेस पार्टी अपने एक नेता को पुलीस खाने बेशती है एक नया स्वांग रचने के लिए
00:36ताकि देश का ध्यान वो मंदे मात्रम की कॉंट्रोवर्सी से हटा सके
00:41विशे ये है कि जब पुलीस की विवस्था से ये कहा गया है कि प्रोब अंडर वे है
00:47जब सुप्रियम कोर्ट ने अपना मंतव्य अपना वक्तव्य इस विशे पर दे दिया है
00:52तो क्यों अपनी राजनितिक फाइदे के लिए एक प्रश्ण चिन्न लगा रहे हैं
00:57राभन गान ली हमारे देश की पारामिलिटरी फॉर्सस पर
01:00लेकिन स्मिती जी क्या ये स्वाभाविक नहीं है कि एक राजनितिक पार्टी राजनितिक फाइदा उठाएगी
01:05वो ये कहेगी हम कि उन बच्चों की आवाज बन रहे है
01:09स्वाभाविक आपने कुछ नहीं है कि वो अपने राजनेतिक फाइदे के लिए कदम उठाएंगे यही सब्त्य है लेकिन राजनेतिक फाइदा
01:20उठाने के लिए वो किस पर आक्रमन कर रहे हैं देश की पैरा मिलिटरी सर्विसिस पर वो किस पर आक्रमन
01:26कर रहे हैं पुलीस की
01:28वर्दी पहनने वाले हमारे महिला पुरुष जितने भी ऑफिसर्स हैं पुलीज वल हैं उस पर आक्रमन कर रहे हैं तो
01:35अपने राजनेतिक फाइदे के लिए जैसा कि आपने इस पश्ट रूप से कहा क्या ये राजनेतिक दल जो कॉंग्रेस पार्टी
01:41है रूंके नेता इस अ�
01:56भी नहीं हो हमारे देश के त्यास में तो जब इन्वेस्टिगेशन वर्तमान में चल रही है तो ऐसी क्या ज़रूरत
02:02है राहूल गांदी को जब पॉंट्रोवासी चरम पर है बंदे मातरम की कि वो आज जाकर वहां बैठे हैं और
02:09वो इस विशह पर कितने संजीदा है अंज
02:24कि आपको ये संजीदा राजनेतिक दल के संजीदा नेता का स्वरूप लगता है लेकिन सरकार मुश्किल में तो घिर गई
02:32है क्योंकि आप वहां पर बैठ गए है और वो हटने को तयार रही है समिती जी बिल्कुल नहीं सरकार
02:37में मैं सरकार के प्रतिनिदी के नाते आज नह
02:52एक मनतव्य सरकार ने परामर्श करके सारी तहकीकात के लिए जितना समर्थन चाहिए इन्वेस्टिगेटिव एजनसीज को वह भी विवस्ता की
03:02है सरकार को चुपाने की कोई जरूरत नहीं है
03:05लेकिन स्मिती रानी जी आपने दो शब्द मेरे पकड़े की राजनितिक फाइदे की बात मेरा ये अर्थ था कि वहाँ
03:11पर जब वो किसी इनसाफ की बात वो सारे लोग कर रहे हैं जो की जंतर मंतर पर जिनको लग
03:16रहा है उन पर लाटियां चली जिन पर भी हमला हुआ वो क
03:29को भी देखा है इस घटना करम ने कभी भी राहुल गांडी एक वाक्या भी बोले है कि दिली पुलीस
03:37के पुलीस बल पर अकरमन नहीं होना चाहिए था उनका माथा नहीं खोडा जाना चाहिए था एक शब्द होले है
03:44लेकिन स्मृति जी स्मृति जी इस दिलिए ताब और ब
04:06जी आपने इस पूरे विशे को इतने दिनों से कवर किया आपको राहुल गांडी का एक वक्तव यह मिलाये क्या
04:12कि पुलीस की वर्दी पर हात नहीं उठाना चाहिए था तारा वलेटी सर्विस पर हात नहीं उठारा चाहिए था नहीं
04:19मिलाओ तो अगर वो सच्ची में नाय
04:29यही मेरी बात है तो पूरा पूरा हक है कि आप इस मुद्दे को उठाए लेकिन दूसरे पशन का मुद्दा
04:35उठारी है ना वो भी तो मुद्दा उठार रहे हैं तो क्या इनन्साarily इत्रा की वह यात्रा इसको संभी नहीं
04:46कर सकती क decor है
04:48आपको Rahul Gandhi कहीं भी धरने पर दिखे
04:50ये कहते हुए कि बताओ
04:53करा मिलिटरी को पुलीस को किस ने मारा
04:56नहीं मिलेंगा
04:58इसच आप
05:11लेकिन कोई भी जब जाच होती
05:13investigator होता है
05:15तो कम्प्लेंट दरती है फिर F.A.R.
05:39तो रावल गांधी क्या राजनितिक नोटियां सेक रहे हैं?
05:46लेकिन मेरा पुना है कि अगर वो इंसाफ के पक्ष में हैं तो क्या पारा मिलिटरी सर्विस को पुलीस को
05:54किस ने मारा? पुलीस बल के बच्चों ने तो अपना एक वहां पर शायद दिली के किसी एक जगा पर
06:01यह भी कहा कि वो भी तो नौजवान है जिनके माता पिता पुली
06:13को मैं नहीं देख सकते हैं स्मृती जी अगला सवाल मेरा पुलीस बल को पारा मिलिटरी सर्विस को लांचित कैसे
06:22कर सकते हैं लेकिन हाल के कुना कहती हूं कि वंदे मात्रम के विशेव पर वो घिर रहे थे तो
06:29लोगों का ध्यान भटना भटकाने के लिए कर रहे हैं अभी �
06:32आप सबके सामने बैठे हो हैं ना तो उनसे जाके पूछिए वो थेना कॉंग्रेस हैड़्वाटर में जब वंदे मात्रम पूरी
06:38तरह से नहीं गाया जाएगा श्रीमती गांधी ने रोका तो वो क्या रूका उन्होंने यह जो सज्जन चुनाओं में आके
06:45अपना गोत्र ब
06:58मानते हैं तो लक्षमी जी माभारती का सम्मान और हमारे हिंदुस्तान की जनता माभारती को एक विद्ध्या का सोत्र मानती
07:06है इन सब चीजों पर अंकुष लगाया सोन्या जी ने लेकिन अब राहुल गांधी जी चूप थे आप लोग इसको
07:14सफी लड़ाई लड़नी चाह
07:28कर सकते उसके लिए धरने पर क्यों नहीं बैठे कि मुझे जाना है मंदिर और आप यहां पर कॉंग्रेस एड़कॉर्टर
07:36में दुर्गामा का अपमान कर रहे हैं क्यों नहीं बैठे
07:58करिक्रम आयूजित किया था जब यूपीय की सरकार थी तब भी उस आयूजित करिक्रम में सोन्या जी नहीं गई उन्होंने
08:06उसका भी भाहिश कर किया था तो यह सारे मुद्दे ना उप्छे अब उनका तो पार्टी का ओफिशल स्टैंड है
08:14सुमिती जी नहीं तो नहरू ज
08:27जिन्हा को यह भी पत्र में लिखा था कि जिन्हा की यह डिमांड है कि गौहत्य होनी चाहिए इस देश
08:32में और मैं यह पत्र है रिकॉर्ड पे आप नहरू और कैसे निकाल सकते हैं 1938 का जी भी पंत
08:38को नहरू जी ने लिखा कि हम कोई भी लेजिसलेटिव एक्शन नहीं ले
08:55कि नहरू जी की यह बात भी मुझे समर्थन देनी है बोलिया ना अब यह तो उनकी पार्टी डिसाइड करेगी
09:02यह तो उनकी पर्टी डिसाइड करेगी लेकिन वापस विशेए पर आते हैं वाए एक सवाल प्चा बोली जेश का कानून
09:10यह कहता है कि वंदे मात्रम का पून
09:25कि वंदे मात्रम का उतना ही सम्मान होना चाहिए जितना जनगान मनका तो क्या अब वो प्रजेंद पसाइड जी के
09:32खिलाब भी बूलेंगे कॉंग्रेस मुख्याले से इसलिए यह सारे प्रश्ण देश में जब खड़े हो रहे थे तब इनों में
09:38सोचा कि चलिए आज में ज
09:56दोने तो इनसाफ के लिए तो वंदे मात्रम के लिए इनसाफ क्यों नहीं तलाश रहा हैं और अब तो बॉल
10:08आपके कोड में अगर उन्होंने नए कानून में संशोधन के बाद उसका उलंगन दिया है तो फिर कारवाई होनी चाहिए
10:14उनके खिलाफ ऐसा है अन्जिना जी व
10:23एक पुन्य निशानी है पुन्य जय ग्भोश है सकति यह आपकी मेरी विरासथ है ऐस नागरिक कि किसी के पाप�otih
10:34नहीं और देश की संसत जब इसपे अपना एक वक्त अव्य रखती है यह अपना एक निर्णाय रखती है तो
10:41नागरिक होने के नाथे नागाती हों चाहती ह
10:53वहां भी लड़ते नो के रला में तो ओफिशल कारिक्रम में नहीं हुआ है वंदे मातरम वहीं के रला में
10:59तो ओफिशल कारिक्रम में इन्होंने गौफ की हथ्या भी की है ना
11:06अब सवाल है कि फरीं 23 में अजिना जी क्योंकि इतिहास के पन्य पलट रहे हैं 1923 में काकी नाड़ा
11:12सेशन में कॉंग्रेस के तब के अध्यक्ष थे मौमद अली जोहर साहब मौलाना साहथ तब जिन्ना ने खड़े होकर बोला
11:19था वंदे मातरम नहीं गाया जाएगा सर्दार �
11:21पटेल शायद आप चेक कर सकते हैं उस वक्ते सेशन में तो महराश्य के एक गायक ने खड़े होकर जिन्ना
11:27का विरोध कि और कहा कि यह मंच किसी धर्म विशेश का नहीं है राष्य मंच है और उन्हें जिन्ना
11:33के खिलाब जाकत वंदे मातरम पूरा गाया तो आप मुझे कह
11:36हैं एक मराथी सिंगर में इतनी हिम्मत थी कि वो जिन्ना को चुनाती दे दे और नहरुजी में नहीं थी
11:45खर इसका जवाब देने के लिए तो अभी उस पर मैं तो नहीं आपको बता सकती हूँ जवाब लेकिन वापर
11:50सास की विशेवाब देना चाहिए वो तो तो तौफिया फैक रहा है भी
11:52समिती जी एक सवाल सीधा है कि अब देखे इस मुद्दे पर तो एक बहुत बड़ा सेंटिमेंट भी देश में
12:00जागा ना कि पेपर लिग का मुद्दा था चात्र निकले थे और बहुत देखे दोनों पक्षे इसमें ऐसे भी कुछ
12:06ते जिनोंने उत्पात मचाया वहाँ प
12:26समिती जी आवाज आ रही है
12:31अब आवाज आ रही है
12:34तो मैं यह कह रही थी कि जंतर मंतर के दोरान एक एक आंदोलन हुआ और देश में कई लोगों
12:39की भावनाए उसके साथ जुड़ी
12:41पेपर लीग का मुद्दा था बड़ा मुद्दा था अब वो जो उसमें कुछ उत्पाती गुजगए थे इससे भी कोई इनकार
12:46नहीं कर सकता है
12:47स्टेटेड बट उसके बाद से अब जो यह एके करके ऐसे लोगों को मुद्दा को ठार है राहूल गांदी
12:53तो आपके लिए भी तो मुश्किल तो हो रही है कि बहुत कैसे जवाब देगे पेलेट गान पर सुने न
12:57मेरा सवाल खतम नहीं हुआ है
13:00इसमें बस इतना बता दीजे देश की जनता आपको सुन रही है लाई पेलेट गन का सच क्या है और
13:06ये जाच के लिए क्यों को टाइम लाइन है कि पुलिस कब तक बता देगी लाकि लोगों को एक आश्वासन
13:11मिले
13:11बिल्कुल आपको मैं इतना कह दूँ ना आप इंवेस्टिगेट कर रही है ना मैं तो सच तो तभी आएगा जब
13:19तथ्य और सारा एबिडेंस सामने आएगा
13:22क्या उससे पहले मैं देश की पारा मिलिटरी सर्विसेज को दोशी करार दे दू
13:28क्या आपको पता है तथिक है मुझे नहीं पता है इंवेस्टिगेशन चल रही है वो इंवेस्टिगेशन ना आप कर रही
13:33है ना मैं कर रही और रही बात
13:36एडूकेशन के सिस्टम के सुधार की
13:38मैं सिक्षा मंत्री थी
13:402014-15 में अंजना जी
13:42जम नहीं सिक्षा नीती लिखे जा रहे थी
13:44राहूल जी एक बार नहीं आये
13:46चर्चा करने
13:47कि भई मैंने सभी सांसेदों को पत्र लिखा था
13:51कपिल सिब्बल जी
13:52अलम राजू जो यूपीए के
13:56कारेकाल में मंत्री थे
14:01उन्होंने भी
14:01मैंने उनसे स्वैम फोन ठाके बात की थे
14:04कि अगर कॉंग्रेस पार्टी का कोई योगदान है
14:06तो आप कृप्रिया करके हमको बताईए
14:08नहीं बताया था
14:10आज भी कोई कंस्रुक्टिव फीडबाक उनके पास नहीं है
14:15तो अगर हम कहते हैं
14:17कि सुधार के लिए किसने प्रयास किये
14:20नरेंद्र मोधी ने निश्चित किये
14:22आपने देखा उने टास्पोर्स बनाए
14:24वो समबाद में रहे सीधा चात्रों के साथ
14:28लेकिन जो इस वक बैठें आपके कैमरा का
14:30जो मैं स्क्रीन देख रहे हैं
14:32उन्होंने क्या एक बार भी कोई कंस्रुक्टिव
14:34सिडिजन के नाते हैं पारलमेंटेरिन के नाते
14:37योगदान दिया नहीं दूसरा
14:38मैं उस जगह पर
14:42सांसत के नाते सेवा दे चुक्यों
14:43जहां से मेरे टर्म से पहले सिधा रहुल गंदी थी
14:46जहां देश की दो प्रधान मंतरी आ चुके जहां सोनिया जी आ चुके
14:51वहाँ पर बच्चे
14:52जमीन पर बैठ कर पड़ते थे
14:54पहली बार वहाँ पर टेवल कुर्सी
14:56पांच सोल से दादा स्कूलों में हमारी सरकार ने लगाई
14:59तो इनका एजुकेशन का क्या इतिहास है उसका मैं प्रमान आपको दे सकती हूँ
15:04आज भी हमेठी में गेस्ट हाउस है सरकारी जमेन पर
15:07जो राहूल जी ने बनाया सोनिया जी ने बनाया अपने लिए
15:10जबकि वो जमीन उन्होंएं ये कह कर ली थी कि वहां पर
15:13मेडिकल कॉलेज बनाएंगे वो जमीन खाली नहीं की
15:16वहां पर आज मेडिकल कॉलेज नरेंद्रमोदी की सरकार बनारी
15:19तो शिक्षा के मुद्दे पर चार्चा करही होगी तो मैं चड़ चार से इंकार नहीं गढ़तेğı लेकिन अगर प्रमान देना
15:26होगा अन्जण जी प्रमान देने के लिए मैं स्वय स्वयमों
15:30पर्रतिनिदी नाते भी फ्रमान दे सकते हो।
15:33क्योंकि को व्यक्ति को कही न कही म crouch मح thankfully के ल Mitglता नाते बरहुत्र को मिलता है साजों
15:39कि ए लुख
15:40देले वितुम नाये सपूल
15:45सेनिक सभूलों नरेंदय मोदी सर्कार्णे बoug
15:48सब्केंद्र नाते हैं
15:50तो सिक्षा पे चर्चा स्वाभाविक है, चेंजिंग डिमोग्रफी है, मार्केट की डिमांड अलग है, युवा के अस्पिरेशन नहें हैं, लेकिन
16:01आप अगर कॉंट्रिब्यूट ना करना चाहें, जबकि मौका है हम सभी पॉलिटिशन के पास कि हम कॉंट्रिब्यूट करे
16:09तो प्रशन राहुल जी से करना चाहिए, चुकि आपने अमेठी की बात की राहुल बनाम स्मृति इरानी लगबग एक समय
16:16पर मुझे जितना रफ होगा, अगर मैं गलत हूं तो सही कर दीजेगा, आप दोनों ने राजनीती की शुरुआत की
16:21ती, और कई लोग महामंत्री ब
16:36का, हलाकि आपने कहा कि I am always and I will always be a politician. आप बिलकुल देखी थी और
16:42वहाँ पर हमने इंटर्विय आपका का पद नहीं था, पद मिलना, वजह से लोग कह रहे हैं, यह आपका कम
16:48पाक है. अब ऐसे में राहूल गांधी भी नई ताकत के साथ आजकल अपने आपको हर जगा जमी
16:53मेरी लड़ाई में उतार रहे हैं. उनकी इस पॉलिटिक्स को आप कैसे देखती हैं?
16:58मैं पहले भी कहते थी कि यह मौका परस्तों की पॉलिटिक्स है. मैं पहले भी कहते थी कि यह हैडलाइन
17:07चीजिजिंग की पॉलिटिक्स है. मैं आज भी बही कहती हूँ.
17:11आप मुझे बताईए एक policy पर
17:13constructive private member bill इन्होंने कब चलाया
17:20अगर इन बुद्धों पर
17:21वो गंभीर है आप मुझे
17:23एक private member bill दिखाईए
17:25एक intervention दिखाईए
17:27जहां पर यह किसी मंत्री के साथ बैट कर
17:29इन विश्यों पर इन्होंने विस्तार से कोई काम किया हो
17:32मैं तो अमेठी का उधारम दे सकती हूँ मेरा नीजी आनुभाव ने
17:36मैं तो सिक्षा मंत्राले का नुभाव दे सकती हूँ मेरा नीजी आनुभाव ने
17:41हमने बच्चों के लिए
17:42Juvenile Justice Act में परिवर्तन लाने की कोशिश की
17:44साइबर परनॉँगरफी से हमने भच्चों को बचाने का प्रियास किया
17:57तो एक है
18:01एक है फोटो अच्छी आने चाहिए
18:04कि मुझे उठाया पुलीस में.
18:05मैं नरेंडर- Türkiye के घर के बाहर था.
18:07लेकिन क्या हम पॉलिटिक्स में इसलिए आएं?
18:12अगर हम पॉलिटिक्स में इसलिए आएं?
18:14तो क्या आज वो अपने योगदान का प्रमान दे सकते हैं?
18:19कंस्ट्रॉक्टिव ही सही.
18:20अन्जिना जी मैं भी विपक्ष में रह चुके हूं, एक सांसाध के नाते, तब की UPA की सरकार प्रोटेक्शन अफ
18:26विमें फ्रम हरास्मेंट एड वर्क प्लेस का बिल ला रही थी 2013 में, constructively उसमें योगदान दिया, उसमें पार्लमेंटी रेकॉर्ड
18:36है विपक्ष का, मुद्�
18:44पर योगदान भी दिया, क्या यही रेकॉर्ड राहुल गांदी क्लेम कर सकते हैं? क्या लीडर ओपोजिशन होने के नाते, जैनुवनली
18:54क्या उनकी जिमेदारी नहीं है कि एक बार तो कहें, कि दिल्ली पुलीस के उस अधिकारी को मारना गलत था,
19:02पैरा-मिलिटरी को मारना
19:04गलत था, देश की आर्मी को गाली देना गलत था, बोले क्या एक बार, नहीं बोले, जब लीडर ओपोजिशन, देश
19:15की आर्मी को गाली देने का समर्थन कहता है, तो मैं किस प्रकार से उन्हें देख वार उनकी राइद्विट्री कोज़,
19:23समिती जी, देखिए विपक्ष क
19:31अंधोलन में उन्हें धर्मेंद्रि प्रदा बाहरों के सिफा लिये बिना मानेंगे नहीं, तब ही डिसकाशन करेंगे, जब नीज़ पर दिसकाशन
19:37हो, पिर धर्मेंद्र प्रदान का स्तीफा होगा, तब ही लिएधर गौन्धी गांदी को ये लगता है, तो इसी जुकति ह
19:55कुरानी है मैं दो बार गुजरात से सामसद रह चुके हूं हमने देखा है कि उस वक चाहे वो सर्दार
20:02सरुवर डैम का विशे हो या फिर जूटे केसे में नरेंद्र मोदी को फसाने का या अमिट्शा के परिवार को
20:09प्रताडित करने का वाक्या हूं हमने समय साक्षी रही हू
20:14का परिशे है थो यह पुटब मुद्धे परिया ऑफ नए लोग्र सपैने का लोगा है मनिश और फिवार नथा थ्या
20:34तो मैं अपना अलब धर ना करूंगा पत्रकारगे नहीं आते आप लोह तोहाते ते मैश्य
20:42वो तो कह रहे हैं कमिटी में कह रहे है समिती जी कि MODIS days are over
20:48यह तो कब से कह रहे हैं यह तो कहते थे कि चायवाला कभी प्रधान मंत्रिय नहीं बनेगा यह तो
20:52days की कलपना नहीं कर रहे थे
20:55और MODIS days are over यह बाद तो Congress party पिछले बारात 13 साल से बोल रहे हैं
21:01और नरेंद्र मोधी ने अरजना जी बार बार का आए
21:03मोधी से बैर है
21:06लेकिन दुश्मनी देश से मत निकाल
21:08मोधी से बैर है
21:10तो अपमान वंदे मातरम का मत करो
21:13मोधी से बैर है
21:14तो पैरा मिलिटरी सर्विसेस का अपमान मत करो
21:17मोधी से बैर है
21:18तो दिल्ली पुलीस पर आक्रमन हो, इसका समर्थन मत करो
21:21मोधी से बैर है, तो जाकर एक युनिवर्स्टी में भारत के टुकड़े होने का नारा मत दो
21:28एक आखरी सवाल, आललाल सलाम किताब आपने लिखी है
21:33जो भी नकसलबाद और दन्तिवारा का जो इंसिडेंट था, अमाम चीजों की चर्चा करते हुए
21:38दिमागी नकसल पर पी जिदामरम से लेकर अर्विन केजिवाल ये कह रहे हैं कि मैं हूँ दिमागी नकसल
21:44सरकार विरोध करने वालों को दिमागी नकसल कहती है, ये खलत है
21:47नहीं, ये वही जिदामरम सहाब है
21:51जो उस सरकार का हिस्सा थे
21:53जब पैरामिलिटरी परसल हैं जब छट्यस गड़ में
21:56मौत के घाट उतारे गए
21:58तो इनी के सरकार के संड़क्षन में यहां दिली में युनिवर्स्टी में जशन मनाया गया
22:03तो अगर ये कहते हैं दिमागी नकसल है
22:06तो मैं उसको काउंटर नहीं करूंगे
22:10इन्होंने तो जशन मनाया ना जब पैरामिलिटरी आपको याद हो आप तो तब दी पत्रगार से
22:17तो अगर ये स्विकार करते हैं कि ये हैं
22:19तो क्या मैं मना कर सकते हूं
22:22प्रधान मंत्री ने तो किसी विशेश का नाम ने लिया
22:24कहा जो देश के खिलाफ है
22:26जो देश के खिलाव शड़ी अंत्र करते हैं, जो देश की प्रगति की गति को रोकना चाहते हैं, जो सम्विधान
22:32का हनन करते हैं, जो देश की सेना का अपमान करते हैं, यही है ना परिभाशा, अगर इस परिभाशा में
22:40चिदामरम साहब अपने आपको सम्मिलित करना चाहते ह
22:43तो इस वतंत्र राष्ट्र में क्या में चेदामरम साहब को रोक सकती हूं।
22:48अगर यही तमगा अरविन केजरी वाल जी स्वेच्छा से शान से पहनना चाहते हैं।
22:54तो मैं क्या रोक सकती हूं।
22:57स्वाति मंत्री ने को इन दोनों का नाम नहीं लिया।
23:01उन्होंने का देश विरोधी ताकतें।
23:04तो आपको अजीब नहीं लगता कि दोनों नेता अपने आपको देश विरोधी ताकत मांते वे डिक्लेर करतें अपने आपको।
23:13चलिए यही पर इस बाचीत कांद करते हैं।
23:15स्रिती इरानी जी महासचिव महामंत्री भारतिय जनता पार्टी की बहुत बहुत धन्यवाद आपका आज तक पर जुड़ने के लिए और
23:22तमाम सवालों के जवाब देने के लिए