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  • 2 months ago
100 में सिर्फ 8 ग्रेजुएट्स को पढ़ाई के हिसाब की नौकरी! NITI Aayog की चौंकाने वाली रिपोर्ट

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00:00इन तिनों देश में यहां वहां जहां तहां बिहार से लेके जारखन तक दिली से लेके राजस्थान तक हर जगें
00:08चात्र परदर्शन कर रहे हैं
00:10परदर्शन क्यों कर रहे हैं क्योंकि उन्हें नौकरी नहीं मिल रही पेपर लीग हो रहे हैं
00:15इसी बीच नीती आयोग की एक नई रिकोर्ट आई है। उसमें कहा गया है कि भारत में पहले से ज्यादा
00:21युवा पॉलेज से ग्रेज़ट होकर निकल रहे हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या इन डिग्रियों से उन्हें वही नौकरी
00:28मिल रही है जिसके लिए उन्होंने पढ़
00:43है कि सिर्फ 8.25 परतीशत ग्रेज़ट को ही अपनी पढ़ाई के मुताबिक नौकरी करते हैं। यानि सो में से
00:51सिर्फ 8 लोगों को ही नौकरी मिल पाती है। बानवे युवाओं को ऐसी नौकरी नहीं मिल पाती हैं। जिनके उन्होंने
00:59डिग्रे ली है। रिपोर्ट कहती है
01:01कि भारत की असले चनौती सिर्फ ब्रेरोजगारी नहीं है बलकि कॉलेजों में पढ़ाई जाने वाली चीजों और कमपनियों को चाहिए
01:08स्किल्स के बीच बड़ा अंतर है। पुराने स्लेवर्स इंडरस्टे की जरूर्तों से मेल ना खाने वाले कूर्स और व्यभारिक प
01:30शमलव एक तीन करोड छात्र अकेले बीएक में हैं। बीए, बीकॉम और बीएस्टी मिलाकर दो करोड से ज्यादा छात्र इन
01:38पारंपरिक डिग्री कोर्सों को पढ़ रहे हैं। रिपोर्ट केती कि इन डिग्रियों का सीधा जॉब लिंक कमजोर है। कई छात्रे
01:45इने इसल
02:00उद्यों में बनने की दिशा दिखाते हैं। उन्होंने उदारन देते हुए यह भी कहा था कि कोई शात्र अर्थशात्र या
02:06राजनीति विज्ञान में बीए करता है, फिरम में कर लेता है, लेकिन उसके बाद भी उसके सामने स्पस्ट करियर का
02:13कोई राष्टा नहीं होता�
02:14दीती आयोग की रिपोर्ट बताती है कि शात्रों को सबसे ज़्यादा किस चीज की कमी मैसूस होती है। 80 फिजदी
02:21शात्रों ने कहा है कि उन्हें कॉलेज में प्रैक्टिकल एक्स्पिरियंस और इंडरस्ट्रे एक्सपोजर नहीं मिल पाता है। 34 फिजदी शात्रों
02:30ने स्
02:43आफिस सफ्ट्वेर नहीं जानते हैं अर्थ सास्त्र के शात्र सिद्धानत जानते हैं लेकिन डेटा एनलिसस नहीं जान पाते। राजनीतिक विज्ञान
02:52के शात्र थेओरी पढ़ते हैं लेकिन रिसर्च या पब्लिक पॉलिसी का वेभारिक अनुववनें नहीं मिलता है�
02:57झाल झाल झाल

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