00:00भावनात्मक जुडाव देखने को मिल रहा है। मैंने वंदे मातरम के लिए मंत्र इसलिए कहा क्योंकि इस मंत्र के मूल
00:09में देश है।
00:30भाई कर रहे हैं। पहली भार भारत के इतिहास में 15 अगस्त 2026 को संपूर्ण वंदे मातरम का सिक्स टैंजास
00:39जिसमें हैं।
00:41छे पद जिसमें हैं संपूर्ण वंदे मातरम का पठन उसका गायन लाल किले के परिसर में हुआ।
00:51यह एक नया इतिहास बना।
00:54सुर्योदे के साथ हमने संपूर्ण वंदे मातरम को सुना, सराहा, नमन किया।
01:01तो सुर्य अस्त होते होते 15 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया और मीडिया के माध्यम से
01:09कॉंग्रेस के कार्याले में जो कुकृत्य हुआ उसको भी हमने देखा।
01:14हमने देखा कि किस प्रकार से जब कॉंग्रेस की पूर्व अध्यक्षा आदर्निय सोनिया गांधी जी,
01:24कॉंग्रेस के पूर्व अध्यक्षा आदर्निय स्री राहूल गांधी जी, उनकी मौझूदगी में जब तिरंगा लहराया जा रहा था,
01:34फहराया जा रहा था, उस समय जब वंदे मातरम शुरू हुआ, आरंब हुआ, तो सोनिया जी ने इशारों में दो
01:43चंदों के बाद,
01:44दो पदों के बाद, दो स्टैंजाज के बाद, स्टॉप स्टॉप कहते हुए उन्हें देखा गया, कहीं न कहीं उनके शीर्ष
01:51नेत्रुत्तों में खास करके सोनिया जी और राहूल जी में अफरा तफ्री का माहूल था, मानो, कुछ अपशब्दों का प्रयोग
01:58हो रहा हू�
02:14खड़गे जी के लिए कुरसी मंगा रही थी, तो सभी कॉंग्रेस के नेताओं ने कहा कुरसी मंगाया जा रहा था,
02:20मगर 19 अगस्त 2026 आज से कुछ दिनों पहले, CWC के मीटिंग में, कॉंग्रेस वर्किंग कमीटी के मीटिंग में, एक
02:30रिजलिशन पारित किया गया, जो र
02:35कॉंग्रेस वर्किंग कमीटी ने उक्टोबर माह में कलक्त्ता में पारित किया था, और वो रिजलुशन था कि हम छे छन्दों
02:44के वंदे मातरम को नहीं मानेंगे, हम वंदे मातरम का विभाजन करेंगे, वंदे मातरम को कारण करके केवल दो ही
02:52स्टैन्जा, दो ही पद वं�
02:58सब जानते हैं 1937 में यह निर्णय क्यों लिया गया था वंदे मात्रम 1875 नवंबर साथ तारिक को लिखा गया
03:07था रिशी बंकिम जी द्वारा और वह दिन था अक्षय तृतिया का दिन अक्षय तृतिया मतलब जो क्षय नहीं हो
03:16यह कैसा भीज मंत्र है देश भक्ति के लिए र
03:28सारम बोलते हुए उन्होंने अपने जीवन को न्योच्छावर किया है भारत मा के ऊपर कि साथ नवंबर 1875 जब उसका
03:38सौ साल की पूर्ती होती है 1975 में देश में आपातकाल की परिस्थिती रहती है उससे में एमर्जंसी चल रहा
03:47होता है कॉंग्रेस के नित्रुत्वा वाली
03:49सरकार में हम सौ साल मना नहीं पा रहे हैं 150 वा साल मनाया जाता है सदन के अंदर चर्चा
03:57की जाती है शीत कालीन सत्र 2020 में आठ तारिक को लोक सभा में चर्चा होती है 11 घंटे से
04:05अधिक समय के लिए और राज्यसभावे 9, 10 और 11 तारिक को चर्चा होती है 12 घंटे 50 मिंटों के
04:12लिए और वंदे मातरम की विस्तृत जानकारी समस्त देशवासियों को दिया जाता है कि कि किस प्रकार वंदे मातरम का
04:20गायन होता था और किस प्रकार संपूर्ण
04:34लिखा गया था रिशी बनकिम जी द्वारा क्यों कि 1905 में बंग भंग हो रहा था बंगाल के विभाजन को
04:46रोकने के लिए बंग भंग को रोकने के लिए वंदे मातरम लिखा गया था
04:501906 में बरिसाल में जिस समय में वंदे मातरम का उच्चारण करके नर और नारी निकले थे उस समय ब्रिटिस
04:58सरकार ने उसे बैं किया कि कोई वंदे मातरम गा नहीं सकता है
05:02मगर फिर भी बरी साल में बंदे मातरम गाया गया और उसके पश्चात 1907 में मैडम विकाजी कामा ने बंदे
05:09मातरम लिखे हुए जंडे को भी फैराया
05:12जो ब्रिटिश सरकार बंदे मातरम को रोक रही थी आज वही कॉंग्रेस सरकार बंदे मातरम को रोक रही है
05:20आप चिंता करके देखिए यह छोटा विशय नहीं है यह राजनिती का विशय नहीं है यह विशय देश के विभाजन
05:29का है याद करिए 1937 से पहले कॉंग्रेस के अधिवेशन 1923 में 1923 में काकी नाड़ा आंध्र प्रदेश में कॉंग्रेस
05:41का अधिवेशन हुआ था
05:43उस समें पंडित विशनु दिगंबर जी विशनु दिगंबर जी गाने वाले थे वंदे मातरम संपूर्ण वंदे मातरम मगर कॉंग्रेस के
05:54अधियक्ष मॉलाना मुहंम्मद अली
05:57वो walk out करते हैं कि मैं नहीं गाने दूंगा संपूर्ण वंदे मातरम और 1923 के उस प्रकरण के बाद
06:071937 में पहली बार नहरू जी के कहने पर वंदे मातरम को विभाजित किया जाता है उसे तोड़ दिया जाता
06:16है केवल एक हिस्सा ही गाया जाता है
06:19परिणाम क्या हुआ जो चिठी 1938 में पंडि जवाहाल नाल नहरू ने जिन्ना को लिखा था वस पस्ट रूप से
06:30उस चिठी को पढ़ियेगा तो नहरू जी जिन्ना जी की जो डिमैंड्स थी 14 जिन्ना की डिमैंड्स थे उनके सामने
06:38घुटने टेकते हुए नहरू जी कहते हैं
06:40हमने मान तो लिया है आप वंडे मातरम पर प्रतिबंद चाहते हैं मान तो लिया है हमने हम संपूर्ण वंडे
06:48मातरम का पठन नहीं करेंगे कॉंग्रेस उसे नहीं गाएगी मगर यही तुष्टिकरण की बीज दिस सीड अफ अपीजमेंट विच वस
06:58सोड बाइपंडि जव
07:10जिन ताकतों को शक्ती मिली उन ताकतों ने देश को आगे चल कर विभाजित किया आज पुनह कॉंग्रेस पार्टी में
07:20सोनिया जी और राहूल जी का विवहार 15 अगस्त को जो विवहार रहा और उसके बाद CWC में जो रिजलूशन
07:271937 के रिजलूशन को पुनह पारित किया
07:31आज भारतिय जंता पार्टी के प्रत्थम पदादिकारी बैठक में हमारे अध्यक्ष नितिन नवीन जी ने पुर्जोर तरीके से ये कहा
07:42है यह जो विभाजन करने की बीज बोने की कोशिश कर रही है कॉंग्रेस पार्टी हम कदाचित इसे नहीं होने
07:51देंगे
07:53मुझे बड़े दुख के साथ कहना पढ़ रहा है कि कॉंग्रेस पार्टी ने शायद पढ़ा नहीं है कि महात्मा गांधी
08:00जी ने क्या कहा था वंदे मातरम के लिए मैं पढ़ना चाहूंगा महात्मा गांधी जी ने क्या कहा था वंदे
08:06मातरम के लिए महात्मा गांधी और �
08:08वंदे मातरम, no matter what its source was and how and when it was composed, it has become a most
08:15powerful battle cry among Hindus and Muslims of Bengal during the partition days.
08:21It was anti-imperialistic cry as a lad when I knew nothing of Anandamatha or even Bankim, its immortal author,
08:30वंदे मातरम had gripped me and when I heard it, sung it, it had enthralled me.
08:37I associated the purest national spirit with it, I repeat, I associated the purest national spirit with it, it never
08:48occurred to me that it was a Hindu song or meant only for Hindus, unfortunately we have fallen on evil
08:57days, unfortunately we have fallen on evil days.
09:02This is what Mahatma Gandhi said, Gandhi ji ने कहा, दुखद दिन आ गये हैं, उसके आगे भी पढ़ देता
09:09हो एक sentence Gandhi ji का and that was all pure gold, that was all, वो छे चंद, that was
09:16all pure gold before has become base metal today.
09:20जो पहले pure gold था, अब वो base metal बन गया है, यहाँ गांधी जी का मानना था, और आज
09:27Congress Party ने जान भूज कर तुष्टी करण की राजनीती को बढ़ाया है, यहाँ कोई राजनीतिक विशय नहीं है, हम
09:36भी इसमें पीछे नहीं हटने वाले हैं,
09:411937 के Congress Resolution ने बोया था, वहाँ आरंब हुआ था, पुनह यह जो कोशिश की गई है, इस कोशिश
09:49को किसी भी कीमत पे हम आगे नहीं बढ़ने देंगे, इतना ही नहीं, इस बार मौनसून सत्र में आप सबको
09:57पता है, मौनसून सत्र में राष्ट्रिय गौरव अपमान निवार
10:01संसोधन विदेयक, 2026, Prevention of Insult to National Honor Amendment Act 2026, पारिथ हुआ, क्यों पारिथ हुआ, 26 January 1950,
10:1624 January 1950, none other than the first President of India, Dr. Rajendra Prashad, Rajendra Babu, जो की Constituent Assembly
10:26के President थे, जो समविधान सभा के अध्यक्ष थे, उनके खुद की,
10:31उनके खुद का वाक्य था, कि राष्ट्रिय संगीत, राष्ट्रिय गीत, वंदे मातरम और जनगनमन, दोनों को एक ही दृष्टिकोन से
10:42देखा जाएगा, और दोनों को एक समान, सम्मान प्राप्तो होगा,
10:47This is what he declared on 24th of January 1950, Constituent Assembly के अध्यक्ष और उसके पश्चात, धन्यवाद दूंगा प्रदान
10:58मंत्री नरेंद्र मोदी जी को और तमाम सांसुदों को, जिनोंने खड़े होकर, एकमत होकर कहा कि हम उसी विशय को
11:05आगे बढ़ाते हैं, और नाशनल ओनर को इंसल्ट नहीं होने दें
11:09करेंगे, जन गन मन के बराबर हम वंदे मातरम को खड़ा करेंगे, हाँ, किसी को बाध्य नहीं करेंगे, मगर जो
11:17बाधित करता है, वंदे मातरम को आगे बढ़ने से, वंदे मातरम को गाने से, वो दंडित होगा, आप चिंता करिए
11:25किस प्रकार से बाधित करनी की कोशिश क
11:27की गई वंदे मात्रम को वह अभी कॉंग्रेस के मुख्याले में आप मुझे ये बताईए आज देश से मैं पूछता
11:34हूँ पार्लामेंट बड़ा है या CWC बड़ी है किसके आधार पर देश चलेगा पार्लामेंट में जो निर्नाय होंगे उसके आधार
11:42पर देश चलेगा
11:44या फिर CWC की कमीटी में जो निर्नाय लिए जाएंगे जो रिजलिशन लिये जाएंगे उसके आधार पर देश चलेगा जब
11:52पार्लामेंट में नियम बनते हैं जब पार्लामेंट में कानून पारित होते हैं उस समय कॉंग्रेस पार्टी के लोग सीडि में
11:59बैठे रहते है
12:00पार्लमेंट में वहां वेश बदल के आते हैं वहां अपमानित करते हैं दूशरों को कोई साधू बनके आता है कोई
12:08साधू को पीटता है वहां अपमान किया जाता है जिस समय कानून पारित हो रहा होता है आप कानून के
12:15विशह में कोई संबंद नहीं रखते हैं वहां अंदर
12:18मौझूद नहीं रहते हैं और CWC
12:20में आप नया कानून बनाने की कोशिश
12:22कर रहे हैं खबरदार
12:24खबरदार
12:26वंदे मातरम के साथ
12:28कोई खिलवार नहीं होगी
12:29हाँ हम जानते हैं
12:31हम जानते हैं इसी राहुल गांधी
12:34जी ने अपने एक
12:35बंद बैठक में जिसको
12:37मीडिया के बंदों ने उजागर किया था
12:39यह ऐलान किया था हाँ
12:41हम मुसल्मानों की पाटी है
12:44उनने कहा था हाँ
12:45हम मुसल्मानों की पाटी है
12:47मगर उसका अर्थ यह नहीं है
12:50कि देश को आप
12:51इस प्रकार वंदे मातरम के
12:57जैसे गांधी जी ने कहा यह देश का गान है यह मंत्र राष्ट्र का है यह हिंदू और मुसल्मानों के
13:04बीच में विभाजन का तरीका नहीं है
13:07मैं आपको याद दिलाना चाहूंगा पंडित ओमकारनाथ ठाकुर का पंडित ओमकारनाथ ठाकुर जो हमेशा कॉंग्रेस के अधिवेशन में बंदे मातर्म
13:17संपूर्ण रूप से गाया करते थे
13:181938 पे हरीपूरा अधिवेशन में इन्होंने इंकार कर दिया कि मैं नहीं गाऊंगा क्योंकि आप संपूर्ण बंदे मातर्म का पठन
13:27अलाव नहीं कर रहे हैं
13:29नहरु जी के सामने मना कर दिया और 15 ऑगस्ट 1947 जब देश आजाद हुआ
13:37तो वल्लब भाई पठेल जी ने पंडित ओमकारनाथ ठाकुर जो समय चिन्नई में होटल वुड लैंड में मौजूद थे उन्हें
13:44फोन किया
13:45और उन्हें वल्लब भाई पठेल जी ने कहा कि आप वंदे मातरम गाईए औल इंडिया रेडियो में साड़े छे बजे
13:55अगर पूरा वंदे मातरम गाने का मुझे अनुमती मिलेगा पूरा वंदे मातरम उन्होंने ओल इंडिया रेडियो में 15 अगर्स 1947
14:06को गाया
14:08कॉंग्रेस के अंदर भी इसको लेकर मत विभाजन है सीराज गोपालाचारी जी ने भी बड़े पश्ट शब्दों में कहा है
14:16आज हमारे resolution में वो अंकित है कि इस प्रकार से अगर जिन्ना की हर बात को मान ली जाएगी
14:23इस प्रकार से अगर appeasement की हर बात को तुष्टिकरन की हर बात को मान ली जाएगी
14:27और घुटने टेक दिये जाएंगे तो वह दिन दूर नहीं जब देश सही दिशा में नहीं बढ़ेगा
14:35और आज भी आज इस प्रस्ताव में आज इस resolution में भारतिय जंता पार्टी के पदादिकारी की बैठक में
14:43पहली पदादिकारी की बैठक में माननिय राष्ट्य अध्यक्ष जी ने निर्देश दिये है
14:49कि भारतिय जंता पार्टी का प्रतेक कारे करता देश के प्रतेक गली नुकड कोने में जाकर वंदे मातरम का यशोगान
14:58करेगा
14:59वंदे मातरम के विशेवे लोगों को हम बताएंगे
15:02वंदे मातरम को लेकर जिस प्रकार की कुल्चित राजनीती कॉंग्रेस पार्टी कर रही है उसको लेकर हम आंदोलन खड़ा करेंगे
15:10जिस प्रकार महात्मा गांधी जी ने वंदे मातरम को एक एंटी इंपेरलिस्टिक क्राई कहा था
15:18उस विशे को हम जनता के सामने रखेंगे और जनता को दिखाएंगे कि आखिरकार ये जो कहावत है कि अगर
15:28सियार भी कभी बाग या सिंग का चमड़ा धारन करके अपने आपको सिंग दिखाने की कोशिश करता है एक न
15:39एक दिन
15:42एक न एक दिन उसके अंदर की असलियत सामने आही जाती है राश्च्त्र भक्ती का लबादा ओड़ करके कॉंग्रिस पार्टी
15:51आखिर अपने आपको कब तक छुपाई रखेगी आज
15:54राष्ट्र भक्ति का लबादा पूर्ण तह कॉंग्रेस पार्टी के ऊपर से गिर चुका है और उसके अंदर की तुष्टिकरण की
16:02राजनीती आज पूरा देश देख रहा है
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