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क्या है दिल्ली के पॉल्यूशन का सॉल्यूशन? सीएम रेखा गुप्ता ने बताया पूरा प्लान
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00:08हाई कि लुकार
00:30एक बार तालियो के साथ, आप लोगों का बहुत-बहुत भन्यवाद, हमारे साथ जोइनने के लिए,
00:36for coming here and choosing to be part of this.
00:39तो नमस्कार, आपके साथ, मैं हूँ अंजिना उमकाश्यप, दिल्ली का प्रदूश्ण, सिर्फ एक समस्या भर नहीं है, एक सवाल भी
00:45है.
00:45देखें ये, आखरी ये शोव हम क्यों कर रहे है, वो सिर्फ इसले कर रहे हैं क्योंकि हमने हमेशा प्रदूश्ण
00:50की बात की है,
00:51लेकिन प्रदूश्ण का हल कौन बताएगा, क्या हम उस हल का हिस्सा बन सकते हैं?
00:56सवाल ये है कि क्यों भारत की राज़ानी दुनिया के सबसे प्रदूशित शेहरों में से एक बन गई है
01:02साल दर साल दिली के वायू प्रदूशन का मसला टेलिविजन पर अख़वारों में सुर्खियों में विग्यापनों में हर जगा होता
01:09है
01:09या तो पॉलिटिकल पर्टी अपना विग्यापन देती हैं कि हमने ये बदल दिया हमने वो बदल दिया
01:13लेकिन हम सब मिलकर क्या कुछ ऐसा कर सकते हैं जिसकी वज़े से हम आपकी पीड़ी और आपके बाद आने
01:20वाली पीड़ी भी खुश होकर रह सके
01:31कुली हवा में सांस ले सके तो यही हमारी कोशिश है और इसी में आगे बढ़ते हूँ आपको बताते हैं
01:41कि कैसे
01:42या टाइब पाते हैं सब ले Culture है कि हमारी और आपकी लाइफ में से आठ साल कट गह एं
01:49सिर्फ
01:52हमने सिर्फ ये करा दिल्ली में और आपकी ओ त्यूंडगी के आड साल कट गए
02:09सिर्फ इंडिया की बात नहीं है, सिर्फ एजिया की बात नहीं है, पूरे विश्व में इतना जादा पल्यूशन किसी और
02:15देश में नहीं है, किसी और सिटी में नहीं है
02:17और हमने, साल दर साल हम हर बार स्टोरीज करते हैं, हर बार हमारी रील्स वायरल होती है
02:23और जेंजी कहता है हाँ इस पर हमें काम करना चाहिए पर हम हर बार आपस में भी न्यूस्रूमें भी
02:29यही बातचीत कर रहे होते हैं कि इसका solution क्या है हर साल वही issue हर साल वही
02:34मुद्दा हर साल वही सवाल politician से आखिर इसका solution क्या है which is why we are here in front
02:40of you today
02:41which is why today आज तक in India today together we've sort of gotten our forces together to bring this
02:48one issue to you
02:50आखिरकार ये भी आद रखिये आप लोग, हाँ ताली बजा सकते हैं
02:56pollution एक ऐसा मुद्दा है जो सिर्फ जैंजी को matter नहीं करता है
03:00जो सिर्फ मुझे matter नहीं करता है जो सिर्फ आप अमीर है या गरीब है उससे फरक नहीं पड़ता आप
03:05कौन सी गाड़ी चलाते हैं फरक नहीं पड़ता आपका
03:07doctor कितना अच्छा है वो भी उससे भी फरक नहीं पड़ता है
03:10पल्यूशन आपकी जिंदगी को बुरी तरह से बिगार रहा है और इसमें अब कोई दो रहा है नहीं है एक
03:17वक्त था जब हम बच्चों को पढ़ाते थे कि छे रितुए होती हैं लेकिन अब उसमें जुड़ गया है दिल्ली
03:22में
03:24पुल्यूशन रितु तो तैयारी कर लीजे पहले से मास्क वास का इंतजाम करिये घर में चिपके रहिए हमेशा है प्यूरिफायर
03:32चला कर रखे हमारी जिंदगी बदल गई है सिर्फ इस हवा की वजह से तो इसको बदलने का वक्त आया
03:39कि हम क्या इस हवा को बदल सकते हैं
03:53solutions will get pitched from you. They will get tested in the field by the government. The jury will inspect
04:03if your idea actually works. And then finally, on the 2nd of October, six weeks from now, the Delhi Chief
04:11Minister will stand here in front of you to say, you know what, let's get this idea going.
04:20तो आपको करना क्या है? आपको बनाना है एक विडियो जो आप सब को पता है काफी अच्छे से आता
04:27है. आपको एक विडियो बनाना है आपको इस वीडियो में बताना है कि आपका solution क्या है. अगर आपका solution
04:33work करता है तो हमारी jury से accept करेगी, उसे टेस्ट करेगी और उसके बा�
04:46the prize money for not just one idea or two ideas but all ideas that get
04:53accepted by the jury will win 50 lakh rupees
05:01हमने सोचा कि जब परेशानी इतनी बड़ी है तो उसमें आपको
05:06incentive भी थोड़ा जादा मिलना चाहिए ताकि पूरी ताकत जोके और ये
05:10ensure करें कि हम कुछ ना कुछ दो तीन तो अच्छे solutions निकालें जिससे
05:15लॉंग टर्म में हमें फाइदा हो हम सिर्फ उसकी शिकायत ना करें बल्कि कोई
05:18solution में पहुचे दिल्ली आपकी solution आपका आपको बस ए qr code जो हम अन्त में आज
05:23launch करेंगे मुख्यमंत्री दिल्ली की आने वाली है मारे साथ यहां पर
05:27में वो qr code launch करेंगे जिसको scan करके आप अपना solution, अपना pitch भेज सकते हैं
05:35ट्रफ यहां एंधेगे संयुष्के करेंगे बल्किनि आपको का समय है उन्हे लुड़ आपको बल्किन आपको से लगोगो
05:50से लिए जो करेंगे प्ररामत्रीन है थी मुड़गा देन बल्किनि संद्रीन आपको , इन्होने ने साथ दिल्ली से काफी सारे
06:00लोगो के
06:00solutions मंगवाए कुछ 200 से लगभग या 300 के लगभग solutions उनके पास आए
06:06उसमें से filter होके 22 already ideas field में place हो चुके है
06:12मतलब testing phase में पहुच चुके है
06:14तो आप सोच रहों के आपका idea कहा गया
06:16आपका idea है एक wild card entry
06:19the solution you send if that ticks you get to cruise straight into that 22 list of ideas
06:28and that will be taken to the grand jury and then they decide who wins or who does not
06:39all right so कैसे apply करना है कहां पर जाकर अपना video भेजना है
06:44we'll walk you through every bit of that as the show progresses but now on the program let me
06:49invite the man whose own government's report card on the issue has been written in headlines
06:55and who has chosen to stand here and answer all these questions
07:01please put your hands together for Delhi's Environment Minister Mr. Majinder Singh Sirsa
07:11hello
07:12hello
07:13hello
07:13hello
07:14म anxious would AGAINE को एन और से तो सिल्साğ साब सवालों की शुरूआत करते हैं क्योंकि यह अवने यह
07:29सोचा कि हमेशा
07:29पोलीशन को लेकर हम सबके अंदर एक नराशा है हम चाहते है शिलूशन निकले तो सबसे पहले तो यह बता
07:35है कि आप
07:36लोगों ने दो तीन ऐसे कदम क्योंकि अब आप लोग खुद ही आ रहें इंटिव्यू देने तो कुछ तो ऐसा
07:40किया होगा जिस पर आपको इता
07:41confidence आ रहा है क्या किया है दिखिए पहले तो आपको यह सब को जानका रही है कि
07:46pollution के तीन बड़े कारण है वाइकलर pollution construction का
07:50pollution जो डस्ट pollution है और तीसरा जो हमारे इतने लैंड फिल्स लैंड साइट से जिनके उपर इतने कूड़े के
07:56धेरों के
07:57टनो टन कूड़ा पड़ा था और आप रोज देखते थे वह pollution तो दिद्ली का challenge है दिद्ली के अंदर
08:02लाखों लोग रोज आते हैं और लोखों लाखों लोग यहां से रोज जाते हैं दिद्ली दुनिया का अकेला
08:09और दिए के अधिरा से राज़ाने है जिस के साथ कितने मेट्रो
08:18सिटी के साथ और सिटी साथ जूटते जाती है जिनका कॉमन एर शैड है सबको कॉमन रहने वाला है
08:23अकेले ऐसा शेर है जो 55 किलोमीटर के इस शेहर के अंदर s1.3 करोड साथे
08:38पंद्रां हच चौदां से पंद्रां हजार मेट्रिक टन कूड़ा केवल पूरे दिन के अंदर दिल्ली का लोकल म्यूस्पल वेस्ट है
08:47और इसके अलावा जो लेगिसी वेस्ट है जो हमसे पीछले हमें देखे गए हैं कूड़े के पहाड बनाकर देखे गए
08:53हैं वह 35,000 मेट्
09:06प्रक ने दिखाई देता यह मैंजमेंट हमने आके पिछले डेट साल में खड़ी की है सबसे बड़ा कारण यह हम
09:12जानते हैं 202 एकड़ कूड़े के पहाड में से हम सत्तर एकड़ से जादा जमीन रीक्लेम कर चुके हैं सत्तर
09:23एकर चुड़ा खत्म कर चुके हैं
09:30कि अपने जो बात बताया उस पर देखे यह क्लारिफाय करना इंपोर्टन्ट है कि चालेंज बहुत बढ़ा है दिली के
09:39लिए इस बात पें कोई दोराई नहीं है चालेंज है लेकिन हम अच सल्यूशन की बात कर रहे हैं और
09:45इस सल्यूशन में आपको क्या लगता है कि किस त
09:54रहे हैं कि वह आके अपनी एंट्रीज बेजें आप सबसे पहले उनको क्या बताना चाहेंगे कौन सी एक चीज है
10:01जिस पर सबसे जादा काम करने की जरूरत है तो दिखिए सबसे बड़ा काम जो और सबसे ज्यादा काम करने
10:07की ज़रूरत हो है इनोवेशन के उपर आज क्यो
10:24फिर हमें क्या करना होगा हमें ऐसे इनोवेटिव सुलूइशन भी साथ में निकाल कर लाने होंगे कि जब हम अपनी
10:30रोजमरा की जिंदगी में यह सब कुछ भी कर रहे हों तब भी साइंस और इनोवेशन हमारी हेल्प कर रहे
10:35हो उसको डिरस्टिक उसको निचे लाने के लि
10:54उसी तरह एनुवल पीम 10 में 7.1% की कमी आई है यह डेटा तो आपके पास रोज अभी
11:00निकाल के अभी निकल आएगा एक सेकिन में एनुवल एवरेज एक्वेशन की बात करें पूरे साल का तो उसमें 3
11:07.871 का कमी आई है 3.871 यह पॉइंट से ही कम होने वारा एक एक परसं�
11:19अपका मोबाइल आप समय लिए यह खाली नहीं आता कभी भी यह वे रोज का अब इकटो कितना है 108
11:28यह इन बज़े का रहा है चार बचके 6 पर तो एसा होता है यह वह लूएचो का तो 50
11:35होना चाहिए यह जो ही ठिक औफ मॉन्सून है इस समय तो बहुत ही अच्छा होना चाह
11:53बेटा आजकर आपके आई का जमाना बिना AI के भी गूगल में सबको
11:57उभी तक सफष झापए हैं इंग्लेंट का लिंदन शेयर
12:00अपनी हवा को सफ कर पाया है चीन का बीजिंग अपने हापको
12:03सफ कर पाया है और पहले एक बार में पूर जाकर स्टडी करिये
12:14दो दिन वांतोन सम्हों होगा भी है।
12:18इसरा स्थकार पहर अधिर्श है
12:23याउनलाएंभी है।
12:24वर दारट्वालाइंभान।
12:26मैं कि पूलीशन कैसे कम होगा कि परसंटरेज वाईश ?
12:35याउनला जास मिलाएंभान।
12:35पर शर्मान जासेडने है।
12:38हो यह आपको बाद फिटेस्टों मैं नाया शीकार को बाद जापन तर्फेंगे अच्छा इनिशियेटिव तो है बड़ जैसे हम सब
12:56को इस पता है कि थी गौवर्मेंट अजिए ने बोला था कि
13:00you know cloud seeding is not suitable
13:02for Delhi उसके environment
13:04वगेरा के हिसाब से फिर भी इतना बड़ा
13:06budget as you said 3 करोड रुपे
13:08उसको allot किया गया इतना बड़ा budget
13:10so do you think it was the right move and
13:12क्या measures हो रहे हैं
13:13तो देखिए ऐसा है जिसे आपने कहा
13:16ये खाली दिल्ली के
13:18अंदर cloud seeding हो इसके लिए budget नहीं है
13:20हमने पैसा एक
13:23IIT कानपूर को दिया है
13:24वो हमारे इस पैसे से
13:26study कर रहे हैं वो जुरूरी नहीं है कि
13:28दिल्ली में एक दिन बर साथ करानी पड़ सकती है
13:30और कभी भी ना करानी पड़े लेकिन solution
13:32तो देश के पास होना ही चाहिए ना हर problem का
13:34तो दिल्ली सरकार का पैसा देश के
13:36assets में काम आए तो दिल्ली की सरकार
13:39ने IIT वो भी हमारी
13:40institution है तो जितनी रिसर्च करेंगी
13:42चाहिए पैसा आप से आई या किसी भी सरकार से
13:44जाकर सर्च करेंगी तो यह कहना गरत होगा
13:46कि पैसा कहीं उसका
13:48मिस्यूस हो गया या उसको कहीं और यूस हो से
13:50दो-तीन सवाल और देश से लेते हैं
13:51क्या हम इंडस्ट्रीज को उतना लाइबल ठहरा रहे हैं
13:54जैसे जितना उन्हें ठहराना चाहिए
13:56क्योंकि बिट नॉइस पिलूशन, वाटर पिलूशन, एयर पिलूशन
13:59क्या हम उनको लाइबल ठहरा रहे हैं
14:01क्या हम इंस्पेक्शन कर रहे हैं
14:03रेगुलरली देख रहे हैं
14:04तो आपने बड़ अच्छा एक
14:06आपने बड़ अच्छा सवाल किया है अंजिना जी आपके ध्यान में बिला दूँ
14:09दिल्ली में जो इंड़स्ट्री चल रहे थी अनफराइस्ट एरियास में
14:13ऐसी 12,000 इंड़स्ट्री थी जिनको कोई पूछ नी रहा था
14:16हमारे डपार्टमेट भी नहीं पूछ रहे थी
14:19क्यों नहीं पूछ रहे थे
14:39जिनमें से 1650 ऐसी 1626 ऐसी हैं जिनका ठीकी नहीं हो सकता था उनको सील किया और 500 कुछ पाइस
14:50साथ या कुछ ऐसी थी जिनमें पानी भी साथ में गंदा था हवा के साथ साथ वो साड़े 500 को
14:55भी सील किसी लाके में थी यह सारी आउटर दिली में जहां पे नॉन कंफर्णमी अ
15:04असपास ऐसी इंडस्ट्री को इंटिफाइग करके सील किया है बंद किया है और 12,000 इंडस्ट्री को हमने इंड़े किया
15:10है और 8,000 के पूलिशन मापन को ठीक राने का काम किया है यह एक मेरतन जॉब था जो
15:16हमने पिछले सबा साल में पूरा किया है
15:20हम कोशिशन का solution दिली के center से दूनने कोशिश करते हैं और आपने बोला कि NCR a connected air
15:26shed है और हम अगर रोटी भी हम कहते हैं तो उसके center से नहीं लेते हैं, हम corner से
15:30शुरू करते हैं, तो हम NCR पर काम क्यों नहीं कर रहे हैं, हम दिली की periphery पर काम क्यों
15:34नहीं कर रहे हैं, हम synchronized policies क्यों न
15:36ला रहे हैं, और अगर ला रहे हैं तो उनका ground level पे enforcement क्यों नहीं आपा रहे हैं, बेटे
15:43ने सबसे अच्छी बात करी है, बेर जोरदार तालियां बच्चे से लिए, और उनने एक्जेम्पल भी इतना अच्छा दिया, इसके
15:50उपर लगातार हमारे जो केंद्रिया मंत्री हैं
15:54वो पेंदर यादव जी, वो लगातार सभी स्टेट्स की coordination की meeting करते हैं, मैं उस सभी meeting का हिस्सा
15:59होता हूँ, और उस meetings के अंदर ये parameters फ़रे fix किये गए हैं, framework को fix किया गया है,
16:05हमारा क्या framework रहने वाला है, हर स्टेट्स को क्या क्या challenges हैं, उनको क्या क्या timelines हैं, उनको कब
16:10तक अ
16:24और इसकी बड़ी monitoring भी होती है, और लगातार निरंतर के अंदर सरकार इसकी ओपर चर्चा करती है, और लगातार
16:29इस पर बैठक कराती है, और जब बैठक होती है, उसके अंदर हम अपने सारे PPT's लेके जाते हैं, कि
16:34जो targets दिये थे, वो meet हुए कि नहीं हुए, हाँ, late होते है
16:37स्टेट के भी लेक होते हैं, लेकिन उनकी जानकारी उनसे ली जाती है, और उनको आगे से कहा जाता है,
16:41इस डेट तक पूरा करके दे, तो यह framework बना हुए, इस पर काम चल रहा है, जैसे आपने का
16:45time लगेगा, solution आ रहा है, लेकिन solution की 5, 5, 3, 3, 2, 2, 4, 4, 10, 10, 10
16:51% करके ही, हम उ
16:55चाहते हैं, बच्चे आएं, नए-नए, इनोवेशन के साथ लोग आएं, वो ज़रा बता दीजें, समझा दीजें, तो देखे, पहले
17:04तो मैं आज तक का India Today Group का बहुत धन्यवाद करता हूँ, अंजना जी का भी और सोनल जी
17:09का भी, क्योंकि आपने एक हमारे इस initiative के साथ जु
17:25चैनल को, अखबारों को इस तरह से initiatives लेने चाहिए, ताकि ज़्यादा से पब्लिक एवेरना समला सके, तो pollution के
17:31solution में, अब एक wild card entry से भी app entry कर सकते हैं, ये आज के स्प्रोग्रम का चारण
17:37है, आप अपना solution लेकी आएं, अगर वह solution approved होता है, तो approved हमने नहीं करना, उसके लिए
17:54को हम दिली के अंतर इस्तमाल भी करेंगे, ये जो बड़ा काम का बेडा उठाया है, वो आज तक India
17:59Today Group में उठाया है, उसके लिए उनका दनायवाद करता हूँ, आप हमारे नौजवानों तक पहुंचे हैं, और मुझे अमीदा
18:06कि आप से भी जरूर कोई ना कूशन निकल के �
18:08आएगा जिसको दिली में लाकर हम दिली की हवा को और साफ करेंगे।
18:38और मुझे जरूर करता हूँ, और मानेंडर अगर्वाल, इर्क्र वर आएईट कानफुर्ण करता हूँ, और रिल्यां पाइमेटिशन को आप प्लिएवाइन
18:50को आपने।
18:52और कुछ लोग ऐसा कहते हैं कि वो चिंता करने के लिए जाने जाते हैं
18:56और कुछ लोग ऐसे होते हैं जो आपको solution बताते हैं
18:59और सबसे इड्रेस्टिंग बात यही है कि चंता तो हम सब कर सकते हैं
19:02pollution पर लेकिन हमने किया क्या
19:05ऐसा ही कदम उठा रही है एक बेहत खास जूरी मेंबर जो आज हमारे साथ जुर रही है
19:11काली पूरी तालियों के साथ स्वागत कीजिए वाइस चेर परसें इंडिया तुझे ग्रूप की
19:15जिन्होंने यह सोचा कि हमें solution की तरफ बढ़ना होगा
19:18हम हम खबरे बताते हैं हम पुलुशन में जो परिशानिया लोगों को हो रही है वो सब बताते हैं
19:23लेकिन solution का हिस्सा बनने को तयार है या नहीं है
19:27बिलकुल, always
19:31मैं शोद दिली वाली मुँ
19:33तो अए बिलकुल, always
19:43अच्छा को अच्छा कर दो नहीं एक्छा कि तर आफ दो याई बोडुशन तर चाहां
19:50भी प्लुशन प्लुशन
19:55All right, next let me call upon stage somebody who's truly entrenched in this entire system
20:03of bringing you a solution. Let me call upon now Naresh Priyadarshini, he's from the Delhi Pollution Control Committee
20:12प्रेट ग特पते हैं एक बंजा हाप है कर्योंच भी।ट्ट विजित
20:16हमिरा इंट जारोरुंट टिए भॉषन उड्रेप्स लबlar committee
20:28and I think a very positive engagement of a media group for a social cause.
20:33Yes, the ideas should be linked to the problem.
20:36I think that is very important.
20:40All right, and next with us,
20:42somebody who understands the pain of pollution more than anybody else.
20:47Let me bring up on somebody who sees patients
20:50with pollution-related problems every day in her clinic.
20:54And not just people like you and me,
20:57who are trying to fight out,
20:58but little voices who cannot really understand
21:01the length to which the pollution is spoiling their health.
21:05Please call upon Dr. Neelam Mohan,
21:08President for Indian Academy for Pediatrics.
21:13Ma'am, you see kids every day.
21:16Yeah, that's true.
21:17Parents will give you a lot of advice.
21:19And one advice is to leave it from Delhi.
21:23If you have to save it from Delhi, leave it from Delhi.
21:25Well, after this whole campaign,
21:29probably you'll have a different answer.
21:30Yes, I'll say that there is somebody in India today,
21:33and when we are together,
21:35then it will probably be a solution.
21:37Also joining us in a little while will be Kapil Dev.
21:41And he's somebody who's not just a known,
21:43you know, sportsman, somebody we're all so proud of,
21:46but somebody who actually is the owner
21:48of the KDSC Super Speciality Hospital as well.
21:51So deeply invested in the matter.
21:53He'll also be joining us in just a little while.
21:56With that, let's get started.
22:00KP, my first question,
22:03what is the genesis of this whole thing
22:04that you thought we should do this?
22:06Why?
22:08I think that I just got tired of covering the news
22:11on a yearly basis.
22:12We would always start in September, October,
22:15and start talking about pollution.
22:18And I think we made a big change to say,
22:20look, we're not just going to sit there and cover it,
22:22but we're going to start being part of the solution.
22:25And that's why we've committed to finding a solution
22:28for this pollution problem in Delhi since January.
22:32And we've kept the attention and focus there.
22:34And I'm so glad that Delhi government
22:36has sort of cooperated with the push
22:38that we've given them.
22:40And they have been working on it since January as well.
22:43Because pollution, you see it more in September,
22:46October, November,
22:47but actually it's a problem even in the summer.
22:50We've got so used to it.
22:51We accept pollution of 300, 400 is completely normal.
22:55If you look at the AQI of other beautiful cities
22:59in the world, you'll see AQI 3, 2, 0.
23:03Like, okay, those are numbers that we have never seen.
23:07So our ambition should be that we can hit, you know,
23:11at least double digits on a regular basis.
23:13That would be quite good.
23:14And maybe then single sometime in the future.
23:21But let me bring in also Manendra Agarwal.
23:25Sir, you know, you have seen solutions
23:29being put forward in front of you for quite some time.
23:33What do you think they should be focusing on?
23:35Where do you think innovation lacks in becoming a reality?
23:40Of course, the solution should work.
23:42It goes without saying.
23:44But more than that, or equally importantly, I would say,
23:48it needs to be a solution that works at scale
23:54and in a cost-effective way.
23:57If you miss any of these two,
24:00then you cannot implement the solution well.
24:03So that is the most important thing to keep in mind.
24:08Whatever solution one designs.
24:09I have seen so many solutions
24:12which look very good on paper,
24:14which look very good in lab level.
24:17But the moment you take them outside
24:18to actually on the ground to deploy, they fail.
24:24Right.
24:26Sir, if I can bring in, you know, Nareesh Ji as well.
24:30Nareesh Ji,
24:31kitne challenges rahe pichle ek decade mein DPCC ke saamne?
24:36Humne saal bar bhot stories karin,
24:37apko bhot kritisize kara, bhot sari sawal pouche,
24:40bhot tough questions pouche.
24:42Where do you get stuck?
24:43Why is it that the best minds in the country,
24:47or perhaps the world,
24:48which India is known for,
24:50we've not perhaps been able to crack that one thing
24:53that impacts all of us?
24:55First correction I would like to say is that,
24:58yes, the biggest, I think, driving force which I see now,
25:02where DPCC and other similar entities
25:07within the ecosystem have been now delivering solutions
25:10is the government mindset.
25:13You can't imagine the kind of hours or the kind of push,
25:17like for example, the chairman DPCC,
25:20or the minister, Mr. Sisa himself,
25:22or the member secretary,
25:24they even tell you what it was 9pm or 11pm or whatever,
25:27they close things.
25:28Like there is so much of drive to bring the solution to a reality.
25:34I think that has been a big change,
25:36which I've seen the last one year.
25:37Yes, over the years,
25:39the kind of use of technology was limited,
25:43and the kind of analytics and all those things,
25:46everyone was making effort,
25:48but somewhere as Dr. Gaurav also mentioned,
25:51the implementability and finding the solution on the ground.
25:56We were always,
25:57I think initially the approach was measuring and reporting.
26:03Now we are moving to a solution phase.
26:06I think that change has happened.
26:08Yes.
26:08We are measuring, reporting,
26:09and that's why the kind of approach
26:11or the kind of solutions are now coming,
26:13are real, they are not cosmetic.
26:14Ma'am, since you interact with their parents,
26:19what can you suggest to them?
26:21What can you suggest to people?
26:22Like everybody is checking the AQI,
26:24and then they decide whether their children should go out to play or not.
26:27That the children are going to play or not.
26:29What do they do?
26:30What do you tell them?
26:31Right.
26:32So I think I totally agree.
26:34Now it's time.
26:35If you give me a message,
26:36then it's to make it a young andulin.
26:39It means it's not only the government and the industry,
26:42or it has to be everybody.
26:46So the doctors are also important,
26:48where I have to talk about advocacy.
26:51Like you don't have to tell a number,
26:53what do you do after the number?
26:54So what do you do to tell me to parents?
26:56So we need certain general tips.
26:59And until the parents don't understand this,
27:02it's not about me,
27:03that parents should become strong enough
27:05to go and ask school me,
27:08RWA me,
27:10community me,
27:11they should go around.
27:12And jab tak real story hoti hai na,
27:15toh wo real story makes a big impact.
27:17Like we've seen in Punjab,
27:19jaisi wo jalate hai hai,
27:20toh it is in one of the villages,
27:23there was a real story,
27:24somebody died,
27:25pollution related,
27:26burning,
27:26and he or she could communicate to the village,
27:29and the whole village stopped.
27:30So the Gurdwara people were involved.
27:32So I think such stories will make a difference.
27:35And KP,
27:36from being a hard task master
27:37in our editorial meetings,
27:40to getting...
27:40Don't tell the jury that.
27:41The jury will run away.
27:44And like from years and years,
27:46you've been covering this pollution,
27:48you've been asking tough questions
27:49to all of us,
27:50all the people who sit there,
27:51to these people who want to innovate now.
27:53What would you say?
27:54How would you judge them?
27:55No, I would say please work very hard,
27:57and if you've got some good ideas,
27:58please use the QR code and send them to us.
28:01Let us restore Delhi's legendary Sardhi,
28:05you know,
28:05where you sat in the dhup,
28:07and you pealed Santre.
28:09You know,
28:09that's what we want to take Delhi back to.
28:12A huge round of applause again
28:13for our esteemed panel,
28:15and the jury,
28:16which will be finally deciding
28:18who gets to win that solution for pollution.
28:22Thank you so much.
28:23Thank you.
28:24Thank you.
28:25Thank you.
28:27Thank you.
28:28Thank you.
28:28Thank you.
28:30Thank you.
28:30Thank you.
28:30Thank you.
28:36All right.
28:37So you understood
28:37what the campaign is all about.
28:39It will judge who will do it.
28:41What will the whole process be done?
28:43But finally,
28:44at the end of the day,
28:45the win in this campaign is
28:47that this gets adopted by the government.
28:49It gets implemented by the government,
28:51and for which,
28:53don't believe us,
28:54believe the person
28:55who will be coming on stage next
28:56to bring you that promise.
28:58With that,
28:59let me invite on stage
29:01my colleague,
29:02Anjdaun Kashyap,
29:03and the Delhi Chief Minister,
29:04Rekha Gupta.
29:05Thank you.
29:13Thank you.
29:20Thank you.
29:23तुरे ग्रूप ने उठाया है अब हमारे साथ मुख्यमंत्री रेखा गुपता जी जुड़ गई है और ये जैन जी जो
29:28यहां पर है वो भी चाहता है कि जल्दी से जल्दी से लिएशन हो लेकिन एक सवाल पूछने से मुख्यमंत्री
29:33जी मैं अपने आपको नहीं रोग पारे
29:48तब हमारी सरकार 6 महिने पुरानी थी, आज हमारी सरकार 1,5 साल पुरानी है और इस लगभग 1,5
29:58साल के हमारे टेन्योर में हमने उस हर सॉलुशन पे काम किया हर उस समाधान को हमने आगे ले जाया
30:06कि जिसके कारण से जो दिल्ली की ज्तनी भी समस्याएं हैं
30:10उनको समाधान मिले और विशेश रुप से पॉलुशन को, तो हमारा काम, हमारी परफॉर्मेंस, हमारा साइंटिफिक रोड मैप जिसे हमने
30:18अडॉप्ट किया, वो मेरे कॉन्फिडेंस का कारण है और मैं समझती हूँ कि दिल्ली एक सही दिशा में और सही
30:25हातों में चल रही है
30:26रेखा जी देखे, अब एके करके हर बिंदू पर आते हैं, अब वहिक्यूलर पॉलुशन अतलब 60%, उसमें भी जो बाइक्स
30:33है, दो पहिया गाडियां है, उनसे भी 40% पॉलुशन, ईवी पॉलसी पर आप जोर दे रहे हैं, कि ईवी
30:39पॉलसी के जरीए, तो इसमें आपका प
30:56आप दिल्ली की सडकों को बिल्कुल पेट्रोल, डीजल, कार या दो पहिया वाहन मुक्त करना चाहती है, तो कब तक?
31:02देखिए, आप दो दो चीजों को मिक्स मत कीजिए, ईवी पॉलिसी और दिल्ली को ईवी सिटी बनाना भारत की, ये
31:12बहुत बड़ा लक्षे है, जिसमें हमने पूरी तरीके से जनता को इन्वाल्व करके, सभी स्टेक्षोल्डर्स के साथ में लगातार बहुत
31:22ज्यादा डि
31:32की बात की है, बलकि हमने स्क्रैपिंग इंसेंटिफ्स दिया है, हमने इवी इंफ्रा पे बहुत ज्यादा जोड दिया है, और
31:40उसके साथ साथ बैटरी का रिसाइक्लिंग वहां तक की भी प्लैनिंग किया, इस पूरी की पूरी पॉलिसी में हमने पंदरा
31:47हजार करोड का इन
32:03कि दिल्ली से पेट्रोल और डीजल के वहिकल खतम हो जाएंगे, क्योंकि जो अल्रेडी रजिस्टर्ड हैं, जो दिल्ली में चल
32:11रहे हैं, जिनकी अभी लाइफ है, जो पूरे जो पैरामिटर है, उसको फॉलो कर रहे हैं, निश्चत रूप में वो
32:18अपनी लाइफ पूरी क
32:19करेंगे और वो दिल्ली में चलेंगे, पर नया वहिकल कोई खरीदे, तो जरूर एक रिस्पॉंसिबिलिटी के साथ में दिल्ली का
32:26नागरिक उस वहिकल को खरीदे, उसमें एवी को प्रफर करें, सरकार उसके साथ है, और हमारी एवी पॉलिसी पूरा सपोर्ट
32:34करते वे दि
32:50अजना जी, और इवन से मैं पूछना चाहती हूं कि कितना फायदा मिला, इससे पहले की सरकार की ये नॉन
32:58सीरियसनेस थी, जो कि ऐसे टेंपरेरी और टाइम बिंग कुछ लेकर के आना कि भी ये और इवन कर देंगे,
33:07ये खाली ब्रहम था, लोगों को ये दिखाना कि हाँ,
33:10हम कुछ कर रहे हैं, पर ये solution नहीं था, कभी भी नहीं था, अगर ऐसा होता तो क्यों लगाता
33:15है, पॉलिशन सालों तक बढ़ता रहता, कोई solid step जो उठाने चाहिए थे किसी भी सरकार को, वो step कभी
33:22नहीं लिये गए, work from home, इसलिए थोड़ा effective कहा जा सकता है, कि आप सडकों �
33:28थोड़ा तो लोगो को आने से रोकें, work from home होगा, लोगो को public transportation के लिए मूव करें, लोग
33:35उसको इस्तमाल करें, और सरकार ने, हमारी सरकार ने पूरी तरीके से, इसे ये माना है कि ये पूरा साल
33:43भर चलाने वाला काम है, पॉलिशन जो है कोई एक सीजन का प्रॉबलम नहीं
33:48एक सीजन की आफत नहीं है, कि इस सीजन में आया आफत है और चलिए दो महीने निकले तो खतम
33:53हुई, जान बची, ऐसा नहीं है, साल भर जब सरकारे काम करेगी, तभी ये पॉलिशन कम होगा, ये 100%
34:01हमारी सरकार ने करके दिखाया है, लगातार इस डेड़ साल में हमने उन स
34:07सभी स्टेप्स को लिया, जो आने वाले समय में, धीरे धीरे पॉलिशन को भी कर्व करेंगे, और 360 डिग्री, यानि
34:14हर तरफ से हमने पॉलिशन को घेरा है, फिर चाहे वो डस्ट मिटिगेशन हो, फिर वो वाल तो वाल कार्पेटिंग
34:21हो, वो प्लांटेशन हो, वो EV पॉलि
34:37करना पड़ेगा, ताकि दिलि तियार रहे, सुसाइटी तियार रहे, उन यमों के अनुसार दिलि को चलाने के लिए। और सिर्फ
34:45सरकार के लोगभी मिल करके इस पॉलिशन का सवलीशन खोजेंगे, और मिल करके दिलि के फॉलिशन को खतम करें।
34:51तो थोड़ा सा हमारे दर्शकों को भी बताईए, इन जैंजी वाओं को बताईए कि क्या मिशन है और हम क्या
34:57करना चाहरे हैं इसके जरीए, कैसे इनोवेशन को हम आप प्रमोट करना चाहरे हैं हम लोग, बताए हमारे दर्शकों को.
35:03लेकि हम सब देश की राधानी दिली के नागरिक हैं, हर विक्ति अपने इस शहर से बड़ा प्यार करता है
35:10और इसलिए जब कोई भी प्रॉबलम दिली की ऐसी ध्यान में आती है तो हमें तकलीफ होती है, दिल में
35:16दर्द होता है कि हमारे शहर को कैसे बहतर कर सकते हैं, पॉलु
35:32ट्रिफ का हिस्सा बन सकता है और हमारी सरकार ने लगातार, पॉलुशन को सॉलुशन देने के लिए काम किया, हमने
35:41हर एक एक स्पेक्ट पर काम किया, हमने एवी पॉलिसी लेके आने का काम किया, हमने अभी बहुत बढ़ एक
35:49मास प्लांटेशन ड्राइव जो शुरू किया �
35:51पहली बार दिल्ली में, 70 लाख पेड पोधे लगाने का काम।
35:5570 लाख, सब्सक्राइब के माध्यम से दिल्ली के अलग अलग वर्ग, अलग अलग सोसाइटी और यंग्स्टरस ने, सबी ने उसमें
36:04पाटिस्पेट किया।
36:05डिजिटल पोर्टल के माध्यम से अपने लिए स्लोट बुक कराया, पोधे लगाये, और खास करके दिली का जो रिज एरिया
36:11है, पहली बार किसी सरकार ने आके उसे फॉरेस्ट नोटिफाई किया, यह से पहले कभी नहीं हुआ, कि आप सच
36:19में फॉरेस्ट को फॉरेस्ट के र
36:35इंफॉर्स्मेंट एजनसी एंशॉर करेगी, कि भई यह ना हो, जब आप ग्रैप 4 लगा देते हैं, उसके बाद भी काम
36:40चलता रहता है पीछे से, यह सच में आदत थी लोगों के, पर आप नोगर ने अगर स्टिंग किया, तो
36:47यह भी आपको ध्यान हुआ कि गॉर्मेंट �
36:49एक्षन भी पूरा लिया, और एक्षन के पीछे हमने वो सारे लिकेजिस जिसके कारण से कोई भी कंस्ट्रक्शन साइट उसका
36:59बेनेफिट लेती थी और अपना काम करती थी, मैं यह मानती हो कि जिसे अपने शहर की परवा नहीं है,
37:05जो सिर्फ अपनी चिंता कर रहा है, या
37:18उतना ही जनता का भी है, दूसरी चीज जो मैं बताना चाहूंगी, कि यह जो गैप था, इसे हमने खतम
37:24किया है, हमने अपना डस्ट पोर्टल सेकिंड शुरू किया है, जिसमें पांसो स्क्यार मीटर से उपर की जितनी प्रॉपटीज हैं,
37:34जहां कंस्ट्रक्शन चल रही है,
37:35वहां पे हमने डिजिटल कैमराज लगाए हैं, जो हमारे कंट्रोल और कमांड सेंटर से शुरू हैं, जो AI एनेबल्ड हैं,
37:43और पूरी तरीके से, अगर वहां पे डस्ट पेरामेटर पे वहां पे कुछ भी होता है, अगर अलारम बचता है,
37:52तो उसका नोटिफिकेशन हमारे
37:53के पास भी आता है, उस प्रॉपर्टी के कंस्ट्रॉक्शन प्रॉपर्टी के ओनर के पास भी जाता है, तुरंत अगेंसी एक्टिविट
38:01हो जाती है, और एक्शन लिया जाता है, तो यह पहली बार हुआ है, कि AI डिवन कैमराज के द्वारा,
38:06सरकार यह डिजिटल मॉनेटरि
38:15इससे पहले कभी यह नहीं हुआ था, तो ऐसे हर व्यक्ति जो उस समय कंस्ट्रॉक्शन करना चाहेगा या कर रहा
38:22होगा, वो पूरी तरीके से निगरानी में रहेगा और उस पे एक्शन लिया जाएगा, सरकारी कंस्ट्रॉक्शन का क्या होगा, कहीं
38:28मेट्रो का काम चल रहा
38:42है, जैसे मैंने EV की बात के, EV यदि हम लोगों को प्रपोस कर रहे हैं कि आप लीजिए, तो
38:47सरकार ने भी अपने लिए तैग कि हम जितने भी वेकल फ्यूचर में खरी देंगे, वो 100% EV ही
38:53खरी देंगे, यहां तक कि हमारी जो मेकेनिकल स्वीपिंग मशीन्स भी है, उनको भ
39:08देखा जी, तो EV में चल रही है, पीछे उनके सेक्योरिटी वाले 10-15 गाड़ियां चल रही है, प्रिट्रोल डीजिल
39:19वाले
39:19और इसलिए नहीं गाड़ी जो भी खरी देंगे, वो EV खरी देंगे, जैसे जनता का नियम, वैसे हमारा नियम।
39:49मैं यह मानती हो कि कोई भी एक्सपेरिमेंट जब हम करते हैं, तो वह पेलियर नहीं होता है, वह आपके
39:56लीए एक
39:56चीज सिखा के जाता है, आज दिल्ली शहर के लिए उसके पॉलुशन को खतम करने के लिए, आज आप भी
40:03तो पॉलुशन से
40:04solution का pollution के
40:06solution का कारिकरम कर रहे हैं
40:07यानि कि यहां बैठे हुए जितने यंग्स्टर्स हैं
40:10जो भी solution हमें बताते हैं
40:12और हमें लगता है कि solution से
40:13सच में 2% 10% कुछ भी
40:16pollution काम हो सकता है
40:17तो हम तो से त्यार हैं अपनाने के लिए
40:19ऐसे ही कृत्रिम बारिश
40:22आर्टिफिशल रेइन जब बहुती
40:24साइंटिफिकली अप्रूवड मेक्थड है
40:26जिसको की आप
40:27भाकी देशों में भी बाकी
40:29देशों में भी इसको किया गया है
40:31और लोगों ने आर्टिफिशल रेइन के माध्यम
40:33से बहुत सारी solution किया है
40:35डिली में भी हमने इसे ट्राई किया
40:37तो मुझे लगता है कि ट्राई करना कोई गलती नहीं है
40:40हमने पूरी
40:42अपनी उस मानसिक्ता के साथ की
40:44pollution को solution देना है
40:45हमने उस experiment को किया
40:47और experiment जो है वो सफल भी हो सकता है
40:50कई बार नहीं भी होता है
40:51चलते चलते एक आखरी सवाल
40:54आपको लगता है
40:55कई बार ऐसा मन में आता है कि
40:56कोई भी effort कर लो छोटा होगा थोड़ा-थोड़ा होगा
40:58पर ऐसा कुछ innovation या कुछ भी
41:00आपके सामने अभी तक आया है
41:02जो कि अनूठा है जो आपको बहुत promising लग रहा
41:04बहुत सारे experiments हमने जो इनोविशन चैलेंज किया था अलग लग युनिविश्टी में जाकर
41:10आई आईटी में जाकर के और बहुत सारे यंग्स्टर्स ने अपने स्टाट अप्स दिखाए अपने
41:15एक्सपरिमेंट्स दिखाए कि इसके माध्यम से
41:17पॉलिशन पे काम किया जा सकता है और उसमें से हमने बहुत सारे प्रोजेक्ट उठाए उसे दिल्ली शहर में इंप्लिमेंट
41:22किया
41:23और मुझे लगता है कि हर एक प्रोजेक्ट अपनी वाकिंग का कुछ ना कुछ इफेक्ट जरूर चोड़ता है
41:28तो हम लगातार उन्हें अडॉप्ट कर रहे हैं लगातार उस हर संभव प्रयास पे काम कर रहे हैं कि दिल्ली
41:36शहर की आबो हवा अच्छी हो दिल्ली में रहने वाले लोगों का दिल खुश हो इसके लिए हर उस सॉलूशन
41:44पे काम किया जा रहा है
41:45जो की सरकार के सामने प्रेजेंट होता है जो नए स्टार्ट अप्स हमें दिखाई देते हैं और इतना कह सकती
41:52हूँ कि ये दिल्ली शहर देश की राधानी है जब विक्सित भारत की बात करते हैं तो हमारी इस दिल्ली
42:02शहर की रिस्पॉन्सबिलिटी बहुत बढ़ जाती है
42:04और पॉलुशन जैसी प्रॉब्लम जिसमें केवल दिल्ली का हिस्सा निया दिल्ली एंसियार भी एक बहुत बड़ा फैक्टर है हम दिल्ली
42:12के लेवल पे भी काम कर रहे हैं हम हर तरीके से इसके समाधान को खोज रहे हैं और दिल्ली
42:20की जनता लगातार उसका प्रभाव दे�
42:23आपने दिल्ली की बात किया आपने खुदी कहा दिल्ली एंसियार तो एक आखरी सवाल मन में आ गया है जो
42:29कि बहुत जरूरी है शायद अड्रेस होना क्योंकि पराली एक बड़ी वज़ा और उसका जिस तरह से असर आता है
42:36वो हम सब भुगतते हैं सांस लेना मुश्किल होत
42:52आपने शर्मा जी से बात किया है इधर योगी जी से बात किया क давно हर एक मुखह मंतरी से
42:57बात किया और open burning का कोई भी मोड हो पराली हो बाकी चीज़े ओ डिली में हो NCR में
43:03हो बाकी राजयों में हो हर एक चीज़ जो हमें effect कर रही है �ris शह्र का है
43:18नॉर्दन रीजन का जो मिटिंग बीचे हुआ था उसमें सभी राज्यों के मुख्य मंत्री थे हम सब ने मिलकर के
43:24एक common agenda बनाया है एक common minimum program बनाया है जिस पे हर राज्ये काम कर रहा है और
43:29मुझे ये बताते हुए खुछी है कि दिल्ली की EV policy को
43:33as it is हर्याना ने अडॉप्ट किया है तो हर्याना भी अब EV पे जा रहा है धीरे देरे यूपी
43:38राज्यस्तान बागी राज्ये भी जाएंगे पूरा देश इस EV policy पे काम करेगा और हम सब अपने आवो हवा बदल
43:45पाएंगे पंजाब का अपने नाम नहीं लिए पराली पर क्या
44:25पर दिये जलाना कहां बना है तो हम दिये जलाते रहेंगे और
44:30लोगों को रोशन करते रहेंगे रेखा गुपता जी आप काफी अच्छी शायरी करती है मुझे पता है बीश-बीश में
44:37पहले से लेकिन राजनिती की सख्ती कई बार इंसान को अलग बना देती है उमीद है कि ये जो कोशिश
44:43है पुलूशन का solution वो सफल होगा और अब क्य�
45:00च्छल चो अन्सान करते हैं
45:30प्योर ओरोड़ को और पार्ट है और यह इस्टीम जुरी और ज़ता है कि अजिए अजिए और जग शि प्रॉट
45:36गई जोच्ट फुट टुट टॉट टॉट टॉट टॉट टॉट टॉट टॉट टॉटेंस वाग्ट
46:00झाल
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