- 2 days ago
Leader ep 24 Pakistani drama
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00:14प्रफ़री नहीं है जैसे बाबा थे बैसी ही बनुगा है
00:19मैंने बहुत कोशिश की बाबा के कदमों से कदम मिलाकर चलने की
00:24मगर मैं कभी उन जैसी नहीं बन पाऊंगी
00:26माना कि मैं तुम्हारे भरोसे के लाइक नहीं
00:31मगर थोड़ा सा वक्त चाहिए तुम्हारा इस से दादा कुछ नहीं मांग रहा
00:34आप भी हुनी की तरह खुनी है खासे बसे कुरसी मिलने की देर थी
00:39ये दिन मुझे आज तुम्हारी बचा से देखना पड़ रहा है
00:54अब अब तक तो है
01:08लेकिन कब तक चलेगी इसका कुछ नहीं पता
01:13मैंने तुम्हे कहा था ये सियासत तुम्हें कहीं का नहीं छोड़ेगी
01:16हाँ
01:18प्याद है मुझे आपने कहा था
01:21और सियासत में कोशिश भी बूरी की
01:24अगर मैं वापस आ रहा हूं
01:27इतना असान तो नहीं होगा बापसी का रास्ता
01:30क्यों?
01:31देखा भाई यूनिवसिटी का दिल है कैंटीन
01:34और दिल में तुमारे लिए कोई खास अच्छी बाते नहीं होती
01:39दिल का क्या है अफजलवल?
01:42थोड़ा से मनाव तो मान जाता है?
01:45कोशिश करके देख लो
01:55तुम्हारा इंतजार कर रहे हैं
01:57तुम्हारे दोस्त और तुम्हारे पुराने दुश्मन
02:01तुम अंदर चलो, मैं चाई बिजवाता हूँ
02:04तुम्हें, टैंक्यू
02:16क्या लगता है तुम्हें
02:21मुझे लगता है कि ये फैसला तो रुबाब और तुम आपस में भी ले सकते थे
02:28तो हमारे मश्वरी की क्या जरूरत?
02:30तुम लोगों के मश्वरी की जरूरत है मुझे
02:34क्योंकि आज मैं जोड़ भी कुछ हूँ तुम लोगों की वज़ा से
02:38मेरे लिए तुम लोगों की राए बहुत अहम हराम नहीं खाना मुझे
02:46मझे लगता है कि वजारत और स्यासत से मेरा तालग कोई माईनी नहीं रखता
02:52और उन लोगा क्या जिनके लिए तुम रूल मॉडल थे?
03:00मैं उन सबके लिए रूल मॉडल नहीं रहा
03:04क्योंके तुम खलत रस्ते बेचाल पड़े थे
03:08नजर अंदास कर दिया है तुमने इन सबको
03:10जैसे हमें मनाया है वैसे ही इन सबको भी मनाओ
03:15और अगर ये श्यासत गंदगी है तो कुछ लोगों की बेजा से
03:19आखिर किसी ने तो इन लोगों को और इस गंदगी को साफ करना है
03:25मैं पहले ही उन सबका भरोसा तोड़ चुका हूँ
03:30मुझा नहीं लगता कि वो मुझ पर दुबारा यकीन करेंगे
03:34जो तुम करना चाहते हो उसके लिए तुम्हें बहुत सारे लोगों का साथ चाहिए होगा
03:40और वो बहुत सारे लोग ये स्टूडेंस ही हैं
03:46इन्होंने ये तुम्हें यहां तक पहुँचाया है और काशिव ठीक कह रहा है
03:54तुम्हेंने मनाओं वो मानेंगे
03:58वो तुम्हारे जैसे हैं तुम्हारे अपने हैं
04:13ये मन्शूर काज में पैदा हो गया फिर से
04:16ये तो बहुत उचीशे हो गया है
04:18मगर क्या किया इसने हम सब के लिए
04:20वजीर बन के हम सब को छोड़के चला गया
04:23अब हमारे इससे कोई ताल्लफ नहीं
04:25सही कह रहे हो तुम सब
04:28मैं चोड़कर चला गया था तुम सब को
04:33मैं इस्टर बनने के बाद मैंने
04:34तुम लोग की किसी मसले की तरफ तवज़ो नहीं दी
04:38हर वादा तोड़ा है
04:42सच कहूं तो
04:44गरूर आ गया था मज़ में
04:46तकबर आ गया था
04:49लेकिन एक और बात सीखी है मैंने
04:53पावर इनसान को मतकबर नहीं बनाते हैं
04:57पावर इनसान के अंदर बैठे गरूर को
04:59तकबर को बाहर लाता है
05:01मुझे बहुत गरूर था अपनी इमानदारी पे
05:04अपनी गरीबी पे
05:06अपने बोलने पे
05:08और शायद वही गरूर
05:10मुझे उन जैसा बना गया जिन से मैं लड़ा करता था
05:13तो फिर हम सब के वीज दुबारा क्यों आयो
05:17माफी मांगना
05:23आज चोड़ कर दिल से माफी मांगने आए हो
05:28मेरे बाइस इस वक्त ओधा है
05:31दौलत है, गाड़ियां है, घर है, सब कुछ
05:34पर सकून नहीं
05:38क्योंकि मेरे पास आप लोग नहीं
05:41मैं आप लोग का अपना वही मनसूर
05:45और ये बाद जानता हूँ
05:46में मुझसे गल्ती होई, मैं बटक गया था
05:51लेकिन मैं आप सबसे माफी मांगे
05:53अपनी गल्ती का अतराफ करते
05:57और आप लोग उसे रिक्वेश्ट करूँगा कि आप लोग मेरा साथ
06:01मैं आप लोगों में से निकला एक स्टूड़न्ट हूँ
06:03एक आम सा चुड़न्ट, आप लोगों का अपना मंसूर
06:08आज की बाद किसी की हग तलफी नहीं होगी
06:11हर स्टूड़न्ट को रिश्वत के बगएर उसका हग मिलेगा
06:14हम अपने फैसले खुद करेंगे
06:17हम अपने फैसले हमारे मश्विरों के मताबिक करेंगे
06:21सब के बास पावर होगा
06:22वेरा हर साती मिनिस्टर होगा
06:24सब के सब वजीर होंगे
06:26मंसूर!
06:46थैंक्स
06:49किसी?
06:50हर बात के लिए
06:52और खास तौर पर सियासत ना चूड़ने का मश्वरा देने के लिए
06:59क्योंकर स्यास्ट में रहके मैं हर वो काम कर सकता हूँ जो मैं करने के लिए स्यास्ट में आया था
07:03मैं जानती हूँ तुम कर सकती हरो साय तो
07:13लेकर मैं ज्यादा अरसा स्यास्ट नहीं कर सकूँ
07:17इस सिस्टम को चेंज करने की कोशिश करूँ
07:20पर चाहे वो रिश्वत खोर उफसर नेकर अब पॉलिटिशन
07:26उनको जड़ से खत्म करना
07:30हर किसी को उसकी सलाहियत की बिना पर आगे आने का मौका मिलना जाहिए
07:35तनसूर मुझे तुम्हे तुम्हे एक बात बताना थी
07:38हाग को?
07:40पापा की बेल एप्लिकेशन लगी हुए
07:44तो?
07:47तो वकील होकफुल है?
07:49शायद कर बेल हो जाए
07:50किन ऐसा कैसे हो सकता है? तुमने खुद दिये थे आगला अवसारे सबूत
07:54केस बहुत स्ट्रॉंग है हमारा ऐसा कैसे हो सकता?
07:57तुम जानते हो का मूं कैसे चलता है
08:01तुम्हारा प्रेशर खतम होने के बाद
08:04वकीली काफी रिलाक्स
08:05पस मैंने भी एक इरादा किया
08:09कि मैं अपने आफिस को अपने परसिनल मुफाद के लिए इस्तमाल नहीं करूँ
08:15जायदी मेरी पहली अजमाईश
08:18पिर आगल रहा होता है तो हो जाए
08:21कानूर अपना रास्ता खुदी बना ले
08:26इतनी तब दिली
08:34पस तुम साथ देना
08:37जो कहा है वो सब करके दिखाऊँ
09:03अब मतलब
09:07अब आगे क्या करना है
09:10मुझसे क्यों पूछ रहे हुआ
09:11हमने एहद किया था
09:13कि अब हम साथ काम करेंगे
09:16एहद
09:18एहद तोड़ने के लिए किये जाते है
09:21हम सियासदान है
09:23स्कूल जाते बच्चे नहीं है
09:25और यहां तक मझे याद पढ़ता है
09:27यहां ने कोई एहद नहीं किया था
09:29जरूरत की मताबिक हाथ मिलाया था
09:38फलती की भरोसा करकर तुम्हारा प्लैन
09:43बुरे तरीके से कोई लो लिया
09:46यानि कि अब हमारे रस्ते जुदा है
09:50हमारे रस्ते अलैदा ही थे
09:53बहुत फर्क है तुम में और मुझ में और हमारी सोच में
10:00तुम क्रिमिनल माइन ड़क्तर मैं प्यूर सियासदान हूँ
10:08जरूरत की वक्त तुम काम तो आ सकते हैं
10:12लेकिन जरूरत पन नहीं सकते हैं
10:16पर लोगों की मैं जरूरत हूँ
10:20मंसूर का क्या करना है
10:23मंसूर को मैं समान दूँगा
10:25अब मुझे तुम्हारी जरूरत नहीं है
10:31तुम्हारी तैयारी देख के लगता है
10:34कि आज की हेरेंग का रिजॉल्ट तुम्हे टहले से ही पता दूँ
10:40तुम वही सड़क चाप या सड़क चाप रहना
10:45जानते हो तुम कामयाब ग्यून ही हुए
10:48तुम अवामी हो
10:51अवाम जैसे है और अवाम कभी भी अपने जैसे को लीडर नहीं मानती
10:56उनको बुली डर चाहिए जिसका वो तस्वर करते हैं
11:00और मैंड उनके तस्वर का अक्स बनकर उनके सामने रहता हो
11:07तुम्हारी तुम्हे ये बातें समझ नहीं आएगी
11:12अवासाब आपकी पेशी का वक्त हो गया है
11:16एक दिन आएगा मैं भी बाहर निकलूगा
11:19और जिस दिन निकला ना
11:23तो मनसूर के साथ तमारा भी साथ चुकता करूगा
11:26वो दिन कभी नहीं आने वाला
11:41प्राइब करें आएगी
12:06मुपारा को मुपारा को मुपारा को
12:09खेर मुबारको, खेर मुबारक, अपे हराम खोरो, तुम्हें याद है ना, वो जो इस कमबخت ने जमीन तुम लोगों के
12:18नाम लिखी थी, वो सारी वापस कर दी है, बाप का माल समझ के रख लियाता है ना तुम सब
12:26लोगों ने, आगा साब अब रिहाओ गे हैं, अब देखो मै
12:31मैं तुम सब के साथ क्या करता हूँ ये जो जमीन है ना तुम लोगों के तो हलक में हाथ
12:36डॉलके ना अत्डियां समेथ जमीन निकाल लूगा मैं
12:42अए धोल किसने बांद किया है मजा धोल
13:08अगा साथ के जमानत के पेपर में क्या गर्ति हो सकती हैं पेपर सुरे हैं अगर सारे पेपर्स sì निए
13:15अब ही तक बाबा आये क्योँ
13:16आ रहे हैं आगा शारे आज आपका लह्या क्या बदला होगा क्यों तकके दमार कर बाहर नहीं निका लेंगा
13:28लगता है अभी तक आप दिल मी लिए बैठी हैं, मैं बड़ा असा आद्मी हूँ, कहा हमका प्रेशर होता है,
13:37गलतियां हो जाती है, आप बड़े लोग हैं, आपके दिल भी बड़े, माफ कर दीजेगा।
14:05मैं बहुत मजबूर था, मैंने बहुत मना किया, लेकिन मिनिस्टर साफ के आडर थे, मैं सर आप ही का बच्चा
14:13हूँ, सर कोई गलती होगी है, तो माफ कर दीजेगा, सर
14:22चलें, हरीज
14:27आप, है, है, है, है, है, है, है, है, है, है, यह जो तुम लेजिसलेटिफ परपोस कर रहे हूँ, दी,
14:53आप ही ने खाता ना
14:55कि किसी अच्छे काम के लिए आपके दर्वादे हमेशा कुले
14:59तो इसमें अवाम का फाइब है
15:00हाँ लेकिन
15:02मुस्लिए इस्टुडिन्ट राइट्स के हाँ में है
15:06जी
15:08खेरियत तो है
15:14गानून साजी की बाते हैं
15:21अगर हम कानून साजी की बाते नहीं करेंगे
15:24तो अवाम को क्या फाइदा है हमारा
15:26और ये सब तुम्हें अब समझा है
15:30तेर से आया
15:31मगर आ गया
15:36इन में
15:38एक भी लेजिसलेशन ऐसी नहीं है
15:42जिसमें तुम्हें कोई
15:43परसनल बेनेफिट हो रहा हो
15:45जी बिल्कुल ठीक कह रहा है हम
15:47क्योंकि इसमें स्टूड़न्स का फाइदा है
15:51सरकार यूनिवरिस्टी की ट्रांसपोर्ट, स्कॉलर्शिप्स, किताबे सब फ्री हैं
15:54सब का फाइदा है
15:56इस तब्दिली की वज़ा
15:59को खास वज़ा नहीं
16:01ऐसे ही था मा
16:03थोड़ा बदल गया था लेकिन अब अपनी जगा पर आ गया
16:06तुम जानते हो आग़ी बेल हो गई है
16:08हो गई हो गई
16:10और वो बहार आकर
16:12रुकूमत के लिए बलके तुम्हारे लिए बड़ी प्राब्लम नन सकता है
16:15सलाइ डूंट केर नहीं
16:17जो होगा देखा जाएगा
16:19मेरी आपसे गुजारश यह है कि आप मेरे बिल्स पर गवर कीजिए
16:22ताकि मैं नेक्स सेशन में इन इसेम्बली में ला सकूँ
16:27थैंक यू
16:44पाबा
16:47मैंने एक तैसला किया है
16:50मैं आप सियासत नहीं कर सकती
16:56चलो
16:58हमने किसी बागपत उत्तिफाक किया
17:03क्या आप भी चाहते थे कि रुबाब सियासत ना करे
17:08यही चाहता हूँ
17:11एक बार आजमा कर देख लिया
17:14इसमें वो बात ही नहीं है
17:16कौनसी बाग?
17:17जो एक कामयाब सास्यदान में होनी चाहिए
17:21लोगों पर जल्म करना
17:23करप्शन करना
17:25लोगों का हक खा जाना
17:27अगर आप यह कह रहे हैं
17:29तो मुझ में वो बात नहीं है
17:31तो फर तुमें सियासत में आना ही नहीं चाहिए था
17:33सब एक जैसे नहीं उते
17:36और अगर मेरी किसमत में ऐसी ही सियासत लिखी है
17:40तो मैं इससे दस्तबरदान होना चाहूंगी
17:46जानती हो?
17:47मेरी जिनकी की सबसे बड़ी गलती ही क्या थी?
17:51नहीं
17:55मैंने इसे आस्फ पे तरजी दी
18:02वो बिल्कु मेरे जैसा था
18:05मेरी जैसी सोच
18:07मेरा खून
18:11मेरे खांदान का नाम बढ़ा था
18:14मगर मैंने हमेशा
18:17अपनी बेटी को अपनी स्यासत का बारस बनाने की कोशिश की
18:25पर क्या कुछ नहीं किया मेरी बेटी ने मेरे संथ
18:30हर किसम की तकलीश दी मुझे
18:35माफ कर दीजे से
18:37माफ उसे किया जाता है
18:40जने अपनी गलती का एसास और माफी मागे
18:46इसने अपने बाप की जन्तगी हराम करके भी
18:49अपनी गलती का एसास नहीं किया
18:55मैं आप से एक चीज की माफी जरूर मांगूंगी
18:59मैं कभी आप जैसी नहीं हो सकती
19:02और नहीं कभी बनना चाहूंगी
19:06बहुत अच्छी बात है
19:10बहुत अच्छी बात है
19:10बहुत मन्मानी कर ली तो आए
19:13अब होई होगा
19:15जो मैं चाहूंगा
19:18मेरे फैस नहीं खिनाफ चाहकर देखो
19:22मतला
19:24तो इने में सब समझा जाएगा
19:39जी सर मैं विल्कूल ठीक हूं सर आप कैसे हैं सर
19:43अरे सर कहा हम वाम कहा हम
19:45तो सरकार के हुकूम पे चलने वाले लोग हैं सर
19:48जी सर
19:49आगास साब अभी अंदर गये थे
19:51मैं दस-पंदर मिनिट बात कराता हूं आपकी
19:52अब एक मिनट होल करें सर आगए
19:55सर रफीक साब है एडुकेशन मिनिस्टर
19:59हलो
20:02जी स्लाम अलेकुम
20:03बस अल्ला का शुकर है
20:06आपको तो पता
20:07ये सियासत का जिसा है
20:09जी फिलाल तो घरी पर हूँ
20:12जी कुछ दिनों में जाओंगा अपने हल के
20:17बिलकुल बबल के मैं तो कहूँगा अब कर फैमली को भी लेके आईए
20:21जी इंशालला कल मुलाकात होती है दिनों
20:23ओके ओके
20:31ये रफीक का
20:33कुंस्ट्रक्शन के बिजनस है ना
20:35जी सर बहुत बड़ा बिजनस है
20:36आपको याद होगा हमारी हाईवाई वाली जमीन ये खरीदना चाहरे थे
20:39सुसाइड़ी बनाने के लिए
20:41तो सारों कारों बर इनका बेटा ही समालता है
20:45इनका बेटा शादिश होदा है
20:47नहीं सर अभी तो बहुत यंग है
20:49लास्ट येर फॉरण से पढ़कर आया
20:57ऐसा करो
20:59कल की पार्टी की मीटम कैंसल कर दो
21:01उनसे परसों बिढ़ेंगे
21:05और मुझे ज़िए को सुवा आजाए ठीक सर निया फॉर्टी इज़्या ज़िए को सुवा आजाए ठीके सर याओ याओ मेलता
21:15है
21:18अगे आज़िए
21:34जे आपने बुलाया?
21:36आज रफीक सल्मान उसकी फैमिली दिनर पर आएंगे
21:40कौन रफीक सल्मान?
21:42सिटिंग मिनिस्टर है
21:43अची वाक्वी हो ते मेरी उसके सब
21:45पर सिटिंग मिनिस्टर तो
21:47अपोजिशन पार्थी का होगा नहीं?
21:50है?
21:52पर वो हो ही
21:53स्यादा सबाल मत करो
21:54पर अब आप से को
21:56कि आज कहीं जाने की सुरुद नहीं है
21:57जड़ी पे रहे
22:02हलो?
22:04अस्सलाम अलेकूम
22:06बस अल्ला का शुकर
22:07नहीं आज की हाँ
22:09आज की मीटिंग कैंसल होगी
22:12नहीं जलस स्यादा परसु ही है
22:13और मुझे पूरी उमीद है
22:15कि तुम पांच हजार लोग ये करा होगे
22:18हाँ
22:19कमिट्मेंट है तुमारी?
22:22ओके, ओके
22:23फिर मिलते हैं
22:25ठीक, ओके
22:31हाँ मैं निकल रहीं
22:33मैंने तुमें बताया था ना
22:35कि अज मुझे सीम से मिल ला है
22:36थोड़े दि्सक्षunda करें
22:38निक है
22:39तु feeds को तुमें आधर रही लोगे
22:40तुमें काम करो तुम पांच़ तुम कानि पांचना इंजोरźी ये, मैं पांच चाहँगी
22:46तुम फोन बंद करोगे तो कुछ करूँगी ना
22:48अच्छा, सॉरी, ओ क्यों
22:50भदा आफ़स
22:53तुम कहीं जा रही हो
22:59जी, कहां?
23:01युनिवर्सिटी, क्यों?
23:05क्यों मतलब?
23:07मच्चा
23:08मुझे एक काम है, इसलिए जा रही हूं
23:11तुम्हारे बाबा ने कहा है
23:12कि शाम में कुछ महमान आ रहे है
23:14और तुम्हें घर पे होना जरूरी है
23:16मुझे बहुत जरूरी काम है
23:18तुम्हारे बाबा के कहे से
23:21और कुछ भी जाता जरूरी नहीं है
23:23और अब तुम्हारे बाबा
23:25वापस आ गए ना
23:26तो जो भी तुम्हारी activities है ना, इन सब को रोब दो
23:30इस बात से क्या मतलब है?
23:33तुम भी अच्छे तरीक से जानती है और मैं भी अच्छे तरीक से जानती है उस बात का क्या मतलब
23:38है
23:38अब तुम बास आ जाओ और इस वक्त तुम कहीं नहीं जा रही हो
23:42मैं बाबा से खुद बात कर लूँ नी
23:44ठीक है
23:45मैं तुम्हें मना कर रही हूँ
23:47लेकिन अगर तुम्हें अपना शौक पूरा करना है न
23:49तो ठीक है
23:50वो बहारी बैटे हैं बात कर लो
24:06मालिक
24:10मालिक मेरी अड़ी पसली तोड़ दी
24:12बड़ा ही कोई जालिम इनसान है
24:14आप जेल के अगए मेरा तो जिन्दी की परसे परोसे ही उट गया
24:19सब कुछ खा गया अराम धोर
24:21बंकर यो ड्रामा उटो उटके वहाँ बैटो
24:24नहीं हजूर मेरी अतनी ताकत नी कि मैं आपके बराबर बैट सकूँ
24:28मैं यहीं जीगू
24:30वो रोड़ वाली जमीन है या उस हराम खोर मनसूर ने वो भी ट्रांसफर करा ली
24:36कौन सी जमीन है जूर आपकी तो बहुत सारी जमीन है
24:40जो हाईवे के साथ है
24:41वो कोल्ड टोटल मिला के तेरह सो एकर जमीन है जूर
24:45ये सारी सिर्फ वो जमीन है जो मैंने गाउँ वालों से ली है
24:50ये वकीन को मैंने बोल दी है कल तक आपके नाम ट्रांसफर हो जाएगी
24:54ठीक हैं खाते निकल बाकर रखो
24:58जब मैं गाउँगा तो मुझे दे देना
25:03जेज़ बाबा मुझे बाहर जाने और मौबा मना कर रही है
25:07मैंने ये मना किया
25:08मगर मुझे जरूरी काम है
25:10अब सिर्फ तमारा वहाँ जाना जरूरी है
25:12जहां मैं समझता हूँ
25:15अब बात करता हूँ आपे
25:16लेकिन बाब मैंने का अब याग करता हूँ बात
25:38क्या मैं यहाँ बैच सकता हूँ
25:42बैच जई
25:44क्यो
25:49वहाँ बैच वाले सब अंदर बैठे हैं और आप यहाँ बाही रखे लेगिए
25:53इट सब्वियस मुझे नहीं बैचना
25:58टिपिकल रभाबबबा
26:01मतला?
26:02यह तों में रमेंबर मी?
26:03शुद आइब?
26:05अरे इस मी, Samir Rafiq
26:06याद आया?
26:09अरे यार बच्पन से स्कूल में भी साथ थे
26:13समीर इट्स यू
26:16ओ मैं गाड
26:18तुम यहां क्या कर रहे हो
26:19मेरी फैमली ही तो आई है अंदर
26:21रफीक सलमान मेरे अबबो है
26:24ओ
26:25स्माल वर्ड
26:26ऐसे मैं काफी बोर हो रहा था अंदर
26:30एक तो सारा दिन डैट के साथ
26:31पॉलिटिक्स की बाते हैं और फिर यहां पे भी आके वही सब
26:35तुम पॉलिटिक्स में हो?
26:36नहीं नहीं नहीं पॉलिटिक्स से बहुत दूर हूँ
26:40डैड है ना
26:41मेरा कंस्ट्रक्शन का काम है
26:44पॉलिटिक्स मेरे बस से बाहर की बात है
26:47वैसे डैट चाहते थे कि मैं उनकी पार्टी को जॉइन करूं मगर मेरा पोटेंशिल देखकर उन्होंने मुझ पर और मुल्क
26:54पर रह्म करना स्यादा बेतर संजा
27:08स्यासत तो होती रही आगा साम
27:10आपकी पार्टी और हमारी पार्टी ये तो सब सेकेंडरी चीज है
27:14लेकिन आपके साथ जो हुआ मुझे उसका दिल से अफसोस है
27:18मैं आपके लिए कुछ कर सकता हूँ तो हाजर हूँ
27:20अरे आप खुछ चलके मुझ तक आए हैं ये क्या कम है
27:25क्या बात कर दी आपने हमारे आपके कोई आजके हमारा सिम थोड़ी है
27:31हमारे वाले साथ आपके वाले साथ के बहुत नयाज मन थे
27:35आपको तो पता होगा आगा साथ के आपके हलके की जातर हासिंग सुसाइटियां हमारी कम्प्री नहीं बनाई था
27:40बलके यू कहें के बड़े आगा साथ ने हमें खुद वो जमीने दी
27:44जी जी मुझे बिलकुल याद है आप शायद उसके बाद आप पॉलिटिक्स में इंवाल्व हो गए और
27:49शायद आपका फोकस जो है बिजनस से कम हो गया
27:53जी जी आप तो जानते हैं कि मुलाजमीन पे कितना पुरूसक दिया जा सकता है
27:59जब से स्यासत में आया हूँ तो मैंने दराब बिजनस पे फोकस कमी कर लिया है
28:03मेरा बेटा समीर है ना क्रॉरों का सारा बिजनस वोगी समान रहा है अचकाल बेरा हो
28:10अगर काबिल उलाद हो तो माबाप की परिशानिया कुछ कम हो जाती है
28:18आगा साब आपसे एक बात करनी थी अगर आपकी इजादत हो
28:22जी जरूर पताईए तो कम
28:23समीर काबिल लड़ता है मेरा सारा बिस्निस उसी ने संभाला हुआ है
28:27और उबाब और समीर दोनों एकी स्कूल में पढ़ते थे
28:32अच्छा हाँ
28:33जी
28:36मेरा आज आने का मकसद भी यही था कि मैं अपने बेटे समीर के लिए आपकी बेटी का हाथ मांगो
28:42देखें आगा साब हम आपके रुद्बे के बराबर तो नहीं हैं लेकिन
28:46हम आपकी बेटी को आँखों पे सजा के रखेंगे
28:51देखिए मैंने
28:53इस पारिम को सोचा तो नहीं था मगर आप
28:55नहीं नहीं देखें हमें भी कोई इतनी जल्दी नहीं है
28:58आप पूरा टाइम लें सोचने समझने के लिए
29:01और वैसे भी रुबाब बेटी की भी तो इजाज़त जरूरी है नसर
29:06आगा साब आप से एक रिक्वेस्ट दी जी
29:09अगर आप इस रिश्टे के लिए हाँ करते हैं तो रुबाब को पॉलिटिक्स छोड़नी होगी
29:18मैं बजा जान सकता हूँ
29:20देखें आप जानते हैं कि आपका और हमारा खांदान मुखालिफ पार्टी से ब्लॉंग करता है
29:25और समीर का बिलकुल भी पॉलिटिक्स में इंट्रस नहीं है
29:28तो बस आप से ये एक रिक्वेस्ट थी
29:34आख खाना लग या है
29:44मैंने कुछ इस मसले के बारे में सोचा तो नहीं है
29:46लेकिन कुछ सोच के आप से बात करता हूँ
29:53मनसूर को अपने साथ शामिल करने की यही एक वजा थी
29:57कि वो आगा और करीम दाथ को कंट्रोल में रखेगा
30:01लेकिन मनसूर का इंटेरियर मनिस्टर बनते ही
30:03अब आप बाहर आगया
30:06और अब उसकी पार्टी एक बहुत बड़ा जलसा कर रही है
30:11यह तो बहुत अच्छी बात है
30:13कि एक शखस अपनी पोस्ट का जाइज इस्तिमाल कर रहा है
30:17बनके आप ही की तरफ से पहले मुझे खबर मिली थी
30:20कि वो बहुत आउट अफ कंट्रोल हो रहा है
30:22अब अगर वो सही काम कर रहा है
30:24तो अभी आपको तकलीफ हो रही है
30:26आप बात समझें ने सर
30:29आगा हमारा सबसे बड़ा स्यासी दुश्मन है
30:32अब वो यू ही अगर अज़ादाना बाहर गुमता रहा
30:35तो ये एक दो ओड़ पे खड़ी खुमत
30:38एक दो दिन भी नहीं रहेगी
30:40खमाल की बात है
30:43जब आप ही मेंसे कोई बंदा गलत काम करता है
30:46तो आपको तकलीफ होती है
30:48वोई शग्त जब सही काम कर रहा हो
30:50तो भी आपको तकलीफ होती है
30:52कभी ये करने को कहो
30:53कभी वो करने को कहो
30:54आपके साथ मसला क्या है?
30:56पता है?
30:58बताएए
30:59वो मेरी तरहां आप लोगों में से नहीं है
31:02गरीब घर का बच्चा है
31:04आगया मिनिस्टर बन गया
31:06अब वो जो भी करेगा आपको तकलीफी रहेगी
31:09लेकिन सर बस
31:13मैंने आपकी बात सुन ली है
31:15बलके पहले कुछ ज्यादे ही सुन ली थी
31:19मैं देखता हूँ मैं क्या कर सकता हूँ आप जा सकते हैं
31:55क्या मनिस्टर साथ
31:58इतनी जल्दी ठक गया
32:02मतलब
32:03हमने तो सोचा था
32:05जवान हो
32:06जो शीले हो
32:09आगा वो लंबे अरसी तक जैल में रहेगा
32:13लेकिन बस
32:15इतने में टुस पड़ गए
32:19सर आप कितरा पुराना चावल नहीं हूँ
32:22अभी नहीं हूँ
32:25अभी बदल भी सकता हूँ
32:27इसलिए माफ करते हूँ
32:31सच सच क्यों नहीं कहते है के
32:34कोई और चक्कर है
32:39क्या जक्कर
32:41अब छोड़िये बेना
32:45हम ये बात बहुभी जानते हैं
32:48कि आगा की बैटी को
32:52तुमने गर से बगए नहीं
32:55अंदा अपनी उकात में रहकर बात करना हूँ
33:10तो फिर क्या सोच आपने मेरे बिल के बारे में
33:13तुमने बहार अकील का गिरबान क्यों बुकड़ा
33:17मैं कुछ ऐसी बात कर रहा था जो कि उसे नहीं करनी चाहिए थी
33:22जैसर के
33:26मैं वो बात दोरारा नहीं चाहता
33:29मैं फिलल मेरे बिल के बारे में बता दे
33:34तुम्हारा बिल बहुत अच्छा है
33:36लेकिन एक प्रॉब्लम है
33:38क्या?
33:40एक मेंबर इस्तिफा पहले ही दे चुकी है
33:43बागी चार में से एक का गिरबान तुम बाहर पकड़ चुके हो
33:46तो आगे चलके बागी तीन को भी मिला लेगा
33:50तो ऐसे में मुझे नहीं लगता कि तुम्हारा बिल या है
33:52असंबली में पास हो सकेगा
33:55आप सी अन
33:58आपको लगता है कि ये पार्टी में मर्ज आपकी मर्जी के खिलाफ जाएंगे
34:01मेरी अपनी कोई मर्जी नहीं होती
34:04सब को मिला के चलना पड़ता है
34:07तब ये हकुमत खड़ी है
34:10आगा और रहा चुका है
34:13इतला यह है कि अवर बहुत जल कोई जलसा करेगा
34:17अगर ये रिपोर्ट भी है कि जलसे में कोई बड़ा टन आउट मिले गा हूँ
34:22तो?
34:25आप ही नहीं गहा था ना
34:27कि मैं अपने आफिस को अपने किसी परसनल इतकाम के बीच में ना लाँ
34:30तो अब आप क्या चाहते हैं?
34:33तुमारी एक प्राउब्लम है
34:36तुम बिलकुल भी डिप्लोमेटिक नहीं हो
34:39या एक्स्ट्रीम हो या कहीं हो ही नहीं
34:46हर बात कहीं नहीं जाती
34:47इसी तरना स्यासत रोती है
34:50तो असान अलफाज में आप ये कहना चाह रहे हैं
34:53कि मैं दोगला नहीं
34:56मैं तो पूरा करब्ट हूँ या नहीं
35:00मेरे बास बीच का कोई रास्ता ने
35:03लेकिन फिलाद आपकी बातों से मुझे यही लग रहे है
35:05कि मैं अपने बिल पर ना समझो
35:06चलो
35:08डिप्लोमेटिक बाते नहीं करते
35:11लेकिन समझ लेते हो
35:12गुड
35:15मुझे मालूँ है तुमने बहार अकील का गिरबान क्यों पकड़ा था
35:19उसने कुछ ऐसा नहीं कहा था
35:22आइंदा अपने जज़वाद पर काबू रखता
35:29बात सही या घलत की नहीं
35:32हर बंदा हर बात नहीं कह सकता
35:35और आइंदा अगर किसी ने मेरी परसनल लाइफ के बारे में बात की
35:40तो मैं गिरबान नहीं पकड़ूँगा
35:43सीधा दाथ दोड़ूँगा
35:45पर चाहे मैं कोई भी हो
36:04कर दो दोड़ूँगा
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