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  • 4 weeks ago
पुष्कर में जगतपिता ब्रह्मा द्वारा स्थापित कपालेश्वर महादेव मंदिर का इतिहास अद्भुत है. पढ़िए प्रियांक शर्मा की स्पेशल रिपोर्ट.

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00:08पुश्कर में स्थित कपालेश्वर महादेव मंदिर श्रधालूओं की आस्था का बड़ा केंद्र है।
00:30विष्णु भगवान से ब्रमाजी उपाई पूशते कि इस प्रकार संकर भगवान प्रकुपित हो गए है।
01:02पुश्कर में स्थापना कीजिए और उसकी पूजा कीजिए उससे ही संकर भगवान का क्रोध सांथ होगा और उसके बाद तुमारा
01:11यग्ये पूरण होगा।
01:13तो ब्रमाजी वहां से कपाली का ध्यान बठका कर निकल जाते हैं और यहां आकर एक स्वयंभू सिविलिंग की स्थापना
01:23करते हैं जिसको आज हम कपाले शुर कह रहे हैं।
01:25बच्पन सारे रचावण में रोज आते हैं।
01:29आते हैं।
01:31बहुत लोग आते हैं।
01:33सुबह आरती भी अच्छी होती हैं।
01:36मननत मांगों तो सबी जगे पूरी होती है।
01:38शुर का सबसे प्राचिन और अत्मनुकामना पून करने वाला मंदीर है।
01:56इस स्वयम्भू शिवलिंग का इतिहास स्रिष्टी के आरंब से जुड़ा है।
02:01पौरानिक मानेताओं के अनुसार यग में आमंतृत न किये जाने पर जब महादेव क्रोधित हुए
02:06तब जगतपिता ब्रह्मा ने उनका गुस्सा शांत करने के लिए यहाँ शिवलिंग के स्थापना की थी।
02:13पिछले 900 वर्षों से जुना अखाडे के संतों द्वारा सवारी जा रही इस पावन गद्दी के वर्तमान में 26. महंत
02:20सेवानंद गिरी है।
02:23यहां हम 15, 16, 17 साल सा आराओं मही आप है।
02:28साउन साउन हर महीन आते हैं। और यह जो सिवलिंग है।
02:33यह सोयम ब्रमा जी दवारा इस्ताफित है।
02:35यहां जो भी भक्त मन से जल चड़ाते हैं।
02:40उनकी मनोकामना पूर्ण होती है।
02:42और यहां पुष्कर के जित्ते भी ब्राह्मन पंडित लोग हैं।
02:47वह भी आते हैं।
02:48सबके आथसा है।
02:51तीरद्याथरी तो आती ही हैं।
02:53पर जो लोकल लोग हैं। उनकी भी बड़ी आथसा है।
02:56यह हम 22 साल से आते हैं।
02:58कपालेशर मादेव टेंपल है।
03:25मंदर के महिमा इतनी निराली है कि यहां ब्रह्म सरोवर के पवित्र जल से जलाविशे करते हैं।
03:30करते हुए ओम ब्रह्मने नमह मंत्र का जाप करने से महादेव प्रसन्न होते हैं।
03:36स्थानिये श्रधालूं का अटूट विश्वास है कि इस दिव्य दर्वार में मत्था टेकने वाले हर भक्त की जोली पाबा का
03:43पालेश्वर जरूर भरते हैं।
03:46अजबेर से ETV भारत के लिए प्रियांग शर्मा की रिपोर्ट।
03:49अजबेर से कुछ है कि रिवार भरते हैं।
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