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देश में चीन के बढ़ते दामों के पीछे क्या एथेनॉल कनेक्शन? देखें दंगल
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00:00तमस्कार मैं हुँ साहिल जो शी दंगल में आपका स्वागत है
00:02आज दंगल में चीनी की चर्चा करेंगे
00:06क्योंकि चीनी महंगी होती जा रही है
00:09और इसी लिए भी क्योंकि त्योहारों का सीजन शुरू नहीं हुआ है
00:12और चीनी के दाम को पंक लग गए है
00:15पांच हफ्तों में 20 उर्पे तक दाम बढ़ गए है
00:17केंदर सरकार कहती है कि चीनी का उत्पादन अनुमान से कम है
00:21क्योंकि आल नीनों से गन्ने की फसल खराब हो गई है
00:24विपक्ष कह रहा है कि जब सरकार गन्ने से इतनॉल बनवाएगी
00:28तो यही होने वाला है चीनी महेंगी होगी
00:30चीनी मिल संगटन कहता है कि इतनॉल से चीनी के दाम का कोई करेक्शन नहीं
00:35सब जमा खोरों और मुनाफा खोरों की करतूत है
00:38हाफते भर में सारे दाम सामान ये हो जाएंगे
00:41उदर यूपी में एंडिये सरकार वे शामिल ओम प्रकाश राजबर के बेटे कह रहे हैं
00:46कि चीनी आम लोगों से जुड़ा हुआ मामला है
00:49गरना किसानों का सवाल है अकिलेश सडक पर उतरे तो राजबर की पार्टी भी साथ में आंदोलन करेगी
00:55अकिलेश पहले से इतनौल ब्लेंडिंग को लेकर सवाल उठा रहे है
00:59मतलब ये कि चीनी और इतनौल का मसला सियासत के साथ ऐसा ब्लेंड हो चुका है
01:05कि नजाने किस राज़्य में किस दल का इंजन डैमेज हो सकता है
01:09किसका पॉलिटिकल माइलेज घड जाएगा
01:12क्योंकि एक तरफ विपक सरकार के इतनौल नीती पर सवाल उठा रही है
01:16दूसरी तरफ पंजाब के किसान कहते हैं कि नीती बिलकुल अच्छी है
01:19अभी तो मक्के और गन्ने के में बढ़िया दाम मिल रहा है
01:23महराश्ट में चार साल में 20 पीजडी तक गन्ने के दाम बढ़ चुके हैं
01:28एक तरफ यूपी में इंडिया गड़मंदन इतनौल को चुनावी मुद्दा बना रही है
01:33तो दूसरी तरफ करनाडक के किसान गन्ना किसान खास करके
01:37सो प्रतिशत इतनौल ब्लेंडिंग पॉलिसी का खुलकर जश्ट मना रहे है
01:42वो कह रहे हैं कि इससे किसानों को मुनाफ़ा होगा
01:45तो दंगल में आज हम इसी बारे में चर्चा करेंगी
01:48कि क्या देश में चीनी की महंगाई के पीछे इतनौल कनेक्शन लग रहा है
01:52इतनौल ब्लेंडिंग को लेकर सवाल उठारे विपक्ष के सुर
01:55अलग-अलग प्रदेशों में अलग-अलग नजर क्यूं आ रहे है
01:58क्या इतनौल ब्लेंडिंग देश के गन्ना, मक्का, धान, किसानों को फाइदा पहुचाएगा
02:04और ऐसे तमाम सवाल है जिस पर हम दंगल में चर्चा करेंगे लेकिन पहले यह रिपोर्ट देखते है
02:26देश की सियासत में चीनी की चर्चा है क्या आखिर चीनी के दाम में रॉकेट क्यों लग गया
02:32जो 23 जुलाई को 49 रुपए किलो थी, सावन चड़ते ही 6 अगस्त को 56 रुपए, 12 अगस्त को 60
02:39रुपए, 18 अगस्त को 65 रुपए और 24 अगस्त को 70 रुपए प्रति किलो क्यों पहुँच रही है
02:45अभी तो सावन चली रहा है, आगे रक्षा बंधन है, जन्माष्टमी, फिर त्यवहारों की जड़ी है
02:52ऐसे में चीनी की महंगाई फिक्र का बड़ा मुद्दा है, लोगों से ज्यादा नेता फिक्रमन्द है
02:57और नेताओं में भी चुनावी यूपी के नेताओं में फिक्रित्नी की पितादी स्तरकार में मंत्री है
03:02बेटा महंगी चीनी पर अखले श्यादाओ के कंधे में कंधा मिलाकर अंधोलन के लिए तैयार
03:15प्रिश की हिए और बुला करके जो चीनी का रेट बढ़ा हुआ है उस
03:21प्रकाद गारेंगे मैं आपके मादम से कहना चाहता हूँ कि
03:29माननी अखलेश यादाव जी आप आंदोलन करिये हम आपके सांथ चीनी के महंगाई पर पक्ष वे-पक्ष की तैयारी दे
03:35सरकार होश्यार है दिल्ली से लखनो तक अलर्ट है लखनव वाले बता रहे हैं कैसे जमाखोरी और कालावाजारी के खिलाफ
03:43सक्त अभियान चलाकर महं
03:48होती जा रही है तो अमारा एक्पेक्टेशन का 330 तो 340 लाक टन अलोफ एसदन विकाज अफ दिस रेड्राट डिसीज
04:02अद वाटर स्केर्सिटी बिकाज अफ दी लेस्रें शुवर प्रैस है कम दाउन व्यार्ट वरी मच कंसर्न अबोट वैसे आस्मानी सुल्तानी
04:14मिलाक मह
04:15जिंगी चीनी के कारण चार है देश में सालाना चीनी खपत करीब 3.30 करोड टन की है इस बार
04:213.30 करोड टन उत्पादन की उमीद थी उत्पादन 3 करोड टन ही रह गया रेड रॉट और टॉप बोरर
04:28जैसी बीमारिया लग गई पहला तो ये दूसरे अल्नीनों और जलभरा�
04:34सब्सक्राइब 12 फीजदी तक कम हो गई तीसरे कम फसल के बावजूद 8 लाग टन चीनी विदेशों में बेच दी
04:39गई और चौथे सरकार करीब 33 फीजदी गन्ने से इतनौल बना रही है ये इतनौल नाया बखेडा है जिस पर
04:47विपक्ष सरकार को पूरे देश में घेरता है
05:02जब उसको आप गाड़ी में डालना शुरू कर दोगे तो ये देश का क्या बनेंगा दरसर यूपी में एतनौल की
05:16चिंगारी से चीनी की सियासत जिस तरह सु लग रही है उसके पीछे गन्ना बेल्ट की पॉलिटिक्स है और इस
05:22पॉलिटिक्स की जड़े उत्रप्रदेश म
05:30में करीब तीन से साड़े तीन करोड टन घरेलू खपत है तो 89.2 लाग टन यूपी देता है जबकि
05:37यूपी में चीनी की सालाना खपत करीब 48 लाग टन ही है यानि यूपी की बची चीनी का सर पुरे
05:44देश तक है और वोट के लिहास से समझें तो गन्ने की खेती के प्रभा�
05:59और गन्ना से जुड़े खेत, मिल, कारोबार से जुड़े लोगों को भी जोड़ दे तो 2 करोड करीब और वोटर
06:06है और इस वोटर गुट का बड़ा चुनावी असर चुनाव नतीजों पर नजार आता है क्योंकि एक तरफ हम देख
06:12चुके हैं कि पश्चिवी उत्रप्रद
06:28हार जाते हैं सहारनपूर कैराना मुजफर नगर मुरादाबद संभल जैसे जिलों में इंडिया गठवंधन ने बाजी मार लो जबकि जैंत
06:36चौधरी जैसे किसानों की राजनीती करने वाले दल भी बीजेपी के साथ खड़े थे
06:42इसलिए विपक्ष को उमीदे बढ़ी हैं कि अगर महंगी होती चीनी के बहाने इथनॉल और गन्ना नीती को लेकर अंदोलन
06:49कर दिया जाए तो सरकार को घेरना और चुनावी नुक्सान पहुचाना विपक्ष के मुताबे संभव हो सकता है आज तक
06:57ब्यूरो
06:58और खाजकर इस बार गन्ने को लेकर और शुगर को लेकर यानि चीनी को लेकर सबसे ज़्यादा चर्चा उत्तरप्रदेश के
07:05भीतर शुरू हुई है
07:06कारण साफ है क्योंकि उत्तरप्रदेश में चुनाव भी आ रहे हैं
07:09और उसके साथ-साथ 25 से 30 प्रतिशत चीनी का प्रोडक्शन उत्तरप्रदेश से होता है
07:13यानि 50 से 60 लाग किसान इस चीनी पर निर्भर है
07:17और जायर से बात है कि अगर इसे वोट्स पे कनवर्ट करें
07:20सो 2 से 2,5 करोड वोट ये गन्ना किसानों के होते हैं
07:24और इसलिए इस पर राजनीती भी भरपूर हो रही है
07:26चर्चा करेंगे कि आखिरकार चीनी के दाम क्यों बढ़ रहे हैं
07:29और क्या सरकार का ये पॉलिसी फेलियोर है
07:31या सच्पुच में डिमांड सप्लाय का बुद्धा है
07:33इस पर चर्चा होगी हमारे साथ प्रोफेसर दिप्ती तनेजा
07:36प्रोफेसर है एकनोमिक्स की उनिवर्सिटी ओफ डेली से
07:39वो इस चर्चा में शामिल हो रहे है
07:43का अरूप है कि इतनॉल प्रोड़क्षन बढ़ाने के वज़े से
07:46शुगर जो डायवर्ट की जा रही है
07:48या गन्ना जो डायवर्ट किया जा रहा है
07:49उसी के वज़े से दरसल अचीनी का उतपादन घटा है
07:53सुनिल सिंग यादव समाजवारी पार्टी के प्रवक्ता इस चर्चा में शामिल होंगे
07:57रागवेंद्र दिविवेदी प्रवक्ता है सुहल देव भारतिय समाजवारी पार्टी के साथ
08:03वो भी आंदोलन में उतरेंगे उनसे भी कुछ सवाल पूछेंगे
08:05मलूक नगर नैशनल जनरल सेक्रेटरी है, राश्रे लोग दल के, वो भी चर्चा में शामिल होंगे, हलाकि भारतिय जनता पार्टी
08:11चर्चा में शामिल नहीं हो रही है
08:12तीन सवाल इस पैनल के सामने में रखना चाओंगा
08:15पहला सवाल क्या देश में चीनी की महंगाई के पीछे क्या इतनौल कनेक्शन है क्योंकि विपक्ष का आरोप है कि
08:22इतनौल प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए चीनी को डाइवर्ट किया गया है और इसी के वज़े से शुगर के इन जब
08:28डाइवर्ट होते हैं जब गन्ना डा�
08:43वहाँ के किसान जश्ट मना रहे हैं और वहाँ पर कॉंग्रेस पार्टी बाकी प्रदेशों में कह रही है कि इतनौल
08:48के वज़े से नुकसान हो रहा है तीसरा सवाल क्या इतनौल ब्लेंडिंग देश के गन्ना मक्का धान किसानों को फाइदा
08:55पहुचाएगा क्या उससे सच
09:09चीनी के दाम क्यों बढ़ रहे हैं डिप्टी तने जब ये बात मुझे अभी तक नहीं समझ में आ रही
09:13है कि ये डिमांड सप्लाई का मुद्धा है या सरकार की पॉलिसी का फिलियोर हम बानकर चले असा फलता इसको
09:19मानकर चले क्योंकि तीन मेहने पहले जब अनुमान लग
09:25आए गया था तब भी अलनीनो इफेक्ट था अब ये कहा जा रहा है कि अलनीनो इफेक्ट के वज़े से
09:30जो अनुमारित चीनी का प्रोडक्शन था वो घड़ गया है और इसी के वज़े से दिक्कत हो रही है दूसरी
09:36तरफ उत्तर प्रदेश में योगी आरितिनात कहते हैं क
09:52तो असली वज़े हम क्या मान कर चले ये सिंपल सप्लाई डिमांड इशू है या सच मुच में कोई पॉलिसी
09:58की विफलता हम इसे मान कर चले
10:00नमस्कार साहिल जी सभी को पैनलिस और दर्शकों को भी देखिए ये किसी भी तौर पे सरकारी नीतियों का फेलियर
10:06नहीं है और नहीं इसको एथनॉल के साथ जोड़ना सही दिशा में एक कदम होगा क्योंकि आपने जैसे डिमांड सप्लाई
10:13की बात करी तो अगर उसी को आ
10:28यह पूरे हर साल का जो एस्टिमेट चला आ रहे है और पिछले साल के एस्टिमेट में बेस्ट है केवल
10:33यह जो एक महीना होता है देखिया आपनी जो अभी इसे पहले अपना रिपोर्ट दिखाए था उसमें भी आपने बताया
10:37कि यूपी चुनाफ के साथ लिंक होते हुए
10:39यह जमाखोरी शुरू हो जाती है तो यह एक्चुल जो प्रॉब्लम है यह जमाखोरी की है और साथ-साथ अगर
10:45यह भी देखें जो एल नीनो का एफेक्ट था यह एक जो जिसको कहते हैं चेंज ओवर मन्त कि आपका
10:50खारेफ और आभी के बीच का जो चेंज ओवर मन्त होता
10:52है तो यह वह वाला महीना है क्योंकि उन्हीं आख्रों को अगर समझें तो सब्टेंबर एंड का जो हमारा प्रडक्शन
10:58है वह अगें 33 लाग टन्स पर उसको दिखा रहा है और वही हमारा प्रजेक्टेट एस्टिमेज भी है डिस्पाइट यह
11:04एल नीनो एफेक्ट बिंग �
11:05तो यह जो पूरा सिचुएशन है इसी के चलते सरकार ने एसमा भी लगाया है और सरकारी नीतियों का अगर
11:11फेलियर होता तो सरकार ना एसमा इन्वोक करती और ना सरकार यह समझते हुए कि यह कमी आने की उमीद
11:17है तो इस वजह से जो एकदम इंपोर्ट जीरो इंपोर्ट
11:37दो सवाल इसको लेकर क्योंकि आप कहरें कि यह डिमांड सप्लाइ का मुद्ध है और आप कहरें कि अभी जो
11:41प्रोडेक्टेड जो चीनी का प्रोडक्शन बताय जा रहा है जो नया सीजन शुरू होगा लेकिन नया सीजन आएगा अक्तूबर महने
11:47में आज की सीजन आएगा
12:05और 70% चीनी ये कमर्शिल यूज के लिए इस्तवाल की जाती है और घरेलू इस्तमाल सिर्फ 30% चीनी
12:12का होता है एक्सपोर्ट पूरी तरीके से बंद है ऐसी स्थिती में क्या आप इसे पॉलिसी फिलियोर नहीं मानेंगी कि
12:19आल नीनो इफेक्ट के वज़े से बारिश के व�
12:35चाहुँगा शेकर गाइक वाड़ है ये महाराजच्ट और शुगर कमिश्तर रह चुक है और उनका ये कहना है कि टोनेज्सब्र
12:41Woah जो शुगर किन का होता है या किसी भी गन्नेका होता है वो कम होता जा रहा है दीरे
12:45दीरे उसका extent कम होता जा रहा है और इसीलिए गवर्में
13:01में उस चीज को समझ कर
13:03फैसला लेना चाहिए था जिसके वज़े से
13:05क्योंकि एक मेने के बीतर 40 प्रतिशत दाम बढ़ गे
13:07तो यह policy failure नहीं माना जाएगा
13:11आपने उनको
13:12quote किया ऐसे ही में agriculture
13:13economist जितने है उनका जो
13:15prediction है जो agriculturalist है
13:17उनका जो prediction है वो सीधा
13:19इसको आपने October end बोला नहीं यह जो मैंने
13:21आपको 33 million 32 से
13:2333 million टन्स का जो मैंने आपको आंकरा दिया
13:25वो September end में agriculture
13:28ICAR की report के
13:29according है और साथ साथ जो आप बात
13:31करे हो policy failure की मैं अगेन
13:33बोले हूँ बिल्कुल यह policy failure नहीं है
13:35क्योंकि जो projection है
13:37यह September end तक की है और
13:39साथ साथ जो यह वाली बात हो रहे है
13:41कि कितना tonnage कम हुआ
13:42महराश्टरा का आपने code किया महराश्टरा की
13:45एक और report कहती है कि 39%
13:47यह production
13:49increase होने का पूरा का पूरा
13:51projection है और average अगर पूरे
13:53country का देखे तो वो तकरीवां 18%
13:55है तो यह कोई भी आंक्डे नहीं है
13:57जो कह रहे है कि production कम होगी
13:58हाँ यह जरूर एक बीच का महीना आया है
14:00जिसके चलते सरकार ने जैसे आपने
14:02खुदी कहा कि export भी बंद किया है
14:04import को हम 0% duty पर कर रहे है
14:07जो रोज शुगर की आप बात कर रही है
14:08डिप्ती जी जहा तक मैं समझता हूँ
14:11उस रोज शुगर को रिफाइन करने में
14:13दो महीने निकल जाएंगे
14:14तब तक तो दशेरा भी निकल जाएगा
14:16और दिवाली भी निकल जाएगी
14:17इतने आसानी से वो बात नहीं होने वाली है
14:20गन्ना किसानों के नेता है राजु शेट्टी
14:22मारास से आते हैं
14:23जरा उनकी एक रियाक्शन भी सुनवा देते हैं
14:25क्योंकि इस बात का भी जिक्र कई बार किया जा रहा था
14:28कि क्या जान बूज कर
14:30जो प्रेडिक्शन किया गया
14:32वो थोड़ा बढ़ा चड़ा कर प्रेडिक्शन किया गया
14:34जिसके वज़े से सरकार उस पर कुछ कारवाई नहीं कर पाई
14:3628 मिलियन आपने खुद ही कहा है कि यूज किया जाता है देश के भीतर
14:41और इस बार का जो प्रेडिक्शन था वो 33 मिलियन से लेकर 34 मिलियन चीनी उत्पादन का प्रेडिक्शन था
14:48जो 30 मिलियन तक आकर रुग गया है तो किसान चाहरे थे कही सारी ऐसी एक लॉबीज है
14:54वो चाहरे थी कि एक्सपोर्ट एक बार फिर खुल जाए क्योंकि एक्सपोर्ट पूरी तरीके से बंद है
14:58इसलिए कही ये प्रेडिक्शन जादा बड़ा चड़ा कर तो नहीं पेश किया गया है
15:02राजु शेक्टी क्या बोल रहे है वो जब एक बार सुन लेते हैं फिर चर्चा आगे बढ़ाएंगे
15:07एक साजी स्राचा कुछ ट्रेडर्स जिसमें चिनी मिल मालिक है
15:11क्योंकि आजकल कॉपरेटिव और प्राइवेट चिनी मिल मालिक ट्रेडर्स में बन चुके हैं इन्होंने एक रैकेट बना कर एक इस
15:21तरह से बढ़ता क्या गया है कि दशेरा और दिवाली को या गनेश चतुर्ति को चिनी की किल्लत होगी और
15:27इन्होंने दाम बढ़ा है
15:28अगरे दोन महिने ये दाम बढ़ते जाएंगे तो पूरे चार महिने में जो चिनी नॉर्मली 3,800 रुपए वे बिखना
15:38चाहिए थी वो 6,000 रुपईश में ज्यादा बिखेंगी इसका मतलब एक तर के पीछे तकरीबन दो आजार 22 और
15:4723,000 का फासला पड़ेगा
15:50के अमीर शांगे ज्यादा चीर को इसका जवाभ दे राच चाहिए और अौह पूर्त से मनत्री जो परलाजूश्य उनको भी
15:58इसका जवाब
16:00देना चाहिए प्रलाद जूशी क्या खिर रहे थे और इन दोनों ने अंदिकी कया या तो इनों ने अशिरुवात दिया
16:20इसलिए ये बाइस हजार करोड का गोटाला हो चुका है
16:2522,000 करोड की गोटाले का आरोप है अकिलिश प्रतप से और उसके साथ-साथ कॉंग्रिस पार्टी के तरफ से
16:31इथनौल प्रडक्शन का भी आरोप लगा जा रहा है कि इथनौल की खपत बढ़ाने के लिए डायवर्ट कर दिया गिया
16:36कुछ आकड़े अगर आपके पास होंगे �
16:37तो वो भी रख दीजेगा कि इस आरोप के पीछे आपके पास क्या कारण नजर आ रहे हैं तो साहिल
16:44भाई चीडी हो या चीड दोनों मोदी जी के नियंत्रम से बाहर हैं देश में घोटाले पे घोटाले होते जा
16:52रहा है एथनौल में सब करते जा रहा है मंत्री कमाने में ल
17:07पाई रोग पाएंगे और चीन को रोग पाएंगे न चीनी के दाम कंट्रोल कर पाएंगे जहां पैसा मिलता हो वो
17:16दिन तुरंत अपना इमान दरम बेच के भाज़ पाई उससे समझावते कर लेते हैं आजा पूरे देश के इतना मौजूब
17:23इसे है सामपदाइक मुद्दा
17:25आने तो कोई बाज़पाई आपको आपने मिला आएगा नहीं क्योंकि यह आम नागरी का आम जंता का हर किसी के
17:34घर के ठाली की चर्चा है उसमें नहीं आएंगे
17:38सब लोग कह रहे थे कि यह इथनॉल पर इतना जोर क्यों दे रहे हो लोग बताते हैं क्यों जोर
17:45दे रहे हैं क्योंकि कोई परिजन है उसको भी सेसलाब उससे मिलने वाला है
17:50बीस परसेंट इतनाल करते जा रहे हो हर चीज का सरकार का है कि यही काम है कि वो बैलेंस
17:56बना करके चीजों को प्रेडिक्ट करें समस्याओं को प्रेडिक्ट करें उसका ऐसा एक संतुनन बनाके उसके रणीद बनाके रखें कि
18:05उसका आम जनता पे बुरा असर ना पढ़ने पा
18:1924 उर्पे दाम बढ़ी है
18:21और
18:22तीन महीने में सरसो के दाम
18:2424 उर्पे बढ़े हैं
18:25सरसो अनाज के दाम
18:27तेलहन के दाम
18:28उसके लावाँ आप
18:30पूरे के पूरे
18:33मसालों पे चले जाएए
18:35आप जो घर के और यूज है
18:37साबून तेल
18:38और तरह के जो खाद्यान है
18:49यूरिया कितने के थी
18:5050 किलो वाली
18:51अब कितने की हो गई
18:53उसको 45 किलो किया
18:55अब 40 किलो कर दिया
18:56यूरिया में नाइट्रोजन 48 पसंट होता था
18:59और उसको घटा कर गया
19:0034-35 पसंट नाइट्रोजन कर दिया
19:03तो अदाम बढ़ा दिया
19:06डी एपी के दाम
19:19पाट्टी का इधनॉल वाला आरोप है उसका लॉजिक समझा दीजेगा उसके कुछ आकड़े होंगे तो बता दीजेगा कि किस तरीके
19:25से आपका ये दावा है कि इतनॉल का प्रोडक्शन बढ़ाने के वज़े से वो डाइवर्जन के वज़े से जो गन्ना
19:31है वो इतनॉल प्र
19:33करने के वज़े से चीनी का प्रोडक्शन का गटा है इसका कोई लॉजिक होगा तो जरा समझा दीजेगा कुछ आकड़े
19:38होंगे तो समझा दीजेगा इसका इसका लॉजिक है यह कि लगभग 40% वो गन्ना जो चीनी के लिए उपयोग
19:47में आता था उसको एथनॉल उपयोग में
19:50दाइवर्जन हो गिया हमारा चीनी का फिर उसके अलावा जो यह किस तरह से इसका साटेज नहों हो अगर आप
19:59गन्ने उधर जा रहे हैं तो आपको विचार करना चाहिए कितना साटेज होगा तो हम कैसे उसको मीट आउट करेंगे
20:05या कितना जाने दें एथनॉल में यह प्ल
20:20किसे नमबर में आपको बता रहे हैं साही जी सुन लिजे ना साही जी सुनी एक सगड़ अरे मैं एक
20:33चीज बता रहा हूं नमबर पर टेकनिलेटी पर आप जाया करिये आप घुमाया करिये दाए बाए बी जेपी के लिए
20:41जनता यह जान रही है कि 25 और्पे दाम एक महिने मे
20:45बढ़े हैं, सीधा सा सिंप्ल सा फार्मूला ये है, किसी को किसी टेक्निकल चीजों से
20:53मतलब नहीं, वह आप बैट के घुमाते रही है, बताते रही है, जस्टिफाई करते रही है,
20:59मेरे घुमाने से कोई नहीं होगा, जंबी लोनर्स असोसियेशन है, उनके तरफ से स्टेट्मेंट है, और जो नंबर है वो
21:07आपके लिए भी वही है, और बीजेपी के लिए भी वही है, सरकार के लिए भी वही है, गन्ना किसानों
21:12के लिए भी वही है, आप आप आप नंबर को
21:27प्रोडक्शन के नमबर आते हैं उसके आधार परम कह रहे हैं 12 प्रतिशत 12-2022 और 2023 में इथनौल के
21:35लिए चीनी का जो डाइवरजन था वो 12 प्रतिशत टोटल कुल जो चीनी का प्रोडक्शन होता था उसमें से किया
21:41जाता था अभी 25-26 में ये डाइवरजन 9 प्रतिशत तक �
21:44आगिया है और कुल इथनॉल की निर्मिती जो पूरे देश में की जाती है
21:48प्रडक्शन जो किया जाता है उसमें चीनी से इथनॉल का उतपादन चीनी का जो
21:55हिस्सा है उसमें वो 32-33 प्रतिश्चत तक है 68% अड़सेट प्रतिश्चत ये मके या दःधान
22:02या चावल से किया जाता है
22:04या असलियत है आज की स्थिति में
22:07और दूसरी बात
22:08आपके राज्य करनाटक में जहां पर कॉमलेस पार्टी की सरकार है
22:11वहां पर 100% ब्लेंडिंग के लिए
22:14मन्जूरी दे दी गई है
22:15और वहां के गन्ना किसान तो खुश होके बोल रहें कि
22:17यह बहुत अच्छी बात है
22:18तो करनाटक में अलग ने आए उत्तरपदेश में अलग ने आए
22:21यह तो नहीं हो सकता ना
22:22एक कोई पॉलिसी बताईएगा
22:24सरकार का पॉलिसी फिलियर में समच सकता हूँ
22:26लेकिन जो लॉजिक आप दे रहें
22:27उसके पीछे नंबर्स आपको बैक नहीं करें
22:30मेरा सीधा सा लॉजिक
22:32मैं कोई नंबर दे नहीं रहा हूँ
22:33मैंने पहले भी कहा
22:35कि आप भले आप डिफेंड करते हूँ
22:37या बचाने का प्रयास करते हूँ
22:39कि जो मंत्री का रहा है
22:40कि एथनौल से चीनी मांगी नहीं हुई है
22:42ठीक है आप उसको सपोर्ट कर दीजिए
22:44या उसके पक्ष में आखड़े प्रड्यूस कर दीजिए
22:48जनता जानना चाहती है
22:49कि एक महिने में पचीस उर्पे चीनी के दाम क्यों बढ़े
22:53जिस कारण से भी पढ़े हो
22:55कारण जो भी हो
22:56असर जनता पर पढ़ रहा है न
22:59उससे हमको मतलब है
23:00उससे हमको देश की जनता को मतलब है
23:02आप टेक्निलिटी लेकर घूमते रही है
23:04बजार में बताते रही है
23:05समझाते रही है
23:07घटा दाम क्यों बढ़े फिर
23:10फिर क्यों बढ़ गया जब सारा कुछ ऐसा ही है तो क्योंकि बीजेपी को लूटना है बीजेपी को लूटना है
23:19इस देश को इस देश के लोगों को
23:30अगर उत्तर प्रदेश के भीतर काफी स्टॉक चीनी का मौझूद है तो ऐसी स्थिती में दाम क्यों बढ़ रहे हैं
23:38दाम बढ़ रहे हैं वो असलियत है
23:40चालीस प्रतिशत से एक मेने के भीतर दाम बढ़े हुआ है और मैं आपको एक बार फिर कहता हूँ
23:44दिप्ती दनिजा हलाकि कह रही है कि अगले मेने से दाम ठीक हो जाएंगे लेकिन जहां तक मेरी जानकारी है
23:50रौ शुगर इंपोर्ट करने के बाद उस रौ शुगर को अपर जो बाकी काम होगा उसके बाद असली चीनी मार्केट
23:58पे आने में और दो से तीन मेने का समझ जाएगा
24:00तो यह दाम क्यों बढ़ रहे हैं फिर इसका जवाब तो सरकार को देना होगा
24:09साहिल जोसी सहाब देश की पारलेमेंट हो चै नियमर कानून बनाने हो चै फसल हो चै किसान हो चै गन्ना
24:20हो चै टेल जिन पर बोलना हो
24:22सब चीज का बहुत एक्पिरेंस समय देना क्योंकि एंडिये की तरफ से बीजे पी नहीं है मुझे प्रीज समय देना
24:28दीए तीन चीजें आती है निकल करके एक तो देश की एकॉनमी एक देश के लोग और एक देश के
24:36किसान और किसानियत से जुड़े हुए
24:3880% लोग किसान है इस देश में तो जिन लोगों को चीनी की फिकर हमको भी है हम भी
24:45चाहते हैं चीनी के रेट ठीक रहें
24:47और जो ये पक्ष के लोग कुछ काला बजारी कर रहे हैं पर जल्दी नकेल कसी जाएगी
24:51लेकिन
24:53कि चीनी के रेट कैसे कम हो
24:56इस पे सरकार पूरी तरह
24:57वचनबद है, पूरा काम कर रहे है
25:00और पूरा इनपोट कैसे करा जाए
25:02बलेक मार्किटर्स करे उस पर कैसे
25:17आप विपक्ष में होते तो आप क्या करते अगर 80% किसान हैं और किसानियस से जुड़े हुए हैं और
25:25सरकार एक्सपोर्ट ना खोलती तो जो हालात पिछले गए सालों में गन्ने के हुए गन्ना खेतों में खड़ा-खड़ा सड़
25:34गया किसान रोटी को मौताज हो गया उसका �
25:38गन्ना नहीं बिकरा था और अगर सरकार ने ये फैसला लिया उन 80% के लिए जन्ना किसान के लिए
25:46जो बाहर जाएं एक्सपोर्ट हो अभी हमारे कॉंगरेस के साथी अपने जो अखलेश जी बैठे हैं इन्हों ने कहा ये
25:55रेट बढ़ गए ये रेट बढ़ गए ये रेट �
26:08मक्का गैहूं चावल और एक गन्ना इनके रेट नहीं बढ़ने चीए अगर इनके रेट बढ़ने चीए तो क्या सरकार को
26:16अच्छे को नहीं खोलना चीए था
26:25मलुक नागर जी मलुक नागर जी मलुक नागर जी मलुक नागर जी मलुक नागर जी मलुक नागर जी मलुक नागर
26:39जी मलुक नागर जी मलुक नागर जी मलुक नागर जी मलुक नागर जी मलुक नागर चोड़ दीजेगा ये अगर चीनी
26:46के दाम बढ़ते रहे
26:48अगर चीनी के दाम बढ़ते रहे मलुक डगर जी नहीं वन साइड़ टॉक नहीं होगा मेरी बात सुनिये मेरे सवाल
26:54सुनिये मेरा सवाल सुनिये उनको नहीं सुना ही दे रहा है मेरे ख्याल से मेरे ख्याल से मेरी आवाज उन
26:59तक नहीं पहुच रही है मेरे ख्याल से उनको मे
27:15संभाजवादी पार्टी के साथ में वो जरड़ा्रिफाइद कर दीजेगा क्योंकि आपके पार्टी के तरफ से कहा गया कि समाजवादी पार्टी
27:20उत्रेगी तो आप भी sticking york
27:22सभाग और दो सवाल मेरे आपसे भी रहेंगे लेकिन पहले आप इसका जवाब दे दिजेगा
27:26ऐसाइज जोसी जी जंता के बुद्दों को लेके अगर हम सड़क पर उतर रहे हैं अगर इसको लोग बगावत समझें
27:34तो मैं बागी हूं हमारी पार्टी बागी है जंता के मुद्दों को लेके हम पफनी बार सरकार में थे और
27:40सरकार छोड़ के चले गए अब अपने अपना पूरा समय बोला आप मुझे डिस्टर्फ मत करिए चुकि आप वरिष्ट है
27:48तो मुझे बोलने का मौका दीजिए
27:53मंत्री मंदल से मैं पिछली बार भी बाहर चला गया था खिलेश परताब जी मंत्री मंदल से हम लोग पिछली
27:58बार भी साइद उत्तरप्रदेश में पहली बार ऐसा कोई वाक्या हुआ होगा कि सरकार के मुद्दे को लेके जनता के
28:04मुद्दे को लेके जो टक्रहाट हुई उस
28:19जनता के हितों की बात नहीं कर पाएंगे तो सरकार में राके क्या करेंगे अगर जमाखोरों के खिलाफ कौन सी
28:25चीज
28:27स्पेसिफिक बताईए रागवेंद्र जविवेदी सरकार को क्या करना चाहिए था कि यह चीनी के दाम नहीं बढ़ते इस तरीके से
28:33किस चीज का आप विरोध करेंगे बड़े हुए दामों का विरोध करेंगे किसानों को जो दाम नहीं मिल रहे हैं
28:38उसका विरोध करेंगे किस
28:39चीज के लिए आप सड़क पर उतरना चाहते हैं ने साई जी देखिए जहां जहां से यह लूज पॉइंट है
28:45चीनी को लेके चाहे वो जमाखोरी हो चाहे इसमें किसी विपक्षकात हो या कोई बड़ा कोई भी मामला हो जिससे
28:51सरकार के उपर कोई कटाक्ष करना चाह रहा हो स
28:56उसके तो करवाई योगी जी करेंगे ही करेंगे अगर समाजवादी पार्टी इन इस बीच अगर कोई धर्णा करें तो सुहल
29:02देव भारती समाज़ पार्टी का सबर्थन है आईए आप जंता के लिए कम साड़े चार साल एसी और पीसी में
29:07रहा है अब तो सड़क पर उतर �
29:09अब कब आएंगे अखिलेश प्रताफ सिंग जी से मेरा निवेदन है आग रहा है कि जंता के लिए अब तो
29:14सड़क पर उतरिये हमारी पार्टी तो एक तारी को हम लोग एक उला लिए बैठक कि हम लोग चीजी पर
29:19अंदोलन कैसे करें हम लोग तो समय समय मुद्व समय को जो
29:38सरकार की कहां गलती होगी कि चीनी के दाम बढ़ गये जरा वो जरा समझाईएगा पहले आपको तो पता होगा
29:44ना आप तो सरकार में हैं साहिल जी सरकार में हम हैं सरकार में बाद में हैं पाले हम जनता
29:51के लिए काम कर रहे हैं पाली प्रातमिक्ता हमारी जनता है अब चीनी क
30:06को अपने लोगों को पुलाया हूं और एक तारी को किस तरह इस पर अंदोलन किया जाए हम लोग उस
30:11पर विचार करेंगे अभी तक तो समाजवादी पार्टियों का अंग्रेस को लोगों का मुझ भी नहीं खुला कि चीनी पर
30:16कैसे अंदोलन किया जाए सीखना हो तो इनको त�
30:32सवाल उठा रहे हैं आपकी पार्टी लगातार इस बात को लेकर सवाल उठा रही है एक बुद्धा इस बारे में
30:37बार बार ये भी निकल रहा था कि एक अगर आए किसानों को मिलती है इतनौल के वज़े से क्योंकि
30:43सिर्फ चीनी की वज़े से अगर आए मिलती तो उस गन्न
30:47को उतना दाम नहीं मिल पाता लेकिन अगर इतनौल भी उससे मिल रहा है तो उसके वज़े से दाम उनके
30:51बढ़ जाते हैं ये भी कहा जा रहा था तो सबसे पहले तो आपको इतनौल का विरोध क्यों है और
30:56वहाँ पर चीनी मिल उत्पादक जो है वो ये कह रहे हैं कि भाई �
30:59इतनौल को कोई लिने देना नहीं है और मैंने आकड़े भी आपको गिनवा दिये ये नहीं है कि इतनौल के
31:04लिए डाइवर्जन जादा बढ़ गया इसके वज़े से चीनी के दाम बढ़ रहे हैं तो आपका अंदोलन किस बारे में
31:09होगा और किस मुद्दे पर आप सरकार के
31:22अपील करेंगे इतना महत्पूर्ण मुद्दा आज तक ले करके आया और डिवेट कर रहा है उस आज तक के कारिकम
31:31में भारती जनता पार्टी का पच्छ रखने वाला कोई नहीं है दूसरी बात जो भारती जनता पार्टी की सरकार के
31:39साथ सहयोगी हैं वो समाजवादी पार
31:51हैं कि महंगाई को सुगर हो गया इस लाइन से मैं सहमत नहीं हूँ क्योंकि जब किसी को सुगर होता
31:56तो वो कमजोर होता है दूला पतला होता है इदर इदर इदर महंगाई चोड़ी हो रही है महंगाई बढ़ रही
32:04है भरस्टा चार बढ़ रहा है ये खेल सिर्फ भरस्टा
32:08चार का है टेकनिकल कोई खेल नहीं है केवल भारती जंता पार्टी की लूट है और हमारी एक बात विलकुल
32:17साफ है भारती जंता पार्टी इस देश को बिभाग वार लूट रही है हम हम समझा रहे हैं
32:25अरे मैं मैं बता रहा हूँ ना देखिए ये तैं हो गया है कि एक बड़ा मंत्री अपने घर वालों
32:30के लिए एथनौल पे लूट लेगा एक बड़ा मंत्री क्रिकेट में लूट लेगा अरे सुन लिजे
32:38हमने अपनी बात पुरी परी के से रखी है और लोग देख रहे हैं अपनी पर जड़ा उटको बात अपनी
32:53खतम करने दीजे ये इतनौल पॉलिसी पर आपके पार्टी की क्या रहा है समाजवारी पार्टी की वो ज़रा क्लारिफाइग कर
32:59दीजेगा बलुक नगर जी बीच में
33:04आए हैं एतनौल को लेकर के भी आया है पचीस लाख टन चीनी लायक गन्ना एतनौल में गया है और
33:15चीनी चालिस प्रसत महंगी होई है इतनौल की किसको ज़्यादा जरूरत है इतनौल का विरूद तो सभी लोग कर रहे
33:23हैं सबकी गाड़ियां खराब हो रही है इतनौल की �
33:26जरूरत के ओल बिजेपी के लोगों को है क्योंकि भरस्ताचार है आप ये समझे अभी ये तो सहयोगी है ये
33:34तो विचारे कह रहे हैं कि जमा खोरी कौन कर रहा है ये तो कह रहे है कि इस महेंगाई
33:39की पीछे विपच्छ है बारती जंता पार्टी होती तो ये कहते कि इसके �
33:49आया करिए ये चार्टकार लोगों को लेकरकर के देखे मलूक नागर्दी आप तो एमपी रहे हैं टीवी पे चार्टकार था
33:56करने से बिजेपी आपको कुछ नहीं देने जा रही है ये देस का मुद्दा है इस पर बह fो जाने
34:02दिजिए हम तो कह रहे हैं आप महंगाई पर
34:04बात करिए आप कह रहे हैं जमा खोरी हो रही है और सुन लेजिए तो के साइल भाई ऐसे नहीं
34:10होता है यह चार्टकारों को रोकिए और हम चीनी के बारे में देश के लोगों की चिंता कर रहे हैं
34:17आप एक तरफ में चलो किसानों को भी बैलेंस करो और चीनी यूज करने वाले
34:24भोगताओं को भी बिल्कुल उनका भी ख्यार रखो हम दो लोगों का ख्यार रखो हम दो लोगों का ख्यार रखो
34:29है तो मैंने आपको जो सवाल पूछे आपको सुनाई नहीं दिये है जरा एक पिडिने शान करिए प्लीज मलुक नागर
34:35जी बीच में आप बोल रहे हैं बह�
34:53चाहते हैं या उभुगता के हक पे आंदोलन करना चाहते हैं क्यूंकि जो इतनल ब्लेंडिंग के लिए उनका विरोध नहीं
35:14है उन्हें अडिश्नल इंकम उससे मिलता है
35:16क्योंकि आज की स्थिति में जो दाम नजर आते हैं
35:193400 रुपया प्रती क्विंटल खर्चा होता है एक शुगर केन पर
35:24और मिलता उनको है 3000 रुपया प्रती क्विंटल
35:27तो जाहर से बात है कि अगर एक एडिशनल इंकम उनको मिलेगा तो उसका फाइदा होगा
35:31तो क्या आप किसान के खिलाफ जाएंगे सुनी लिया दब
35:33देखे साहिल भाई एक तो आप बीजेपी के आकडों में मत फसिये
35:39आप चैसे बीजेपी के आकडों में फसेंगे तो आप पर सवाल खड़े हो जाएंगे
35:44हम किसान के पच्छ में हैं उद्भोकताओं के पच्छ में हैं
36:14कि आए दोगुनी हो जानी चाहिए थी समाजवादी पार्टी का मानना है जो भारती जनता पार्टी वादे करके आई थी
36:20उस पर अगर एक काम मोधी जी की ना दे और उत्तर प्रदेश के मुख्वन्ती जी को तो पता नहीं
36:25क्या हो गया
36:26सुभे सुभे क्ya खा लेते हैं
36:27क्ya पी लेते हैं
36:29सुभे से जूट बोलना शुरू कर देते हैं
36:47कि मंदिर के लुटेरों को कैसे बचाया जाए
36:52उनको एक बात समझ में आती है कि एक्स्प्रेस वे में कैसे घोटाला किया जाए
36:56कैसे सारे विभाग लूट लिये जाए
36:58तो ये समझने के लिए आकड़ों की जरुत नहीं है
37:02भारती जिन्ता पार्टी का लक्ष केवल एक है
37:07लक्ष केवल इसका है
37:08जब्रेस के मामले में एक बात समझ के परे हैं
37:11यह दो इसपे एक बात लोगों के समझ के परे हैं
37:17आप राश्टिय लकडल को रिप्रेजन करते हैं
37:19किसानों की पार्टी समझी जाती है
37:21एक मिनीट मलुक नगर जी
37:23अभी आप जरा इस बात का जवाब दीजए
37:24इस देश में चीनी का एक्सपोर्ट बंध है आठ लाग टन चीनी को एक्सपोर्ट किया गया
37:29इस देश के भीतर आज की स्थिति में जो प्रोडिक्शन किया गया था वो प्रोडिक्शन गलत पूरी तरीके से थाबित
37:35हुआ है
37:35वो किसा आधार पे किया गया उसका कोई आधार नहीं रखा गया है
37:38तीसरी बात सरकार अब यह दावा कर रहे हैं कि हमने तो दावा हमने हमारे पास तो चीनी का भरपूर
37:44स्टॉक है
37:44लेकिन उसके बावजूद दाम तो बढ़ते जा रहे हैं
37:47रौ चीनी हमने आयात की हुई है यह भी का गया है लेकिन उस पर बाकी कारिवाई करके जब चीनी
37:52बनेगी तब तक तो दो तीन मैने का समय निकल जाएगा
37:55क्या आप सरकार के तरफ से यह वादा कर सकते हैं कि ट्योहारों में जो 40 प्रतिश्च चीनी के दाम
38:02बढ़े हैं वो कम हो सकते हैं
38:04क्या इसका दावाब कर सकते हैं या वादा कर सकते हैं
38:11पहली बात जो आपने कही कि 8 लाख एक्सपोर्ट करी गई थी चीनी और अब बंद है
38:17अगर एक्सपोर्ट करी गई थी उस चीज को ध्यान में रख करके कि इतनी प्रोडक्शन होगी
38:23तो वो क्या गलत काम करा है अगर गन्दा किसानों को अच्छे भाव मिल जा गन्ने के तेज चीनी बिकने
38:30से बाहर चीनी चली जाए
38:32और प्राकर्तिक आफदा आ जाए और जिसकी वज़े से प्रोडक्शन घट जाए तो सरकार दुबारा सोच रही है इंपोर्ट करने
38:40की रिट कम हो जाएगी इसमें इनको किसी को क्या दिक्कत है और अगर हम ये कह रहे हैं कि
38:47भाई पूरे देश के लोगों को भोगताओं को �
38:50चीनी सस्ती मिले और सरकार वचन बद्ध है सरकार कटी बद्ध है सरकार प्रियास कर रही है इंपोर्ट करेगी जल्दी
38:56प्रोसस करके मार्किट में लाएगी रेट ठीक होंगे पर ये लोग जो बैठें टेलिविजिन पे सोकॉल इंडिया कट बंदर की
39:03सबसे बड़ी पार्
39:18हो जाएंगे जब बिल्कुल हो जाएंगे जब जब चीनी बाहर गई यह हमारे देश की और वो जब चीनी के
39:27रेट बढ़े अब चीनी बाहर से ले गाएंगे तो हमारे देश की चीनी के रेट कंट्रॉल होंगे और एथनॉल से
39:33अगर देश की अर्थिवश्ता मजबूत होत
39:47बिल्कुल कम नहीं हुए जो दाम थे उत्ते ही रहा है जी सुनिए जी सुनिए देखे जी बार बार महाई
39:55प्लीज अरे बार से जो प्लीज जो जरुवत नहीं रह गई है और रुपा मजबूत होगी और हार मोच जो
40:03इस ने प्लेर कर दिया है यूद जाने होगा अगर पहले �
40:11देखे देखे देखे साहिल भाई यहां पे महाई से घुमा करके इथनाल पर आप ले आए डिवेट को और वताया
40:20जारा आपने भी कहा मैंने नोड भी किया कि एथनाल बनने से किसानों को अच्छा दाम मिल रहा है यह
40:27अफवा मत पहला यह क्या किसी सुगर मिलने किसानों को
40:31गन्ना का एक्स्ट्रा दाम दिया नहीं दिया जो प्राफिट पीछ मनें देखो भाई गंभीर बहस कर लो यार सांसाद विरायो
40:41कुछ तो धैर रखो मेरे में आई
40:44चीनी मिल मालिकों को जो फायदा हुआ हुआ हुआ या जिसको भी वह किसी किसान को हुआ हो तो बता
40:50दे उसके अनावा जो एथनाल बनता है वे फसी आई के रिजेक्टेड दाड़ दाड़ चावल से बनता है उसमें भी
40:57कंट्रोल रेट से जो कुछ खरी चुकी है सरकार वो
41:12जो अफवाय पहला जा रहा है यहां पे आपने भी उसमें हवा दिया कि किसानों को फादा हुआ है कहा
41:20बात मागा है की
41:28किसका किस चीज का दाम कि मैंने का चार पांच पसंट पर अरे मैंने का न मक्के का चार पांच
41:39पसंट यूज होता है
41:52किसितिना नैंने लाकर अनाच पसंट पसंट बन रहा है जिसमें 5-7 पसंट मक्का है
42:09बाकी चावल है इसलिए और चावल FCI इसका जो रिजेक्टेड है वोई तो अनाज है ना सर
42:16वो तो रेट उसमें कहा किसान को एक्ष्टर दिया भाई मैं तो यह का रहा हूं नहीं
42:24मैं तो यह समझा रहा हूं नहीं उसमें किसान को जो ओपन मार्केट से कोई लेगा तो हो सकता है
42:30उसे कुछ अपना किसानों को मनमाफाम माफाम वो दाम मिल गया हो तो वो तो पांची साथ पसेंट है
42:3993 पसेंट तो सब कंट्रोल रेट के ही दामों के अंदर एथनौल बन रहा है तो किसान को कहा एक्ष्टर
42:46मिला यह तो बीच वाले कमाना एक्ष्टर जो भी कमाना प्लीज बीच वाल पता दिजेगा जानते हूं तो इतनौल के
42:53लिए कॉंग्रेस पार्टी की भूमी का क्या है
42:58जड़ा आखिर में यह बात बता दिजेगा एक मिनिट मलुख तारच एक मिनिट जड़ा क्लारीटी लेना चाहिए एथनौल के लिए
43:04डाइवर्जिंट खतम कर देना चाहिए क्या क्या कॉंग्रेस पांडी को लगता है कि इतनौल के लिए जो शुगर के जाता
43:10है वो बंद क
43:11देना चाहिए क्या चीनी का डाइवर्जिंट देखिए देखिए एथनौल टॉंटी परसंट करने से तमाम रिपोर्ट आ रहे हैं आपकी जो
43:20एक सोसाइटी है जो इसने रिपोर्ट की बाद में इस रिपोर्ट को अरे यारी साथमी को चुप कर आओ डिवेट
43:26को इसको इसक
43:40जो एथनौल से हमारे गाडियां खराब हो रहे हैं 20 परसंट एथनौल यूज करने से तो जब इस अवाल का
43:49जवाब नहीं है आज की स्थिती में चीदी के दान जो 40 प्रतिशक से बड़े हुए उसका जवाब फिलाल किसी
43:56के पास नहीं है लालंगे एक ब्रेक ब्रेक के बा�