00:00पहले चीनी महंगी हुई तो लोगों की चाय से मिठास कम हुई और अब प्यास के बरते दामों ने लोगों
00:08को रुलाना ही शुरू कर दिया है
00:10देश के कई शहरों में प्यास के दाम तेजी से बड़े हैं
00:14औसत खुद्रा कीमत करीब 43 रुपए किलो के पार पहुँच कई है
00:18जो पछले साल के मुकाबले करीब 69 फीस दी ज्यादा बताई जा रही है
00:23यही वज़ा है कि जो प्यास पहले मंडी में 30-40 रुपए किलो बिखता था
00:28अब वो 60-70 रुपए किलो तक पहुच गया है
00:32यानि महेंगाई के इस डबल अटैक ने आम आदमी के रसोई का बजट बिगार कर रख दिया है
00:38चीनी के बाद अब प्यास का जटका लगा है
00:41जिसके आउसत खुद्रा कीमत 43.5 रुपए प्रती किलो है
00:46साल भर में करीब 69 प्रतीशत की बढ़ोत्तरी
00:50और कई शहरों में इसका भाव 55-65 रुपए प्रती किलो हो गया है
00:57भटिंड़ में तो प्यास की बड़ी कीमतों ने ग्रहकों की आँखों में आसू ला दिये है
01:02ठोक में प्यास करीब 50 रुपए किलो तो खुद्रा बाजार में 60-70 रुपए किलो तक भिक रहा है
01:09लोगों का कहना है कि पहले जहां वो किलो भर प्यास खरीदते थे
01:13अब सिर्फ जरूरत भर खरीद कर काम चला रहे है
01:17हाला कि व्यपारियों और आरतियों का कहना है कि बारिश के वज़ा से प्यास के दाम में बढ़ो उत्री हुई
01:23है
01:43बंदागी में जी होगा प्यास आसमान शुर्याइव शाठ सतर बेकिलो पहला चीनी महंगी होगी होने प्याज महंगी होगे सबजियां सारे
01:51नहीं बहुत ज़्यादा तेज हो रही है
01:53इस तरह यह जदों भी मौसम खराब होंदे हैं खास करके जदों जुलाई अगस्दा में नांदा है या बार्शादा मौसम
02:02होंदा हूँ और कई जगाते प्याज डैमेज हो जानता है उस तो बाद एक्सपोर्ट भी करें खुल जांदिया चल पहन
02:08दिया में तेदा इफेक्
02:41मेंगे प्याज का सर सिर्फ ग्राहकों पर ही नहीं बलकि दुकानदारों की बिक्री पर भी पढ़ रहा है यूपी के
02:47राय बरेली में जो प्याज पहले 25 से 30 रुपे किलो मिलता था
02:51अब वो साथ रुपे किलो तक पहुच गया है दुकानदारों का कहना है कि कीमते बढ़ने से उनकी खरीदारी आधी
02:58हो गई है
03:11जहाएक तरफ ग्राहक महिंगे प्यास से परिशान है वही माराश के नासिक में काई किसानों के चहरे पर राहत दिखाई
03:19दे रही है
03:19तीन साल बाद प्यास के बहतर दाम मिलने से किसानों को अपनी फसल की महनत का बहतर मोले मिल रहा
03:26है
03:26उधर आर्दियों का कहना है कि कम सप्लाई और गुणवत्ता के आधार पर आने वाले दिनों में कीमतों में उतार
03:33चड़ाव संभव है
03:36अब प्यास को अब भाव भी बढ़ गाया तो हम उज बाव से संतुष रहे हम तीन साल से हम
03:44गाटे में इसी साल हमको पैसा मिल दा है
03:52प्यास के पारण इसका जो उत्पदर वो पहले कम हुए और जो माल तयार हुआ वो पारश के कारण खरब
04:03दी होगा है
04:03तो जिसके कारण जो प्यास का जो भाव है वो बढ़ चुका है दिमांड जात है सप्ले कम है इसले
04:12प्यास का बढ़ना स्ववाइक्ता
04:16ुणये में व्यापारी बढ़ती लागत और बारिष को केमतों में तेजी की वज़़ा बता रहे हैं
04:22लेकिन लोगों की मांग है कि सरकार बढ़ती केमतों पर काबू पाने के लिए ज़रूरी कदम उठाए
04:31नहीं सरकार ने इस पर द्यांद देना चाहिए
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06:34सरकायव के पास करीब 1,21,000 तन प्यास का बफर स्टॉप मौजूद है
06:38जिसे चरणबद तरीके से बाजार में उतारा जा रहा है
06:42मकसद साफ है बाजार में सप्लाई बढ़े और प्यास के बढ़ते तेवर नरम पड़े
06:47चाय के मठास पर पहले ही महंगी चीनी का सरपड़ा था
06:51अब प्यास ने रसोई का जाइका भी महंगा कर दिया है
06:54एक तरफ ग्राहा के कम खरीद कर बजट समालने की कोशिश कर रहा है
06:58दूसरी तरफ दुकांदार बिक्री घटने से परिशान है
07:02अब देखना होगा कि सरकार कैसे और कब तक प्यास की बर्ती के मतों पर ब्रेक लगा पाती है