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Mahakali Teaser: डायरेक्टर प्रशांत वर्मा की फिल्म महाकाली एकबार फिर चर्चा में आ गई है. दरअसल, फिल्म मेर्कस ने हाल ही में अक्षय खन्ना का एक नया लुक जारी किया है, जिसे देखकर इंटरनेट पर हलचल मच गई है. पिछले साल, धुरंधर के रिलीज होने के बाद महाकाली का फर्स्ट लुक पोस्टर सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. उस पोस्टर के मुताबिक, फिल्म महाकाली में अक्षय खन्ना असुर गुरु शुक्राचार्य का रोल निभाते नजर आएंगे. पौराणिक कथाओं और पुराणों के मुताबिक, शुक्राचार्य असुरों के गुरु थे. साथ ही, शुक्राचार्य को महान ऋषियों में से एक माना जाता है, जो बहुत ही विद्वान और ज्ञानी थे.Mahakali Teaser : Akshay Khanna Look Viral,Shukracharya Kon They,Bhagvan Vishnu Ko Shrap Kyu Diya ?

Director Prashant Varma's film Mahakali is once again in the news. The film's makers recently released a new look of Akshaye Khanna, which has created a stir on the internet. Last year, after the release of Dhurandhar, the first look poster of Mahakali went viral on social media. According to that poster, Akshaye Khanna will be seen playing the role of the demon guru Shukracharya in the film Mahakali. According to mythology and Puranas, Shukracharya was the guru of the demons. He is also considered one of the greatest sages, a highly learned and knowledgeable sage.

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Transcript
00:08दिरेक्टर प्रशांत वर्मा के फिल्म महाकाली एक बार फिर से चर्चाव में आ गई है।
00:34पुरानों की माने तो गुरु शुक्राचारी ने देवताओं को प्रसन्न करने और उनसे शक्तियां प्राप्त करने के लिए लंबे वक्त
00:40तक तपस्य और साधना की।
01:02गुरु शुक्राचारी महरसी, ब्रिगू और माता ख्याती के पुत्र थे।
01:07पुछ कीवदंतियों में ऐसा जिक्र मिलता है कि शुक्राचारी ने शुक्राचारी ने शुक्राप्त करने के लिए महान रिशी अंगिरा के
01:13आश्रम में प्रवेश लिया था।
01:14वहाँ उन्होंने रिशी अंगिरा के पुत्र ब्रिहस पती के साथ रहकर शिक्षा ग्रहन की।
01:18लेकिन शुक्राचारी को महसूस हुआ कि रिशी अंगिरा अपने पुत्र ब्रिहस पती को उनसे अधिक महत्व देते हैं।
01:25इस बाद से दुखी होकर शुक्राचारी ने रिशी अंगिरा का आश्रम छोड़ दिया था।
01:29इसके बाद उन्होंने महान रिशी गौतम से सिक्षा प्राप्त की।
01:32गुरु शुक्राचारी के चार पुत्र थे जिनका नाम चंड, अमरक, त्वास्ट्र और धरात्र बताया जाता है।
01:38वह उनकी दूसरी पतनी से उनकी एक पुत्री हुई थी जिनका नाम देव्यानी था।
01:42कुछ कताओं में देवियानी कोईंद्र की पुत्री भी कहते हैं।
01:45देवी भागवत पुरान के मताबिक एक बार इक युद्ध के दोरान देविता असुरों पर भारी पड़ रहे थे।
02:20अपनी रक्षा के लिए असुर महर्शी भ्रिगू के आश्रम में पहुंचे थे।
02:21इसके बाद जैसे ही माता ने देवताओं की ओर देखा तो सभी देवता तुरंद बेहुश हो गए।
02:26तब सभी देवताओं ने भगवान विष्णों से मदद मागी।
02:28ग्रम्भांड का संतुलन बनाये रखने के लिए भगवान विष्णों ने अपने सुदर्शन चक्र को माता का सुरक्षा कवश तोन्य और
02:34उनका वद करने का आदेश दिया।
02:36जब महर्शी भ्रिगू को इस घटना के बारे में पता चला तो हो क्रोधित हो गए। उन्होंने भगवान विष्णों को
02:41श्रांप दिया कि उन्हें मृत्वी पर मनुष्य के रूप में जन्म लेना होगा और अपनी पतनी से वियोग का दुख
02:46झेलना पड़ेगा।
02:47उसके बार जब शुक्राचारे को अपनी माता की मृत्यों के बारे में पता चला तो भगवान विष्णों से बेहत नाराज
02:53हो। मानेता है कि इसी कारण उन्होंने असुरों को भगवान विष्णों की पूजा करने से रोप दिया और फिर देवताओं
02:59के बजाए असुरों क
03:00साथ दिने लगे

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