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Onion Price Hike News: चीनी के बाद अब प्याज के बढ़ते दामों ने आम आदमी की रसोई का बजट बिगाड़ना शुरू कर दिया है. कई शहरों में प्याज की खुदरा कीमतें 50 से 77 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई हैं.
देश के कई प्रमुख शहरों में प्याज की कीमतों में अचानक तेज उछाल दर्ज किया गया है. देश का औसत खुदरा भाव लगभग 43 से 44 रुपये किलो बना हुआ है, लेकिन कई स्थानीय बाजारों में यही प्याज 60 से 77 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है.
प्याज की कीमतों में आए इस उछाल के पीछे सबसे बड़ी वजह प्रमुख उत्पादक केंद्र नासिक और लासलगांव APMC मंडी में बारिश के कारण आवक (Supply) का तेजी से घटना है. बाजार में इस वक्त मुख्य रूप से रबी (गर्मी) का स्टोर्ड प्याज आ रहा है, जबकि खरीफ फसल की नई आवक में देरी हो रही है.
महंगाई पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार ने 'कांदा एक्सप्रेस' (विशेष मालगाड़ियों) के जरिए नासिक से दिल्ली, चेन्नई, कोच्चि, मदुरै और गुवाहाटी जैसे शहरों में बफर स्टॉक से प्याज पहुंचाना शुरू कर दिया है. सरकार दिल्ली-एनसीआर में 35 रुपये प्रति किलो की रियायती दर पर NAFED और NCCF काउंटरों के माध्यम से प्याज उपलब्ध करा रही है.


Onion retail prices have surged across India, touching ₹50 to ₹77 per kg in several cities due to rain-induced supply disruptions in Maharashtra's Nashik and Lasalgaon mandis. To stabilize the market and curb inflation, the Central Government launched dedicated 'Kanda Express' trains to transport buffer-stock onions to high-demand cities like Delhi, Chennai, Kochi, Madurai, and Guwahati.

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00:09चीनी के बाद अबाम आदमी की रसोई का बजट बिगारना शुरू कर दिया है।
00:30यानि जिस प्याज को कुछ समय पहले तक 40-50 रुपे के आसपास खरीदा जा रहा था, उसके लिए अब
00:36कई जगहों पर काफी ज्यादा कीमत चुकानी पर रही है।
00:39लेकिन सवाल यही है कि आखिल प्याज अचानक इतना महंगा क्यों हो गया, क्या देश में प्याज की कमी हो
00:45गई है या फिर इसके पीछे मौसम, भसल और सप्लाई से जुड़ी कोई बड़ी वजह है।
00:49सबसे पहली और बड़ी वजह है सप्लाई में कमी। महलाश्ट के नासिक और खासकर लासल गाओं की मंडियों में प्याज
00:56की आवग पिछले दिनों तेजी से घटी है।
01:20जहां मांग बनी रहती है लेकिन बाजार में ताजा सप्लाई सीमित हो जाती है।
01:24विशेशग्यों के मताबिक नई खरीफ फसल की आवक में देरी होने से आने वाले हफ्तों में भी कीमतों पर दबाव
01:30बना रह सकता है।
01:31दूसरी वज़े है मौसम की मार। नासिक जैसे प्रमुक प्याज उत्पादक इलाके में लगातार बारिश ने मंडियों तक पहुँचने वाली
01:37मात्रा को प्रभावित किया है।
01:38जब किसान और व्यापारी सीमित मात्रा में प्याज बाजार में लाते हैं तो सप्लाई घटती है और कीमत उपर जाने
01:44लगती है।
01:45लासल गाओं में हाल ही में औसत थोग भाव 2760 रुपे प्रती क्विंटल तक पहुँच गया था, जबकि कुछ दिनों
01:51पहले ये करीब 2180 रुपे था, यानि कुछ ही दिनों में करीब 25 प्रतिशत की तेजी।
01:56तीसरी वजह है मौसमी सप्लाई गैब। प्याज की कीमतों में अगस्त सितंबर के दोरान तेजी कोई बिलकुल नई बात नहीं
02:02है।
02:26प्याज को सीधे उन बड़े शहरों तक पहुचाने की व्यवस्था शुरू की है, जहां कीमते ज्यादा हैं।
02:31शहरों में दिल्ली, चन्नेई, कोच्ची, मधुरेई और गुवाहटी शामिल हैं।
02:35मकसद साफ है, जहां सप्लाई कम है, वहां तेजी से प्याज पहुचाया जाए और थोक कीमतों पर गबाव कम किया
02:41जाए।
02:41सरकार सिर्फ ट्रेन चलाने तक सीमित नहीं है, बफर स्टॉक से भी प्याज बाजार में उतारा जा रहा है।
03:11समस्या, इलाकाई सप्लाई और नई फसल की आवक के बीच पैदा हुआ अंतर है।
03:16दिल्चस्प बात ये भी है कि जुलाई में सरकार ने प्याज की बफर खरीद के लिए किसानों को मिलने वाली
03:21कीमत 1875 रुपए से बढ़ा कर 2125 रुपए कर दी थी, ताकि सरकारी खरीद तेज हो और बफर स्टॉक मजबूत
03:28किया जा सके।
03:29तो 50-77 रुपए तक प्याज पहुँचने की कहानी सिर्फ महंगाई की नहीं, बलकि मौसम, कम आवक, स्टोर्ड प्याज पर
03:36बढ़ती निर्भरता और खरीफ फसल की देरी की कहानी है।
04:01नहुचर अब्सक्राइब कर नहीं की के लाज प्याज पाराइब है।

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