00:00आस्मान को छूती ये खूब सूरत वादियां और बादलों की ओड से निकलते ये दुरगम रास्ते जहां मंगलवार की सुबह
00:09पहाडों से ताजे फल और सबजियां लेकर कुछ इस तरह किसान नीचे उतरते हैं।
00:30इतना सुबह सुबह की खतम हो जाता है।
01:24चुनभाटी, लेवचाखा और तासी गाउं जैसे तेरा गाउं की लोगों का असली संगहां।
01:58गाडियां सिर्फ वक्सा जीरो पॉइंट तक ही जा सकती है।
02:23अलपर लोग पाहरें तक ही जा सकती है।
02:31एक समय था जब इस बाजार में लोग पैसे से नहीं बलकी सामान के बतले सामान बदलते थे।
02:37पहाडी लोग अपने संत्रे, अध्रक और स्क्वैश देकर मैदाने इलाकों से राशन लेते थे।
02:43लेकिन 1993 में आई भयानक बाड़ ने यहां की फसलों को तबाह कर दिया।
02:48इसके बाद से वाटर सिस्टम तो बंद हो गया, लेकिन इस हाट की जरूरत आज भी वैसी ही है।
02:55आधुनित्ता के इस दौर में संताला बाड़ी का यह सुबह का बाजार सिर्फ व्यापार का जरिया नहीं,
03:01बलकि बक्सा पहाडियों के लोगों के अस्तित्व और उनके कड़े संघर्ष की एक अनूठी मिसाल है।
03:08ETV भारत के लिए अलिपूर द्वार से शुभदीप पर्मन की रिपोर्ट।