00:00वारसी में गंगा का रौध रूप अब जिंदगी से लेकर अंतिम विदाई तकी तस्वीर बदल चुका है
00:04मनी करने का घाट पुरी तर ढूब गया तो चिंताएं अब सक्री गलियों में भी हो रही है
00:08चारों तरफ बार का पानी है उसके बीच उठता धुआ है बेबसी की तस्वीर दिखा रहे है माय सयोगी
00:15काशी में मौत भी मुक्ष बन जाती है और आप जब मनी करने का घाट आते हैं तो आपके रौंगटे
00:22खड़े हो जाते हैं
00:23कुछ ऐसी तस्वीर आपको यहां से देखने को मिलती है जहां एक के बाद एक शव आपको जलते हुए दिखते
00:30हैं
00:31प्रयाख राज हो या बनारस हो इस वक्त बार का कहर है ऐसे में यह मेरे पीछे आप चिताएं जलती
00:38हुई देख रहे हैं
00:39इनका इस्थान अब बदल चुका है आसान भाशा में कहूं तो मोक्षदाइनी मा गंगा के इस रौधर रूप ने महा
00:46शम्षान की पूरी तस्वीर बदल कर रख दी है
00:48मैं इस वक्त मनी करने का घाट पर जलती हुई चिताओं के ठीक बीच में खड़ा हूँ
00:52और मेरे अपनों को अंतिम बिदाई देते हैं कुछ बेबस से चेहरे हैं जो आग का तेज है वो बहुत
01:00अधिक है क्योंकि मेरे ठीक
01:03इस तरफ यहाँ पर आप जो देख रहे हैं जो धुआ है चिताओं का वो दिख रहा है जो बाड़
01:11है वो शमशान यानि की जो मनी करने का घाट है उसको डुबो चुकी है और अब मजबूरी में इस
01:19छत्तुमा जगा पर यह देख सकते हैं आप एक और शब यहाँ अभी अ�
01:33जो जल प्रवा है बाड़ में मागंगा का वो आप देखें और खुच समझें कि हालात इस वक्त क्या हुए
01:41है एक के बाड़ यहाँ पर लोग आते जाते हैं रखती आँख चारुत तरफ फैला बाड़ का पानी और उठता
01:47धुआ मनी करने का कि यह तस्वीर इंसान की बेब
02:00अधर का पानी लगातार उपर की उड़ा रहा है अभिनाशी काशी में बाड़ ने दस्टक दे दी है और लगातार
02:09मागंगा का जो प्रवा है और जलिस्तर है वो बढ़ता जा रहा है हम इस वक्त असीघाट पर हैं और
02:16क्योंकि यह जलिस्तर में लगातार बढ़ोत्री हो र
02:28पड़ेंगी एक सेक नाओ यहां पर है खुबसूरत नाओ छोटी नाओ बड़ी नाओ एर कंडिशन नाओ लेकिन सब की सब
02:35ठप पड़ी है रीजन यह बढ़ता पानी अब जलिस्तर को आपको मैं दिखाऊं अगर यहां से तो आप देखें कि
02:42यह जो एरिया है यह नदी का �
02:44इसे काफी नीचे तक सीडिया आती है और जलिस्तर धीरे धीरे चड़ता हुआ यहां पहुंच चुका है हला कि कल
02:50के मुकाबले थोड़ा से कम हुआ लेकिन कम जादा लगातार लगा हुआ है
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