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  • 5 weeks ago
बिहार के पूर्व IAS ने बच्चों के लिए अनोखी मुहिम चलाई है. 113 साल पुराने फॉर्मूला से बच्चों का दिमाग तेज होगा. रिपोर्ट- रंजीत कुमार

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Transcript
00:06आज की समय में बच्चों को मोबाइल की लत लग रही है और उनका मानसिक विकास धीमा हुँ रहा है
00:13ऐसे में बिहार के पुर्व आईएस अधिकारी विवेक कुमार सिंग ने एक ऐसी मुहीम चलाई है जिससे ना सिर्फ बच्चों
00:22का दिमाग तेज होगा बलकि बड़ी से बड़ी प्रॉबलम को वह आसानी सी फेस कर सकेंगे
00:29साथी उन्हें सौल्ब कर सकेंगे
00:32विवेक कुमार सिंग इसके लिए क्रॉस वर्ड को एहम मानते हैं
00:37क्या है इसके पीछे का करन उन्हीं से जानते हैं
00:41देखे क्रॉस वर्ड की दो-तीन बहुत महत्पुन फायदे हैं
00:44पहला तो है कि आपका वोकैबलरी जो बनाता है और वोकैबलरी आपके आर्टिकुलेशन आपके जो बातचीत करने का जो अंदाज
00:52है
00:52जितना आपके पास शब्दकोष आपका mental सब्दकोष रहेगा उतना ही बहतर आप अपने आपको communicate कर पाईएगा
00:58दूसरा है यह lateral thinking जिसको बोलते हैं कि जो आपको सामने दिख रहा है
01:02वो सही नहीं है वो आपको पीछे जाना पड़ेगा तह में जाना पड़ेगा
01:07और तीसरा है जो समस्याएं आती हैं जीवन में वो बोल के नहीं आती है
01:11तो समस्या जब आएंगी तो आप solve करेंगे तो आपका एक रियास कराता है problem solving का
01:17तो इस माइने में विद्यारतियों के लिए यह अती महत्पून है
01:20और इसलिए हम चाहते हैं कि स्कूली बच्चे और कॉलेज के बच्चे क्रोस वर्ड को अपना है
01:25ताकि आज इवन उसका लाब उठा सके
01:28विवेक सिंग ने डिजिटल एडिक्शन के खिलाफ
01:31क्रोस वर्ड यानि शब्द पहली को एक हत्यार बनाया है
01:35उनकी इस मुहीम का केंद्र सिर्फ अमीर या संपन घरों के बच्चे नहीं
01:41बलकि जुगी जोपडियों और घरी परिवारों के वो बच्चे हैं
01:46जिनके पास महंगे संसाधन नहीं है
01:49विवेक सिंग ने साल 2010 में क्रोस वर्ड पर एक पुस्तक भी लिखी है
01:56जिसका नाम Understanding Cryptic Crossword है
02:01जिसकी इंडिया में काफी डिमांड है
02:04मैं Crossword का पजल बनाता था
02:07तो एक मैगजीन है Korean Competition Times
02:09उसके लिए मैंने बनाना शुरू किया
02:11फिर इंडिया नराइन्स में एक बहुत पॉपलर मैगजीन था स्वागत
02:14तो उसमें हम बनाते थे
02:16तो हमारे दोस्तों ने जो मेरे IS और IFS के जो दोस्त थे
02:20उनका कहना था कि यह ऐसा चीज है जिसमें तो
02:23हम भी अपने बच्चे को नहीं पढ़ा सकते हैं
02:24चुकि हमने कभी पढ़ाई नहीं
02:26तो तुम पुस्तक क्यों नहीं लिखते हो
02:27तो 2010 में जब मैं Election Observer था
02:31और शाम में हमारे फुरसत मिलता था
02:33उस समय हमने इसको लिखना शुरू किया
02:35जब मैं केरला में Election Observer की रूप में गया
02:41क्रॉसवर्ड को जो स्कूली चात्र हैं
02:43वो तो जानते हैं
02:44और विवेक कुमार सिंग का कहना है
02:47कि क्रॉसवर्ड के जरिये
02:49आप जहां अपने सब्द ज्यान को बढ़ा सकते हैं
02:52वहीं आपके ये Personality Development में भी सहयक होता है
02:57फिलहाल तो ये अंग्रेजी में है
02:58लेकिन आने वाले दिनों में
03:01विवेक कुमार सिंग क्रॉसवर्ड को
03:03हिंदी की तरवीश सिफ्ट करने की तैयारी में है
03:06असोक के साथ रंजीत
03:07ETV भारत पटना
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