00:00शकाय चा कड़क उकड़ी चाहा सो कि वा सायंकाडी तप्डी वरील अत्यंत जिवाया चा विशेय मंजे चाहा हा है अनि
00:07आता हाथ चाहा चाहा चाहा है महाग जालेला है
00:10नमस्कार मिक्षित चादिश मुकानी तुम्ही बगता हाथ लोकमत.com
00:13पहले 10 रुपे था चाह अभी 12 रुपे कर दिया है सकर के दाम बढ़ने से चाह के रेट बढ़ा
00:21दिया है
00:21अभी मैंने चाह सकर का रेट बढ़ने से 20 रुपे कर दिया पहली 7 रुपे था फुल का चलदा रुपे
00:28था अभी रेट बढ़ा दिया
00:30अपन बगतों कि टप्री वर्सा चाहा जो आहे तो आता महागला आहे, कुटे तरी साखर जरी कमी जात असली, तरी
00:48टप्री चालक असली कीमा दुकानदार असली चाहा से, तैंचा कडे शेकडों कब हा चाहा दिवसाला विकला जातो आणि अशतस, मग
00:56चाहा चे रेट जाहे त
00:58आणि आता आपन बगतों है कि चाहा चे रेट जाहे सर्व दुकानदार जाहे, चाहा चे किमा टप्री वाले है, तैंचा
01:07कमेंट करने नकी सामाला सांगा आणि अशतस वीडियो करता लोकमत.com ला फॉलो करेला विस्रूनका
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