00:07अम्रिच सर के एक रेप केस को दवाने के लिए मुख्यो मंत्री भगवन्तवान की पतनी डॉक्टर गुर्प्रीत कौर पर पांच
00:14करोर रुपे मांगने का आरोप लगा है
00:16संसनी खेज आरोप के बाद मामला इतना गंभीर हो गया है कि राष्ट्रिय मानवधिकार आयोग यानि की एन एच आर्सी
00:25ने जांच के आदेश दे दिये है
00:27इस वीडियो में आगे बढ़ने से पहले ये सपष्ट कर दें कि ये गंभीर आरोप है लेकिन हाई कोट या
00:34एन एच आर्सी दोनों ने अभी तक किसी को दोशी नहीं धहराया है
00:39तो आईए जानते हैं आखिर पूरा मामला क्या है और अब तक क्या हुआ है
00:44पूरा मामला अमरिच सर के सिविल लाइन स्थाने में दर्ज F.I.R. नंबर 77 से जुड़ा है जो 29
00:51अप्रेल 2026 को दर्ज हुआ था
00:54पीड़त परिवार का रोप है कि महिला को शादी का जहासा देकर अगवा किया गया
01:00उसके साथ जबरन संबंध बनाए गए और अशलील तस्वीरे वाइरल करने की धमके देकर लाकमेल किया गया
01:08ये तो F.I.R. हो गई लेकिन परिवार का कहना है कि मामला दर्ज होने के बाद ही असी
01:14दबाव शुरू हुआ
01:15आरोब है कि पुलिस ने F.I.R. वापस लेने के लिए परिवार पर दबाव बनाया और प्रभावशाली लोगों के
01:23जरिये जांच को प्रभावित करने की कोशिश हुई
01:26और यही से कहानी में आता है ट्विस्ट पांच करोड रुपे लेकर केस को दबाने का आरोब
01:35NHRC सदस्य प्रियंग कानू नगू के मताबिक आयोग को पूर्फ पंजाब हर्याना हाई कोट जज जस्टिस रंजीत सिंग की शिकायत
01:45मिली
01:45शिकायत में आरोब लगाया गया कि डॉक्टर गुर्फरीत कौर ने केस दबाने के लिए पांच करोड रुपे की रिश्वत मांगी
01:53थी
01:53आरोब के गंभीरता को देखते हुए NHRC ने पंजाब के मुख्य सचिप और DGP को जाच के निर्देश दिये हैं
02:01और 15 दिनों में आक्शन टेकन रिपोर्ट भी मांगी है
02:07मामला केंद्रिय ग्रह मंत्राले की विमन सेफटी डिविजन को भी भीजा गया है
02:12हालांकि NHRC ने आरोब को सही नहीं ठहराया है लेकिन निश्पक्ष और त्वरित चांच के आदीश दिये हैं
02:20पीड़क परिवार का पुलिस पर बड़ा आरोब परिवार ने हाइकॉट में कहा कि पुलिस अधिकारी उनके घर पहुँचे और F
02:28.I.R. रद कराने का दबाव बनाया
02:30परिवार ने आरोबियों पर डराने और अश्लील तस्वीरे वाइरल करने की धमकी देने का आरोब लगाया
02:37याचिका में राजनीतिक प्रभाव और आरोबी पक्ष के प्रभावशाली संपरकों के भी आरोब लगाए गए
02:44ऐसे में सवाल था क्या जाँच पर भरोसा किया जा सकता है
02:4920 जुलाई के आदेश में पंजाब हर्याना हाई कौट ने CBI जाँच की मांग तो खारिच कर दी
02:55लेकिन परिवार की निश्पक्ष जाँच को लेकर जेनुएन अप्रिहेंशन माना
03:00कौट ने जाँच को स्पेशल DGP Women Affairs की निगरानी में रखने का आदेश दिया
03:07साथ ही नया जाँच अधिकारी नियुक्त करने को कहा
03:10एक ऐसा अधिकारी जो पहले इस केस से जुड़ा ना रहा हो
03:15पौट ने साथ कहा कि जाँच निश्पक्ष, स्वतंत्र और कानून के मताबिक होनी चाहिए
03:25दूसरी तरफ इन आरोपों को निराधार बताते हुए
03:28CM भगवन्तमान की पत्नी डॉक्टर गुरप्रीत कौर ने जस्टिस रंजीत सेंग को कानूनी नोटिस भेजा है
03:35वहीं पंजाब सरकार का कहना है कि जाँच कानून के मताबिक चल रही है और आरोपी की रहाई सक्षम माजिस्ट्रेट
03:43के आदेश से हुई
03:44आरोपी पक्ष ने भी राजनीतिक दबाव धम की और F.I.A. रद कराने के आरोपों को जूटा और निराधार
03:52बताया है
03:54बहराल सबसे बड़ा सवाल ये है क्या पांच करोर रुपे की मांग का आरोप सच है क्या पुलिस पर वासव
04:03में दबाव था और क्या इस पूरे मामले में जाँच निश्पक्ष तरीके से आगे बढ़ेगी
04:08इन सवालों का जवाब जाँच और अधिकारिक रिपोर्ट से ही मिलेगा
04:13फिलहाल इतना तय है कि मामला अब पुलिस थाने से निकल कर हाई कौर्ट और एनेच आर्सी की निगरानी तक
04:21पहुँच चुका है
04:22और दाव पर सिर्फ एक रेप केस की जाँच नहीं बलकि महिलाओं की सुरक्षा, पुलिस की निश्पक्षता और राजनीतिक प्रभाव
04:31से मुक्त नियाए व्यवस्था का भरोसा भी है
04:34आपको क्या लगता है? इस मामले की निश्पक्ष चांच कैसे सुनिश्चत होने चाहिए? कमेंट में अपनी राई बताएए और देश
04:42दुनिया की तमाम बड़ी खबरों के लिए One India Hindi को सब्सक्राइब करें