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  • 1 week ago
चीन बता देता तो नेपाल में सैकड़ों की जान बच जाती? देखें ब्लैक एंड व्हाइट

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00:00नमस्कार मैं हूँ अंजिनावम कश्यप और ब्लाक इन वाइट में आपका बहुत-बहुत स्वागत है
00:04आज सबसे पहले सवाल का जवाब खोजेंगे कि क्या चाइना चाहता थी
00:08तो नेपाल में सेकडों लोगों की सांसों की डोर तूटने से रोकी जा सकती थी
00:14क्या जिन्दगियां बचाई जा सकती थी
00:16क्या चाइना वक्त पर बता देता तो सेकडों लोग नहीं मारे जाते
00:20हिमाले के सीने पर कुद्रत ने कटार घूपी तो इसके आंगल में पल रहा नेपाल कराह उठा
00:26रसुवा और नुवा कोट से लेकर धादिंग जिलों तक जिन जखों के नजारे लोगों को लुभा रहे थे बुला रहे
00:33थे
00:33आज वहां मलबे में जिन्दगियों की तलाश की जा रही है
00:37यह स्ते खेलते लाके पानी के भयंकर सैलाब से मलबे के विशाल कब्रगाह में तबदील हो चुके हैं
00:43इस भयानक मलबे में जाने कितनी जिन्दगिया जिन्दा दफ्न हो चुकी है
00:48इसका सिर्फ अंदाजा भर लगाया जा सकता है
00:51सेकड़ो लाशे मिल चुकी हैं
00:53अंगिनत परिवार उजड़ चुके हैं
00:55कुछ खुशकिस्मत इस महाप्रले में अपनी जान बचाने में काम्याब तो रहे
00:59तो कुछ और प्रशासन औस्थानिय लोगों के प्रयासों से नई जिन्दगी मिली है
01:04लेकिन अभी भी नहीं मिला तो इस सवाल का जवाब की आखिर इस महाप्रले का गुनेहगार कौन है
01:11और क्या चाइना चाहता तो सेकड़ो लोगों को जिन्दा जल समाधी नहीं लेनी पड़ती
01:18ये सवाल बहुत बड़ा है
01:22कुद्रत का कहर अपनी जगा लेकिन इस मातम के बीच एक ऐसा काटा चुब रहा है
01:26जो हर समवेदंशील इनसान की रूह को जगजोर रहा है
01:30सवाल ये नहीं है कि पानी क्यों आया
01:33सवाल ये है कि पहाडों के उस पार पानी में पल रहे मौत के इस मनजर की खबर
01:40नेपाल को वक्त रहते क्यों नहीं दे गए
01:42क्या चाइना के एक छोटी सी चेतावनी सेकडों बेकसूरों की जिंदगी नहीं बचा सकती थी
01:48इस आपदा के वक्त चाइना के आधूनिक साटलाइट सिस्टम
01:52रडार और जियोलोजिकल सर्विलन सिस्टम्स के चले गए
01:58जो पहाडों के भीतर होने वाली हलचल को हजारों मील दूर से भाप लेते हैं
02:03टिविट के उपरी इलाकों में जब किसी ग्लेशियर का सीना फटता है
02:06या पानी का दबाव सीमा पार की नदियों का रुख मोडता है
02:10तो उसकी पहली भनक चाइना को लग जाती है
02:14तो फिर सवाल यह उठता है कि जब उपर प्रलै की पटकथा लिखी जा रही थी
02:19तब चाइना के हाई टेक रडार खामोश क्यों थे
02:22अगर वक्त रहते नेपाल को एक रेड अलर्ट थमा दिया जाता
02:26तो शायद तमाम लोग मौद के मोहाने से दूर किये जा सकते थे
02:30आज नेपाल का बहुत बड़ा दावा है
02:32हम आपको दिखाएंगे जो डिजास्टर मैनेजमेंट टीम है नेपाल की
02:36वो सीधा उंगलिया उठा रही है चाइना की तरफ
02:39और तमाम वो परेटक सोची है जो इस जल प्रले की भेट चड़ गए
02:43देश-विदेश के लोग कितने सारे भारतियर जो शद्धा के साथ कैलाश मानसरोवर में
02:49अपने आराधी की पूजा के लिए जा रहे थे
02:52शायद आज आगे बढ़ते पूजा करते अपने घरों को सुरक्षित लोटते
02:58आज इस बात को गहनता से समझने की कोशश करेंगे कि क्या वाकरी जो हुआ वो रोका ही नहीं जा
03:03सकता था
03:03या फिर चाइना इंसानियत का फर्ज निभाने से फिर चूप गया
03:08आज आपको ये भी बताएंगे कि क्यूं अब खत्रा बिहार की तरफ मुड़ चुका है
03:14लेकिन सबसे पहले हम आपको देश का मूड बताएंगे यानि मूड अफ दे नेशन बताएंगे
03:202024 के लोगसभा चुनाओ के बाद शायद ये सबसे दल्चस्प समय है जब Gen Z ट्रेंडिंग है
03:25और Gen Z के पेपर लीग जैसे मसलों के बहाने देश की राजनीती की भवश्यवानी लिखने की कोशश हो रही
03:30है
03:32सबसे पहले आपको बताते हैं कि आखिर इस पूरे जो मूड अफ दे नेशन सर्वे है उसकी मेथडोलिजी क्या है
03:38तो सबसे पहले आपके स्क्रीन पर लगवग एक लाग सोलह हजार लोगों को इसमें शामिल किया गया
03:45और एरर मार्जिन इसमें प्लस माइनस 3% है एक जुलाई से 25 अगस तक इसे किया गया
03:52लेकिन ये भी याद रखे कि सर्वे के जो आंकड़े हैं वो बताने से पहले आपको ये भी बता दे
03:57कि जैंजी आंदोलन से
03:59और उसके बाद किया गया सर्वे आप इसको क्यों देख सकते हैं तो आगे बढ़ी आपको बताते हैं
04:04एक जुलाई 2026 से 25 अगस 2026 के बीच हर आयू वर्ग जाती धर्म लिंग वाले 25,184 बालिगों की
04:13राय ली गई है
04:14इसके अलावा पिछले 24 हफतों में 91,000 तो जैंजी आंदोलन के बाद लगबग 96,000 लोग हैं और इससे
04:23पहले से लगबग 91,000 तो टोटल मिलाकर 1,16,000 लेकिन जैंजी युवा क्या सोच रहे हैं उस पर
04:30भी अलग से जो नंबर्स रिफलेक्ट कर रहे हैं वो अब हम आपको द
04:4445% के साथ और इंडिया गडबंदन 49% के साथ अन्नी को जाता हुआ दिख रहा है सोल फीज
04:50दी तो अगर आज हो देश में चुनाओ तो देश का मिजाज क्या है ये इंडिया टोडे सी वोटर का
04:55वो सरवे है जो साल में दो बार हम दिखाते हैं जनवरी वाला सरवे हमने आप
04:59को दिखाया था जिस वक्त बीजेपी अपने दम पर 287 सीटे 287 सीट लाकर सरकार बना रही थी इस बार
05:06अगर आप देखिए तो अगस के महिने में जो ये दूसरा सरवे है उसमें वोट शेर एंडिया को 45%
05:12इंडिया गडबंदन को 39% सोलर फीज दी अन्ने को अब इसको सीट
05:27और अन्ने को 32 अगर आप चुना हुए तो वोट शेर पार्टी के हिसाब से देखिए बीजेपी 49% जो
05:36की अगर आप देखिए तो पहले से जो जन्वरी के महीने में आया था उससे कमतर है लेकिन 2024 के
05:43मुकाबले अगर आप देखिए तो ये इजाफा है वहीं कॉंग्रस पार
05:55पार्टी के हिसाब से 261, 2024 के लोग सभा चुनाओं में भारते जन्ता पार्टी की आई थी 240 सीटे लेकिन
06:03अभी अगर आप देखिए तो 261 हो रहा है वहीं जन्वरी के महीने में जब हमने ये सर्वे किया था
06:09तो यह आखड़ा 287 पहुच गया था यानि जन्जी के अंदोलन
06:14के बाद जो देश का मिजाज है उसमें बीजेपी की सीटे थोड़ी कम हुई है लेकिन ये अभी भी दो
06:20हजार चौबीस के चुनाओं के मुकाबले 21 सीटे जादा है वहीं कॉंगर्स पार्टी को भी मामली सा फायदा होता हुआ
06:27दिख रहा है 99 सीटे से 106 सीटों पर पहुच
06:43आप कहने वाले 27 पिसेंट लोग हैं एक बार फिर से आप देखे 51 पिसेंट अच्छा और 77 और 27
06:50फीजदी खराब कह रहे हैं प्रदानमंत्री के तौर पर मोदी के कामकाज को आप कैसे आखते हैं तो अगस्त दोहजार
06:57पच्चिस जनवरी 2026 और अगस्त दोहजार चप्चिस
07:00यह तीनों का डेटा देख लीजे जब अगस्त दोहजार पच्चिस में आप देखेंगे तो लगबख 58 फीजदी कह रहे थे
07:06अच्छा फिर यह जनवरी आते आते इस साल के 57 फीजदी हुआ मतलब 58 फीजदी जो आया था वो लोगसभा
07:14चुनाओं के बाद आया था लेकिन अ
07:2927 फेसंट हो गया है अब राज्यों में अगर आज चुनाओं गए तो चार बड़े स्टेट्स हमने लिए हैं दो
07:35तुन में ऐसे हैं जहां चुनाओं होना है उत्तर प्रदेश पंजाब इंडिया गडवंधन कह रहा है को यह सर्वे कहता
07:42है 40 फेसंट वोट्स और 42 पसेंट ए
07:52अब यही अगर आप बंगाल में देखिए तो बीजेपी एंडिया बहुत आगे दिख रही है 46 पसेंट वोट्स उनकी तरफ
07:58जा रहा है जो कि पिछले लोग सभा से 24 से बहुत बड़ा बदला होगा उनकी वहाँ पर सरकारिक भी
08:04बनी है विधान सभा में उनको चीत हासिल ह�
08:07महराष्ट्र एक और बड़ा राज्य जिसमें अगर आप देखिए तो 43 पीजदी वोट अगर इंडिया गडवन्धन को मिल रहा है
08:13तो 49 लगभग आधा जो वोट पसेंटेज है वो जाता हुआ दिख रहा है इंडिये की तरह अब जल्दी से
08:18आपको सीट्स भी बता देते है
08:20अगर आज हुए चुनाओ सबसे पहले उत्तर प्रडेश 33 से 38 पर एंडिये पहुच रहा है लेकिन इंडिया गडवन्धन जो
08:31है वो और भी आगे 37 सीटे आईटी समाजवादी पार्टी की वहां से वो सीधा 41 पर पहुचती हुई दिखाई
08:38दे रहे है तो 41 और 38 यानि क्लिय
08:41अगर एज है उत्तर प्रडेश में आज भी इंडिया गडवन्धन आगे दिख रहा है पंजाब में अगर आप देखिए तो
08:46इंडिया गडवन्धन को 11 बीजेपी को एक आम आदमी पार्टी मुझे लगता है चुकि इसमें रिफ्लेक्ट नहीं हो रहा है
08:53उनकी वहां पर ज
09:11तो यह जो एंडिये का तबका यहां पर बंगाल में बन रहा है वो 35 का बन रहा है अगर
09:15आज हो चुनाओ तो वहां सिर्फ साथ रहेगा इंडिया गडवन्धन के पास और बाकी की सारी सीचे 35 जाती हुई
09:23दिख रही है एंडिये की तरफ वही महाराश में आईए तो 17 सीचे
09:26एंडिया गडवन्धन के पास और एंडिये की तरफ जा रही है 31 सीचे अगला जो फ्लाग्शिप प्रोग्राम से सरकार का
09:35जैसे महिला आरक्षन जैसे वान नेशन वान इलेक्षन इस पर जनता क्या कहती है तो परिसीमन से जोड़े बिना महिला
09:42आरक्षन अभी से ही लाग�
09:55443 सीचे है उसी में महिला आरक्षन लागू करिए एक देश एक चुनाव का समर्थन करते हैं ये कहने वाले
10:0170 फीजदी है तो ये तमाम ऐसे लोग जो पोस करते हैं पोलिटिकली अपने अपने फाइदे के लिए उनके लिए
10:06एक बहुत बड़ा आईना है जिसमें 70 फीजदी
10:23यानि हर दो में से एक व्यक्ती ने जो जैंजी का था उसने कहा 53 फीजदी लोगों ने कहा नौकरी
10:30शिक्षा 22 फीजदी रहन सेहन का खर्च कॉस्ट अफ लिविंग 12 फीजदी मानसिक स्वास्त चार फीजदी
10:39युवाओं को रोजगार योग्य बनाने का जिम्मेदार कौन है इसमें जो जैंजी उसका कहना था केंद्र और राज्य दोनों जिम्मेदार
10:47है 63 परसंट स्कूल कॉलेज जिम्मेदार है 14 परसंट निजी नियोकता जो है 9 परसंट और आम लोग या परिवार
10:56के लोग 5 परसं
11:088 परसंट राज्य सरकार पर असर 7 परसंट असर नहीं स्थानिय प्रशासनिक मुद्दा है ये कहने वाले 20-20 अगले
11:15प्रधानवंची के लिए सबसे अच्छा कौन है तो नरेंद्र मोधी अपनी लोग प्रियता में 49 पर है राहूल गांधी 27
11:22पर लेकिन सबसे बड़ी सप्र
11:38है दिलचस्प अब ये जनवरी में फिर इसका अगला संसकरन आएगा बाई अनुली दो बार ये इंडिया टुडे सी वोटर
11:45का सर्वे होता है खेर आगे बढ़ते हो और सबसे बड़ी खबर आपको नेपाल में आई उस प्रले के बारे
11:49में बताते हैं जसका रहस्य अब ब�
12:05दाएंगे लेकिन उससे पहले आप इस वीडियो को देखिये जो नेपाल के बेत्रावती बाजार का है
12:13कर नहीं कर नख गर में और थे जो तासल कर दया समय इटक ये उटे घंट लॉडåorkaisो अ कुछ
12:23अजय energy
12:23उबता ं्या है व्योग दो बड़ के स्सक्षण मत भी आए खैब हा का दिया जय नहार आ ca गär
12:26गार घॉट तरकि जब हुम घया
12:49अब जो लोग इस वीडियो के आधार पर यह सवाल पूछ रहे हैं कि तिविद बॉर्डर से
13:04चालीस किलोमेटर दूर नेपाल के बेत्रावती इलाके में भी पानी का बहाव इतना तेज कैसे था
13:10तो उन लोगों को हम बताना चाहते हैं कि यह सवाल ही पूरी तरह गलत है
13:14जब लाखो करोडों लीटर पानी अचानक नदियों में आता है तो वो कुछ दूर जाने के बाद रुक नहीं जाता
13:21है
13:22वो उसी रफ्तार के साथ सेखडो किलोमेटर दूर तक नदियों में बहता है और यहां नेपाल की प्रले में भी
13:27ऐसा ही हुआ
13:30नेपाल की सरकार क्या कह रही है उनका कहना है कि इप्रले इतना भयायानक था कि सिर्फ तीस मिनट के
13:37अंदर त्रिशूली नदी का जलस्तर करीब नौ मीटर बढ़ गया
13:41नौ मीटर नौ मीटर का मतलब हुआ बिजली के बड़े खंबे जितनी उचाई आप समझ लीजे या फिर लगबाग पांच
13:50लोगों को मिला कर जितनी हाइट होगी उतना जलस्तर सिर्फ तीस मिनट के अंदर
13:55नौ मीटर बढ़ गया इससे ये पता चलता है कि ये तमाम ये जो स्थिती है ये जो सामान ने
14:03बाड़ की घटना ये नहीं थी
14:05बलकि शायद नेपाल और टिबट के इतिहास की सबसे बड़ी प्रले की घटना थी
14:10और यही कारण है कि इस घटना को लेकर इस वक्त सबसे बड़ा सवाल ये पूछा जा रहा है
14:16कि आखिर चाईना को इसके बारे में कैसे पता नहीं चला
14:19या चाईना ने नेपाल को समय रहते इसकी चेतारनी क्यों नहीं दी
14:24इन आरोपो को लेकर आज काटमांडू में भी काफी हलचल रही और इसी हलचल के बीच
14:28चाईना और नेपाल की तरफ से अलग-अलग दावे सामने आए है
14:32जैसे नेपाल में चाईना के दूतावास ने कहा कि ये दावा पूरी तरह गलत है
14:37कि चाईना ने नेपाल को इस प्रले की समय रहते जानकारी नहीं दी
14:42चाईना ने इन आरोपो को भी घलत बताया है कि टिवित में किसी बांद के तूटने से ये प्रले आए
14:49चाइना यही कह रहा है कि 26 अगस की सुबा नेपाल की तरफ एक भुकम पाया था
14:53जिसके कारण पहाडों में आइस आवलांच यानि बर्फ का तूफान पैदा हुआ
14:58और बाद में ये पहाड के मलबे के साथ मिलकर नदियों में समा गया और इसने एक प्रलै का रूप
15:04ले लिया
15:06चाइना ये भी कह रहा है कि इस वक्त आरोप लगाने की नहीं बलकि एक दूसरे का सहयोग करने की
15:11जरूरत है
15:13दूसरी तरफ है नेपाल
15:15नेपाल सरकार ने इस घटना को एक प्राक्रतिक आपदा के रूप में देखा है
15:20नेपाल के विदेश मंतरी शिसर खनाल और नेपाल की दिसास्टर मानेजमेंट अथॉरिटी का शुरुवाती आकलन ये है
15:27कि तिबत बॉर्डर से 20 किलोमेटर दूर उत्तर में एक ग्लेशियल लेक यानी जील जो है
15:33उसमें अचानक धमाका हुआ बाद में इसी जील का पानी पहाड के मलवे के साथ तिबत की लेंडे नदी में
15:39आया
15:39और फिर इसी से ये नेपाल में प्रवेश कर गया
15:42अब नेपाल ये दावा क्यों कर रहा है
15:45उसके लिए आपको इस वीडियो को देखना होगा
15:47ये वीडियो हमने आपको कल भी दिखाया था
15:50कई बार दिखाया
15:52जिसमें नेपाल बॉर्डर के उस पार तिबत के जिरॉंग पॉर्ट का इमिग्रेशन ओफिस इस प्रले में पूरी तरह नश्ट हो
15:59गया था
16:00पहली नज़र में इस वीडियो को देखकर यही लगता है कि मिट्टी और मलवे का सेला दूसी तरफ से तिबत
16:07में आया था
16:09लेकिन जब आप इसी जिरॉंग पॉर्ट की एक साल पुरानी तस्वीर को यहां देखेंगे तो इसमें एक नई कहानी नजर
16:16आती है
16:17अब यह जो इमिग्रिशन ओफिस जो पूरी तरह से पानी से बरबाद हो गया है वो सबसे नीचे आपको दिख
16:22रहा है जहां पर चाइना का एक फ्लाग आप देख रहे हैं सफेद बिल्डिंग बड़ी सी
16:28वहीं अगर आप देखिए तो एक तरफ है लहन्डे खेला यह नदी है लहन्दे खोला यहां से पानी आता है
16:35और यह जो केरंग खोला है उसमें जाना है
16:38तो कुल मिलाकर अगर आप देखें इसमें ये दिखता है कि बॉर्डर पर तिबट और नेपाल के भी जो मैत्री
16:43पुल बनाया गया है
16:44बीश में आपको एक फ्रेंशिप ब्रिज अंग्रेजी में लखा हुआ है देखें उसको
16:47ब्लाक पर येलो से वो मैत्री पुल बनाया गया उसके नीचे दो नदिया बह रही है
16:52ये दोनो नदिया तिबट शेत्र से नेपाल में आती है तो ये दोनो नदिया जो है वो बहके आगे जा
16:59रही है
17:01लेंडे खोला कहते है और जो दाएं हाथ पर है उसे किरॉंग खोला कहते है
17:09अब नेपाल की सरकार ये कह रही है कि तिबत में जो जील फटी उसका मलबा बाए हाथ वाली जो
17:15लेंडे नदी है उसमें आया था
17:17और ये इसलिए भी संभव है क्योंकि हमने तिबत की साइट से जो वीडियो देखा उसमें सेलाब किरॉंग सांको नदी
17:23की तरफ आता है
17:37तो आईए आपको बड़ी स्क्रीन पर जारा दिखाते हैं जिससे आपको समझ में आएगा कि ये पूरी कहानी है क्या
17:42क्योंकि जब आप इस मैप पर देखेंगे तो ये तो सबसे पहले ये वाले यगा देखिए ये दिख रहा है
17:48आपको ये ये पुल है ये वह मैत्री पुल
18:04ये फस्ग लूरी शुक्राइयरा है अब ये दो नदिया है और ये दो नदियो में एक है लेंड़े खोला यहां
18:10से पानी आया और यहीं से पानी जब आप इस वीडियो को भी देखेंगे
18:15हम कुछ देर में आपको वीडियो दिखाएंगे, जब आप इस वीडियो को देखेंगे, तो ये पानी एक तरफ से आता
18:20हुआ, पूरी बिल्डिंग की तरफ जा रहा है, तो ये जो पानी का बहाव है, वो ऐसे आता है, और
18:25ऐसे करके इस पूरे बिल्डिंग की तरफ जाता है,
18:28दूसरी नदी जो आप देख रहे हैं ये केरंग खोला नदी है अब ये चाइना है और यही पर ये
18:33पूरी बिल्डिंग जो कहती है तो आप इससे समझ रहे हैं ये जो immigration check post जो आपको दिख रहा
18:38है जो हमने आपको कल भी दिखाया था वो immigration check post जिस पर ये आ रहा है इसमें आप
18:44�
18:57इसे ये पानी आता है और फिर check post immigration office को पूरी तरह से बहा ले जाता है तो
19:03एक बार ये वीडियो भी आपको दिखा देंगे ये देखे अब जब आप इस वीडियो को देखेंगे तो देखेंगा बाई
19:11तरह से इस तरह से जिदर लेंडे खोला नदी है ये इधर से ये पानी �
19:17आता है और इनी तस्वीरों के आधार पर नेपाल का ऐसा अनुमान है कि ये प्रलै चायना के तिबत की
19:24तरफ से आई जब की चायना ये कह रहा है कि
19:31चाइना ये कह रहा है अपनी तरफ से कि नेपाल के सीमा वर्ती इलाकों में भूकंप आया था इसलिए ये
19:37पूरी घटना घटी है
19:42अलाकि चाइना के इस दावे पर अमेरिका भी सवाल उठा रहा है
19:46पूरी दुनिया में भूकंप और ज्वाला मुखी की निगरानी करने वाली अमेरिकी संस्था
19:50United States Geological Survey ने कहा है कि शुरुवात में उसे भी ऐसा लगा था कि नेपाल और टिबट की
19:56सीमा के पास जो प्रलय आने से
20:00पहले सुबा आट बच कर 37 मिनट पर 4.4 तीवरता का एक भूकंप आया था
20:05लेकिन बाद में जब इसका गहराई से अध्यायन हुआ
20:09तो ये पता चला कि उस समय महसूस किये गए ये छटके भूकंप के थे ही नहीं
20:14अमेरिका की एजनसी कहती है कि ये सिगनल हकीकत में ग्लेशियर के टूटने बर्फ पत्थर के गिरने और उसके बाद
20:24मलबे के बहने से पैदा हुए थे
20:26आप सोचे इतनी उचाई से ये नदियां आ रही है इतने मोमेंटम के साथ जो मलबा है चीजे है पहाड
20:33की टुकणियां है वो सब अपने साथ तेज रफ्तार से ला रहे है तो उसका मोमेंटम ऐसा हो जाता है
20:38जैसे की पूरे इलाके में एक कमपन हो जाए यानि जिस घटना
20:45को शुरुआत में भूकम समझा गया था वो असल में ग्लेशियर से जुड़ी घटना थी इसी तरह की बात हिमालक
20:51शेतर के संद्रक्षन के लिए काम करने वाली अंतराश्य एजेंसी इंटिनाशन सेंटर फॉर इंटिग्रेटेड मांटन डिवेलप्मेंट उसने भी यही कह
21:03गया है और इसमें यह पता चला है कि तिबित में करीब 5,500 मीटर की उंचाई पर एक ग्लेशियर
21:11के उपर बनी जील 26 अगर्स की सुबा अचानक खाली हो गई
21:18तो बार से पहले इस जील का क्शेत्रफल करीब 0,75 वर्ग किलोमेटर था लेकिन बार के बाद यह घटकर
21:270,61 वर्ग किलोमेटर रह गया
21:33इसका मतलब यह हुआ कि जील का काफी पानी अचानक बाहर निकला और इसी के बाद यह प्रलय आई और
21:38ऐसा इस अंतराश्रे एजनसी का अनुमान है जिसके हवाले से हम आपको यह बतारे हैं
21:42बड़ी बात यह है कि इसी तरह का दावा जो है वो नेपाल भी कर रहा है
21:46नेपाल की आपता प्रभंदने एजनसी का दावा है कि तिबत में करीब 17,000 फीट की उचाई पर बर्फ और
21:52चटानों का एक बड़ा हिस्सा तूट कर नीचे आया
21:54इसके बाद इस मलबे ने तिबत की लेंडे खोला नदी का रास्ता रोग दिया
22:00कुछ समय के लिए वो पानी जमा हुआ लेकिन बाद में जब ये रास्ता खुला तो उस प्रले ने तिबत
22:07और नेपाल को अपनी चपेट में ले लिया
22:10और यहाँ ये सवाल भी उठता है कि चाईना को इस जील के बारे में पता कैसे नहीं चला
22:17ये सवाल ने सिर्फ नेपाल में कई एक्सपर्ट्स उठा रहे हैं बलकि वो साफ साफ कह रहे हैं कि अगर
22:23चाईना ने वक्त पर बता दिया होता तो इतने लोगों की जान नहीं जाती है
22:27अब देखिए चाईना के पास तिबत के हिमाले क्षेतर पर निगरानी रखने के लिए बड़ी संख्या में सैटलाइट मौझूध है
22:32इनमें भी गाफेन है गाफेन और यावगान ये तमाम ऐसे सैटलाइट सिस्टम्स हैं चाईना के जो खास तौर पर तिबत,
22:43हिमाले, इन
22:44तमाम इलाकों की निगरानी का ही काम है इनका।
22:48जसे गाफव el evidence जो है वो चाइना के
22:50high resolution...
22:51earth observation system का हिस्सा माना जाता है।
22:53जो टिबट के, इलाकों की
22:55बहुत बारीकी से
22:57सवीर ले सकता है।
22:59जब कि, याओगान जो है वो
23:00चाइना के सभी satellites की
23:02एक बड़ी श्रिंखला है
23:05अब चाइना इन्हें आधिकारिक तोर पर
23:07remote sensing satellites कहता है
23:08जिनके जरिये दूसरे देशों और भारत में भी
23:10सेने जासूसी क्या रोप लगते है
23:12और सोचे जब चाइना के पास
23:14ऐसे आधूनिक modern satellite systems है
23:17तो इस बात पर कैसे
23:19विश्वास किया जा सकी
23:21ये सवाल आज नेपाल में बहुत सारे
23:23लोग उठा रहे है कि चाइना ने नेपाल के पास
23:24तिबत में इस जील को पहले कभी देखा ही
23:27नहीं और फिर जब ये इसका
23:29खत्रा शुरू हुआ
23:30तो इसको इसका अंदाजा ही नहीं लगा
23:33और आखर क्यों उसने कोई सूचना नहीं दी
23:35यह एक और बड़ी बात यह है कि
23:37चाइना और नेपाल के बीच पिछले कई सालों से
23:39जल संबंदी समझोते और डेटा शेरिंग की
23:41पूरी व्यवस्ता है और ये व्यवस्ता
23:43कहती है कि अगर उपरी इलाकों में
23:45कोई ग्लेशल लेक बनती है
23:47या कोई दूसरा खत्रा पैदा होता है
23:49तो उसकी जानकारी चाइना द्वारा नेपाल को
23:51बिना किसी शर्ट के दी जाएगी
23:53लेकिन इसके बावजूद
23:56नेपाल का ऐसा आरोप है कि उसे तिबत की तरफ से
23:59जील के बढ़ने या उसके अचानक फटने की
24:01कोई बीचे तावनी पहले से नहीं दी गए
24:03और ये भी लगाता दूसरी बार हुआ है
24:08आठ जिलाई दोहजार पचीस को भी तिबत में
24:11ऐसी ही ग्लेशल जील के अचानक फटने की घटना हुई थी
24:14उसमें भी पानी और मलवे ने नेपाल और तिबत के बीच
24:17बने मैत्री पुल को नश्ट कर दिया था
24:19नौ लोगों की मौत हुई थी
24:21जिससे नेपाल में कई लोग आज ये सवाल पूछ रहे हैं
24:24कि चाइना उसके साथ सम्रेदन शील जानकारी साजा
24:27क्यों नहीं कर रहा है और क्या इसके पीचे तिबत में
24:30चाइना द्वारा बनाई जा रहे बांध, सडके, सुरंगे, दूसरे
24:35जो धांचे हैं वो भी हो सकते हैं
24:39ऐसा हम इसने भी कह रहे हैं क्योंकि हिमालेक शेत्र के
24:41दुर्गम पहाड़ी इलाकों में बनाई गया इंफ्रास्ट्रक्चर
24:44वहां की भोगोलिक स्थितियों के लिए सबसे जादा सम्वेदन शील माना जाता है
24:49और जब इन उचे पहाड़ी इलाकों में टनल बनाई जाती है
24:53बांध बना कर पानी रोका जाता है या सडके और पोर्ट्स बनाई जाते है
25:00तो घत्रा बढ़ता है, ऐसी घत्नाओं का खत्रा बढ़ता है
25:04क्योंकि आप प्रकृती के साथ खिलवार करते है
25:06इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि ऐसी निर्मार गतिविदियां
25:10पूछे पहाडी इलाकों में बनी
25:11ग्लेशियल लेक को नाजुग बना देती है
25:14अब ये ग्लेशियल लेक्स है
25:17वहाँ का पूरा इको सिस्टम है वो हिलता है
25:19और संभव है कि नेपाल की सीमा के पास
25:22तिबबत में भी कुछ ऐसा ही हुआ हो
25:25आपको यकीन नहीं होगा
25:27कि हिमाले के पहाड़ों में जितना निर्माड और इंफ्रास्रक्टर चाइना ने बनाया है
25:31उसका 15 प्रतिशत भी किसी और देश ने नहीं बनाया है
25:362025 तक चाइना तिबट में कुल 1,25,000 किलोमेटर हाईवे
25:40और सडकों का नेटवर्क बना चुका है
25:43आप सोचें
25:45ये स्थिती भी तब है जब तिबट को दुनिया की रूफ अफ दे वर्ल्ड कहा जाता है
25:50जहांकि उचाई, ठंड, बहुत पतली हवा के कारण
25:53यहां सदियों तक आधुनिक सडक नेटवर्क नहीं था
25:58लेकिन आप यहां सडके भी हाईवे जैसी है
26:01तिबट के इनी पहाडों में चाइना ने 1369 किलोमेटर की रेलवे लाइन बिचाई है
26:07और अब भी चाइना इस क्षेत्र में अब तक की दूसरी सबसे बड़ी रेलवे लाइन बना रहा है
26:11जो तिबट को चाइना के बाकी हिस्सों से जोड़ेगी
26:16अब इसी तिबट में कुल आठ ऐपोट्स ऐसे हैं जो अब भी ऑपरेशनल है
26:21और इसी तिबट में 193 हाइज्रो पार्ट डैम्स या प्रोजेक्ट्स ऐसे हैं
26:28जो या तो अभी चल रहे हैं या निर्माणा धीन है या फिर प्रपोज है प्रस्तावित है
26:34मैं आपको बड़ी स्क्रीन पर भी दिखाती हूँ कि इस वक्त दिबट शेत्र में
26:37चाइना कितनी तेजी से अपने जो पहाड़ है उनको खोद खोद कर वहाँ पर
26:42बड़े भड़े धाचे बना रहा है बांध बना रहा है और किस तरह से हाइड्रो पार के प्रोजेक्स बना रहा
26:48है
26:48तो सबसे पहले ये जो आप ब्लू सकल देख रहे हैं
26:52प्लू वाले जितने डॉट्स आपको देखेंगे वो सभी हैं, हाईड्रो पार डेम्स, तो आप देख लिए, यह नेपाल है यहाँपर
26:59और नेपाल के ज़स्ट ओपर यह टिबबत का पूरा इलाका चाइना, आप देखी रहे हैं, चाइना में यह टिबबत का
27:04इलाका और ति�
27:08इतने हैं ब्लू पूल और सुरंगे तो पूछे मत मतलब यह आप देखी रहे हैं कितने सारे हैं डॉट्स
27:15यहां तक है सारे इलाकों में नदियों के पास जाहर तौर पर यह हाइड्रो पार डाम जादा है
27:21एरो डोम और हेली पैड आप देखिए लाल एक दो तीन चार पांच छे साथ आट नौग दस ग्यारा बारत
27:27तेरह चौदर पंदर सोले सतर अठारा उननिस भी सिक्केस बाइस तेस चौबस मतला लगबग सोचे तीस पैठेस रेलवे भी रेड
27:34से है यह कालर कोडिंग में थोड
27:50दाक लाइन है ब्लैक का वो ट्रंक रोड है तो यह पूरे यह जो संकल्स है वो इशारा कर रहे
27:54है कि किस तरह से तिबत में चाइना ने काफी निर्माण किया है हाइड्रोपार्ट डैम्स हो पुल हो सुरंगे हो
28:02एरो डोम हो हैली पैड हो रेलवे हो और इन सब के जरिये वो
28:07पूरे इलाके में जिस तरह से अपना निर्माण इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा कर रहा है जब चाइना तिबत के इन उचे और
28:13मुश्किल पहाडों में ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा कर रहा है तब इंटरनाशनल सेंटर फॉर इंटिग्रेटेड माउंटन डिवेल�
28:35तिबत में है एक किस नेपाल में है और एक ऐसी जील इस शेतर में भारत में है और इसलिए
28:40बड़ा अरूप यही लग रहा है कि अगर चाइना तिबत में अपनी निर्माण गतिव विद्यों को चिपाने के लिए ऐसी
28:45जीलों का खड़ा साबजने करता या इन्हें नेपाल �
28:48भूटान भारत को नहीं बताता तो यह संकट कितना बड़ा हो जाएगा यह बात हमने आपसे कल भी कही थी
28:55कि नेपाल में आई बाड़ की तस्वीरे तो पूरी दुनिया का मीडिया दिखा रहा है हमारी आज तक की टीम
29:01भी नेपाल पहुँच गई है जिसने नेपाल में हु
29:07अब भी सवाल बने हुए क्योंकि चाइना में हुई तबाही की कोई तस्वीर सामने नहीं आ रही अब चाइना का
29:14जो सरकारी न्यूज नेटवर्क है जिसे चाइना ग्लोबल टेलिविशन नेटवर्क या CGTN कहा जाता है उसने नेपाल की सीमा के
29:22पास तिबट से रिपोर्�
29:26चला जा रहा है लेकिन CGTN कहीं भी बार की तस्वीरे नहीं दिखा थे वो इसे मड़ स्लाइड कह रहा
29:32है इसका मतलब यह हुआ कि चाइना इसे जील फटने से हुई तबाही नहीं बता रहा तो यह कह रहा
29:40है वो कि पहार से जो मिटी और मलवा अचानक बह कर नीचे आया उस
29:56नदियों के मिलने वाली जगह पर एक बड़ी बारियर जील बन गई है और अगर यह जील भी फट गई
30:02तो नेपाल में अब तक की सबसे बड़ी प्रले आ सकती है यह खबर बहुत बड़ी है और इसलिए हमने
30:08सोचा क्योंकि अगर आप देखें तो यह अपने आप में बता �
30:11है कि किस तरह से अभी तक चाइना ने इस खबर को ट्रीट किया है जो तबाही आई है मड़
30:16स्लाइड हिट्स नियर बॉर्डर पोर्ट इन जीजाएंग पीपल फियर्ड मिसींग तो कूल बिलाकर अब आप देखें तो इसको मड़ स्लाइड
30:23के ही तौर पर वो रिपोर्ट क
30:24कर रहे हैं और उसी तरह की जानकारी दी जा रही है लेकिन जब आप यह देखेंगे जितनी तबाही कलाय
30:30सहलाब में हुई थी उससे जादा तबाही इस बैरियर जील जिसके बारे में अब बताया जा रहा है कि बैरियर
30:36जील के फटने से यह हो सकती है दो नदियों के संगम �
30:41पर बनी हुई है एक नदी का नाम है छोचें खेला खोला और दूसी नदी का नाम है पूरेपू सांगपू
30:49अब यह दो नदियों के पास यह जील है इंदोनों नदियों का
30:53जहां संगम होता है बहाँ पर बुसकलन, मलबा, मिट्टी, पत्तर, इकट्था होने से काफी पानी जमा हो गया है
31:00अब चाइना का जल संसादन मंत्राला ऐसा कह रहा है कि आज सुबह तक इस जील में 20 लाक टन
31:05मीटर पानी कट्था हो चुका था
31:07और अगले तीन दिनों में करीब 30 लाक टन, 30 लाक घन मीटर और पानी इस जील में आने का
31:19अनुमान है
31:19और इसलिए चाइना ने ये चेताबनी दिये कि अगले तीन दिनों में जील का प्राक्रतिक बांध तूटने का खत्रा काफी
31:27जादा है
31:28तो इस जील में जमा लाकों घन मीटर पानी जो है वो अचानक बहुत तेज रफतार से नीचे की ओर
31:33बह सकता है और इसके साथ मिट्टी, पत्थर, मलबा, फिर वही मनज़र, भयावा मनज़र जो हमने देखा है और इससे
31:41अचानक दूसरी बड़ी बाढ़ नेपाल में पैदा
31:44हो सकती है इसी वज़े से चाना इस जील पर लगातार नज़र रखने की बात कह रहा है और ग्लोबल
31:49टाइम्स की इसी रपोर्ट में ये भी लिखा गया है कि पहले जो बाढ़ आई थी उसके पीछे नेपाल में
31:54हुआ भुसकलन था और आप देखी रहें कि नेपाल के भुस
32:14कि नेपाल के कारण तिवत के इलाकों में बाढ़ आने से तीन लोगों की मौत हुई दो लोगों को रेस्क्यू
32:18किया गया कुल 558 लोग लापता है 260 विदेशी नागरिक इसमें शामिल है यहाँ नेपाल और तिवत के बीच इस
32:27अंतर को भी देखिए तिवत कह रहा है कि इस �
32:31उसके सिर्फ तीन लोगों की जान गई जबकि नेपाल में आज शाम तक 369 लोगों की मौत की पुष्टी हो
32:39चुकी है यारी नेपाल में मौतों का आकड़ा तिवत से 120 गुना जादा है इसी तरह तिवत में 558 लोग
32:47लापता है जबकि नेपाल में वहाँ की सरकार के मताबिक
32:49826 लोग लापता है नेपाल के कई अख़वारों का ये भी अनुमान है कि लापता हुए लोगों की संख्या डेड़
32:55हजार तक पहुंच सकती है लेकिन चायना के तिवत से लापता हुए लोगों के बारे में जादा जानकारी नहीं आ
33:01रही है तिवत ने अभी सिर्फ इतना ह
33:18इनमें भी ऐसे भारतियों की संख्या जादा है जो कैलाश मानसरोवर जी की यात्रा पर जा रहे थे भारत के
33:24विदेश्वंत्राले के मुताबिक इस प्रले में लापता हुए 73 लोग त्रिशूली नदी के पार्क प्रोजेक्ट में काम कर रहे थे
33:3137 लोगों का एक समू तमिलनाड का रहने वाला है और ये कैलाश मानसरोवर जी की यात्रा पर था
33:4149 और समू तमिलनाड राज्य से है और ये लोग भी कैलाश मानसरोवर जी की यात्रा पर थे
33:4632 लोग पश्चिम बंगाल से हैं और ये भी कैलाश मांसरोवर जी की यात्रा पर थे और नेपाल तिबत की
33:52सीमा पर पहुँच चुके थे
33:54जबकि 61 लोग भारत के अलग-अलग राज्जों से हैं और 33 लोग के रिलम से
33:58हाला कि इस वक्त का बड़ा अपडेट ये है कि भारत के अब भी 290 लोग लापता है
34:03और जो भारत्य त्रिशूली पावर प्रोजेक्ट में काम कर रहे थे उनमें 63 लोगों को सुरक्षत बचा लिया गया है
34:09सुनिए
34:13पांच समू मोटा मोटा समू ये है जो कि 228 सी का जो मैंने आकड़ा दिया उसमें बैठते हैं इसके
34:20अलावे चीनी जो कि केलाश मांसरोर यात्रा के लिए चीन में जाना पड़ता है
34:26तो वहाँ भी कई एक लोग हैं जो वहाँ पर अभी चुकी इतना बड़ा रास्दी हुआ है डिजास्टर हुआ है
34:36तो लोग वहाँ पर फुसे हुए हैं करिवन 200 का अखड़ा है हमारी एमबसी वहाँ के सरकार से स्थानिय एकाईयों
34:43से बाचीत कर रही है कि किस परकार से उ
34:48200 लोग जो है उसमें से 95 लोग दार्चेंज शहर की तरफ वहां से हिलसा पार करके नेपाल में आने
34:54की कोशिस कर रहे हैं चार लोग जिलॉंग शहर में टीफ्स लोग जुटल्पुक जो कि सागा की तरफ आ रहे
34:59हैं एक और शहर है और 60-70 लोग जो हैं सागा की तरफ आ रहे
35:05अब ये देखे कि इस प्रले ने नेपाल को आर्थिक रूप से कितना बड़ा नुकसान पहुचाया है
35:09इससे नेपाल के अट्विवस्था कितने साल पीछे जा सकती है
35:13इस पूरी कट्णा में नेपाल की करीब 747 मेगावाट बिजली उतपादन शम्ता प्रभावित हो गई है
35:20यह नेपाल की कुल बिजली उतपादन शम्ता का लगबग 17 प्रतिशत है
35:23इसी प्रले में नेपाल के 9 ऐसे हाइड्रो पार प्रोजेक्ट्स शती ग्रस्त हुए हैं जो अपरेशनल थे यानि चालू थे
35:30जबकि 5 निर्माना धीन हाइड्रो पार प्रोजेक्ट्स भी प्रभावित हुए है
35:35कुल शम्ता 390 मेगवाट थी
35:38पानी के तेज बहाव और मलवे के कारण नेपाल में 25 मेगवाट का एक सोलर प्लांट प्रभावित हुआ है
35:45नुकसान बहुत हुआ है यह भारत के लिहासे भी एहम है क्योंकि गर्मियों और मौनसून के वक्त नेपाल भारत को
35:51बिजली का निर्यात करता है
35:52और सर्दियों में भारत नेपाल को बिजली का निर्यात करता है
35:56इस बार में नेपाल चाइना का सबसे बड़ा ट्रेड रूट बंद हो गया है
36:00जहांसे दोनों देशों के बीच 30 प्रतिशत का व्यापार होता था
36:04यानि आने वाले दिनों में इस से नेपाल की मुश्किलें और बढ़ेंगी
36:07इसी बार में कम से कम एक दरजन पुल हो जैसा कि आप देख रहे है
36:12पुल तो जैसे तूट रहे थे खिलोनों की तरह
36:16सेक्रो किलोमेटर की सड़के पूरी तरह तबाह हो गई
36:20और अगर ग्लोबल टाइम्स के दावे के मताबिक देखे
36:22तो नेपाल की सीमा पर बनी बारियल जील भी अगले एक दो दिनों में फट सकती है
36:27और अगर वो फट जाती है तो स्तिती और भी भयानक हो जाएगी
36:32ऐसा मिसले भी कह रहे है क्योंकि नेपाल पहले ही आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा था
36:36तीन करोड की आबादी वाले नेपाल की कुल अर्थव्यवस्ता 4,48,000 करोड रुपे की है
36:42जबकि चाइना के सिर्फ तिबद की कुल अर्थ में वस्था इससे कुछ कम 3,67,000 करोण रुपे की है
36:49गारी नेपाल के सामने इस वक्त संकट बहुत बढ़ा है
36:52और अगर वहाँ फिर से ऐसी कोई प्रले आई तो नेपाल पूरी तरह तूट जाएगा
37:00यह हम आपको फिर से बताना चाहते हैं कि नेपाल की सरकार ऐसा कह रही है कि यह प्रले इतनी
37:04भयानक थी
37:05कि सिर्फ 30 मिनट के अंदर त्रिशूली नदी का जलस्तर जो है वो करीब 9 मीटर बढ़के
37:11आप देख रहे हैं 9 मीटर का मतलब जो कि आप समझ लीजे 5 लोग अगर बैक टो बैक खड़े
37:17हो या फिर एक बिजली का पोल
37:2230 मिनट के अंदर तीन बास्केट बॉल के स्टैंड लग जाए इतनी उचाई उसकी बढ़के
37:28इससे ये पता चलता है कि सामाने बाड की घटना नहीं थी बलकि ये शायर नेपाल और टिबट के इतिहास
37:33की सबसे बड़ी प्रले की घटना थी
37:35बड़ी बड़ी इमारते, पुल, हाइड्रो पार प्रोजेक्ट सब कुछ जैसे निगल गया जलसतर इतना बढ़ गया था
37:43और यहाँ आपको नेपाल के सांसद हर्क सांपांग राई को भी सुनना चाहिए जो ये कह रहे हैं कि अगर
37:49चायना समय रहते नेपाल को परियाप्त जानकारी देता तो शायद नेपाल में इतनी बड़ी आपदा नहीं आती
37:56सुनिए
37:59नेपाल में आई इस जल्त रास्दी के भरपाई में कई वर्ष लगेंगे ये तबाही कितनी भयानक थी ये सैलाब की
38:05उची लहरों से पता चल गया था
38:06लेकिन ये दर्द कितने वर्षों तक रहेगा ये इस तबाही के निशाँ देखकर पता चलता है
38:11हम आपको सेलाब में तबाह हुए त्रिशूली बाजार की एक रिपोर्ट दिखाते हैं
38:37लहरे जब शांत होती है तो सुकून देती है
38:40लेकिन वो जब अपना रौदर रूप दिखाती है तो सब को छीन लेती है
38:57जब लाखों गैलन पानी अपने साथ मिटी और भारी पथर महा कर लाता है
39:02तो वो अपने आगे किसी को कुछ नहीं समझता सब कुछ तबाह कर देता है और इस तबाही को देख
39:09रहे इंसान बस आख करके रह जाते हैं
39:17नेपाल के जल प्रले ने इंसानी बस्टियों का नाम और निशान मिटा दिया
39:22वो अपने पीछे ऐसी बरबादी छोड़ गया है जिसको फिर से बसाने में दशकों लग जाएंगे
39:33नेपाल के जिन शेहरों में सबसे ज़्यादा बरबादी हुई है उनमें से एक है त्रिशूली बाजार
39:43त्रिशूली नदी के किनारे पर बसे इस इलाके ने अपने इतिहास की सबसे बड़ी बरबादी देखी है
39:49फ्लैश फ्लड की सबसे डरावनी तस्वीरों में एक तस्वीर यहीं कि थी ये नदी नदी पर बना एक पुल और
39:56पुल के दोनों तरफ मकान दुकान और इनसानी बस्तियां ये सब कुछ देखते ही देखते तबादा हो गया
40:12इन तस्वीरों से आपको तबाही का केवल अंदाजा हुआ होगा लेकिन असलियत में तबाही कितनी भयानक थी ये आपको अब
40:21दिखाते हैं
40:23एक बेहत बुलदार शहर कैसे मानो कप्रिस्तान ने बदल गया हो ये वो शहर है और जब एक दिन पहले
40:29मंदर आने के ठीक पहले यहां पर क्या कुछ नहीं था और आपको यहां पर च्या दिखाई पड़ता है अब
40:34यहां एक पुल हुआ करता था दरसल शहर को दोनों और से
40:37जोड़ने के लिए यहां एक पुल था लेकिन अब पुल जो है यह रिखें कि इस हाल में है इतना
40:42तेज प्रवाह था कि इस पुल को चीड़ते हुए इसको धुस्त करते हुए यह तर्शूली नदी अपने प्रवाह में लेगे
40:50यहां घर हैं मकान हैं लोग यहां रहते थे �
40:52दुकाने दे लेखें किया हाल हुआ है ऐसा लगता है मानों कहीं पर बंबारी हुई हो लेकिन खुदरत का प्रवाह
40:59और गुस्ता इस नदी का इतना था इस सेलाब के आगे कि पूरा शेहर जो है बरबाद हो गया है
41:07सेलाब से पहले और सेलाब के बाद की इन तस्वीरों में जो अंतर है वही इस तबाही का असली बंजर
41:13है आज जिस शेतर में आपको सपात मैदान देख रहे हैं वहां कल तक खुशाल घर थे इन घरों में
41:20सैक्रो परिवार थे लिकिन आज ना घर है ना कोई निशान बचा ह
41:54नहीं कोई चश्पो चिराग
41:55में इस इलाके के अर उधर जो मैदान जैसा दिखाई दे रहा है वहां पर भी दौर था बजार था
42:01पहले अब कुछ नहीं है कम से कम 10,000 लोग अला पता है अजो कि इस इलाके में कोई
42:09दिखाई ने दे रहे हैं पर मतलब इका दुका च्छतों पर जो लोग है बहुत ज्या�
42:25अगर हमें लंबी लड़ाई लड़नी पड़ी तो मिसाइलों की कमी ना हो भारते सेना की अमेरिकी सेना की तरह युद
42:32के दौरान मिसाइलों की कमी से जुझा नहीं होगा
42:35रक्षा मंत्राले ने भारते सेनाओं की जरूरत को देखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है अब से जिन मिसाइलों को
42:41DRDO ने विक्सित किया है उसकी तक्नीक जो है वह हम डिफेंस सेक्टर की कुछ प्राइविट जो भारती है इंडियन
42:49प्राइविट कमपनीज है उनसे सा
42:55मिसाइले त्यार करेंगी रक्षा मंत्राले के इस कदम से आने वाले वक्त में देश के अंदर पड़े पैमाने पर मिसाइले
43:01बनाई जा सकेंगी जिसका फाइदा भारते सेना को होगा
43:05अब DRDO को ये अनुमती मिल गई है कि वो अपनी तकनीक जो उसकी टेकनोलोजी है टॉप एंड टेकनोलोजी वो
43:13कुछ ऐसे प्राइविट प्लेयर्स को दें जो उसके मुताबिक मिसाइल बनाने में सक्षम हो इसे भारते तकनीक भारत में ही
43:20रहेगी और डिफेंस सेक्टर की
43:21भारते कंपनिया हतियारों के क्षेतर में देश को आत्र निर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ेंगे डिफेंस एक्सपर्स का मानना
43:29है कि फिलहाल DRDO पारंपरिक मिसाइल की तकनीक और निर्मार ही प्राइविट हातों में देगा क्योंकि युद में इनका इस्तमाल
43:35सब
43:36से जादा होता है उदाहरण के तौर पर जैसे प्रलय अस्त्र रुद्रम निर्भय हेलिना दुर्वास्त्र आकाश एंजी यह पारंपरिक मिसाइले
43:47हैं जिनमें जमीन से जमीन पर हमला करने वाली आकाश से जमीन पर हमला करने वाली आंटी रेडार और आंटी
43:53बैंक आंटी
43:54टैंक मिसाइले हैं अभी तक मिसाइल बनाने में मुख्य भूमिका सरकारी कंपनियों की रही है इन में भारत डार्मिक्स लिमिटेड
44:03इंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड और भारत
44:06Electronics Limited जैसे सरकारी कंपनिया हैं. DRDO जिन मिसाइलों का
44:11डिजाइन और तक्नीक विक्सित करता है. उसमें अलग-अलग कंपनिया
44:15अलग-अलग चीजे बनाती थी. फिर इन सरकारी कंपनियों ने
44:19सभी पार्ट्स को जोड़कर एक पूरा मिसाइल सिस्टम तयार किया जागा. लेकिन अब DRDO अपने
44:25माप दंडों पर खरी उतरने वाली प्राइवेट कंपनियों को पूरी तक्नीक देगा और कंपनिया पूरा
44:30मिसाइल सिस्टम तयार करेंगे. फिलहाल जो जानकारी मिली है उसके मताबिक एक कंपनी
44:35को कोई एक मिसाइल सिस्टम की तक्नीक ही दी जाएगे. ताकि तक्नीक के लीक होने
44:41से बचाया जा सके. रक्षा मंत्राले के इस कदम का फायदा सिर्फ डिफेंस
44:46सेक्टर की बड़ी कंपनी को ही नहीं मिलेगा. बलकि छोटे छोटे चोटे
44:50components बनाने वाली जो छोटी डिफेंस कंपनिया है जो रक्षाक शेतर में काम करती है
44:54उनको फायदा मिलेगा. बाते डिफेंस कंपनी को इससे एक और फायदा मिलेगा
45:11को अपने हथियार बेचने के लिए अमेरिकी सरकार की अनुमती लेनी होती है. किस देश को कितना बेचना है. सरकार
45:18प्राइवेट डिफेंस कंपनी के सेल पर इसलिए निगाह रखती है
45:41हतियारों की डील कर पाएंगी और इससे भारत का रक्षा उत्पादन और निर्यात दोनों ही बढ़ेगा
45:46साल 25-26 में भारत का रक्षा उत्पादन 1,888,000 करोड रुपे तक पहुच गया
45:51जबकि साल 2014 में ये करीब 46,000 करोड था
45:55हमारा रक्षा निर्यात भी बढ़कर 38,424 करोड हो गया है
46:01डिफेंस सेक्टर में हम धीरे धीरे आत्म निर्भर हो रहे हैं
46:04हतियारों को लेकर सेरा की ज़रूरत पूरी करना प्राइविट डिफेंस कंपनीज का पहला लक्ष है
46:09और दूसरा लक्ष है बेहतरीन हतियार बनाने वाले देशों की लिस्ट में भारत को पहुंचाना
46:16अर अगली ख़बर आपको बताएंगी अंजिना टू पॉइंटो ये खबर जपान से है जहां लोगों ने इतिहास को बचाने के
46:22लिए कनूठी मिसाल पेश की
46:23इन लोगों ने बिना किसी आधुनिक मशीन के सिर्फ रसियों के सहारे 400 साल पुराने और 360 टन वजनी किला
46:34है उसको खीच कर उसकी असली जगा पर पहुंचा दिया
46:38बड़ी दिल्चस्प खबर है बताएंगी अंजिना टू पॉइंटो
46:41बिल्कुल अंजना इतिहास को बचाने के लिए जापान ने एक ऐसा अनोखा तरीका अपनाया है जिसे देखकर पूरी दुनिया है
46:48जापान के आउमोरी प्रांत में करीब 400 साल पुराना हिरोसाकी कासल बना है
46:53साल 2015 में आए एक भीशन भूकंप से इस किले की दीवारें कमजोर हो गई थी इन्हें बचाने के लिए
47:01वैग्यानिकों ने 360 टन वजनी इस एतिहासिक किले को अपनी जगह से 80 मीटर दूर खिसका दिया थी
47:08अब जब दीवारों की मरमत हो चुकी है तो इस विशाल किले को वापस अपनी पुरानी जगह पर लाया जा
47:13रहा है
47:14हैरान करने वाली बात ये है कि इसके लिए किसी आधुनिक मशीन का इस्तिमाल नहीं किया गया बलकि इसके लिए
47:20अपनाई गई जापान की सद्यों पुरानी तकनीक ही किया
47:24इसके तहट भारी इमारतों को बिना तोड़े रोलर्स और पट्रियों के सहारे धीरे धीरे आगे बढ़ाया जाता है
47:31इस काम में मदद के लिए जब प्रशासन ने लोगों को बुलाया तो पूरी दुनिया से हजारों लोग पहुँच गए
47:37अलग-अलग टीमों ने रसियों को खींच कर इस भारी भरकम किले को उसकी मनजल की तरफ बढ़ाना शुरू कर
47:44दिया
47:44भले ही ये किला पूरी तरह साल 2033 तक परेटकों के लिए खुलेगा
47:49लेकिन जापान ने ये साबित कर दिया है कि अगर अपनी संस्कृती से प्यार हो तो इतिहास को कैसे जिन्दा
47:55रखा जाता है
47:55तो आज के लिए ब्लाक इंवाइट में इतना ही अब आप से हमारी अगली मुलाकात होगी कल रात 9 बजे
48:00तब तक आप खुश रहे स्वस्त रहे सुरक्षित रहे और साबधान रहे
48:06आजकल हाल पूछने के बहाने राज जानने का दौर है नमस्कार
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