00:00देश भर में पेट्रोल की गुणवत्ता को लेकर उठी शिकायतों के बीच सरकार ने बड़ा कदम उठाया है.
00:062573 पेट्रोल पमपों पर पेट्रोल की विक्री रोग दी गई है.
00:10मामला सिर्फ पेट्रोल की विक्री रुखने तक सीमित नहीं है.
00:12सरकार और सरकारी तेल कंपनिया अब ये पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर पेट्रोल में मिलावट की शिकायतें क्यों
00:19बढ़ी
00:19और क्या इसकी वजह पेट्रोल पंपों के स्टोरेज टैंकों में पानी का पहुचना है
00:23ये कारवाई ऐसे समय हुई है जब कई जगहों से पेट्रोल की गुनवत्ता और गाडिया में खराबी की शिकायते सामने
00:29आई थी
00:29इसके बाद पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्राले के साथ सरकारी तेल कंपनियों ने बड़े स्तर पर जाच शुरू की
00:35देश के करीब 90,000 पेट्रोल पंप इस निगरानी के दायरे में है
00:39जाच का सबसे एहम हिस्सा जमीन के नीचे बने पेट्रोल स्टोरेज टैंक है
00:43इन टैंकों में अगर किसी वजह से पानी पहुच जाता है तो पेट्रोल की गुनवत्ता प्रभावित हो सकती है
00:48यही वजह है कि तेल कंपनिया अब टैंकों की बारी की से जाच कर रही है
00:51इसके अलावा पेट्रोल पंप, पेट्रोल टैंकर और इथनॉल की स्टोरेज की भी जाच की जा रही है
00:56सरकार की टेस्टिंग गाइडलाइन्स के तहद कई पेटरोल पम्पों पर स्टोरिज टैंकों की दिन में कई बार जाज की जा
01:01रही है,
01:02जहां निगरानी करने वाले सिस्टम में कोई दिक्कत मिल रही है, वहां उसे ठीक करने या बदलने का काम किया
01:06जा रहा है.
01:07मकसद साफ है कि पेट्रोल में पानी या किसी दूसरी वज़े से होने वाली मिलावट को समय रहते पकड़ा जा
01:12सके
01:12अब सवाल आता है कि 2573 पेट्रोल पंपों पर कारवाई कितनी बड़ी है
01:17उपलब धाकणों के मुताबिक इंडियन ओईल के 1257 पेट्रोल पंपों पर विक्री रोकने की कारवाई हुई है
01:22हिंदुस्तान पेट्रोलियम के 915 और भारत पेट्रोलियम के 401 पेट्रोल पंप भी इसकी चपेट में आये है
01:28यानि सबसे ज़्यादा कारवाई इंडियन ओईल के आउटलेट्स पर हुई है
01:31लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि सिर्फ एक कंपनी के पंपों में समस्या है
01:34जांच का दाइरा पूरे सिस्टम तक बढ़ाया गया है
01:37सरकार ये देखना चाहती है कि पेट्रोल के डिपो से लेकर टैंकर
01:39और फिर पेट्रोल पंप तक कहीं भी गुनवत्ता से जुड़ी कोई समस्या तो नहीं आ रही
01:43यही वज़ा है कि अब जांच सिर्फ पेट्रोल पंप तक सीमित नहीं है
01:46तेल कंपनिया पूरे डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम की जांच कर रही है
01:49इसमें इथेनॉल ले जाने वाले टैंकर, स्टोरेज टैंक, डिपो और टर्मिनल भी शामिल है
01:53यानि पेट्रोल ग्रहक तक पहुचने से पहले पूरी सप्लाइचेन की निगरानी की जा रही है
01:57इस पूरे मामले पर वाहन बनाने वाली कंपनियों की भी नजर है
02:00आटो मोबाइल इंडस्ट्री ने अलग-अलग इलाकों से पेट्रोल की सैंपल लेकर उनकी जाँच की है
02:03बताया गया है कि 21 राज्यों और केंदर शासत प्रदेशों से 200 से ज्यादा इंधन सैंपल जुटाए गए
02:08मारुती सुजुकी, टाटा मोटर्स और महिंडरा और महिंडरा जैसी बड़ी कंपनियों ने भी इंधन की गुनवत्ता को लेकर जाँच की
02:14है
02:14इस जाँच का असर सीधे आम वाहन मालिकों पर पड़ता है
02:17अगर पेट्रोल की गुनवत्ता खराब होती है तो गाड़ी के इंजन और दूसरे हिस्सों पर असर पड़ सकता है
02:21यही वज़ा है कि पेट्रोल पंपों की जाँच को सिफ सरकारी कारवाई के तौर पर नहीं देखा जा रहा
02:25बलकि इसे वाहन मालिकों की सुरक्षा और इंधन की गुनवत्ता से भी जोड़ कर देखा जा रहा है
02:29फिलहाल सरकार का ध्यान इस बात पर है कि शिकायतों की असली वज़ा क्या है
02:32क्या स्टोरिज टैंकों में पानी पहुचने से समस्या पैदा हुई
02:35क्या सप्लाइ चेन में कहीं गड़बड़ी हुई या इसके पीछे कोई और कारण है
02:38जाज पूरी होने के बाद ही तस्वीर साफ होगी
02:40फिलहाल 2573 पेट्रोल पंपों पर बिक्री रोपने का फैसला ये बताता है
02:44कि सरकार ने पेट्रोल की गुनवत्ता को लेकर सामने आई शिकायतों को गंभीरता से लिया है
02:47आने वाले दिनों में जाज का डायरा और बढ़ सकता है
02:49और इसके बाद ये भी पता चलेगा कि इस पूरी कारवाई की असली वज़ह क्या थी