00:05अनुपम खेर अपने जज़बात को सोशल मीडिया पर बया करते देखे जाते हैं वेटरोन एक्टर कभी फैन्स को मोटिवेट करते
00:14हैं कभी मा के साथ special moments की जलक दिखाते हैं तो कभी किसी incident पर चर्चा करते नजर आते
00:22हैं
00:22इसी कड़ी में अनुपम ने वीते दिनों की एक घटना पर बात की है साथी नेपाल बाढ़ को लेकर भी
00:29अपनी फीलिंग्स बया करते दिखाई दिये हैं
00:33पिछले दिनों एक वीडियो आप सबने देखा होगा
00:37बीस साल का एक लड़का पहाडी के चटान पर खड़ा अपने पिता से बहस कर रहा था
00:44बात बड़ी पिता ने बेटे को बचाने की कोशिश की लेकिन दोनों चटान से नीचे गिर गए
00:52पिता भी नहीं रहे और उनका इकलौदा बेटा भी नहीं
00:56मा इस सब्मे को से नहीं पाई और वो भी उनके पीछे कूट गई
01:02कुछी पलों में एक पूरा परिवार खत्म हो गया
01:07उस वीडियो के दिश्चे इतने भयानक थे
01:09कि उन्होंने पूरे देश को हिला कर जखचोग दिया था
01:15मुझे भी भीतर तक हिला दिया था
01:17मैं बार बार यहीं सोचता रहा कि
01:18क्या जिन्दगी सचमुच इतनी नाजुक है
01:22एक पल पहले तीन लोग थे
01:25उनके सपने थे, उनकी योजनाएं थी
01:27उनका भविश्य था
01:31और अगले ही पल
01:33कुछ भी नहीं
01:36क्या उस वीडियो को देखकर
01:38आपके मन में भी जिन्दगी को लेकर
01:40सवाल उठे थे
01:42देखके बल मैं इसके बारे में
01:44कितना सोच रहा हूँ
01:48और फिर
01:50नेपाल की बार के दिश्य देखे
01:52लोग, घर, चानवर
01:54सब कुछ आँकों के सामने बैरा आता
01:56और कुछ लोग
01:58खड़े होकर वीडियो बना रहे थे
02:01शायद अब हम
02:02किसी घटना को पहले
02:04कैमरे में देखतना चाहते हैं
02:05और बाद में दिल से महसूस करते हैं
02:09या शायद हम
02:10इतने असहाय हो जाते हैं
02:12कि समझ में नहीं आता कि ये क्या करें
02:16लेकिन इन सब ने
02:17मुझे सोचने पर मजबूर कर दिया है कि
02:21हम कितने विश्वास के साथ
02:23कल की युजनाएं बनाते हैं
02:25जैसे कल ने
02:27हम से आने का बादा किया हो
02:29हम पैसा जोड़ते हैं
02:31सामान जोड़ते हैं
02:32नाम शोहरत और ताकत के
02:35पीछे बागते हैं
02:37मैं भी बागता हूँ
02:38मैं भी उतना ही अमबिश्यस मात्व कांक्शी हूँ
02:41जितना कोई और
02:42मेरे भी सपने हैं
02:44योजनाएं हैं
02:46और बहुत कुछ करने के इच्छा है
02:49इसलिए
02:50मैं आपको कोई
02:51सला एडवाईज नहीं दे रहा हूँ
02:53शायद इसलिए मैं आप से कम
02:56खुद से ज्यादा कह रहा हूँ
02:59लेकिन क्या हमें
03:01थोड़ा अलग ढंक से सोचना
03:03शुरू नहीं करना चाहिए
03:04या जीना शुरू नहीं करना चाहिए
03:06کیا ہمیں اپنوں کے لئے تھوڑا اور سمیں نہیں نکالنا چاہیے
03:11کیا کسی کو فون کرنے پیار جتانے ساتھ بیٹھنے
03:16یا کھل کر ہنسنے کو کل پر ڈالنا چاہیے
03:20کیا ہمیں یہ جو آج ملا ہے اسے تھوڑا اور محسوس نہیں کرنا چاہیے
03:28سب نے ضرور دیکھنے چاہیے آگے کی روجنائی بھی بنائیں
03:32لیکن کہیں ایسا نہ ہو کہ ہم آنے والے کل کو بہتر بنانے میں
03:38آج کو جینا بھول جائیں
03:41کیونکہ زندگی شاید لمبی ہو سکتی ہے لیکن
03:45اس کا بھروسہ بہت چھوٹا ہے
03:51سوچئے گا کیونکہ میں بھی سوچ رہا ہوں
03:58philosophy of life should change
04:01I'm genuinely thinking like that
04:03پہنے بھی سوچتا تھا
04:06لیکن ابھی اس پندرہ دن میں تو بہت کچھ
04:08بہت کچھ سوچنے پر مجبور ہو گیا
04:12anyway
04:12just thought I'll share this with you
04:15post کے caption میں انپم لکھتے ہیں
04:18ہم ہمیشہ کہتے ہیں
04:20آج میں جینا چاہیے
04:22اس پل کو جینا چاہیے
04:23لیکن سچ کہوں
04:25تو ہمارے لیے یہ بس ایک محاورہ بن کر رہ گیا ہے
04:29پچھلے کس دنوں میں ہوئے ہاتھ سو نے
04:32مجھے سوچنے پر مجبور کر دیا
04:34کیا کیونکہ کہنے کی بات نہیں ہے
04:37یہی جیون کا یثارت ہے
04:39یہی ستھے ہے
04:41اس ویڈیو میں میں نے اسی احساس کو سمجھنے
04:44اور آپ سے باتنے کی کوشش کی ہے
04:47آپ بھی سنیے گا
04:49ورک فرنٹ پر گور فرمائیں
04:51تو نکم کی پائپ لائن میں
04:52شری رام بھومی اور
04:54The India House جیسی فلمیں ہیں
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