00:02जिस गोल्ड को ने वेशक महंगाई जियो पॉलिटिकल टेंशन और एकोनॉमिक अंसर्टिनिटी के बीच से फेवन मान रहे हैं वही
00:08गोल्ड अचानक तूट किया लेकिन सवाल सिर्फ इतना नहीं कि गोल्ड क्यू गिरा असली सवाल यह है कि क्या यह
00:14सिर्फ एक शॉर्ट टम
00:29में बाइंग सेंट्रल बैंक की खरीदारी और इन्वेस्टर्स की मजबूट डिमाज अभी भी गोल्ड की कहानी को सपोर्ट कर रही
00:36है तो आखिर सोने और चान्दी की अगली चाल होगी क्या आपको इस वीडियो में यह सब कुछ समझाएंगे लेकिन
00:42उससे पहले जरा 31 अ�
00:59499 रुपई के इस तर पे खुला वहीं सिल्वर यानी चान्दी की बैद की जाये तो इसका 4 सितंबर का
01:04कॉंट्राक्ट अपने पिछले क्लोस से 3,321 रुपए की गिरावट के साथ 2,33,383 रुपए पर उपन हुआ
01:1131 अगस को गोल्ड ने 1,3,640 रुपए पर ती 10 ग्राम का लो तो वहीं सिल्वर ने 2
01:18,32,501 रुपए पर ती किलो का लो बनाया है
01:21अब सवाल ये कि आखिर गोल्ड अचानक गिरा क्यों? देखिए इसके पीछे सबसे बड़ा कारण रहा यूएस फेडरल रिजर्व की
01:28तरफ से आया इंफलेशन को लेकर सक्त संदेश
01:31फेडरल रिजर्व चेर्मान केविन वाश ने इंफलेशन को लेकर ये साफ किया कि दो फीसिदी इंफलेशन टागेट अभी भी फ्रेट
01:38की प्रायोरिटी है
01:39मारकेट ने इस बयान को इस संकेत के तोर पड़ लिया कि अगर इंफलेशन आसानी से नीचे नहीं आया
01:45तो फेडरल रिजर्व इंट्रेस्ट रेट्स में कटोती करने की जल्दबाजी नहीं करेगा
01:50अब सवाल है कि अगर यूएस इंट्रेस्ट रेट्स लंबे समय तक ऊचे रहते हैं तो गोल्ड के लिए ये खत्रा
01:56क्यों है
01:57देखिए इसका सीधा कारण है कि सोना खुद को इंट्रेस्ट नहीं देता है यानि गोल्ड की तरफ से अपने आप
02:03इंट्रेस्ट जेनरेशन नहीं होता
02:04दूसरी तरफ यूएस ट्रेशरी जैसे इंट्रेस्ट बियरिंग आसेट्स पर अगर इल्ड अट्राक्टिव यानि आकरशक रहती है तो इंवेस्टर्स को वहां
02:13बहतर रिटर्न का आप्शन मिलता है
02:14ऐसे में गोल्ड की तुलना में इंट्रेस्ट देने वाले आसेट्स ज्यादा अट्राक्टिव लग सकते हैं
02:19अब इसके साथ दूसरा दबावाया यूएस डॉलर से
02:22फेड के सकत रुक के बाद डॉलर मजबूत हुआ और मजबूत डॉलर आम तोर पर गोल्ड के लिए दबाव पैदा
02:28करता है
02:28यानि सोने को एक साथ दो तरफ से जटका लगा
02:32हायर इंट्रेस्ट रेट्स की उमीद और मजबूत डॉलर
02:35यही वज़ा है कि शुक्रवार को भी इंटरनाशनल मारकेट में गोल्ड करीब 2 फीसिदी तक फिसल गया था
02:41जो जुलाई के बाद इसकी सबसे बड़ी गिरावटों में से एक रही
02:44लेकिन क्या इस गिरावट को देखकर यह मान लिया जाए कि गोल्ड की पूरी बूल स्टोरी खतम हो गई है
02:49शायद नहीं क्योंकि गोल्ड की हालिया रैली के पीछे सिर्फ एक वज़ा नहीं है
02:54इन्वेस्टर्स की तरफ से गोल्ड ETS में लगातार खरीदारी देखने को मिली है
02:58अवेलिबल नंबर्स की बात की जाए अनि जो आकड़े उपलब्द हैं उनके मताबिक पिछले हफ़ते गोल्ड ETS में 28 टन
03:05से ज्यादा गोल्ड जुड़ा है
03:06जो जन्वेरी के बाद सबसे बड़ा weekly inflow बताया गया
03:10इस हफते भी करीब 20 टन की खरीदारी हो चुकी थी
03:13इसका मतलब साफ है कि बड़े इन्वेस्टर्स का गोल्ड को लेकर इंट्रेस्ट अभी खत्म नहीं हुआ
03:18इसके अलावा सेंट्रल बैंक्स की लगातार गोल्ड बाइंग भी इसे precious metals के लिए एक एहम support बनी हुई है
03:24यानि एक तरफ Fed का hawkish रुक गोल्ड पर दबाव बना रहा है
03:28लेकिन दूसरी दरफ ETF buying और Central Bank demand गिरावट को सीमित करने की कोशिश कर रही है
03:34लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर आगे gold की चाल क्या होगी
03:38देखिए अगर dollar मजबूत रहता है और US interest rates को लेकर Fed का रुक सक्त बना रहता है
03:43तो short term में gold पर दबाव बना रह सकता है
03:46International market में gold करीब 4,485 dollar pretty ons के आस पास पहुँच चुका है
03:52ऐसे में अब नज़र रहेगी कि यहां से gold कितनी तेजी से recovery करता है
03:56और क्या buyers फिर से बाजार में active होते हैं
03:59लेकिन अगर inflation में नर्मी आती है
04:01दॉलर कमजोर पड़ता है और interest rate cut की उमीदे दोबारा मजबूत होती है
04:06तो gold को फिर से तेजी का support मिल सकता है
04:09यानि फिलाल gold के सामने दो बिल्कुल opposite forces काम कर रही हैं
04:13बिल्कुल विपरीद ताकते
04:14एक तरफ fed का inflation पर सकत रुक, higher rates और strong dollar है
04:19जबकि दूसरी तरफ gold ETF buying, central bank purchases और safe haven demand है
04:24यही वज़ा है कि अभी gold की कहानी को सिर्फ एक दिन की गिरावट से खत्म मानना जल्दबाजी होगी
04:30gold की rally को जटका जरूर लगा है लेकिन बड़ा सवाल यह है
04:33कि यह गिरावट correction है या trend reversal
04:36आने वाले दिनों में तीन चीजे सबसे जादा important रहेंगी
04:40US dollar, US bond deals और federal reserve का अगला संकेत
04:44अगर यह तीनों gold के खिलाव जाते हैं तो correction आगे बढ़ सकता है
04:48लेकिन अगर dollar और yields में कमजोरी आती है और ETF और central bank buying जारी रहती है
04:53तो gold फिर से तेजी की रह पकड़ सकता है
04:55इसलिए फिलहाल gold investors को घबराने के बजाए market के indicators पर इन सकेतों पर नज़र रखने चाहिए
05:02क्योंकि असली सवाल यह नहीं है कि gold आज कितना गिरा
05:05असली सवाल यह है कि क्या यह गिरावट gold में नई buying का मौका बनेगी
05:09या फिर बड़े correction की शुरुआत
05:11आने वाले दिनों में यही तै करेगा कि gold फिर से नई उचाहिए की तरफ बढ़ता है
05:16या कुछ समय तक दबाव में रहता है
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