00:00उत्तर परदेश के किसारों की कंडिशन बदली है यूपी सरकार की ओडी ओपी योजना के बाद
00:05आज बात करेंगे काला नमक चावल की
00:08कभी इस चावल को बेचने के लिए किसान दर दर भटकते थे
00:12पचास से साथ रुपए किलो में भी कोई खड़िने को तयार नहीं होता था
00:16आज हालात ऐसे हैं
00:19फसल खेट में लगते ही वेपारी एडवांस देकर बुकिंग कर लेते हैं
00:23ये कहानी है उत्तर परदेश के सिधार्थ नगर के मशूर काला नमक चावल की
00:28जिसे 2018 में One Restrict One Product यानी ODP में शामिल किया गया
00:34और फिर इसकी पूरी तस्वीर बदल गई
00:36इस चावल का एतिहासिक महतो भी है
00:39ये खुश्पो वाला चावल है और इसके नाम का अर्थ है काला चिल का
00:44इसकी खेती बौध काल यानी 600 इसा पुर्व से की जा रही है
00:48इसे काला मोती भी कहा जाता है
00:50एतिहासिक और जियाई दर्जा प्राप्त इस चावल को
00:542017 तक ना किसान उगाना चाते थे और ना खाने वाले से पसंद करते थे
00:59काला नमक चावल की खेती सिर्फ 2000 हेक्टर में होती थी
01:03आज ये बढ़कर 20,000 हेक्टर तक पहुँच गई है
01:07पहले किसान इसे 5-6,000 रुपए पर तीक्विंचल में बेचने को मजबूर थे
01:11अब यही चावल 18-20,000 रुपए पर तीक्विंचल और बाजार में
01:17180-200 रुपए कीलो तक बिग रहा है
01:20सरकार ने सिर्फ परचार ही नहीं किया
01:23बलकि पैकेजिंग, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग के लिए भी मदद की
01:40जो काला नमक चावल कभी खेतों तक सिमित्था
01:44आज वही सधार्थ नगर की पैचान बन चुका है
01:47और किसान की जुबान पर एक ही बात है
01:50ओडियोपी ने सिर्फ बजार नहीं दिया
01:52बलकि उनकी फसल को नई पहचान भी दिये
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