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  • 1 week ago
बबीता शर्मा की जिंदगी पीएम स्वनिधि योजना से बदल गई है, जिसका जिक्र प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात में किया. रिपोर्ट: शहजाद आबिद

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00:00बविता शर्मा जी इसका बहुत अच्छा उधारण है। बविता जी पूजा की सामगरी का एक छोटा सा स्टॉल लगाती थी।
00:09फूल, दिये, अगर्वत्ती, नारियल जैसी चीजे बेच कर वो अपने परिवार की आजिविका में हाथ बंटाती थी।
00:19मेहनत खुब थी, लेकिन कारोबार बढ़ाने के लिए पूजी की जरूरत थी। पीम स्वनिधी से उन्हें आर्थिक मदद मिली। उन्होंने
00:28अपने स्टॉल पर सामान बढ़ाया, कारोबार का विस्तार किया, ग्राहक बढ़े, आमदनी बढ़ी और दीरे दीरे सड़क किनार
00:43केहते हैं कि वक्त कितना भी अंधकार मैं हो, उमीद की एक छोटी सी किरन भी पूरी तकदीर बदल सकती
00:49है। गाजियाबाद के नंगराम इलाके की रहने वाली बबिता शर्मा की कहानी कुछ ऐसी ही है, जिन्होंने मुश्किलों के आगे
00:57रोने के बजाए लड़ना चुना�
01:02देश की करोडों महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की बड़ी मिसाल बनकर उभरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो
01:10कारिक्रम मन की बात के 137 एपिसोड में जब इस जाबाज सिंगल मदर की सफलता का जिक्र किया, तो पूरा
01:18देश इस अद
01:30पूरा देश करम करेंगे, यह पुन करेंगे, जो मेरा नाम आज मोडी जी के जवान पर आया, कि इतनी माइला
01:37है, उनका नहीं आ गया मेरा लिया, तो पुछ तो उन्होंने मेरे लिए सोचा होगा, जो मैं यार तक उनकी
01:44वज़े से यहां पोंच पाई, आगर आज उन्होंन
02:01पुछ अच्छी यह, वो मेरी सब्सक्राइब, एक ओर तूटी वी ओरत को अगर जराति इनके का सारा मिल जाए, तो
02:10अपने आपको बहुती समझती है, साइद यह योजना नहीं होती तो मैं यहां लिए
02:15बभीता शर्मा की जिंदगी का सफर कभी आसान नहीं रहा, शादी के कुछ वक्त बाद ही उनके पती का साथ
02:22छूट गया, उस वक्त उनकी आँखों के सामने सिर्फ अंधिरा था, ना तो रहने के लिए खुद का घर था,
02:28और ना ही गुजारा करने के लिए कोई आर्थिक सह
02:30तीन छोटे-छोटे बेटों की पूरी जिम्मेदारी अब अकेले बभीता के कंधों पर थी, लेकिन इस मा ने हार नहीं
02:38मानी, उन्होंने किराय के एक छोटे से मकान में रहकर, छोटे-मोटे काम करके अपनी संतान का पेट भरना शुरू
02:45किया
02:45मुझे दो हजार वाइस में मुझे दस्यार का लोन मिला, उस से मैं अपने कारोबार चालू किया, तो मेरे बच्चों
02:54की पढ़ाई भी अच्छी से करा पाई, फिर बीस हजार का लोन लेकर अपने बिवपार को थोड़ा और आगे बढ़ाया
02:59मैं, बीस हजार के लोन के बार म
03:13और किसी आए गई तो यह अच्छी से कर पा लिया, बबिता की उम्मीद साल 2022 में तब सच हुई,
03:22जब उन्होंने पी-म स्वनेधी योजना से बिना गारंटी का दस हजार का पहला लोन लिया, इस से पहले वह
03:29नंद ग्राम के मंदिर के आगे फूलों का ठेला लगाती थी, ल
03:42उन्हें पहले बीस हजार और फिर पचास हजार रुपए का तीसरा लोन मिला, आज तीनों बेटों के साथ मिलकर बबीता
03:49हर महीने साथ हजार की विक्री और बीस हजार का शुद मुनाफ़ा कमा रही है, बबीता शर्मा की कहानी साफ
04:09तौर पर बताती है,
04:10कि एक छोटी सी आर्थिक मदद और सची महनत मिलकर किसी भी छोटे कारोबार की तकदीर बदल सकती है, काम्याब
04:18होने के लिए सकरात्मक सोच का होना बेहत जरूरी है, आज भले ही बबीता खुद आत्मनिर्भर बन गई है, लेकिन
04:25उनकी यह अनोखी दास्तान देश की ला�
04:40झाल
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