00:08एक लड़की अपने सबनों को पूरा करने के लिए घर से दूर निकलती है।
00:30कौर अब इस दुनिया में नहीं रही। 26 अगस्त दो हज़ार 26 को चंडीगर पीजी आई में इलाज के दौरान
00:35उनकी मौत हो गए। करीब दो महिने तक अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चलने के बाद उन्होंने आखिर कर दम
00:41तोड़ दिया। लेकिन मंजीत की साथ क्या
00:59और उन्हें जिन्दा जलाने की कोशिश की गई। इसके बाद मंजीत को गंभीर तोर पर जुलसने के बाद अस्पताल पहुचाया
01:07गया। जहान का इलाज मौरिंडा के स्थानी अस्पताल में हुआ। फिर उन्हें मोहाली के मैक्स होस्पिटल भीजा गया और आकिरकार
01:14गं
01:28इसके बाद को शायद हर दिन यहीं उमीद रही होगी कि मंजीत ठीक हो कर वापस आ जाएंगी। लेकिन 26
01:33अगस्त को वो उमीद हमेशा के लिए तूट गई। मंजीत को और सिर्फ एक नाम नहीं था, वो सोशल मीडिया
01:39पर काफी एक्टिव थी। इंस्ट्रोग्राम पर उन
01:57की शादी नहीं हुई थी और जान पहचान के लोगों के साथ उनका विवाज चल रहा था। मंजीत के मौत
02:01के बाद चंडीकर पोलिस ने उनकी मां की शिकायत पर दो लोगों के खिलाफ के इस दर्च किया। पोलिस ने
02:06परिवार के बयानों के अधार पर कारवाई शुरू कर
02:22मंजीत कौर के परिवार के लिए ये सिर्फ एक खबर नहीं बलके जिंदगी भर का दर्द है। एक बेटी जो
02:27अस्पताल के बिस्तर पर जिंदगी के लिए लड़ती रही परिवार जो लगातार उसकी ठीक होने की उमीद करता रहा आके
02:33कार 26 अगस को वो मीद तोट गई। �
02:36अब परिवार के नज़र सिर्फ इस बात पर है कि इस मामले की पूरी सर्चवाई सामनी आए और जो बिस
02:41घटना के लिए जमेदार है उनके खिलाफ कानून के मताबिक कारवाई हो। मंजीत कौर की कहानी हमें ये सोचने पर
02:46मजबूर करती है कि सोचल मीडिया पर किसी की चम
03:03कार एक सोचल मीडिया इंफ्लूएंसर मंजीत कौर की जंदगी अब यादों में रह गई है
Comments