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  • 1 week ago
बिश्केक में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से मिले पीएम मोदी, क्या हुई बात? देखें

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00:00सबसे पहले बात करते हैं प्रधान मंत्री नरेंदर मोदी के किर्गिस्तान दौरे की जहां बिशकेक में इरान के राश्रपती मसूद
00:07प्रजेशकिन से उन्होंने मुलाकात की है
00:10पर्शेमेशा में जंग शुरू होने के बाद दोनों ने ताओं की ये पहली मुलाकात है
00:14दोनों ने ताओं ने विशकेक में विपक्षिय बैठक की मोदी SEO सम्मिलन में शामिल होने के लिए किर्गिस्तान पहुचे हैं
00:22प्रजेशकिन भी समिट में हिस्सा लेने के लिए विशकेक में मौजूद हैं
00:25पीएम मोदी बिशकेक में आयोजित स्यो समिट में भाग लेने हैं जो 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष में है
00:38मुलाकात की ये तस्वीर है दरसल जिस तरीके से भारत और मध्य इश्या के तमाम देशों से मुलाकात के बीच
00:47अलग-अलग समझोते हो रहे हैं
00:49उस सम के बीच ये मुलाकात भी बेहत एहम लेकिन इसके साथ ही ब्लादमिर पुतिन से भी प्रधान मंतरी नरेंदर
00:56मोदी की मुलाकात होने वाली है
00:58भारत में होने वाले ब्रिक सम्मेलन से पहले S.C.O. समिट के दौरान प्रधान मंतरी नरेंद्र मोदी की ये
01:06महत्वपून एंगेजमेंट्स की तस्वीन है
01:17इरानी राश्रुपती से जिस समय प्रधान मंतरी नरेंद्र मोदी की मुलाकात हो रही है
01:21कमोवेश ये वही समय है जब एक बार फिर इरान अमेरिका के बीच जो संघर्ष है
01:28वो तेजी पकड़ चुका है
01:30खर्ग आइलेंड पे हमले की AI तस्वीर जारी करते हैं ट्रम्प तो इरान भी पलटवार की बात करता है और
01:38जॉर्डन में US बेस पर हमला करता है
01:40प्रणय उपाध्याय हमारे साथ इस समय जुड़ रहे हैं
01:44प्रणय प्रणय मंत्री नरींद्र मोदी और पिजश्किन की मुलाकात क्या एहम बिंदू रहे हैं
02:07इस तरीके से समाधान की निकाला जा सकता है किस तरीके की कोशिश हो रही है
02:11निशित रूप से उस प्रणय मंत्री मोदी की तरफ से भारत का रुख और रवया दोहराया गया
02:15कि भारत चाहता है कि डिप्लॉमसी और बाचीत के जरीए ही इस तरीके की समस्याओं का समाधान निकाला जा सकता
02:20है
02:20उसकी कोशिश हैं की जानी चाहिए
02:22साथ ही जो पशिमेशा के संकट के चलते एनरजी सप्लाई डिसरप्शन हो रहा है
02:26स्टेट आफ हॉर्मूस जिस तरीके से बादेत है और खास तोर पर जिस तरीके के संकट का सामना भारत को
02:31करना पड़ रहा है
02:45चुकि भारत ने चाबाहर की परियोजना के लिए करीब एक सो बीस मिलियन डॉलर जो है वो इरान को दिये
02:50हैं
02:51भारत के निश्यत रूप से हित हैं उस पूरे इलाके से जोड़े वे और भारत की कोशिश है कि जो
02:54रीजनल कनेक्टिविटी की कोशिच है
02:58उसका बहुत सारे सिरे चाबाहर के पोर्ट से जुड़ते हैं चाहे वो इनस टीसी की परियोजना हो या वाइडर रीजनल
03:04कनेक्टिविटी के मुद्दे हो
03:05इसलिए उन सारे वुष्यों के उपर प्रधानमंत्री की तरफ से इरानी राशपती के साथ जब चर्चा हुई तो उसमें भी
03:11बात हुई
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