00:05मौनसून का मौसम भीशन गर्मी से रहत तो दिलाता है लेकिन ओयली और मौहासों की समस्या से जूज रहे लोगों
00:12के लिए ये नई त्वचा सम्मंदी परिशानिया लेकराता है
00:15अक्सर इस मौसम में लोग सालो साल से इस्तमाल हो रहे पुराने एंटी एकने प्रोडक्ट लगाती हैं लेकिन उन्हें कोई
00:22खास परेडाम नहीं मिलता
00:23इसका सबसे बड़ा कारण ये है कि मौनसून में होने वाले कई मौहा से फंगल एकने हो सकते हैं
00:30इसलिए बताते हैं आपको इस वीडियो में कि मौनसून में जादा पिंपल क्यूं होते हैं और ऐसा होने पर क्या
00:35करना चाहिए
00:36मौनसून में पिंपल बढ़ने का सबसे बड़ा कारण है बढ़ती नमी और जादा ओल
00:42मौनसून में हवा में नमी का इस्तर बढ़ जाता है जिससे तोशा की ओईल ग्लेंड्स जादा तेल बनाने लगती है
00:48वहीं नमी के कारण पसीना जल्दी नहीं सूखता ये तोशा पर जमा रहकर बैक्टीरिया को तेजी से फैलने का मौका
00:55देता है
00:55इसके लावा हाई हुमिडिटी की वजह से मृत तोशा को शिकाएं प्रकरतिक रूप से नहीं निकल पाती और रोमशिद्र को
01:03बंद कर देती हैं
01:04इसके लावा गर्म और नम मौसम मलासे जिया नाम के इस्टी यानि की फंगल को बढ़ाता है जिस से छोटे
01:11एक समान और खुजली वाले दाने हो जाते हैं
01:13इस पर साधारन पिंपल क्रीम काम नहीं करती
01:17वहीं पसीना और चिपची पाहट पोशने के लिए चेहरे को बार-बार हाथ लगाने से हाथों के बैक्टीरिया और गंदी
01:23की त्वचा पर सीधे ट्रांसफर हो जाती है
01:25वहीं सर्दियों या गर्मियों वादी हैवी मॉस्चराइजर और ओयली संस्क्रीन मौनसून में सकिन के पोर्स को ब्लॉक कर देती है
01:33इस कारण भी इंपल्स होते हैं
01:35अब बताते हैं कि आपको इसको कैसे ठीक करना है तो सबसे पहले अगर आपको मौनसून में ज़्यादा एकने निकलते
01:54हैं तो आप इसे डॉक्टर से दिखा सकते हैं
01:58उमीद करती हूँ आपको जानकारी पसंद आई होगी, फिलहाल हमारी इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक, शेर और
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