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  • 1 week ago
मोदी-पुतिन मिले, बिश्केक में ईरान पर क्या बनी रणनीति? देखें कूटनीति

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00:11नबस्कार आप देख रहे हैं आज तक आपके साथ मैं हूँ सईद अन्सारी स्वागत है आपका तूट नीत
00:19पिछले वर्ष बिश्केक में हुए स्थीओ शिखर सम्मेलन के दौरान जब राश्पती ट्रंप में पीम मोदी राश्पती पुतिन और राश्पती
00:27शी जिंग्पिंग को एक साथ देखा था तो तुरंत बयान दिया था कि अमेरिका ने भारत और रूस को चीन
00:34के पाले में कवा दे लिगन इस बार बाजी कहीं ज्यादा बड़ी है तो कूट नीती में आज हम बात
00:39करेंगे बिश्केक सम्मेलन इरान पर अमेरिकी प्रतिवंधो
00:42मोदी, पुतिन और जिंग्पिंग के रूप के बिश्केक में शंगाई सहयोग संगठन यानि की स्यो की बैठिक में पुतिन, जिंग्पिंग
00:51और इरान के राश्पती मसूद एक मच पर मौजूद है जहां प्रधान मंतरी नरेंदर मोदी भी शामिल हुए और जब
00:58वशिं�
00:59इरान पर आर्थिक दबाव बढ़ा रहा है तो सवाल यह उगता है कि क्या चीन और रूस मिलकर इरान को
01:04अमेरिकी प्रतिबंदों से बचा सकते हैं कागस पर एस्यो एक बहुत बड़ा संगठन दिखता है जिसमें चीन, रूस, भारत, पाकिस्तान,
01:12इरान, बेलरूस जैसे �
01:20इरान को अमेरिकी आर्थिक दबाव से बचाने के आती है, तो यह ब्लॉक उतना असरतार हमें नजर नहीं आता है,
01:26एस्यो प्रास अब तक कोई विकास बैंक, साजा, भुक्तान, प्रणाली या एकिकृत आर्थिक धाचा नहीं है, जब वशिंटन सेकेंडरी प्रतिबंदो
01:35की धंकी देता है, तो इस संगठन के पास हीरान के रक्षा के लिए कोई ठोस आर्थिक कवच नहीं होता
01:41है, इस बीच इस पूरे घटना क्रम में भारत की भुविका सबसे दल्चस्ट और महपूर हो जाती है, भारत एस्यो
01:49और बिक्स का सदस्से भी है, और साथ ही क्वार्�
01:53अमेरिका का एक महपूर साज़िदार, हबारा देश भारत, उर्जा, सुरक्षा, मधेशिया तक पहुँच और रक्षा साज़िदारी के लिए सभी पक्षों
02:01के साथ संतुलन बना कर चलना चाहता है, भारत नहीं कूटनितिक स्वायत तता बनाए रखते हुए रूश से कच
02:21हो नहीं है कि भारत किसी अमेरिका विरोधी गुट में शामिल हो गया है, भारत बस अपने राश्ट्रे हेतों को
02:27ध्यान में रखकर हर पक्ष से बाचीत के रास्ते अपने खुले रख रहा है, स्जीओ के बास दुनिया की 40
02:33प्रतिशत से अधिकाबादी और लगभग एक च�
02:50अधिक फायदा चीन उठा रहा है, जो एरान के 80 प्रतिशत से ज्यादा तेल निर्यात का खरीदार है, कम खरीदार
02:56होने की कारण चीर को रियाईती तरों पर तेल मिल जाता है, और दूसरी तरफ प्रंप की एकोनॉमिक डी डे
03:03और प्रतिबंधू की नीती उन बैंक्स और व
03:20एरान आर्थिक अस्तित्व बचाना चाहता है और भारत अपनी रणनेतिक स्वतंत्रता कायम रखना चाहता है, एस्सियो कोई अमेरिका विरूधी सैन्यकिला
03:29नहीं है, बलकि ये प्रतिसपर्धा को नियंत्रत करने गुडबाजी से परे अपनी हितों की रक्षा का एक मंच
03:36तकूटनीत मैं आज के लिए बस इतना ही, आप प्लीज अपना बहुत ख्याल रखेगा, देखते रहिए आज तक
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