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Hal Chhath Puja Vidhi 2026: भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई और शेषनाग के अवतार भगवान बलराम का जन्मदिन मनाया जाता है। संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी जीवन की कामना से रखा जाने वाला हलषष्ठी व्रत 2 सितंबर 2026, बुधवार को रखा जाएगा। इसे हलछठ, हरछठ और ललही छठ के नाम से भी जाना जाता है।Hal Chhath Puja Vidhi 2026: Harchhath Puja Kaise kare,Samagri,Muhurt

The birthday of Lord Balarama, the elder brother of Lord Krishna and the incarnation of Sheshnag, is celebrated on the sixth day of the Krishna Paksha (dark fortnight) of the Bhadrapada month. The Hal Shashthi fast, observed to wish for the long life, good health, and a happy life for children, will be observed on Wednesday, September 2, 2026. It is also known as Hal Chhath, Har Chhath, and Lalahi Chhath. On this day, Lord Krishna's elder brother, Balram, is worshipped. The plough in Balram's hand is his primary weapon. Therefore, during this fast, plough-related farming and the food produced from it are not included in the diet. On Halshasthi, mothers observe a fast for the long life and health of their children. In many places, women observe a waterless fast, while local traditions include consuming rice, mahua flowers, and food grown on uncultivated land or in water.

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~HT.178~PR.111~ED.120~VG.HM~

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Transcript
00:03हर्चट का त्योहार इस साल दो सतंबर को मनाया जा रहा है हर्चट को हलसश्टी या ललही छट के नाम
00:10से भी जाना जाता है जिवरत संतान की लंबी आयू और सुरक्षा के लिए रखते हैं
00:15हाई इस विडियो में आपको बताते हैं कि हर्चट की पूजा कैसे की जाए साथ ही पूजन सामगरी क्या रहेगी
00:23और किस मुहूरत में पूजा करना शुब रहेगा
00:26पूजा के लिए सबसे शुम मुहूरत है दो सितंबर को सुब़ छे बचकर पंद्रा बनट से साड़े नौ बजे तक
00:33इसके अलावा इस दिन अभीजीत मुहूरत नहीं है
00:37बात करें शुम उथ्तम मुहूरत की ते 10 बचकर 45 मिनट से 12 बचकर 21 मिनट तक है
00:54जिसके अलावा रहुकाल दोपहर 12 बचकर 21 मिनट से 1 बचकर 56 मिनट तक रहेगा
01:00इस दोरान पूजा पाट या पूजा से जुड़े कोई भी कारे ना करें
01:04अब जानते हैं पूजन सामगरी में क्या क्या रहेगा
01:07पूजन सामगरी में जाड़ बेरी, पलाश, गूलर की डालियां, कांस या कुश की छड़ी
01:14महुआ के पेड़ की दातुन और महुआ की पत्तियां, तिन्नी का चावल, भैस का दूद, दही और शुदगी
01:19महुआ और धान की लाई, तालाग के फल में मखाना और सिंगाडा, कर्मा या नारी का साग और चुलाई
01:26इसके अलावा सब्तधान में चना, जौ, गेहू, मक्का, बाजरा, मूंग, अरहम या सेमी, श्रिंगार्स एवं पूजन सामगरी में गाय का
01:36गोबर, कच्चासूत या लाल धागा, कुलिया, चुकिया, बौरा, बाटी और दिया, तांबे या पीतल का लोटा, आर्ती की था
01:45ली, रोली, कुमकुम, सिंदूर, अक्षद, धूप, बत्ती का लावा, मौसमी, फल और फूल, इस दिन वरती महलायां सुबह सूर्योदय से
01:53पहले उठकर स्नान करें, महुआ के पेड की डाली का दातुन करने की इस दिन की परंपरा है, घर के
01:59अंगन या पूजस्थल की सा�
02:12आज भी रखें, पूल माला से सकुंड को सजाएं, हर्चट माता और बलराम जी की तस्वीर को दिवार पर लगाएं,
02:21आप चाहें तो इसकी जगा हल की पूजा भी कर सकते हैं, अब भैस के दूद, दही, महुआ, धान की
02:27लाई और तिन्नी के चावल का भूग लगाएं, ब�
02:40इसके दूद में थोड़ा कंगा जल मिला कर चंद्रमा को अर्ग दे दे, फिलहाल इस वीडियो में इतना ही, वीडियो
02:47को लाइक और शेयर करें, साथी चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूलें
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