00:03हर्चट का त्योहार इस साल दो सतंबर को मनाया जा रहा है हर्चट को हलसश्टी या ललही छट के नाम
00:10से भी जाना जाता है जिवरत संतान की लंबी आयू और सुरक्षा के लिए रखते हैं
00:15हाई इस विडियो में आपको बताते हैं कि हर्चट की पूजा कैसे की जाए साथ ही पूजन सामगरी क्या रहेगी
00:23और किस मुहूरत में पूजा करना शुब रहेगा
00:26पूजा के लिए सबसे शुम मुहूरत है दो सितंबर को सुब़ छे बचकर पंद्रा बनट से साड़े नौ बजे तक
00:33इसके अलावा इस दिन अभीजीत मुहूरत नहीं है
00:37बात करें शुम उथ्तम मुहूरत की ते 10 बचकर 45 मिनट से 12 बचकर 21 मिनट तक है
00:54जिसके अलावा रहुकाल दोपहर 12 बचकर 21 मिनट से 1 बचकर 56 मिनट तक रहेगा
01:00इस दोरान पूजा पाट या पूजा से जुड़े कोई भी कारे ना करें
01:04अब जानते हैं पूजन सामगरी में क्या क्या रहेगा
01:07पूजन सामगरी में जाड़ बेरी, पलाश, गूलर की डालियां, कांस या कुश की छड़ी
01:14महुआ के पेड़ की दातुन और महुआ की पत्तियां, तिन्नी का चावल, भैस का दूद, दही और शुदगी
01:19महुआ और धान की लाई, तालाग के फल में मखाना और सिंगाडा, कर्मा या नारी का साग और चुलाई
01:26इसके अलावा सब्तधान में चना, जौ, गेहू, मक्का, बाजरा, मूंग, अरहम या सेमी, श्रिंगार्स एवं पूजन सामगरी में गाय का
01:36गोबर, कच्चासूत या लाल धागा, कुलिया, चुकिया, बौरा, बाटी और दिया, तांबे या पीतल का लोटा, आर्ती की था
01:45ली, रोली, कुमकुम, सिंदूर, अक्षद, धूप, बत्ती का लावा, मौसमी, फल और फूल, इस दिन वरती महलायां सुबह सूर्योदय से
01:53पहले उठकर स्नान करें, महुआ के पेड की डाली का दातुन करने की इस दिन की परंपरा है, घर के
01:59अंगन या पूजस्थल की सा�
02:12आज भी रखें, पूल माला से सकुंड को सजाएं, हर्चट माता और बलराम जी की तस्वीर को दिवार पर लगाएं,
02:21आप चाहें तो इसकी जगा हल की पूजा भी कर सकते हैं, अब भैस के दूद, दही, महुआ, धान की
02:27लाई और तिन्नी के चावल का भूग लगाएं, ब�
02:40इसके दूद में थोड़ा कंगा जल मिला कर चंद्रमा को अर्ग दे दे, फिलहाल इस वीडियो में इतना ही, वीडियो
02:47को लाइक और शेयर करें, साथी चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूलें
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