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सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद 5 सितंबर को प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। सरकार की ओर से अदालत में रखे गए रुख और कानूनी प्रक्रिया के बीच वरिष्ठ वकीलों की सलाह के बाद CJP ने अपना प्रदर्शन वापस लेने का फैसला किया है। बताया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट परिसर में हुई कानूनी बातचीत और वकीलों की मध्यस्थता के बाद आंदोलन को आगे बढ़ाने के बजाय फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया गया। इस घटनाक्रम से 5 सितंबर को होने वाले प्रस्तावित प्रदर्शन पर विराम लग गया है। CJP की ओर से यह फैसला वरिष्ठ अधिवक्ताओं की समझाइश और अदालत में हुई सुनवाई के दौरान सामने आए पक्षों को ध्यान में रखते हुए लिया गया। अब पूरे मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और सरकार के रुख पर नजर रहेगी। प्रदर्शन रद्द होने के बाद CJP समर्थकों के बीच भी चर्चाएं तेज हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर अदालत और संबंधित पक्षों के बीच बातचीत के जरिए समाधान तलाशने की कोशिश जारी रह सकती है।

After the hearing in the Supreme Court, a major development has emerged regarding the proposed protest scheduled for September 5. Following the government’s stand presented before the court and advice from senior lawyers amid the ongoing legal process, CJP has decided to withdraw the planned protest. It is being reported that after legal discussions inside the Supreme Court premises and mediation by senior advocates, a decision was taken to put the movement on hold instead of taking it forward at this stage. This brings a halt to the proposed September 5 protest. The decision was reportedly taken after considering the advice of senior advocates and the issues that emerged during the court hearing. Attention will now remain on the next steps in the legal process and the government’s position.

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~PR.516~HT.408~GR.538~VG.HM~

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00:00देखिए मैं बहुत बड़ी बात कहना चाहता हूं कि उडिसा के रिटायर्ड हाई कोट के चीफ जश्टिस रहे हैं जश्टिस
00:05मुरलीदर
00:06उनका कहना था कि CJP की प्रोटेस्ट की वज़ा से फिर से भारत में लोगतंतर जिन्दा हो गया
00:11मैं इस बात को डिनाई कर रहा हूं भारत में अल्रेडी लोगतंतर जिन्दा था इसलिए वहां पर प्रोटेस्ट करने का
00:17परमीशन मिला इसलिए उनको खाने पीने की कोई सुविदा में बाधित नहीं किया गया और इसलिए उस प्रोटेस्ट को मानते
00:24हुए लोगों के विचा
00:26करते हुए इनका मंत्री जी का इस्तिफा दिलवाया गया किसी भी प्रधान मंत्री कोई मा को गाली देकर किसी भी
00:32आम व्यक्ति की मा को गाली देकर आप उससे सवाल नहीं पूछ सकते और यह आदेनी प्रधान मंत्री स्री नदेर
00:38मुदी जी ते जो माफ कर दिये अगर ये ह
00:59कि अगर उनकी जो मांगे सरकार में जब उन्होंने अंदोलंग खत्म किया था सरकार से जो समझोते हुए थे अगर
01:06पूरी नहीं हुए उसमें दो-तीन मांगे थी एक तो जो मुकदमे लगे हैं उनसे छूट निजात दिलाई जाए दूसरा
01:13जो नीट एक्जाम के लीक होने की �
01:17विजय से जिन बच्चों ने अपनी जान गवादी जिनकी खोदी उनको मुआपज्य की बात की इन दोनों मांगों को लेके
01:23था लेकिन आज उस प्रोटेस्ट को उन्होंने मना कर दिया कि नहीं करेंगी उसकी वजह क्या है सुप्रिम कोट के
01:30लिए जरूरी है कि अगर बकीन
01:47अब हम से जोड़ेंगे सब्सक्राइब के पास आओंगा इसका मोटा मोटा क्या केस था क्या अप्ली की और क्या डिसीजन
01:59आया देखिए आज यूनियन आफ इंडिया की तरफ से लड़नेर सीनियर एड़ोकर तिसार महिता सामने एक क्वैसिंग अप्लिकेशन फाइल किया
02:06�
02:06जो की कोट नमबर वन चीफ जश्टिस ऑफ इंडिया के कोट में लगा था उनके साथ उनको असिस्ट कर रहे
02:11थे जश्टिस जोए माला बॉक्षी जश्टिस भी मोहना और यह केस इसलिए लगा था कि 20 से 25 जुलाई तक
02:17जितने भी प्रोटेश्टर के खिलाब फाइयार हु�
02:32थे पूरे देश में सबको क्वैस कर दिया गया लेकिन में हैजिनका चर्मार हैं जिनके से घंजाग लगा सब्सequ pregunta
03:00की सब्सम्ख यथा ।
03:01कि ऐसी ही सुनवाई पहले भी हुई थी तब सुप्रियूव कोड का आदेश ऐसा नहीं था कि कुछ अलग था
03:10आदेश की इसके जाच की जाए यह सब की जाए भी या कुछ समस्यां लीगल समस्यां बताएं जहां डाल करें
03:15वह क्या समस्यां बताएं तरब सो पेसिक जो इंस्�
03:34उसके बाद सुप्रीम कोर्ट में जो है सुप्रेम कोर्ट में
03:37जो समस्या थे जो आप कह रहे हैं उसमें कई लोग ऐसे 2870 नोग ऐसे हैं
03:41जो सीरिएस अनवी इन वह हैं उनके ऊपर किसी इतने यह उपर पुरानी वह सब खतम किया जाए यहीं आके
04:00समस्या करके थी नहीं
04:00कुछ भी कर सकते हैं आटेकल 142 का यूज करते हुए जिसका पहला दफा इस फायर में नाम है उनका
04:08ही जो है क्वेशिंग हुई है जिनका जो आदिता ना परादी है जो प्राइम डफेंडर है या जो है बिच्वाल
04:13है इस वाले आउडर से लाव नहीं मिलेगा वह फायर उनकी
04:19अपनी चलती रहेगी हां उसमें यह फायर था जिसमें अगर नाम था इस नाम से हट जाएंगे बाकि पुराने फायर
04:25को चलता रहे हैं जो आपके पर आदर को सुप्रीम कोट नहीं माना जो आपके जिसे रेप के मडर के
04:41डके चल लोग एज़ेटी चलेंगे यह फायर में आ
04:49इतना टाइम लगेगा उस प्रोसस के तहत होगी ऐसे पिछली बार यह भी बात कहीं गई थी प्रोसस फालो किया
04:55जाएगा देखिए सबसे बड़ी बात में कहूंगा कि देश में पहली बार ऐसा हुआ है जब यूनियन आफ इंडिया जो
05:03एक स्टेट की पावर रखता है उस
05:19अपनार और मतिके नित्रुमी के विल किया ता इसलिए इसमें कुईट नहीं लगा और और प्राने थे इसको एक
05:26कर क्यूल सरकार जी का मतलब है मतलब सरकार कर का पक्र चुश सब्सक्ति अब इस
05:49उनको मुआबजे की बात थी उसका तो इसमें कुछ नहीं था नहीं नहीं इस पूरे मुकदमे में जितने भी F
05:55.I.R. दर्ज थे वज उसके क्वेसिंग के लिए लगाया गया था
06:19उन्रिबल सुप्रीम कोड ने अपने आर्टिकल 142 का उपयोग करके पूरे देश में जितने भी लोगों के खिलाब 20-25
06:25उलाईते के F.I.R. प्रोटेश्ट करते समय दर्ज हुए थे सारे खतम किया ऐसा नहीं है कि और कोई
06:30चूरा मार रहा है कोई मडर कर रहा है उसका F.I.R. �
06:34सब्सक्राइब करके तो यह पास तारिक को एलान के बाद यह सरकार ने कदम उठाया क्या पहले जो जैसे आम
06:45तो रहता है F.I.R. होता है कि बापिस ले ली जाएंगी तुर वो एक तमाम तरीका होता है
06:49लीगल तरीका होता है बापिस होती है उससे लेटर जाता है अभी होज
07:03और उसमें अलग अलग जगह तो यह पास तारिक का जो आंदोलन था इसका दबाव माने कि सरकार ने लगता
07:17है कि सरकार इसको दबाव के रूप में कराई है सरकार ने साब तोर पर यह सीवकार किया था जिन
07:23लोगों के खिलाफ है F.I.R. दर जुए वे वापस लेगी और सरक
07:30बहुत अच्छे से रन कर रही है जो खामियां ती उसको कमजूर जो कडी ती उसको निकाल दिया गया है
07:36और लोग पारलियामेंट में नीट की नए
07:41कर रहे हैं आगे आने वाले समय में सरकार वह भी करेगी लेकिन इस तरीके से दबाव में अब सरकार
07:48आने वाली नहीं है
08:08अब तक अधालत निकलाता कि वह जाएगा तो अब अचानक पास तारिक का जो जो प्रोटेस्ट था उसमें आते हैं
08:20करते हैं तो आप मुझे ऐसा लगता है कि कहीं ना कि सरकार लगा भी पास तारिक बड़ा प्रोटेस्ट रोख
08:24लो उससे पहले भेज़ो अर्जेंसी आज उनको लगाई गई थी और जिस तरीके साथ चीज़े हुई उससे पास तारिक पाले
08:31से जोड़ा बिल्कुल बिल्कुल ह
08:55बिल्कुल कहते हैं लेकिन वह कोई कोचीज हो जाए जैसे आपको याद होगा भारत मंदपाम में देखिए कूछ कंग्रेस के
09:01जो युवक्त नेता थे उन्होंने टेश्याट हटा करके आंदोलन किया था भारत के लोगों बीदेशी मेहमानों कि सामने भारत की
09:07इमेज को ख�
09:14अपनाते हुए जो चुकि आज एक तारीक होई गया है अर्जंसी मेंशन करके चीफ जस्तिक सामने और वो 42 यूज
09:19करा के खतम कर तो हमें ब्रिक्स और पांस तारीक को जोड़ते हैं पांस तारीक की बात सुनी है मैं
09:26इसे पांस तारीक का जो सीजेपी का अंदोलन है उससे �
09:31ब्रिक्स की मामले को देखते हुए सरकार का कदम बिल्कूल इसको जोड़ते ही देखना चाहिए क्योंकि पांस तारीक का इन्होंने
09:38अल्टेम दे रखा था तो इसी हुझे से आज सुसार मेंता जी को भी रिच के और यह एफार को
09:42इसकराई गई है क्योंकि जो सीजेपी के स
09:51पांस तारीक से पहले ही पूरी कर दी जिसे आंदोलन पांस तारीक को नाम है और एक चीज नसाब लोगों
09:57से बगालत की नजर से बताईए और आप ने देखा है आप तो काफी केसे क्या ये सब भजनाव से
10:04लोक कंत्र में आम आजी कि आवाज मेंगू भूकी लिख रही है क
10:08करने की हिम्मत जुटा पाएगा कि काफी समय को ठाके लाकी चल्की बंद कर दी हो जाता तक कि अवाज
10:14उठाने अब तो वकिली देखी वह राहिस्थान में कम से कम सीज को कहते कि पावर का नुश्यू अब पहले
10:21कहता जज जुने जो कह दिया या न्यामूर्थी वो उसके बा
10:38संगर्ट के तौरपर प्रेक्टिस भी कर रहें उनका और कहना था कि सीजे पी की प्रोटेस्ट की वज़riters फिर से
10:42भारत में लोग तंतृ जिन्दा हो गया
10:44मैं इस बात को डिनाई कर रहा हूँ, भारत में अल्रेडी लोगतंत्र जिन्दा था, इसी लिए वहाँ पे प्रोटेस्ट करने
10:50का परमीसन मिला, इसी लिए उनको खाने पीने की कोई सुविदा में बाधित नहीं किया गया, और इसी लिए उस
10:56प्रोटेस्ट को मानते हुए लो
11:14जी मास को गाली दे कर ऐसे लोग जेल में होते और और तक स्वाल आपकी तरब यही सवाल आपसे
11:38दो जानते हू Dafür
11:46प्रोटेस्ट करोगे तो पुलिस लाठी नहीं चला पाएगी या लाइसे मुकदमे होंगे तो बाते हो जाएंगे अभी कोई समाज का
11:55भी आदमें पुलिस लाठी नहीं चलाई क्योंकि सीजेपी वाले आंदूलन से वह सचेत थी उसने खेच-खेच के बसों में
12:02भरा है लेकि
12:08कोई लाठी का प्रियोग भी करेगा आप हातों से पकड़ेंगे यह मैंने सुना तो यह परवर्तन तो आया ना पुलिस
12:15के निजरिये में सीजेपी के अंदूलन के बाद बहले ही वो समर समाज का अंदूलन था लेकिन उसको भी उसका
12:19लाब मिल सकता लेकि मैं मानता हूं अ�
12:35आप अड़ज जक्ता फैलाई है आपकी बात सरकार मान लेगी मैं मानता हूं कि दर्वेंद परधान देखिए एक मंतरिक तौर्प
12:41हो सकता दर्वेंद परधान बिफल हो लेकिन वहां पे पूरी सरकार को जुका देना यहां पर दंगे करना मैं मानता
12:46हूं कि उसमें देखे �
12:46पंजाब को बहुत सारे टेरिरिस्ट भी आए और बहुत सारे फॉरें फ्रेंडिंग की भी बात आ रही है तो मैं
12:50मानता हूं कि जो सीजेपी का प्रोटेस्ट हुआ वह इस ऐसे चीज को बढ़ हवा दे रहा है जो आने
12:54वाले टाइम में आज के टाइम अब यह हो जाएगा �
13:00कर देगा तब यह जो अंदोलन है लोकतंत्र नाहों करके अलगतांत्रिक तरीके से किया यहाई देश की अच्छाई और देश
13:07की सुप्रिम कोट में वह कंटेंप्ट की बात हो जाएगी लेकिन मैं मानता हूं कुछ नहीं कुछ नहीं क्या सरकार
13:16की अर्जंसी को इस तरीके स
13:18आज है अगार आप किसी उफेंडर को जो की सरकारि प्रपरटिक जला रहे हैं और तरी चीजिए उनको आर्टिकल ओन्फटे
13:23टू को को यूज करके आप खटम कर रहें तू कर रहे हैं मैं इस चीज़ को सही नहीं मानता
13:28हूं विधी के हिसाब से सही नहीं है सरकार के अपनी क
13:45परयार है उसको भी डिस्मिस कर दिए और उनरीबल सुप्रीम कोट ने कड़े सब्दों में मना किया और सुप्रीम कोट
13:50अपने आप में सेपरेशन आप पावर के तद इंडियन कॉंस्ट्यूशन के तद बहुत बड़ी पावर होल्ड करता है चाहे तो
13:55सरकारे गिरा देता है �
13:57और कई बार Honorable Supreme Court ने सरकारों को गिराया है, बिहार में इमर्जिंसी लगा था, केंदर में नरिंदर मोधी
14:03जी की सरकार्ती, पूर्ड महमत की सरकार्ती Honorable Supreme Court ने कहा कि गलत हुआ है।
14:07जब Electoral Bond की बात है, केंदर कह रहा था कि हमें एक महीने का समय दी दिया, Honorable Supreme
14:12Court ने कहा, 24 घंटे के अंदर कहा से पैसे आया है, आपको बताना पड़ेगा, आन्यता हम असमे कारवाई करेंगे।
14:37तो वो इस देश में बिल्कुल नहीं तो बिल्कुल यह राय थी और मैं थोड़ा सा इसमें जोड़ूंगा, कि यह
14:43तो बात ठीक है, कुछ जो गाली गलोजहों से हम भी समर्थन नहीं करते, लेकिन ही जरूर हुआ, सीजेपी के
14:50प्रोटेट्स से यह जरूर हुआ, कि लोगो
15:06अज ठाने की बात आई और आज जो यह मोकदमे की जो बापसी हुई है, क्वेस्ट किये गए, खतम किये
15:11गए, यह भी कहीं कहीं, कहीं नहीं जो नए अंदोलन कारी है, उनको जो है कहीं नहीं हिम्मत देगा, लेकिन
15:19यह भी सच है, उसके साथ साथ कानून का ख्याल भी रखन
15:23जरूरी होगा, जरूरी नहीं कि हरवार ऐसा ही हो, फिलाल इस वीडियो में इतना ही, कैमरा परसर, अनिल कबूर के
15:28साथ, शिबेन गोड, सुप्रेम कोड, दिली, One India
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