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हर साल भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को हल छठ (हलषष्ठी, ललही छठ या खमरछठ) का पावन व्रत रखा जाता है। यह व्रत माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और सुख-समृद्धि के लिए पूरी श्रद्धा से रखती हैं। इस पावन दिन भगवान श्री कृष्ण के बड़े भाई बलराम जी का जन्मोत्सव मनाया जाता है। इस वीडियो में हम आपके लिए लेकर आए हैं हल छठ की वो पौराणिक और चमत्कारी व्रत कथा, जिसके बिना यह पूजा अधूरी मानी जाती है। बेहद सरल शब्दों में इस कथा को पूरा ज़रूर सुनें और छठी मैया का आशीर्वाद पाएं।

Welcome to our channel! In this video, we bring you the ancient and miraculous story of Hal Chhath Vrat Katha (also known as Hal Shashti, Lalhi Chhath, or Khamar Chhath). This auspicious fast is observed by mothers for the longevity, good health, and well-being of their children. This day also marks the birth anniversary of Lord Balram, the elder brother of Lord Krishna. Listen to the complete legendary story of the milkmaid (Gwalin) and the divine miracle of Hal Shashti Mata in very simple words.



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00:03हर साल भादरपद मास के कृष्ण पक्ष की शष्टी तीथी को हल शष्ट का पावन वरत रखा जाता है इसे
00:08कई जगहों पर हल शष्टी लेलही शष्ट या खमर शष्ट भी कहते हैं
00:13ये वरत माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र अच्छी सेहत सुक समर्दी के लिए रखती हैं इस दिन भगवान श्रीक्रिश्ण
00:19के बड़े भाई बलराम जी का जनमोचसव मनाया जाता है जिनका मुख्य शस्त्र हल है आज के इस वीडियो में
00:25हम जानेंगे हलचट की वो परा
00:43उसे डर था कि अगर वो घर पर रुख गई तो उसका दूद दही खराब हो जाएगा चलते चलते रास्ते
00:49में उसे बहुत तेज प्रसव पीड़ा हुई उसने एक जरबेरी की ओट यानि जाड़ी के पीछे एक सुन्दर से बेटे
00:56को जनम दिया बच्चे को जनम देने के ब
01:12दूसरे दरफ जहां बच्चा सोया था वहाँ पास के खेत में किसान हल चला रहा था अचानक उसका हल उस
01:18जाड़ी से टकराया और हल का फल बच्चे के पेट में लग गया जिससे बच्चे के प्राण निकल गया किसान
01:23बहुत डर गया उसने अपनी भूल सुधारने के लिए
01:26बच्चे के पेट पर टाके लगाए और उसे कपड़े से ढख कर वहाँ से भाग गया जब गवालीन दूद बेच
01:31कर लोटी तो बच्चे की हालत देख उसके होश उड़ गया उसने तुरंत अपनी गलती का हैसास किया कि उसने
01:37आज के पवितर दिन जूट बोलकर गाय का द�
01:55हुआ गए उसने पूरे नगर में सबको इस वरत की महीमा बताई तब ही से माताएं अपनी संतान की रक्षा
02:00के लिए इस कठिन वरत को पूरी श्रधा से रखते हैं इस दिन हल से जुता हुआ कोई भी अन
02:05नहीं खाया जाता उमीद है आपको ये सरल कदा पसंद आई होगी क�
02:11देखें वीडियो को लाइक करें शेयर करें और हमारे चैनल को सब्सक्राइब करना बिल को न भूलें

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