00:03हर साल भादरपद मास के कृष्ण पक्ष की शष्टी तीथी को हल शष्ट का पावन वरत रखा जाता है इसे
00:08कई जगहों पर हल शष्टी लेलही शष्ट या खमर शष्ट भी कहते हैं
00:13ये वरत माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र अच्छी सेहत सुक समर्दी के लिए रखती हैं इस दिन भगवान श्रीक्रिश्ण
00:19के बड़े भाई बलराम जी का जनमोचसव मनाया जाता है जिनका मुख्य शस्त्र हल है आज के इस वीडियो में
00:25हम जानेंगे हलचट की वो परा
00:43उसे डर था कि अगर वो घर पर रुख गई तो उसका दूद दही खराब हो जाएगा चलते चलते रास्ते
00:49में उसे बहुत तेज प्रसव पीड़ा हुई उसने एक जरबेरी की ओट यानि जाड़ी के पीछे एक सुन्दर से बेटे
00:56को जनम दिया बच्चे को जनम देने के ब
01:12दूसरे दरफ जहां बच्चा सोया था वहाँ पास के खेत में किसान हल चला रहा था अचानक उसका हल उस
01:18जाड़ी से टकराया और हल का फल बच्चे के पेट में लग गया जिससे बच्चे के प्राण निकल गया किसान
01:23बहुत डर गया उसने अपनी भूल सुधारने के लिए
01:26बच्चे के पेट पर टाके लगाए और उसे कपड़े से ढख कर वहाँ से भाग गया जब गवालीन दूद बेच
01:31कर लोटी तो बच्चे की हालत देख उसके होश उड़ गया उसने तुरंत अपनी गलती का हैसास किया कि उसने
01:37आज के पवितर दिन जूट बोलकर गाय का द�
01:55हुआ गए उसने पूरे नगर में सबको इस वरत की महीमा बताई तब ही से माताएं अपनी संतान की रक्षा
02:00के लिए इस कठिन वरत को पूरी श्रधा से रखते हैं इस दिन हल से जुता हुआ कोई भी अन
02:05नहीं खाया जाता उमीद है आपको ये सरल कदा पसंद आई होगी क�
02:11देखें वीडियो को लाइक करें शेयर करें और हमारे चैनल को सब्सक्राइब करना बिल को न भूलें