00:00कोई किसी की हत्या कर देता है तो उसको हम नैचुरल डेट्स तो नहीं बोलते ना प्राक्रितिक मृत्य तो तब
00:06है जब कोई प्राक्रितिक कारणों से मरा हो उसकी उम्र हो गई हो फिर उसकी मृत्य हुई हो तो हम
00:11कहेंगे कि भही नैचुरल डेट्स थी प्राक्रितिक मृत्य
00:14वरना तो हम साफ साफ कहेंगे न, murder, हत्या, तो अभी नेपाल में जो हुआ, जिसका असर भारत पर भी
00:20आया है, आ रहा है, आगे भी आएगा, उसको हम natural disaster क्यों बोल रहे हैं, कारण बहुत साफ है,
00:27climate change, और वो climate change किसी की मरजी से हुआ है, किसी के चुनावों का नतीजा है, ठी
00:42नेचरल डिजास्टर बोलना बिल्कुल ठीक नहीं है, जब आप नेचरल डिजास्टर बोल देते हो, तो फिर उसमें बहुत जाँच पड़ताल
00:50की कोई गुंजाईश नहीं रह जाती, जब आप कहते हो, बिमारा गया, कि murder हुआ है, तो फिर investigation होती
00:55है, जब जाँच पड़त
01:12climate catastrophe ही थी, एक नदी में ही दो बार, 14 महीने के अंदर अंदर इस तरह की बाढ़ आना,
01:19ये नाचरल नहीं है, ग्लेशियर्स का इतनी बूरी तरह से पिखलना, ग्लेशियर का नदी पर तूट कर गिरना, ये नाचरल
01:25नहीं है, इस प्रत्वी पर आज जो कुछ भी हो रहा है climate म
01:30इस ये हम खुद को 一 mee धोखा दे रहे हैं, अगर हम इसको नेचरल डिजास्टर बोल रहे हैं, नेचरल
01:34डिजास्टर बोलते ही हमने अपने दर्वाजे बंद कर लिये, हमने मुद्दा खत्म कर दिया, हमने कह दिया कि हमें पता
01:40है ये तो प्रकृते ने करा है, भगवान ने क
01:42रहा है, इनसान की तो इसमें कोई गल्ती नहीं, इनसान की भूमिकायोगदान कुछ नहीं, नहीं, ऐसा नहीं. और यह मैं
01:47आपसे इसलिए नहीं कह रहा हूँ, ताकि आप गिल्टी अनुभाव करें. गिल्ट तो बहुत सस्ती चीज है, अभी है, शाम
01:54तर चली जाएगी, टी�
02:09हुआ है, वो बार-बार होगा. हमें मानना पड़ेगा कि इनसान ने प्रत्वी के साथ बहुत बुरी तरीके से व्यवहार
02:17किया है, और प्रत्वी से अब उसका हमें परणाम देखने को मिल रहा है. हिमाले बुरी तरीके से खत्रे में
02:23हैं, ग्लेशियर्स पिघलेंगे नहीं
02:24हमारे सामने पिघल रहे हैं, उसका अंजाम भविश्य में नहीं आने वाला. हमारी ही पीडी देख रही है, दो हजार
02:31पचास के बाद हमारी नदियों का जो पानी है, वही कम होना शुरू हो जाएगा, कोई ग्लेशियर्स में इतना पानी
02:37ही नहीं बचेगा. और ये सब कु�
02:53है, उसके सही कारणों की जाच होनी चाहिए, नैचरल डिजास्टर उसको नहीं बोला जाना चाहिए, ये नैचरल डिजास्टर नहीं थी.
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