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Thailand Pattaya News: US के 5000 सैनिक क्यों पहुंचे Pattaya? इतिहास में छुपा है राज़ | Indian Diaspora Analysis
मध्य पूर्व में रिकॉर्ड 286 दिनों की तैनाती के बाद परमाणु-संचालित विमानवाहक पोत USS Abraham Lincoln 5,000 अमेरिकी सैनिकों के साथ थाईलैंड पहुंचा है—जानिए कैसे एक छोटा सा गांव वियतनाम युद्ध के दौर में अमेरिकी सेना का सबसे बड़ा 'R&R' सेंटर बना!

थाईलैंड का मशहूर शहर पट्टाया (Pattaya) एक बार फिर वैश्विक राजनीति और रणनीतिक गलियारों की सुर्खियों में है। अमेरिकी नौसेना का विशाल एयरक्राफ्ट कैरियर USS Abraham Lincoln करीब 5,000 अमेरिकी सैनिकों और मरीन कमांडोज के साथ थाईलैंड के लैम चाबांग (Laem Chabang) पोर्ट पर लंगर डाल चुका है। सैन डिएगो से रवाना होकर मिडिल ईस्ट में 286 दिनों तक चले सबसे लंबे सैन्य मिशन के बाद अमेरिकी नौसैनिकों को 'आराम और रिकवरी' (Rest and Recuperation) के लिए थाईलैंड लाया गया है।

लेकिन पट्टाया और अमेरिकी सेना का यह रिश्ता नया नहीं है—इसका इतिहास 1960 के दशक में वियतनाम युद्ध (Vietnam War) से जुड़ा है। वियतनाम में तैनात अमेरिकी सैनिकों के लिए पट्टाया को मुख्य 'R&R' ठिकाना बनाया गया था, जिसने एक शांत मछुआरों के गांव को दुनिया के सबसे बड़े टूरिज्म हब में बदल दिया। वैश्विक प्रवासी भारतीयों (Indian Diaspora) और दक्षिण-पूर्वी एशिया मामलों के विश्लेषकों के लिए यह ऐतिहासिक जुड़ाव आज भी बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस सैन्य मौजूदगी ने क्षेत्र की सामाजिक-आर्थिक संरचना और नाइटलाइफ आधारित अर्थव्यवस्था को नया आकार दिया था।

हजारों विदेशी सैनिकों के आगमन से स्थानीय प्रशासन सतर्क है। पट्टाया पुलिस ने तटीय इलाकों में गश्त बढ़ा दी है और मानव तस्करी व सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए कई संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की है। जहां एक तरफ कानून-व्यवस्था को लेकर अलर्ट जारी है, वहीं स्थानीय व्यवसायियों के लिए यह यात्रा एक बड़ी आर्थिक राहत बनकर आई है। जानिए इस रिपोर्ट में पट्टाया का वो इतिहास और भू-राजनीतिक पहलू जो इस खबर को भारत और वैश्विक डायस्पोरा के लिए प्रासंगिक बनाता है।

#USMilitary #IndianDiaspora #PattayaHistory #IranUSWar #VietnamWar #ThailandNews

~HT.178~PR.514~ED.348~GR.538~VG.HM~

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Transcript
00:00थाइलेंड का मशुहूर पर्याटन शहर पताया, इस वक्त पूरी दुनिया की नजरों में है, वजह कोई नया पर्याटन उत्सव नहीं
00:07है, बलकि अमेरिका का एक विशाल पर्मानु संचालित विवान वाहक पोत और उस पर सवार करीब 5,000 अमेरिकी नौसेनिक
00:16और मरीन है
00:17USS Abraham Lincoln बुद्वार यान की 2 सतंबर को थाइलेंड के लाइम चबांग बंदरगाह पहुँच गया, इसके साथ अमेरिकी नौसेना
00:27के दो और जहाज भी स्पोर्ट पर विजिट का हिस्सा है
00:30करीब 5 दिनों का ये पढ़ाव अमेरिकी नौसेनिकों के लिए आराम और रिकवरी का मौका है, लेकिन पटाया में इस
00:37बड़े अमेरिकी सैने दल के पहुचने से पुलिस और स्थानिया प्रिशासन की तैयारियां भी तेज हो गई है
00:44तो आखिर अमेरिकी नौसेनिक पटाया क्यों पहुचे हैं, थाइलेंड क्यों पहुचे हैं और उनके पहुचने से थाइलेंड की पुलिस क्यों
00:51सतर्क हो गई है, आए समझते हैं पूरी कहानी क्या है
00:54नमस्कार, मेरा नाम हरिचा पराशर और आप देख रहे हैं वन इंडिया हिंदे
00:58तो सबसे पहले ये समझे कि आखिर ये विजिट इतनी खास क्यों है
01:03योसेस अबराहम लिंक्टन नेवंबर दोहजर पचिस में सैने डियेगो से रवाना हुआ था
01:08इसके बाद इसे मध्यपुर्व में लंबे सैने अभियान के लिए तैनात किया गया
01:12इस दोरान जहाज के हजारों सैनिकों ने बेहत लंबी तैनाती जहली
01:17रूटर्स के मताबिक ये तैनाती करीब 286 दिनों तक चली और जहाज की लगतार समुद्र में रहने की अवधी 200
01:25दिनों से ज्यादा रही
01:28यानि ये सामान ये पोर्ट विजिट या कुछ हफ्तों की तैनाती नहीं थी बलकि अमेरिकी नौसेना के आधुनिक दोर की
01:35सबसे लंबी और कठिन तैनातियों में से एक बन गई है
01:39अब सवाल ये है कि इतने रंबे समय तक समुद्र में रहने के बाद इन्हें पटाया ही क्यों लाया गया
01:45अब इसका सीधा जबाब है रेस्ट एंड रीक्यूपरेशन यानि की आराम और मांसे के शारीरिक रीकवरी
01:53थाई अधिकारियों के मुताबिक ये यात्रा किसी सहयुक्त सैन ये अभिहास के लिए नहीं है
01:58इसका मकसद सैनिकों को आराम देना, जरूरी सामान उपलब्ध कराना और लंबी तैनाति के बाद उन्हें कुछ जमीन पर बिताने
02:06का मौका देना
02:06लायम चबांग बंदरगाह से पटाया बिहत करीब है इसलिए हजारों अमेरिकी सैनिकों के लिए ये शहर सुभाविक तोर पर आकर्शन
02:15का केंद्र बन गया है
02:17लेकिन कहानी का दूसरा पहलू यहीं से शुरू होता है पटाया दुनिया के सबसे चर्चित परियाटन शहरों में से एक
02:25है
02:25समुद्र, होटेल, बार, रेस्टरॉन और नाइट लाइट के लिए मिशुवूर ये शहर लंबे समय से 6 टूरिस्म की 26 से
02:34भी जुड़ा रहा है
02:35हलाकि थाइलेंड में वैश्यवृती कानूनी रूप से प्रतबंधित है लेकिन पटाया में ये गत्वित ही लंबे समय से एक तरह
02:41के कानूनी ग्रे एरिया में मौजूद रही है
02:45अमेरिकी सेने कर्णियों की बड़ी संख्या में मौजूदियों को देखते हुए स्थानिया पुलिस ने पहले सही निगरानी बढ़ा दी है
02:52अब रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी जहास के पहुचने से पहले पटाया पुलिस ने समुद्र तट और नाइट लाइफ इलाकों में
03:00गश्ट बढ़ाई है
03:02सब्ताहांत में की गई कारवाई में संदिक्द वैश्यवरती के मामले में दरजनों लोगों को फिरासत में लिये जाने की भी
03:09खबरे आई
03:09कुछ रिपोर्ट्स में संख्या करीब 40 से 50 बताई गई जबकि एक स्थारी रिपोर्ट में 25 लोगों की गिरफतारी का
03:16उल्लेख है
03:17यानि अलग-अलग अभियानों में अलग-अलग संख्याएं सामने आई हैं
03:22इसलिए इसे एक ही ऑपरेशन में 50 गिरफतारियों की रूपे पेश करना सही नहीं होगा
03:27पुलिस के चिंता सिर्फ वेश्य अवरते तक सिमित नहीं है
03:30हजारों विदेशी सैने कर्मियों की एक साथ किसी पर्यटन शहर में पहुँचने पर
03:36कानून विवस्था, नशे, हिंसा, माना उतसकरी, यौन शोशन और यौन संचारित संक्रमनों जैसे जोखिमों को लेकर भी प्रशासन सतर्क रहता
03:45है
03:46विशशग्यों ने ये भी चेतावनी दी है कि अच्चानक बड़ी संख्या में पर्याटकों का ग्राहांगों की मौझूदगी से शोशन और
03:53स्वास्तिसंबंधी जोखिम बढ़ सकते हैं
03:56पताया की दूसरी तरफ पताया की कारोबारियों के लिए ये दोरा किसी बड़ी रहत से कम नहीं है
04:01कोरोना महमारी के बाद पताया ने पर्याटन छेत्र में कई उतार चड़ाओ देखे हैं
04:06ऐसे में करीब 5,000 अमेरीकी सेनी की मौझूदगी, हुटेल, रेस्टोरेंट, टैक्सी, बार और दूसरे परेटन व्यवसायों के लिए अत्रिकत
04:14कारोबार ला सकती है
04:15पताया के मेर के मुताबिक प्रते एक अमेरीकी सेने कर्मी जमीन पर रहने के दुरान लगवग 1,000 से 3
04:21,000 थाई बहत यानि की करीब 30 से 91 डॉलर प्रते दिन खर्च कर सकता है
04:26अलाकि सभी सैनिक एक साथ शहर में नहीं उत्रेंगे और उनका शोर, लीव अलग-अलग चरणों में होगा
04:32यानि कि अगर बड़ी संख्या में सैनिक शहर में समय बिताते हैं तो स्थानी अर्थ व्यवस्था को कुछ ही दिनों
04:39में करोडो रुपए के बराबर अतरिक्त खर्च से फाइदा हो सकता है
04:43स्थानी अधिकारियों के शुरुवाती अनुमान में कुल खर्च करीब 5-15 मिलियन थाई बहत तक बताया गया है
04:50लेकिन पताया और अमेरिकी सैनिकों का रिष्टा आज का नहीं है
04:54इस कहानी का इतिहास सवियतनाम युद तक जाता है
04:57उस दौर में अमेरिकी सैनिक आराम और मनुरंजन के लिए पताया आने लगे थे
05:02तब ये इलाका आज की तरह विशाल परेटन के इंदर रही था
05:06विलकि एक अपेक्षा क्रेत चोटा समुद्री इलाका था
05:09अमेरिकी सैनिकों के आने से होटेल, मनुरंजन और नाइट लाइफ का कारोबार तेजी से बढ़ा
05:15और धीरे-धीरे पताया की पहचान एक अंतराष्ट्रे परेटन शहर के रूप में बन गई
05:33लेकिन USS Abraham Lincoln के सियात्रा का सबसे गंभीर पहलू जहास के महीतर की लंबी तैनाती से जुड़ा है
05:40इतने लंबे समय तक लगातार समुद्र में रहने को लेकर अमेरिकी सांसदों और मीडिया में चिंता जताई गई थी
05:47रिपोर्ट्स में जहास पर सप्लाई, भोजन, स्वक्षता और मानसिक स्वास से जुड़े सवाल उठाए गए थे
05:54कुछ रिपोर्ट्स ने मानसिक तनाओ और मौत को गले लगाने के प्रयासों से संबंधित चंताओं का भी उलेह किया
06:00अमेरिकी सेन्य अधिकारियों ने कुछ कंभीर आरोपों पर आपत्ती जताई है
06:05इसलिए इन दावों को पुरी तरह स्थापित अथ्य के तौर पर पेश करना उचित नहीं होगा
06:11कि इतनी लंबी तैनाती ने चालक दल पर भारी दबाब डाला है
06:16अब इन सैनिकों को कुछ दिनों का ब्रेक दिया गया है
06:19योसेस अबरहेम लिंकेन और उसके साथ है जहाजों का लायम चबांग में ठेराओ
06:242-6 सितम पर तक रहने की योजना है
06:27इस दोरान सैनिकों को आराम, मनरंजन और जरूरी लोजिस्टिक सपोर्ट दिया जाएगा
06:33हलाकि अमेरिकी सैनिकर्मियों के लिए कुछ गत्यविदियों पर प्रतिबंद और आचार संबंधी नियम भी लागु है
06:40यानि पताया के लिए ये एक साथ दो अलग-अलग तस्वीरी लेकर आया है
06:44एक तरफ हजारों अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी से होटेल, रेस्टरेंट और पर्यटन कारवारियों को आर्थिक फायदा मिलने की उमीद है
06:52तो दूसरी तरफ पुलिस को डर है कि बड़ी संख्या में विदेशी सैने कर्मियों के आने से शेहर की नाइट
06:59लाइफ से जुड़ी अव्यद गतिवधियां बढ़ सकती है
07:02इसलिए पटाया में सुरक्षा और निग्रानी बढ़ाई गई है और सबसे दल्चस बात यह है कि ये पूरा घटना करम
07:09अमेरिका थाइलेंड के पुराने सैने रिष्टों के बीच हो रहा है
07:12तोनों देशों के बीच सुरक्षा संबन्द दशकों पुराने हैं और अमेरिकी नौसेना के जहाजों की थाइलेंड में यात्राय नहीं बात
07:20रही है
07:20इस बार फर्क सर्फ इतना है कि योसेस अब्राहम लिंकेन की तैनाती असधारन डूप से लंबी रही है और उसके
07:27साथ करीब पाच हजार सैनिक एक साथ हाइलेंड पहुंचे हैं
07:31तो कुल मिलाकर कहानी सर्फ इतनी नहीं है कि पांच हजार अमेरिकी सैनिक पटाया पहुंचे हैं और पुलिस ने च्छापे
07:37मार दिये
07:38असल कहानी कहीं ज्यादा बड़ी है एक तरफ है दुनिया के सबसे बड़े और शक्तिशाली विमान वाहक पोतों में शामिल
07:45योसे सब्राहम लिंकेन की रिकॉर्ड लंबी तैनाती
07:48तो दूसरी तरफ है हजारों थके हुए सैनिक जिन्हें लंबे समय बाद जमीन पर आराम का मौका मिला है तीसरी
07:55तरफ है पटाया की अर्बो रुपे की पर्याटन अर्थववस्था जिसे इस अमेरिकी विजिट से उम्मीद है और चौती तरफ है
08:03पुलिस के चुनोती कान�
08:05दून विवस्था बनाई रखना और ये सुनिश्यत करना कि बड़ी संख्या में आने वाले विदेशी सैने कर्मियों के बीच अवैद
08:11गति विधियां शोशन या स्वास संबंदी जोकिम नाबढ़ है अब फिलहाल अमेरिकी सैनिक पटाया पहुँच चुके हैं और शोहर म
08:32विवाद मिला एक महतकुन ब्रेक भी है और पटाया के लिए ये मौका है पर्याटन को बढ़ावा देने का भी
08:38और अपनी विवादित नाइट लाइफ को लेकर कानून विवस्था उस पर बनाने का और कमाई करने का तो इस खबर
08:45में इतना ही लेकिन आप क्या सोचते हैं हम
08:47कॉमेंट में जरूर बताइए मैं हो रिचा और आप देख रहे हैं वन इंडिया है
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